डीहाइड्रेशन क्या है, कारण, लक्षण, और आयुर्वेदिक उपचार | Dehydration – Causes & Treatment

डीहाइड्रेशन क्या है, कारण, लक्षण, और आयुर्वेदिक उपचार | Dehydration Causes & Treatment – Hello दोस्तों, डीहाइड्रेशन जो किसी को भी हो सकते हैं, पानी की वजह से होने वाले ये प्रॉब्लम कई बार गंभीर बन जाती है, तो डीहाइड्रेशन क्या है, कैसा लक्षण है इस बीमारी का, कैसे इसका इलाज किया या फिर इससे बचाव कैसे किया जाये, अगर इसका जवाब जानना है तो ये आर्टिकल आगे पढ़ सकते हैं –

 

 

डीहाइड्रेशन क्या है, कारण, लक्षण, और आयुर्वेदिक उपचार | Dehydration Causes & Treatment

 

 

डीहाइड्रेशन क्या है?

हमारे शरीर में पानी के कमी से होने वाली अवस्था को ही डीहाइड्रेशन (Dehydration) बोलते हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसी डीहाइड्रेशन को हाइपोहाइड्रैशन (Hypohydration) कहते हैं।

तो हमारे शरीर में जब पानी की कमी के कारण शरीर से खनिज पदार्थ जैसे कि नमक और शक्कर कम हो जाते हैं और तभी शरीर की कोशिकाओं से पानी सूखता रहता है जिसके कारण शरीर के कार्य करने का संतुलन असामान्य हो जाता है।

ये बात हम सभी जानते ही हैं कि पानी शरीर के लिए बेहद आवश्यक होता है, पानी हमारे शरीर से विषैले पदार्थ निकालता है, शरीर की त्वचा को स्वस्थ रखता है, पाचन प्रक्रिया में सहायक होता है और शरीर के जोड़ों और आँखों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

शरीर में पानी की कमी मलतब मध्यम या गंभीर समस्या भी उजागर हो सकती है।

गर्मीयों में हमारे शरीर में पसीने के लगातार आते रहने से शरीर का पानी कम होता रहता है। इसलिए गर्मियों में डीहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

बुखार, उल्टी, दस्त के कारण भी शरीर में डीहाइड्रेशन हो सकता है। डीहाइड्रेशन का शिकार किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है और इसका कोई ठोस कारण भी नहीं होती है। बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक में यह डीहाइड्रेशन की शिकायत हो सकती है।

 

 

डीहाइड्रेशन का कारण क्या है?

 

  1. शरीर से पांच प्रतिशत द्रव खत्म होने पर कमज़ोरी, प्यास, उबकाई, चिड़चिड़ापन होता है।
  2. शरीर से दस प्रतिशत द्रव खत्म होने पर सिर दर्द, चक्कर और अंगों में सनसनाहट पैदा हो सकती है। शरीर की त्वचा नीली पड़ने लगती है और शरीर कमज़ोर हो जाता है।
  3. शरीर से पंद्रह प्रतिशत द्रव खत्म होने पर देखने और सुनने की शक्ति पर असर पड़ता है। जीभ में सूजन हो जाती है और खाना निगलने में दिक्कत होती है।
  4. शरीर से पंद्रह प्रतिशत से ज्यादा द्रव खत्म होने पर इंसान की मृत्यु भी हो सकती है।
  5. दस्त के कारण शरीर में हुए डीहाइड्रेशन से मनुष्य की मृत्यु के आसार ज्यादा होते हैं। गंभीर डीहाइड्रेशन की वजह से मनुष्य का ब्रेन डैमेज यानि उसके मस्तिष्क को हानि भी पहुंच सकती है। साथ ही हाइपोवोलेमिक शॉक का खतरा भी रहता है जिसमें शरीर के कई अंगों को हानि पहुंच सकती है।
  6. यदि आपको चक्कर आ रहे हैं, या आप किसी भी कार्य को करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं तो ऐसे समय में डॉक्टर को दिखाना बेहद आवश्यक होता है। दो दिन से ज्यादा कब्ज या बुखार रहने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।

 

 

डिहाइड्रेशन के लक्षण क्या है?

 

  1. घबराहट या कंपकंपी
  2. कब्ज
  3. चक्कर आना
  4. मुंह का बार बार सूख जाना
  5. सूखी त्वचा
  6. प्यास ना बुझना
  7. सिर में दर्द
  8. सुस्ती
  9. मांसपेशियों में ऐंठन
  10. कमज़ोरी

 

 

डिहाइड्रेशन होने पर क्या करे? आयुर्वेदिक उपचार :

 

पानी पीने की मात्रा बढ़ाएं (Increase Water Intake)

डिहाइड्रेशन से निपटने का सबसे पहला कदम है कि पानी की मात्रा बढाएं। पूरे दिन में तकरीबन दस गिलास पानी पीना बहुत जरूरी है। यदि आपको प्यास न भी लग रही हो तब भी पानी जरूर पिएं। सादा पानी पीना अच्छा न लग रहा हो तो पानी में नींबू या इलेक्ट्रॉल आदि डालकर भी पानी पिया जा सकता है।

 

दही (Yogurt or Curd)

उल्टी, दस्त आदि के कारण हुए डिहाइड्रेशन के लिए दही एक अच्छा उपचार है। यह इलेक्ट्रोलाइट्स (Electrolytes) का भी अच्छा स्त्रोत होती है, इसलिए पेट के लिए फायदेमंद होती है और आसानी से पच भी जाती है। उपचार के लिए दही को सादा या दही में काला नमक और भुना जीरा डालकर भी खाया जा सकता है।

 

रसीले फल और सब्जियां (Watery Fruit and Vegetable)

यदि डिहाइड्रेशन की शुरूआत है तो रसीले फल और सब्जियों के सेवन से भी आराम संभव है। इन फल और सब्जियों में तरबूज, खरबूज, अंगूर, संतरा, स्ट्रॉबेरी, खीरा, ककड़ी, पपीता, मूली, पालक, तोरी और टमाटर आदि हैं। आप जूस बनाकर पी सकते हैं।

 

केला (Banana)

शरीर में डिहाइड्रेशन की शिकायत पोटैशियम जैसे खनिज की कमी के कारण होती है। केले में पोटैशियम भरपूर होता है, ऐसे में यह शरीर की डिहाइड्रेशन की समस्या से निपटने का आसान उपाय है। उपचार के लिए दिन में दो केले खाए जा सकते हैं या banana shake बनाकर भी पी सकते है।

 

नारियल पानी (Coconut Water)

नारियल पानी का एक गिलास डिहाइड्रेशन से निपटने में काफी कारगर है। नारियल पानी में उच्च इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो कि नारियल पानी को हाइड्रेटिंग पेय बनाते हैं। इसमें चीनी की अपेक्षा कैलोरी भी बहुत कम होती है।

 

छाछ (Butter Milk)

यदि आप दिनभर धूप में काम करते हैं या आपको किन्हीं कारणों से अधिक पसीना आता है तो भी आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इस तरह की समस्या से निपटने के लिए छाछ एक प्रभावी नुस्खा है। उपचार के लिए दिन में एक से दो गिलास छाछ पिएं।

 

सूप (Soup)

डिहाइड्रेशन से निपटने में सब्जियों के सूप भी प्रभावी असर दिखाते हैं। इसके लिए सूप में अजवायन, मूली और तोरी जैसी सब्जियां डालकर सूप तैयार करें। दिन भर में कम से कम एक बार सूप जरूर पिएं।

 

नींबू पानी (Lemon water)

नींबू पानी न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि शरीर के टॉक्सिन भी बाहर निकालता है। नींबू पानी पीने से ताजगी का एहसास होता है। नींबू पानी बनाने के लिए चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करें और एक चुटकी काली मिर्च भी डालें।

 

जौ का पानी (Barley Water)

जौ का पानी भी शरीर को हाइड्रेट रखने का अच्छा उपाय है। जौ के पानी से डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर में हुई पोषक तत्वों की कमी की भरपाई होती है। ये आसानी से पच जाता है और शरीर को ठंडा रखता है। उपचार के लिए 4 कप पानी में एक कप जौ भिगा दें। उसके बाद इस पानी को लगभग 45 मिनट ढककर उबालें। जब अच्छी तरह उबल जाए तो इस पानी को छानकर गुनगुना रहने तक ठंडा करें और इसमें शहद मिलाकर पिएं। स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है।

 

 

डीहाइड्रेशन से बचाव कैसे करे?

 

  1. जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
  2. नवजात बच्चों में डीहाइड्रेशन के उपचार के लिए बच्चे को मां का दूध व पानी पिलाते रहें। पानी में ओआरएस का घोल मिलाकर पिलाएं।
  3. ORSL पी सकते हैं।
  4. ज्यादा भागदौड़ वाला काम ना करें और जितना हो सके आराम करें।
  5. धूप में घर से बाहर ना निकलें और ठंडी जगह पर बैठे रहें।
  6. इलेक्ट्रोलाइट्स से युक्त स्पोर्ट्स ड्रिंक्स का सेवन अवश्य करें।

 

 

Conclusion

 

दोस्तों अगर आप ऊपर बताये गए सारे उपचार को सही से इस्तेमाल करेंगे तो आप डीहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारी से बच सकते हैं। वैसे पानी ज्यादा पीना तो आप ये काम तो easily कर सकते हैं।

ज्यादा डीहाइड्रेशन की प्रॉब्लम होने से डॉक्टर के पास जरूर जाये।

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आपका बहुमूल्य समाय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

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