गुस्से को मैनेज कैसे करें – Personality Development in Hindi

गुस्से को मैनेज कैसे करें – Personality Development in Hindi: Hello दोस्तों, दोस्तों गुस्सा एक ऐसी चीज है, जो इंसान को अंदर से खत्म कर देता है, इंसान के बड़े बड़े रिश्ते खत्म कर देते हैं। गुस्सा ही हमे कण्ट्रोल करता है।

ऐसा नहीं है की मैं आपको गुस्से के बारे बता रहा हूँ तो मुझे गुस्सा नहीं आता,

मुझे भी गुस्सा आता है लेकिन मैं गुस्से को मैनेज कर लेता हूँ उचित समय पर, उचित वातावरण पर।

तो आज मैं इस आर्टिकल में आपको बताऊंगा की मैं कैसे गुस्से को मैनेज करता हूँ, जब मुझे गुस्सा आता है तो!

अगर आप भी अपने गुस्से को कण्ट्रोल करना या मैनेज करना चाहते है और बेहतर पर्सनालिटी डेवेलोप करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

तो चलिए शुरू करते हैं –

 

गुस्से को मैनेज कैसे करें – Personality Development in Hindi

 

गुस्से को मैनेज कैसे करें - Personality Development in Hindi

 

याद करिये की आप गुस्सा कब होते हैं और पिछली बार आप कब गुस्सा हुए थे और जब आप गुस्सा हो रहे थे तब आपने किसके ऊपर अपना गुस्सा निकाला, उस वक़्त आपके साथ क्या क्या हो रहा था!

शायद आपका सेहरा लाल हो रहा था,

आपकी बॉडी कांपने लगी थी,

आपका दिल जोड़ से धड़क रहा था,

आपको पसीने आ रहे थे,

आप चिल्ला रहे थे।

 

तो इन सब में आपके लिए कुछ भी सही नहीं होता है।

हमे पता ही नहीं होता की हम जब गुस्सा होते हैं तब क्या कुछ कर रहे होते हैं।

सच तो ये है गुस्से से ज्यादा कुछ हासिल नहीं होता है।

कुछ लोग सीखातें हैं की गुस्से को कण्ट्रोल कैसे करें, कुछ हर तक तो कण्ट्रोल करना ठीक है,

लेकिन गुस्से को कण्ट्रोल किया जा ही नहीं सकता, बहुत ज्यादा समय तक। उसको हमे मैनेज करना होगा।

एक बार या दो बार आप गुस्से को तो कण्ट्रोल कर लोगे, उसके बाद कंट्रोल नहीं कर पाओगे, फिर से गुस्सा करने लग जाओगे।

आज मैं आपको बताऊंगा की गुस्से को मैनेज कैसे करते हैं, मतलब किसी चीज को कण्ट्रोल करके गुस्से को मैनेज कैसे करना है ? मैं कैसे गुस्से को मैनेज करता हूँ।

 

अगर आप अपने इमोशंस या अपने गुस्से को मैनेज करके अपनी काबू में ला सकते हैं तो आप वो बहुत सारी चीजें कर पाएंगे, जो आपके सामने वाला इंसान कभी नहीं कर सकता।

 

आप ये इमेजिन कीजिये की आपके सामने वाला इंसान आप पे चिल्ला रहा है, गुस्सा है और आप हस रहे हैं, आप बिलकुल शांत हैं।

आप कोई रियेक्ट ही नहीं कर रहे हैं।

 

तो इसके रिलेटेड fun fact बताता हूँ, अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके सामने वाले इंसान को और भी ज्यादा गुस्सा आ जायेगा।

लेकिन इसमें जीत आप ही की हो रही है।

क्यूंकि अगर आप गुस्से में इन्वॉल्व (शामिल) नहीं करेंगे अपने आपको तो आप वो बैटल जीत ही जायेंगे।

 

गुस्सा किसी भी लेवल पे हमारे लिए एकदम बेकार चीज है।

 

क्या आपको पता है, की ज्यादा गुस्सा होने से इंसान को हार्ट अटैक भी आ सकते हैं।

 

तो जो इंसान बहुत जल्दी गुस्सा करता है, उन लोगों के साथ बहुत लोग associate (सहयोग) नहीं करना चाहते है।

उनके फॅमिली मेम्बर ही उनसे नाराज होते हैं।

 

आप अपने सारे उन दोस्त और फॅमिली मेम्बर या रिश्तेदार के लिस्ट बनाइये जो बहुत ही जल्दी गुस्सा हो जाते हैं।

तो आप देखिएगा उनके बहुत ज्यादा अच्छा फ्रेंड्स नहीं है, उनके फॅमिली मेम्बर भी हर वक़्त उनसे नाराज रहते हैं, उनके दोस्त भी उसे नहीं मिलते हैं।

 

तो अगर आप एक स्ट्रांग पर्सनालिटी चाहते हैं तो अगर आप जल्दी गुस्से करने वाले इंसान हैं तो वो आपको ले डूबेगा।

 

आज हम ऐसे वक़्त में जी रहे हैं, जहाँ हमारे पास सब कुछ आसानी से मिल जाता है, तो अब हमे गुस्सा नहीं करना पड़ता है, हर चीज के लिए चिल्लाना नहीं पड़ता है। फिर भी हम गुस्सा हो जाते हैं।

 

आज हमारी सोसाइटी में एक evolution आ चुका है की इंसान जितना अपने गुस्से को मैनेज कर सकते हैं उतनी आप एक स्ट्रांग पर्सनालिटी वाले इंसान है।

 

गुस्से को मैनेज करने से पहले उसको जानना होगा की गुस्सा आता क्यूँ हैं, गुस्सा कब आता है etc.

 

 

गुस्सा आता क्यूँ और कब हैं ?

 

गुस्से को मैनेज कैसे करें - Personality Development in Hindi

 

मान लीजिये आपको कोई बोले की आपकी बॉडी यानी मसल बहुत अच्छी है। तो क्या आप गुस्सा होंगे उनके ऊपर? नहीं, क्यूँ ?

क्यूंकि आपको पता है आपकी मसल सच में अच्छी है। आप gym जाते है। आप एक्सरसाइज करते हैं।

लेकिन अगर आपको कोई बोले की तुम ना बहुत मोटे लग रहे हो। तो इसमें आपको गुस्सा आता ही आता है। ऐसा क्यूँ ? इसमें ऐसी कौन सी गुस्से होने वाली चीज है?

 

तो हमे गुस्सा तब आता है जब हमें लगता है की सामने वाले इंसान कुछ ऐसा बोल रहा है या कर रहा है हमारे लिए अनुचित है, जो हम deserve (लायक या योग्य) नहीं करते हैं। यही main रीज़न है हमारे गुस्सा होने का।

 

लेकिन अगर आप सेल्फ-अवेयर है, अगर सेल्फ-कॉंफिडेंट हैं तो आपको अपने बारे में वो सारी चीजें पता है, जो सामने वाले इंसान को कुछ पता नहीं हैं।

और अगर वो कोई भी ऐसी एक चीज बोल दे जो आप हैं भी नहीं तो आप कभी गुस्सा नहीं होंगे क्यूंकि उसके बारे आप कॉंफिडेंट हैं।

सेल्फ-अवेयरनेस ही आप अपनी गुस्से को मैनेज कर पाएंगे। क्यूंकि जब आप सेल्फ-अवेयर होते है या आप अपने आपको जानते हैं तब आप हमेशा कॉंफिडेंट होंगे की आप हैं कौन! तब आप पूरी कॉन्फिडेंस के साथ किसी के सामने खड़ा हो पाते हैं।

तब आपको सामने वाले क्या कह रहे हैं उसका कोई फर्क नहीं पड़ता हैं।

तो वही सेल्फ-अवेयरनेस आपके गुस्से के लिए भी बहुत जरुरी है।

क्यूंकि जब तक आपको ये पता है की आप हैं कौन, बहुत कम चीजें हैं और बहुत कम इंसान हैं जो कुछ भी कह के आपको गुस्सा दिला सकते हैं।

 

तो ये आपको जानना जरुरी है की गुस्सा तब आता है जब हमें लगता है की सामने वाला इंसान ने कुछ ऐसा कहा या कुछ ऐसा बोला जो हमारे लिए योग्य नहीं हैं या हम उस चीज के लायक नहीं हैं।

अब अगर हम सेल्फ-अवेयर हैं तो आप ये जानते होंगे, उसके बोलने से पहले की क्या वो सही है या वो गलत है।

 

जैसे आप जानते ही हैं की गुस्सा सबको आता है। इंसान तो छोड़ो, जानवर को भी आता है।

तो एक ऐसे इंसान जिसको बहुत ज्यादा गुस्सा आता है या एक ऐसे इंसान जो किसी को गुस्सा करते ही नहीं,

इसमें इसका मतलब ये नहीं की जो इंसान किसी के ऊपर गुस्सा नहीं करते तो उसको गुस्सा आता ही नहीं है,

क्यूंकि वो अपने गुस्से मैनेज करना सीख गए हैं, तो वो बाक़िओं से अपने आप ही अलग हो गए है।

 

 

गुस्से को मैनेज कैसे करें ?

 

Prevention

 

गुस्से को मैनेज कैसे करें - Personality Development in Hindi

 

किसी चीज को फिक्स्ड करने से बहुत गुना बेटर यही है की वो चीज हो ही ना।

तो कोई भी ऐसी चीज है जो आपको जिंदगी में गुस्सा दिलाती है, जिसकी वजह से आपको अपने आप गुस्सा आता है, उन चीजों से दूर रहिये।

 

मान लीजिये की आपको किसी दोस्त के साथ बात करते वक़्त बहुत गुस्सा आते हैं तो आप क्यूँ उससे बात करते हो?

अगर आपको कही पर जाने में गुस्सा आते हैं आप वहां जाते ही क्यूँ हो?

अगर आपको कुछ खाना पसंद नहीं है उसको देखते ही आपको गुस्सा आता है, और उसे आप खाते भी हो, तो आप उसे क्यूँ खाते हो?

अगर आपको गाड़ी चलाने से गुस्सा आते हैं, तो आप गाड़ी क्यूँ चलाते हो?

 

तो आपको इन सबको पहले क्लियर करना पड़ेगा की आपको किस किस चीजों से गुस्सा आता है, तो उनसे आप दूर रहो। उसे अपनी जिंदगी से हटा दीजिये। चाहे वो लोग हों या चाहे वो कोई चीजें हों।

दोस्त के बात करने से गुस्सा आता है, उससे बात ही कम से कम किया करो। उसको मिलना कम कर दो।

कही जाने से बहुत गुस्सा आता है, तो वहां जाओ ही मत।

कोई खाना आपको पसंद नहीं है उसको खाओ ही मत।

गाड़ी चलाने से आपको गुस्सा आता है तो आप गाड़ी चलाओ ही मत।

etc.

 

यानी “Prevention is Better than Cure”

 

 

Time to Pause

 

गुस्से को मैनेज कैसे करें - Personality Development in Hindi

 

जब आपको गुस्सा आने लगें उस समय पे थोड़ा सा ठहर जाइये।

10 से उल्टी गिनती कर लीजिये।

उस समय जब आप ठहरेंगे, तब अपने आपसे ये पूछिए की जैसे ही मैंने गुस्सा कर दिया तो सामने वाले इंसान और मेरे बीच में क्या फर्क रह जायेगा।

अगर मैंने वही गुस्से से जवाब दिया, जिस गुस्से से मुझे जवाब आया था तो मेरे सामने वाले में और मेरे में क्या फर्क रह जायेगा। सोचिये……..

इस सवाल को उस वक़्त (गुस्सा होने के टाइम पर) पूछने से आपका गुस्सा थोड़ा ठहर जायेगा।

क्यूंकि उलटिमेटली गुस्सा एक बहुत Instant Energy की तरह होता है।

उस मोमेंट का या उस सेकंड का या उस मिनट का इमोशन होता है।

और अगर आप उस मोमेंट को बाईपास करने देते हैं तो उसके अगले ही मोमेंट पर आप अपने गुस्से को शांत किया हुआ पाओगे।

तो जब भी आप गुस्सा होना शुरू हों, तब जस्ट कुछ सेकंड के लिए pause हो जाइये।

एक लम्बा साँस लीजिये और 10 से उल्टी गिनती शुरू कीजिये।

 

 

Anger Converter

 

अगर आपको किसी ऐसी चीज पे गुस्सा आता है जो किसी इंसान के वजह से ना हों,

लेकिन किसी सिचुएशन के वजह से हों।

वो गुस्सा आपको हर दिन आ रहा है, हर घंटे आ रहा है, हर हफ्ते आ रहा है, हर महीने आ रहा हो।

तो उस तरह की गुस्से को कण्ट्रोल करने के लिए आपको एक अलग तरह की काम करना पड़ेगा, आप उस गुस्से को एक रास्ते पर ले जाये।

चाहे वो पढ़ना हो, चाहे वो gym में जाना हो, गाना सुनना हो, कुछ बजाना हो, किसी को सुनना हो या किसी से साथ (माँ/बाप/भाई/बहन/गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड/दोस्त) बात करना हो तो वो करिये।

और अपने आप से ये सवाल करिये की आप उस गुस्से की एनर्जी को इस शांत वाली एनर्जी तक कैसे ले जा सकता हूँ?

जब भी आपको उस सिचुएशन की वजह से गुस्सा आये तो तब पहले लम्बा साँस लीजिये और घर से या उस सिचुएशन से बाहर निकल आये, और आप कुछ भी पॉजिटिव चीज करें।

आप संदीप माहेश्वरी की वीडियो देख सकते हैं।

 

 

Conclusion

 

गुस्सा किसी पॉइंट पे शायद बहुत हार्मफुल भी हो सकता है।

और अगर आप ऐसे मुकाम पर पहुँच चुके हैं, जिस मुकाम पर सब कुछ करने के बावजूद अपने गुस्से को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं।

तब आपको किसी प्रोफेशनल्स से या किसी दोस्तों से हेल्प मांगनी चाहिए।

क्यूंकि अगर आप अपने गुस्से को काबू में नहीं ला पाएंगे तो आपके जीवन से बहुत सारी चीजें बिखर जाएँगी।

तब आपका गुस्सा आपके सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है।

वो गुस्सा आप अपनी फॅमिली पे ही निकाल देते हैं, माँ-बाप पे निकाल देते हैं, दोस्तों पर निकाल देते हैं, बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड पर निकाल देते हैं, या अपनी colleagues पे निकाल देते हैं। तो आपके रिश्ते एकदम से किसी के साथ ख़राब हो जाते हैं।

और ये गुस्सा आज तक किसी को पाजिटिविटी या एक स्ट्रांग पर्सनालिटी की तरफ आगे नहीं ले जा सकता।

इसको मैनेज करना भी बहुत क्रिटिकल है। ये एक ही दिन मैनेज नहीं होगा। प्रैक्टिस करना पड़ेगा, कुछ महीने या कुछ साल तक। तभी आप गुस्से को मैनेज कर पाओगे।

 

तो अभी आप उन सारी चीजों (लोग, सिचुएशन, etc.) की लिस्ट बनाइये, जिससे आपको गुस्सा आता है।

और अपने आप से पूछिए की इस गुस्से को कण्ट्रोल करने के लिए आप ऐसे कौनसी चीज कर सकते हैं?

ऐसा कौनसा नया तकनीक आजमा सकते हैं जिससे जितना गुस्सा आप महसूस करते हैं उतना आप ना करें।

यानी आप अपनी गुस्से को पूरा मैनेज कर पाओगे।

 

 

तो दोस्तों मैंने जो कुछ बताया वो सब कुछ मैंने अपने लाइफ में प्रक्टिकली करके देखा है और अब आपका समय है की आप इन सारे Anger Management टिप्स को जानने के बाद कैसे अपने गुस्से को मैनेज कर सकते हैं।

डेली उन सारे टिप्स का प्रैक्टिस करें जब आप आप गुस्सा होते हैं।

 

आप मुझे नीचे कमेंट में जरूर बताये की आप किस चीजों ज्यादा गुस्सा होते हैं और किस चीजों से कम।

आपको आज का यह “गुस्से को मैनेज कैसे करें – Personality Development in Hindi” कैसा लगा ?

इस Anger Management से रिलेटेड अगर आपके मन में कोई सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

इस “गुस्से को मैनेज कैसे करें – Personality Development in Hindi” को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

 

 

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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