जवान जबान – Hindi Poem

जवान जबान – Hindi Poem

 

मन की मनोव्यथा सुना
दिल के भेद बता देना
आंसूओं को आवाज
व होठों को आभास देना

जबान की जवानी होती हैं |

लक्ष्य को राह देना
काम पर ध्यान देना
मजबूरी में मौन
व भाव का गौण होना

जबान की जवानी होती हैं |

मन मचल करके
भावना को कुचलकर
बात के लहजे में रहना
व बिना बोले सब कह देना

जबान की जवानी होती हैं |

विचारों में तालमेल करके
दो लब्ज़ प्रेम से कहके
वचनों की अहमियत
व जीवन पर जीभ का प्रभाव होना

जबान की जवानी होती हैं।

संजय डारा बिश्नोई पता सांचौर जालोर राजस्थान

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