पूजाघर में ऐसा Shivlinga (शिवलिंग) भूलसे भी ना रखें जीवनभर दरिद्रता आती है

पूजाघर में ऐसा shivlinga (शिवलिंग) ना रखें – Hello दोस्तों, देव आदि देव महादेव इस समस्त संसार के कण कण में बसी हुई असीम ऊर्जा है, भगवान शिव निराकार ब्रह्म है, और शिव में असीमित ऊर्जा समायी है। भगवान शिव को समझना आसान नहीं है, लेकिन भगवान शिव को जिसने समझ लिया समझो उसे परमानंद की प्राप्ति हो गयी।

दुनिया भर में भगवान शिव की असंख्य भक्त है। शिव के अनोखे रूप, रंग और असाधारण गुणों का हर कोई भक्त है और भगवान शिव भी अपने हर भक्तों पर अपने भरपूर कृपा लुटाते है।

अक्सर हम अपने घर के अंदर भी भगवान शिव की मूर्ति, तस्वीर या शिवलिंग रखते हैं और शिव जी पूजा आराधना करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शास्त्रों में भगवान शिव की मूर्ति  शिवलिंग को हमारे घर के पूजा घर में रखने के कुछ नियम बताये गए हैं।

जिनका कठोरता से पालन हमें अवश्य करना चाहिए, नहीं हम पर इसका विपरीत परिणाम भी पड़ सकता है।

तो चलिए देखते हैं कि वो कौनसे नियम होते हैं अपने घर के पूजा घर में शिवलिंग स्थापित करने की।

 

आज हम जानेंगे कि –

  1. शिवलिंग की पूजा कैसे करनी चाहिए ?
  2. शिवलिंग किस प्रकार का होना चाहिए ?
  3. शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए ?
  4. शिवलिंग कहाँ रखना चाहिए ?

 

 

पूजाघर में ऐसा Shivlinga (शिवलिंग) भूलसे भी ना रखें!

 

 

No 1 – शिवलिंग के प्रकार

 

दोस्तों shivlinga कई प्रकार के होते हैं – पत्थर के, मिट्टी के, धातु के, कांच के, संगमरमर के, पारद के, स्फटिक के शिवलिंग, etc.

इनमें से पीतल या अष्टधातु, पारद और स्फटिक के शिवलिंग सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं।

नर्मदेश्वर शिवलिंग जो कि नर्मदा नदी से निकलते हैं, उन्हें भी घर में रखना अति उत्तम और शुभ होता है।

 

 

 

No 2 – Height

 

शिवलिंग किसी भी पदार्थ का बना हुआ हो, लेकिन उसकी ऊंचाई 3 इंच या हमारे हाथ के अंगूठे की ऊंचाई से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसका कारण यह है कि बड़े बड़े शिवलिंग की पूजा करते समय बहुत सारी नियमों का कठोरता से पालन करना अनिवार्य होता है।

 

 

No 3 – प्राण प्रतिष्ठा

 

घर के मंदिर में शिवलिंग को स्थापित करते समय उनकी प्राण प्रतिष्ठा ना करें।

केवल विधि-विधान से शिवलिंग का पूजा करें और जलाभिषेक करे।

शिव जी की प्राण प्रतिष्ठा केवल बड़े बड़े मंदिरों में की जाती है।

घर में रखें shivlinga या शिव की पिंडी पर नाग नहीं होना चाहिए और उनके साथ नन्दी भी नहीं होने चाहिए।

 

 

No 4 – तस्वीर या मूर्ति ना रखें

 

शिव पुराण में मनुष्य को शिव जी को पिंडी के रूप में स्थापित करने के लिए कहाँ गया है, इसलिए घर के मंदिर में शिव जी को पिंडी के रूप में स्थापित करे।

पूजा घर में या घर के किसी भी डेकोरेशन के भगवान शिव के तस्वीर या मूर्ति ना रखें, पूजा घर में सिर्फ shivlinga रखें।

हमारे सभी मूख्य मंदिरों में और सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में शिव जी पिंड स्वरुप में ही उपस्थित है।

 

 

No 5 – नियमित पूजा

 

शिवलिंग को आप घर में स्थापित करने से पहले ये बात जान लीजिये कि शिव जी के नियमित रूप से पूजा अवश्य करें।

शिव पुराण में भी यह कहा गया है कि shivlinga की सुबह-शाम नियम पूर्वक पूजा करनी चाहिए और यदि किसी कारणवश रोज संभव ना हो तो कमसे कम हर सोमवार, प्रदोष, शिवरात्रि और शिव जी अन्य किसी विशेष दिन पर उनकी पूजा अवश्य करनी चाहिए।

घर के मंदिर में केवल एक ही शिवलिंग होना चाहिए। एक से ज्यादा शिवलिंग रखने से इसके अच्छे परिणाम नहीं मिलते हैं।

 

 

No 6 – जलाभिषेक

 

भगवान शिव को जल बहुत पसंद होता है, इसलिए प्रतिदिन शिव जी को जल अर्पण करना आवश्यक है।

आप अपने घर के मंदिर में ऐसी जुगाड़ करें जिससे shivlinga शुद्ध जल की धारा या बून्द-बून्द पानी हमेशा गिरता रहे।

ऐसा करने से शिव जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं, और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

शिव जी की शक्ति से सभी नकारात्मक ऊर्जा घर से नष्ट हो जाती है।

 

 

No 7 – रौशनी

 

shivlinga को हमेशा खुली जगह पर रखें, कभी भी किसी बंद या अँधेरी जगह पर ना रखें।

और ये भी याद रखे कि शिव जी वैरागी है, इसलिए उन्हें किसी भी बंधन में बांध के रखने की कोशिश ना करें। ये आपको संकट में डाल सकता है।

अगर आपके घर के मंदिर में रौशनी नहीं आती तो उसमें हर वक़्त कोई लाइट जलाकर रखें या दीपक जलाकर रखें।

 

 

No 8 – शिवलिंग के साथ परिवार के तस्वीर

 

शिवलिंग के साथ शिव जी के परिवार यानी माता पार्वती, प्रभु गणेश जी और कार्तिकेय भगवान की तस्वीर अवश्य रखिये।

शिवलिंग को कभी भी अकेला ना रखें।

 

 

No 9 – तुलसी वर्जित है

 

अधिकतर लोग शिव जी की पिंडी को तुसली वृन्दावन में रखने की बहुत बड़ी भूल करते हैं, ऐसा बिलकुल भी ना करें।

शंकर (शिव) जी की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग वर्जित है, इसलिए तुलसी वृन्दावन में शिव जी पिंडी रखने से घर में अशुभ प्रभाव पड़ता है।

 

 

No 10 – वर्जित चीजें

 

shivlinga की पूजा करते वक़्त कभी भी उन वस्तुओं का अर्पण ना करें, जिन्हें शिव जी अपने पूजन में वर्जित किया है।

इन वस्तुओं में है शंख, नारियल पानी, उबला हुआ दूध, केतकी के फूल, तुसली की पत्ते, सिंदूर, हल्दी-कुमकुम etc.

 

 

Conclusion

 

दोस्तों भगवान शिव वैरागी, और निरंकार देव है, इन्हें प्रसन्न करना ज्यादा कठिन नहीं है।

वे जिस भक्त पर प्रसन्न होते हैं उसके जीवन की सारी परेशानियां दूर करते हैं, लेकिन हम इस बात भी नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि शिव जी रुष्ट भी बहुत जल्दी होते हैं।

और उनका क्रोध इतना भीषण हो सकता है की हमें जीवन भर इसके परिणाम भुगतने पर सकते हैं।

इसलिए यदि आप नियमों का पालन पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ कर सकते हैं तभी अपने घर में शिवलिंग स्थापन करें, अन्यथा आप किसी मंदिर में जाकर आप पूजा-पाठ कर सकते हैं।

घर में नियमित रूप से सुबह-शाम शिव मंत्रों का उच्चारण करें, इससे अकाल मृत्यु और अन्य सभी संकट दूर होते हैं और आरोग्य एवं दीर्घायु प्राप्त होती है।

दोस्तों अगर आपके भी घर में शिवलिंग है तो आप इन बातों का अवश्य ध्यान रखें।

दोस्तों आपको आज का हमारा यह शिवलिंग घर में रखने के जानकारी कैसा लगा ?

आज आपने क्या सीखा ?

क्या आपके घर में भी shivlinga (शिवलिंग) है ?

क्या आप पहले से ही इस नियमों का पालन करते हैं।

दोस्तों अगर आपके मन कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट में जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

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