जुकाम के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Common Cold Symptoms and Treatment

जुकाम के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Common Cold Symptoms and Treatment – Hello दोस्तों, आज हम जुकाम के बारे में डिटेल में  बात करेंगे, क्यूंकि जुकाम एक बहुत कॉमन प्रॉब्लम है जो सभी को होता/होती ही है, तो इससे कैसे बचा जाये और इसके लिए कौनसी आयुर्वेदिक दवा का हमे उपयोग करना चाहिए, और क्या ये अपने आप ठीक होने वाली बीमारी है, उसके बारे में जानेंगे।

तो अगर आपको जुकाम के कारण, लक्षण, और आयुर्वेदिक उपचार के बारे में जानना है तो ये आर्टिकल आगे पढ़ सकते हैं। तो चलिए शुरू करते हैं –

 

जुकाम के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Common Cold Symptoms and Treatment

 

जुकाम क्या है ?

हमारे नाक और गले की भीतरी दीवार पर बलगम (Mucus-म्यूकस) का स्राव करती है। बलगम एक चिपचिपा पदार्थ होता है जिस में धूल, पराग कण, जीवाणु और विषाणु अटक कर रह जाते हैं और फेफड़ों में नहीं जा पाते।

 

इस अंदरूनी दीवार की सतह पर बालों से भी छोटे और करोड़ों की संख्या में मौजूद रोये इन दूषित पदार्थों को गले के भीतर जाने से रोकते हैं और जो दूषित पदार्थ इन रोओं से बच कर अंदर पहुंच जाते है उन्हें हमारे आमाशय में मौजूद अम्ल (Acid) नष्ट कर देता है।

 

जब हमें सर्दी होती है तो इसका मतलब है कि विषाणुओं (Virus) ने इस प्रतिरोधी कवच को भेदकर भीतरी कोशिकाओं पर आक्रमण कर दिया है। जब यह विषाणु संक्रमण (Viral Infection) होता है तो हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) भी सक्रिय (Active) हो जाती है।

 

ऐसी स्थिति में नाक की नसों (Veins) में अधिक मात्रा में रक्त बहने लगता है। जिसकी वजह से वह भाग लाल और गर्म प्रतीत होता है। बलगम वाली अंदरूनी परत में सूजन आ जाने से सांस लेने वाला मार्ग अवरुध्द हो जाता है और हमें नाक से सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है।

 

 

जुकाम में होने वाली परेशानी

 

बलगम पैदा करने वाली कोशिकायें कई गुना अधिक मात्रा में बलगम बनाती हैं, जिनमें से कुछ हिस्सा तो पेट में चला जाता है, मगर अधिकांश नाक से बाहर बहने लगता है।

इसी दौरान नाक में मौजूद तंत्रिकायें मस्तिष्क (Brian) तक संदेश पहुंचाती हैं जिसके फलस्वरूप मस्तिष्क नाक और मुंह के चारों ओर मौजूद मांसपेशियों (Muscles) का प्रसारण व संकुचन (Expand and Contract) करता हैं और हमें छींके आने लगती हैं।

जुकाम सर्दियों की बजाय गर्मियों में ज्यादा होता है, क्योंकि गर्मियों में गर्म से ठंढे व ठंढेे से गर्म माहौल में लगातार आना-जाना होता है। आजकल जुकाम (Jukam) का सबसे main कारण एलर्जी (Alergy) है।

 

 

बार बार जुकाम होने का कारण क्या है?

 

अगर आप पूछते हैं की जुकाम क्यों होता है तो इसका जवाब है की हवा में मौजूद जो बैक्टीरिया या वायरस है वो जब कभी सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, तो एलर्जी हो जाती है। नतीजा यह होता है कि पानी या बलगम नाक से बाहर आने लगते हैं।

हमारे गले में दो तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं – कुछ अच्छे और कुछ बुरे। कभी-कभी सर्दी-गर्मी बढ़ने, एकदम ठंडा-गर्म खाने, ठंडे से गर्म व गर्म से ठंडे माहौल में जाने, ठंडा पानी ज्यादा पीने या बारिश में भीगने से गले के बुरे बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया ही गले में इन्फेक्शन कर देते हैं और जुकाम (Jukam) की वजह बनते हैं।

 

 

जुकाम के लक्षण क्या क्या है ?

 

  1. आँख से पानी बहना
  2. कान में दर्द होना
  3. गले में दर्द होना
  4. नाक से पानी बहना
  5. सरदर्द होना
  6. हरारत महसूस होना

 

 

सर्दी जुकाम में कौन सी दवा खानी चाहिए? आयुर्वेदिक उपचार :

 

Best for Common Cold (जुकाम)

 

 

 

लहसुन (Garlic)

लहसुन का जीवाणुरोधी और एंटीवायरल (antiviral) गुण सर्दी के लक्षणों से छुटकारा प्राप्त करने में बहुत सहायक होता है। लहसुन हमारे इम्यून सिस्टम के लिए अच्छा है और respiratory सिस्टम को खोलने में मदद करता है।

तो आपको करना बस यह है की एक कप पानी में लहसुन की कली, दो चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच शहद, और आधा चम्मच लाल मिर्च या लाल मिर्च पाउडर मिलाएं। इसे तब तक रोज खाएं जब तक सर्दी जुकाम से आराम ना हो।

या फिर एक कप पानी में 4-5 कटे हुए लहसुन की कली उबाल लें और एक चम्मच शहद डालें। इसे दिन में दो से तीन बार सेवन करें। आपको जल्द ही इसका फायदा देखने को मिलेगा।

 

शहद (Honey)

शहद में मौजूद एंजाइम में, उच्च मात्रा में बैक्टीरिया और वायरस को मारने के गुण होते हैं। शहद से गले का सूखापन दूर होता है और जुका्म जल्दी ठीक भी हो जाता है।

तो इसके लिए सबसे सरल उपाय है की एक चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाएं उसके बाद इसे हर दो घंटे में लीजिये। यदि आप चाहें, तो एक चम्मच कच्चा शहद भी खा सकते हैं बहुत फायदा मिलेगा।

 

 

 

मसाला चाय (Masala chai)

किचन में रखे मसालों से बनी चाय जुकाम में आपको बहुत जल्दी राहत देती है। तो इसके लिए एक चौथाई कप सूखा भुने हुए धनिया बीज पीसकर इसमें आधा चम्मच जीरा और सौंफ के बीज और एक चौथाई चम्मच मेथी के बीज मिलाएं।

अब एक कप पानी में इसे उबाल लीजिये और इसमें आधा चम्मच तैयार मसाला और आधा चम्मच मिश्री डालें। तीन से चार मिनट उबालें। इसके बाद दूध डालें और गरम गरम इसे पी जाएँ।

 

अदरक (ginger)

अदरक अपने एंटीवायरल, एस्पेक्टरेन्ट (expectorant) गुणों के कारण सर्दी से राहत देता है।

कच्चा अदरक खाने या एक दिन में अदरक की चाय कई बार पीने से लाभ होता है। अदरक की चाय के प्रभाव को बढ़ाने के लिए, चाय में नींबू का रस और शहद जरूर मिला लीजिये।

या फिर अदरक, लौंग और नमक का एक पेस्ट तैयार करें। और इसका आधा चम्मच पेस्ट ही खा सकते हैं।

अगर ज्यादा नाक बह रही हो तो बराबर मात्रा में सूखा अदरक पाउडर (Dry ginger powder) मक्खन या घी और गुड़ (jaggary) मिलाकर छोटी छोटी गोली बना लीजिये और रोज सुबह खाली पेट में एक गोली खाएं बहुत ज्यादा असर देखने को मिलेगा आपको।

 

लाल प्याज का सीरप (Syrup of red onion)

घर के बने लाल प्याज सीरप से भी सर्दी से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है। इसके लिए आप 2-3 लाल प्याज को बारीक गोल टुकड़ों में काट लीजिये। एक बर्तन में प्याज का एक टुकड़ा रखें और उसमें कच्चा शहद मिलाएं अब जब तक बर्तन भर न जाए तब तक ये प्रक्रिया जारी रखें। कटोरे को ढक कर रखें और 12 से 15 घंटे के लिए छोड़ दें। प्याज सीरप की तरह मोटी परत में जम जाएगा।

उसको आप दिन 2-3 बार पी सकते हैं। बहुत फायदा मिलेगा।

 

चिकन का सूप (Chicken soup)

चिकन सूप कई आवश्यक पोषक तत्व, विटामिन आदि हैं जो आम सर्दी के लक्षणों के उपचार में मदद करते हैं। चिकन सूप के उच्च एंटीऑक्सीडेंट गुण जुकाम को ठीक करने की प्रक्रिया में तेजी लाते हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, जैविक सब्जियों और चिकन का उपयोग करें और ध्यान रहे हमेशा घर का बना चिकन सूप ही पीये।

 

 

जुकाम लगने पर क्या करें?

 

  1. साधारण जुकाम अपने आप पांच दिन में ठीक हो जाता है।
  2. अगर बलगम सफेद हो तो यह एलर्जी की निशानी है। यह साधारण जुकाम होता है।
  3. अगर साधारण जुकाम है तो आप ऊपर बताये गए उपचार से ठीक हो ही जायेंगे।
  4. जुकाम को अगर पांच दिन से ज्यादा हो जाएं या साथ में खांसी, बलगम, बदन दर्द व बुखार भी हो, तो समझना चाहिए कि आम जुकाम नहीं है।
  5. अगर बलगम पीला हो और सांस की दिक्कत के साथ बुखार भी हो तो बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है।
  6. ऐसे में डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अगर कफ़ के साथ खून भी आए तो चिंताजनक बात है। यह टी.बी. का लक्षण हो सकता है। ऐसे में तुरन्त डॉक्टर से परामर्श लीजिये।
  7. और एक बात की बीमारी से डरिये मत।

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों क्या आज के टाइम में आपको या अपने घर के किसी मेंबर को भी जुकाम हो रहा है तो डरने कोई बात नहीं आप आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हो सकते हैं जल्दी।

क्या आपको इस उपचार के बारे में पहले पता था, क्या आपको इस आर्टिकल “जुकाम के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Common Cold Symptoms and Treatment” से कुछ भी हेल्प मिला ?

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

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