शिव और विष्णु में बड़ा कौन | Who is Supreme Between Shiv and Vishnu

शिव और विष्णु में बड़ा कौन – सत्य सनातन धर्म, जिसे हम हिन्दू धर्म भी कहते हैं, वो सबसे प्राचीन धर्म है जो आज भी जिन्दा है। क्यूंकि ये सिर्फ एक धर्म ही नहीं बल्कि जीने की एक कला है। इस धर्म में आपको अपने जीवन के सारे सवालों का जवाब मिलेगा। बस आपको सही तरीकेसे ढूँढना पड़ता है।

 

ऐसा ही एक प्रश्न है कि भगवान शिव बड़ा है या भगवान विष्णु ? आखिर दोनों में से ज्यादा शक्तिशाली कौन है ? कौन इस सृष्टि का सत्य रचनाकार है ? ये कुछ ऐसे प्रश्न है जिसका सही जवाब किसी को नहीं मिल पाता।

 

क्यूंकि अगर शिव पुराण को पढ़े तो उसमें भगवान शिव को अनंत रूप में सबसे बड़ा बताया गया है, वही अगर हम विष्णु पुराण को पढ़ें तो उसमें भगवान विष्णु को विराट रूप में सबसे बड़ा बताया गया है।

 

इसलिए हमें दोनों में विरोधाभास महसूस होता है। तो आज हम इसी का सही जवाब आपके लिए लेके आये हैं और आज के बाद आपके मन में कभी भी ये प्रश्न नहीं उठेगा। तो चलिए शुरू करते हैं –

 

 

शिव और विष्णु में बड़ा कौन ?

 

अगर हम पुराणों का सही से अध्ययन करेंगे तो हमे पता चलेगा भगवान शंकर जो शिव के भौतिक स्वरुप हैं वो हमेशा साधना में बैठे दिखाई देते हैं।

 

अगर वो स्वयं अनंत हैं तो वो किसकी साधना करते हैं ?

 

वही अगर हम भगवान विष्णु को देखें तो वो भी हमेशा आँखें बंद कर ध्यान मुद्रा में सोते हुए दिखाई देते हैं।

 

तो आखिर दोनों किसकी आराधना करते हैं, किसकी ध्यान करते हैं ?

 

पुराणों में बताया गया है कि भगवान शंकर, भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और भगवान विष्णु सदा ही भगवान शिव की आराधना करते हैं।

 

इससे ये प्रश्न और भी ज्यादा कठिन हो जाता है कि दोनों में बड़ा कौन है ?

 

यही पुराणों का वो हिस्सा है जिसे हम समझ नहीं पाते। हर पुराण और वेद में यही बताया गया है कि भगवान अनंत, निर्गुण, बिना आकार और रंग-रूप के हैं।

 

वही भगवान शंकर और भगवान विष्णु इस भौतिक संसार में स्वयं भी भौतिक अवस्था में मौजूद है। असल में अनंत आकर में दोनों का स्थायी रूप है, जिसे हम सदाशिव भी कहते हैं और विराट रूप भी कहते हैं। भगवान विष्णु भी इसी की आराधना करते हैं। और भगवान शिव भी।

 

अगर हम सही से समझें तो सत्य परमात्मा के कई रूप भौतिक अवस्था में भी मौजूद हैं।

 

उन्हीं में भगवान शिव और भगवान विष्णु भी हैं। इसलिए दोनों ही एक दूसरे से स्नेह करते हैं। और दोनों ही एक दूसरे के मन की बात जानते हैं।

 

क्यूंकि दोनों ही जानते हैं कि सत्य रूप में दोनों एक ही हैं। दोनों का अलग अलग वजूद नहीं हैं। सत्य रूप में दोनों का एक नाम भी नहीं है। वो सदाशिव हैं, वही तो विराट रूप हैं, वही तो शिव है, वही है विष्णु। हर वेद और पुराण में यही बार बार बताने की कोशिश की गयी है।

 

यानी सब एक ही है, चाहे उसे किसी भी रूप में देख लें, हमारा दिमाग ही भ्रम पैदा करता है और हम पुराणों के अर्थ को समझ नहीं पाते।

 

श्री कृष्ण भी श्रीमद भगवद गीता में यही कहते हैं कि सबका एक अनंत रूप हैं, जो सत्य परमात्मा है। इसी रूप के दर्शन अर्जुन को दिखाए गए थे।

 

इसलिए महाभारत के युद्ध में समय भी रुक गया था, ये अनंत रूप, रंग, समय से बाहर है, इसी में भगवान विष्णु समाये हुए हैं इसी में भगवान शिव भी हैं।

 

तो इस प्रश्न का जवाब भी यही हैं कि भगवान शिव और भगवान विष्णु, दोनों में बड़ा या छोटा तो तब होगा जब दोनों अलग होंगे, लेकिन ऐसा तो नहीं है। क्यूंकि दोनों एक ही तो हैं वही एक सत्य परमात्मा, वही है भगवान विष्णु और वही है भगवान शिव।

 

 

Recommended Books –

 

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों आपको समझ में आ गया होगा कि भगवान विष्णु और भगवान शिव में से सबसे बड़ा कौन है ?

आपको आज का हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा ?

अगर आपके मन में कुछ भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

क्या आपके मन में जो confusion थी वो खत्म हुआ ?

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

सम्बंधित लेख –

  1. वेद और पुराण में क्या अंतर है ? – Spirituality in Hindi
  2. 10 बातें जो भगवान् श्री कृष्ण से जरूर सीखनी चाहिए – Bhagwat Geeta Gyan in Hindi
  3. What is Aura in Hindi? Aura Kya Hota Hai? – Explained in Detail
  4. Upay for Good Luck in Hindi – ये पांच उपाय जो आपकी जिंदगी बदल सकते है
  5. Amir Banne Ka Tarika – ऐसे लोग कभी अमीर नहीं बन सकते
  6. Ashta Siddhi अष्ट सिद्धि Secrets in Hindi
  7. सही गुरु कैसे ढूंढे ? How to Find Right Mentor ?
  8. भगवान विष्णु के 10 अवतार कौन-कौन सी है ? – The 10 Incarnations of Lord Vishnu

Leave a Comment