सर्दी और कफ के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Cough and Cold Treatment

सर्दी और कफ के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Cough and Cold Treatment – Hello दोस्तों, हर मौसम चेंज होने से हमे सर्दी और कफ का समस्या ज्यादा दिखाई देते हैं, कोरोना होने पर भी इस तरह की सिम्पटम्स दिखाई देते हैं, और तो और अगर हमारे शरीर के रोग प्रतिरोध क्षमता कमजोर होने पर भी बार बार हमे सर्दी और कफ समस्या देखने को मिलता है।

तो आज हम इसी सर्दी और कफ के बारे में बातें करेंगे, जिसमें आपको बताऊंगा की सर्दी और कफ के कारण, उसके लक्षण और उसके लिए आयुर्वेदिक उपचार क्या है ताकि आप अपनी इम्युनिटी भी बढ़ा पाए और सर्दी और कफ भी जल्द ही ठीक हो जाये। तो चलिए शुरू करते हैं –

 

सर्दी और कफ के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Cough and Cold Treatment

 

सर्दी और कफ क्या है ?

 

जब नाक बह रही है, या नाक बंद है जिससे कि हमे सांस लेने में तकलीफ हो रही है और गले में दर्द महसूस हो रहा है या गले में चुभन और छिला (scratchy throat) जैसे महसूस हो रहा है और खांसी के साथ बलगम परेशान कर रहा है तो आप समझ लीजिए की आप सर्दी- जुकाम और कफ से ही परेशान हैं।

क्या आपको पता है कि सर्दी की शुरूआत गले में हल्के दर्द के साथ होती है जिसके बाद जुकाम तथा अन्य परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं। सर्दी में बुखार भी हो यह जरूरी नहीं है लेकिन यदि बुखार आता है तो यह फ्लू (flu) या बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection) हो सकता है।

सर्दी की शुरूआत कोल्ड वायरस के इंफेक्शन के दो से तीन दिन के बाद होती है जो कि तीन से सात दिन तक रहती है। और आजकल कोरोना के कारण वायरस अंदर घुसते ही आपको सर्दी और कफ और साथ ही बुखार होने लगता है।

 

 

सर्दी और कफ क्यों बनता है शरीर में?

 

सर्दी rhinovirus से फैलती है जो कि 10 से 40 प्रतिशत तक सर्दी को शरीर में प्रवेश कराता है।

वहीं कोरोना वायरस (corona virus) लगभग 20 प्रतिशत सर्दी के लिए जिम्मेदार होता है।

इनके अलावा रेसपीरेटरी सिंसीटायल वायरस (respiratory syncytial virus) और पैराइंफ्लूएंजा वायरस (parainfluenza virus) 10 फीसदी तक सर्दी के लिए जिम्मेदार होते हैं।

 

ज्यादातर देखा गया है सर्दी, संक्रमण से भी फैलती है। तो यदि एक संक्रमित व्यक्ति या उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए सामान के संपर्क में दूसरे व्यक्ति भी आ जाता है तो उनको भी सर्दी की समस्या हो सकती है।

यह वायरस शरीर के अंदर पहुंचकर व्यक्ति की रोग प्रतिरोध क्षमता को प्रभावित करते हैं और काफी मात्रा में बलगम बनाना शुरू कर देते हैं, जिससे गला और नाक पूरी तरह प्रभावित हो जाते हैं। इतना ही नहीं संक्रमित व्यक्ति के छींकने (sneezing) से और किसी अन्य व्यक्ति उससे हाथ मिलाने से भी सर्दी के बैक्टीरिया दूसरे व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

 

  1. कमरे में सीलन या घुटन हो तो सर्दी और कफ बनता है।
  2. तेज धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीने से या नहाने से भी सर्दी और कफ होता है।
  3. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से।
  4. बहुत तेज परफ्यूम या तेल का इस्तेमाल करने से।
  5. ऑफिस या घर के बाहर बिना हाथ साफ किए खाना-पीना करना बीच सर्दी और कफ का कारण बन सकता है।

 

 

सर्दी और कफ के क्या क्या लक्षण होता है ?

 

  1. आंखों से खूब पानी आना और जलन होना
  2. आवाज भारी होना
  3. खाने में स्वाद और खुशबू महसूस न होना
  4. गला छिला हुआ या दर्द महसूस होना
  5. छींक आना
  6. नाक का बंद होना
  7. नाक से खूब पानी गिरना
  8. नाक से गले की ओर बलगम का गिरना
  9. मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव होना
  10. सिर भारी महसूस होना या हल्का दर्द होना

 

 

सर्दी और खांसी को कैसे दूर करें? आयुर्वेदिक उपचार :

 

हल्दी (Turmeric)

सबसे पहले आधा कप गर्म पानी को उबाल लीजिये फिर उसमें एक चम्मच काली मिर्च पाउडर (black pepper powder), एक चम्मच हल्दी पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाएं। अब इस मिश्रण को दो से तीन मिनट तक उबाल लीजिये और इसे दिन में दो-तीन बार जरूर पीएं।

 

अदरक (Ginger)

अदरक को घिसकर या छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर एक कप पानी में डालकर उबाल लीजिये। और इसको दिन भर में तीन से चार बार जरूर पीएं। उसमें आप शहद और नींबू को भी मिला सकते हैं, ऐसे पीने से कफ की प्रॉब्लम भी दूर हो जाती है।

 

नींबू (Lemon)

एक चम्मच शहद में दो चम्मच नींबू का रस मिलाकर गर्म कर लीजिये। दिन भर में इस घोल को बनाकर इसे 3-5 बार दवा की तरह लेते रहिये।

 

लहसुन (Garlic)

लौंग के तेल और शहद में लहसुन की दो से तीन कली को पीस कर मिला लीजिये। और दिन भर में कई बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में इसका सेवन करते रहिये।

 

प्याज (Onion)

एक चम्मच शहद में आधा चम्मच प्याज का रस मिला लीजिये और इसको मिलाकर दिन भर में कम से कम दो बार अवश्य सेवन कीजिये। कफ और गले की खराश में बहुत राहत मिलेती है।

 

गर्म तरल पदार्थ पीएं (Drink warm liquids)

जितना हो सके गर्म पानी ही पीएं क्यूंकि ये गले की सूजन (throat sweeling) के लिए बहुत फायदेमंद है। आप चाहें तो कोई अन्य गरम पदार्थ भी पी सकते हैं, जैसे चिकन सूप, वेज सूप etc.

 

शहद (Honey)

शहद गले को आराम पहुंचाने के लिए एक पारंपरिक उपाय है। एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच शहद और दो चम्मच नींबू का रस मिलाकर दिन में तीन बार पीने से खाँसी से बहुत ज्यादा राहत मिलती है।

 

सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

सेब का सिरका हर तरह की खाँसी के लिए अच्छा है। इसके लिए आप 2 बड़ा चम्मच सेब का सिरका एक ग्लास पानी में मिलाकर गरम करें इसके बाद इसमें एक चम्मच शहद डालकर पीएं।

 

तुलसी के पत्ते और शहद (Honey and basil leaves)

धुले हुए तुलसी के कुछ पत्तों को कूट कर उसका एक चम्मच रस निकाल लीजिये और उसमे एक चम्मच शहद मिला लीजिये। अब इसे थोड़ा गरम करके दिन में 3-4 बार पीजिये, इस घरेलू उपाय से खांसी में बहुत जल्दी आराम मिलता है।

 

 

सर्दी खांसी बुखार को कैसे ठीक करें?

 

  1. ज्यादा आराम करें, खूब गरम पेय पदार्थ लीजिये और स्वास्थ्यवर्धक खाना खाएं।
  2. हर दिन दो चम्मच Chyawanprash का सेवन करें।
  3. विटामिन C युक्त टेबलेट या आहार खाइये।
  4. यदि बुखार या शरीर में दर्द हो तो पैरासिटामॉल टेबलेट ले सकते है।
  5. नाक पर बाम या इन्हेलर स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे बंद नाक खुलेगी और राहत मिलेगी।
  6. गरम पानी में नमक डाल कर गरारे करते रहिये, दिन में कमसे कम 3 बार तो जरूर कीजिये।
  7. खाने-पीने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह से धोएं।
  8. संक्रमिक व्यक्ति के संपर्क में ज्यादा न आएं, जैसे कि हाथ मिलाने की जगह नमस्ते की जा सकती है।
  9. यदि आप खुद संक्रमित हैं तो भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और अपनी चीजें जैसे रूमाल आदि दूसरों से दूर रखें।
  10. ठंडी और बाहर की चीजें खाने से परहेज करें।
  11. ऊपर बताये सारे उपचार को आप ले सकते हैं, बिलकुल सेफ है।

 

 

आप इसे भी ले सकते हैं –

 

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों अगर आपको इस आर्टिकल से कुछ हेल्प मिला है तो आप मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

अगर ऊपर बताये गए किसी भी आयुर्वेदिक दवाई से आपको हेल्प नहीं मिला है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाइये।

अगर आपका बुखार ज्यादा है तो आप बिना डॉक्टर के कुछ भी आयुर्वेदिक दवाईयां मत लीजिये।

लेकिन थोड़ा बहुत है तो आप ऊपर बताये गए आयुर्वेदिक उपचार से जल्द ही ठीक हो जायेंगे। और बीमारी से डरिये मत।

ठीक होने में तो कुछ टाइम लगता ही है। धीरज रखिये और अपने भगवान् को प्राथना कीजिये की आपको जल्द से ठीक कर दें।

आपका कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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