विश्वरूप क्या है ? | What is Vishvarupa ?

विश्वरूप क्या है ? – Hello दोस्तों, श्री कृष्ण जिन्हें भगवान विष्णु का ही अवतार कहा जाता है, इसी के साथ उन्हें ही ईश्वर का साक्षात् रूप भी बताया गया है। क्यूंकि महाभारत में अर्जुन की शंका दूर करने के लिए उन्होंने ही विराट रूप दिखाया था। जिसे देखने के बाद अर्जुन भी सृष्टि रचना और भगवान की अस्तित्व को जान पाए थे।

 

लेकिन सुनने में जितना साधारण लगता है उतना ही जटिल है। आखिर क्या था वो विराट रूप, जिसने अर्जुन की भी ऑंखें खोल दी थी ? क्या सच में श्री कृष्ण ने खुद का ही आकार बड़ा करके दिखाया था ? क्या विराट रूप भगवान शिव और भगवान विष्णु से भी बड़ा है ?

 

आखिर क्या है विराट रूप का सच ? आज हम इसी की आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं –

 

विश्वरूप क्या है?

महाभारत जिसे इतिहास का सबसे बड़ा महायुद्ध कहा जाता है, जिसमे कई उतार-चढ़ाव दिखाए गए हैं, जिसमें युद्ध का कारण भी एक परिवार को बताया गया है।

इसी कारण अर्जुन के मन में अपने ही परिवार के विरुद्ध युद्ध लड़ने की शंका थी, लेकिन श्री कृष्ण ने अर्जुन की ये शंका को भी दूर कर दिया।

इसके लिए उन्होंने अर्जुन को विराट रूप दिखाया, इसके बाद ही अर्जुन को सत्य और असत्य की पहचान हुई।

जब श्री कृष्ण ने विराट रूप दिखाया तब समय भी रुक गया, इसी कारण इस रूप को सिर्फ अर्जुन ने ही देखा।

श्री कृष्ण ने अर्जुन को समय से बाहर दिखाया था। विराट रूप में अर्जुन को हर देवी-देवता और भगवान का आभास हुआ था। इसी कारण महाभारत के अनुसार विराट रूप ही परम सत्य है।

लेकिन आपके मन ये सवाल जरूर ही उठता होगा कि आखिर वो विराट रूप क्या था ? और वो कैसा था।

इसका जवाब हमें वेदों से लेकर पुराणों में भी मिलता है, लेकिन हमें इस जवाब संरचना को समझना पड़ता है।

सभी धर्म ग्रंथों में इस बात तो हर जगह बताया गया है कि भगवान एक है, कही पर भगवान शिव को बताया गया है, कही पर भगवान विष्णु को बताया गया है।

इसी तरह महाभारत में विराट रूप को ही वो एक भगवान बताया गया है।

इस तरह मॉडर्न फिलॉसोफी से समझे तो जैसे एक ही वस्तु के कई नाम होते हैं वैसे ही निराकार भगवान को अलग अलग पुराण में अलग अलग नाम दिया गया है।

यानी विराट रूप ही वही निराकार भगवान को ही बताया गया है।

 

 

क्या विराट रूप सच में इसी तरह विशाल और सभी भगवानों का रूप होता है, जैसा हम आज पिक्चर में देखते हैं ?

 

तो जवाब होगा की क्या आप बिना आकार, बिना रंग-रूप, अनंत और स्थायी चीज हो, जो समय से परे हो, उसका चित्र बना सकते हैं ?

यक़ीनन आपका जवाब नहीं ही होगा।

लेकिन हमे समझाने के लिए एक आकार को बनाया जाता है ताकि हम कुछ हद तक उसे जान सके।

 

 

श्री कृष्ण ने अर्जुन को विराट रूप कैसे दिखाया था ?

 

इसका जवाब है कि हम तीन आयामी सृष्टि में रहते हैं और चौथा आयाम है समय। निराकार ईश्वर दसवें आयाम में निवास करते हैं।

श्री कृष्ण ने अर्जुन को वो दिव्य दृष्टि दी थी जिससे वो दसवें आयाम का वो आभास पा सके और सत्य-असत्य को पहचान पाए।

जिस तरह से 3D मूवी देखने के लिए 3D ग्लासेस का इस्तेमाल करना पड़ता है, उसी तरह दिव्य दृष्टि से ही अर्जुन को दसवें आयाम का आभास हुआ।

उस वक़्त समय भी रुक गया था, क्यूंकि समय भी हमारी सृष्टि तक ही सीमित है।

उदाहरण के तौर पर हमारी सृष्टि एक मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम है और ऊपरी आयाम में भगवान इसको चलाते हैं। हमें ये समय वर्त्तमान और आने वाला समय भविष्य लगता है।

लेकिन इस सिस्टम से बाहर इस पूरी सृष्टि की रचना से लेकर इसके अंत तक पहले ही बनाया जा चूका है।

श्री कृष्ण ने सिर्फ अर्जुन को इस सिस्टम से बाहर दिखाया था, जहाँ पर समय भी नहीं है।

जैसे एक तीन घण्टे की मूवी का scene हमें वर्त्तमान लगता है। लेकिन असल में वो पहले ही पूरा बनाया जाता है और उसवक़्त हमे बस उस मूवी के चलने वक़्त ऐसा लगता है कि ये आगे बढ़ रहा है।

इसी तरह जब अर्जुन को सिस्टम से बाहर का बाहर का आभास हुआ, तब उन्हें समझ आया, की जिस भौतिक दुनिया और परिवार को वो सच मान रहे थे, असल में वो माया थी।

इस तरह वो अपने मन की शंका को दूर कर पायी और सच को जान पाए।

इस तरह विराट रूप का आकार नहीं बल्कि आभास होता है, जिसमें हर भगवान का रूप महसूस होता है, क्यूंकि यही सत्य है।

 

 

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Conclusion

 

तो दोस्तों आपने आज जाना की विश्वरूप ही सच है, यानी जो श्री कृष्ण ने अर्जुन को विराट रूप का दर्शन दिया था महाभारत में वही परम सत्य है।

उसके आलावा सब कुछ ये दुनिया, दुनिया में मनुष्य, जानवर, पक्षी, पेड़ etc. ये सब कुछ सिर्फ माया है। और बात आपको तभी सच लगेगा, जब आप इसके बारी बारी की जानकारी को क्वेश्चन करेंगे।

आपको आज का यह आर्टिकल कैसा लगा ?

क्या आप spiritual नॉलेज बढ़ाने की कोशिश में लगे रहते हैं ?

अगर आपके मन कुछ भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

 

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