2 गणेश चतुर्थी स्पेशल मोटिवेशनल स्टोरी | Ganesh Chaturthi Motivational Story in Hindi

गणेश चतुर्थी स्पेशल Motivational Story in Hindi – Hello दोस्तों, भगवान गणेश जी कौन नहीं जानता, क्यूंकि वे प्रथम पूज्य है, यानी सबसे पहले उनकी पूजा की जाती है, और करे ही क्यों ना, क्यूंकि वे सभी रिद्धि सिद्धि के देवता है, सभी बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं, इसलिए हर कोई उनको पूजते ही हैं।

दुनिया में उनके भक्तों के कई सारी कहानियां हैं, जहाँ उनके पूजा के कारण उन्होंने सभी भक्तों की सभी विघ्न को आसानी से दूर कर दिया और उन्होंने भक्तों को सभी तरह की रिद्धि सिद्धि प्रदान किये।

तो आज मैं आपके लिए दो छोटी-छोटी गणेश चतुर्थी स्पेशल स्टोरी लेके आया हूँ, गणेश भगवान की भक्तों की छोटी कहानी, उम्मीद करता हूँ आपको अच्छा लगेगा।

तो बिना देरी के चलिए शुरू करते हैं –

2 गणेश चतुर्थी स्पेशल मोटिवेशनल स्टोरी – Ganesh Chaturthi Motivational Story in Hindi

पहली कहानी – भोलेपन

एक बार एक छोटा सा बच्चा जो गणेश जी का भक्त था, एक समाधि पर पहुंचा और अपना बैग जोड़ से नीचे जमीन पर पटकते हुए उसने कहा, “पापा चलो मेरे साथ, हमें स्कूल जाना होगा, मेरे टीचर ने कह दिया है कि स्कूल की fees लेकर आओ या फिर अपने पिताजी को लेकर आओ, तो स्कूल के fees के पैसे तो है नहीं, तो आपको ही चलना होगा !”

समाधि के पास दूसरी जो समाधि थी उसके पास बैठा हुआ आदमी जो फ़ोन पे हज़ारों फूलों की चादर उसका order दे रहा था, उसने order cancel कर दिया और उसने कहा की मुझे ये हज़ारों फूलों की चादर नहीं चाहिए, मुझे फूल यही मिल गयी।

फ़ोन रख दिया और हज़ारों फूलों की चादर के जो पैसे थे, उसे उस बच्चे के हाथ में दे दिया।

और कहा कि बेटा ये पैसे ना तुम्हारी पिताजी ने भेजे हैं, अपनी टीचर को दे देना।

दोस्तों आपको इस कहानी से क्या सीखने को मिला ?

भोले मन का व्यक्ति सबसे ज्यादा शक्तिशाली होता हैं।

उसका भोला मन नजाने क्या क्या चमत्कार कर बैठता है।

दूसरी कहानी – गणेश जी की छोटी सी भक्त

एक छोटी सी 5 साल की बच्ची जो रोजाना मंदिर जाया करती और गणेश जी आगे वो झुक के नमन-बन्दन करती और उसके बाद कुछ बोलती और वहां से चली जाती, मंदिर के बाहर।

पुजारी जो रोज उसे देखा करते हैं, उनसे रहा नहीं गया, एक हफ्ते तक उसे देखने के बाद उनका मन कर बैठा, वो उस लड़की की इंतजार में वही मंदिर के बाहर खड़े रहे।

जैसे ही वो लड़की आयी, उसके पीछे पीछे जाके देखने लगी।

उसने वही किया, उस छोटी सी बच्ची ने उस दिन भी गणेश जी के आगे बन्दन किया, नमन किया, फिर कुछ कहा और फिर मंदिर के बाहर जाने लगी।

इतने में पुजारी जी ने उसके सर पर हाथ रखा और कहाँ कि बेटी तुम्हें कोई मंत्र या पूजा आते हैं ?

बच्चे ने कहा नहीं।

तो पुजारी जी ने पूछा तो फिर तुमने क्या कहा गणेश जी से?

तो उस छोटी सी बच्ची ने कहा कि मैं क, ख, ग जानती हूँ, तो 5 बार गणेश जी सामने बोल दिया और मैंने फिर गणेश जी कहा कि आपके जो भी पूजा होगी वो क, ख, ग के अंदर ही आती होगी, तो आप अपनी हिसाब से उस पूजा को समझ लीजिये और मेरी ओर से रख लीजिये।

Conclusion

दोस्तों कितना भी प्रखर पंडित क्यूँ ना हो, कोई कितना भी बड़ा विद्वान् क्यूँ ना हो, कितनी भी बड़ी मंत्र उसको क्यूँ ना आते हो, क्या हमारी पूजा प्रार्थना में इतना ज्यादा कन्विक्शन, इतने गहरे भाव, इतना विश्वास होता है?

क्या आपको याद है कि वो आखिरी बार कब था जब हमने प्रभु के आगे अपने मन के भाव रखें हो।

कहते हैं ना कि ईश्वर हमारी परेशानीयां जानता है, उसके आगे अपनी परेशानियों को नहीं, उसके नाम को दोहराएं।

आपको और अपने सभी फॅमिली मेंबर को गणेश चतुर्थी की ढेर सारी बधाइयाँ!

जोड़ से बोलो “गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरिया”

दोस्तों आपको आज हमारा यह छोटी सी गणेश चतुर्थी स्पेशल कहानी कैसी लगी ?

आज आपने क्या सीखा ?

अगर आपके मन कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट में जरूर बताये।

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

सम्बंधित लेख –

  1. Lord Ganesha जी से ये बातें आपको जरूर जानना चाहिए ?
  2. भगवान श्री कृष्ण की ये 5 बातें जरूर जानना चाहिए
  3. मैं दुखी क्यूँ होता हूँ ?
  4. जॉर्डन ने कैसे एक टीशर्ट को $1200 में बेचा ?
  5. चोरों की गठरी में गुठली
  6. कर्म क्या है ?
  7. मैं गरीब क्यूँ हूँ ?
  8. क्रूर राजा
  9. 3 Short Real Life Inspirational Stories in Hindi
  10. भगवान श्री कृष्ण की कलयुग की सच्ची कहानी
  11. Shree Krishna Janmashtami Story in Hindi

Leave a Comment