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Sandeep Maheshwari Speech - How to Overcome Fear in Hindi | Thoughtinhindi.com

  Rocktim Borua       रविवार

डर से कैसे छुटकारा पाए, Sandeep Maheshwari Speech - How to Overcome Fear in Hindi


How to Overcome Fear - Motivational Speech in Hindi

Hello दोस्तों, आज मैं आपको sandeep maheshwari जी के द्वारा बताये गए डर से छुटकारा कैसे पाए इस बारे आपको बताऊंगा, ये डर आपके हर तरह की डर के बारे में ही है। तो आपको जिंदगी में कही भी, कभी भी तो डर लगा ही होगा।

 इसलिए इसमें पूरा बताया है संदीप महेश्वरी जी ने की डर असल में है क्या और क्यों हमे डर लगता है और इसको अच्छे से समझ करके कैसे डर को overcome कर सकते है आप। तो इस आर्टिकल को पढ़े -

"हमारे अंदर जो fear है और वो fear बहुत तरह की है, unlimited fears है हमारी अंदर मतलब जितने problem उतने डर, तो अब इस fear को हम overcome कैसे करें ? 

 अगर हमको समझ आ गया की - डर क्या है ? तो उसके बाद कुछ करने की जरुरत नहीं है,


 'आग जलाती है' - क्या आपके अंदर आग का डर है या knowledge है की आग जलाती है, simple सा बात knowledge है, डर क्या करेगा आपको unnecessary paralyze कर देगा, life में कुछ भी करने नहीं देगी,


 हमारे अंदर ये डर है की अगर मैं सबसे यानि की society से अलग जा करके कुछ करूँगा तो क्या होगा ? - ये डर है, तो क्या ये अच्छा है आपके लिए ? - No, हा आप ये कह सकते हो की society के अच्छे है, क्यूंकि वो जो चाहती है उनका काम हो रहा है, आपके घर वालो के लिए अच्छे है, क्यूंकि वो आपको डर से controle कर पा रहे है,


 लेकिन क्या आपके लिए अच्छा है ? आप कही पर job कर रही हो और आपकी गले पर एक तलवार लटका दी जाये की अगर आपने कोई भी गड़बड़ किया तो आपको निकाल देंगे company से, उसकी वजह से क्या हो रहा है की आप डर करके काम कर रहे हो,


 काम कर रहे हो लेकिन दर करके कर रहे हो, तो ये उस company के लिए तो अच्छा है, क्या आपके लिए अच्छा है ?




overcome fear
एक है तरीका how to में जाने का क्यूंकि mind सबका यही चलता है - how to overcome fear, how to ...... , जो physical world है ना, वहा पर how to जरुरी है, psychological world में how to नाम की कोई चीज ही नहीं है,

 आपके अंदर गुस्सा है और अगर आप जानना चाहते हो की how to control my anger ? - तो इसका कोई जवाब नहीं है, कोई रास्ता नहीं है, और अगर आप जानना चाहते है की - मुझको गाड़ी नहीं चलानी आती है, तो इसका जवाब है की किसी driving school में जाओ गाड़ी सीखो और drive करो,


 but आपके अंदर गुस्सा है किस वजह से गुस्सा है ? कितना गुस्सा है ? कबसे गुस्सा है ? उसका reason क्या है ? वो logical है भी या नहीं है, कोई हो सकता है genuinely आपका torture कर रहा हो physical level पे उसकी वजह से आपके अंदर गुस्सा है, तो वो होना भी चाहिए और अगर आप controle करो डर को, that is no how to in that space, you need understanding what the situation is and act accordingly, ये सही तरीका होता है psychological level पे काम करने का,


 लेकिन गड़बड़ क्या होती है - हमारी आदत ये परी हुई है 'how to' तो हम psychological space में भी how to लगाने की कोशिश कर रहे है, 


 physical में चाहिए, आपको कुछ exam को crack करना है, क्या करना है, how to आपको ये books पढ़नी है, इसको अच्छे तरीके से करना है, वहा पे मतलब exam पर जा करके लिखना है, वहा पर how to चलेगा,


 but fear में - आपको डर लगता है, किसी चीज़ से 'how to overcome your fear? ' जैसे कि एक भुत आपको दिख रहा है, आप पूछ रहे हो की how to overcome that ghost ? 
- एक ये तरीका हो सकता है,



what is ghost
एक ये हो सकता है - what is ghost ? भूत होते है या नहीं होते ? भूत क्या होता है ? भूत है भी या नहीं है ? how to overcome ghost? - अगर किसी बाबा के पास में आप अगर चली जाये, तो क्या होगा की वो कहेगा की गले में कुछ cross या ताबीज़ पहन लो ect., तो ऐसी ऐसी चीज़ होता है, ये एक तरीका है,

सुबह से रात तक आप जो भी करते है बस इस how to में ही फंसे रहते हो, nobody in this world ask this question, what is fear ? ना आपकी घर में कोई ये बात करेगा, ना college, ना school, ना यहाँ, ना वहा पर,


 किसी को पूछो आप तो वो कहेगा - अच्छा डर लग रहा है, अरे डरने की क्या जरुरत है, कोई भी आ करके आपको advice दे देंगे,


 उनको उसी situation में डाल दो, वो तो आपसे भी ज्यादा डर जायेगा, जैसे आपकी parents कहेंगे की बेटा/बेटी exam से क्यों डर रहा है, उनको बोलो की आप दे दोना exam, आप मत डरना।


 डर क्या है ? this is so interesting, मैं आपसे एक सवाल पूछता हूँ की - can you be absolutely fearless ? आप कहेंगी की - No, देखो काम ही ख़त्म हो गया,

 आप absolutely fearless नहीं हो सकते, अगर आपने ये मान लिया तो काम ही ख़त्म हो गया, मतलब आपने fear को accept किया हुआ है, वो fear जो आपको बांध देता है,


 ये नहीं किया तो पता नहीं क्या हो जायेगा, ये किया तो पता नहीं क्या हो जायेगा - क्या यही नहीं है आपकी life? क्या आपकी life में यही नहीं चल रहा है सुबह से रात तक, डर आपको बांध रहा है, ये बात आपको साफ नज़र आ रही है, अगर आपकी थोड़ी सी भी अकल है तो आप देख सकते हो,


 जो आप करना चाहते हो वो आप नहीं कर पा रहे डर की वजह से और जो आप कर रहे हो बिना मन के फिर भी करना पर रहा है, ऐसे decisions लेने पर रहा है जो आप नहीं लेना चाहते हो, फिर भी ले रहे हो डर की वजह से, 


 तो what is fear - क्या desire ही fear की जड़ नहीं है ? क्या attachment fear की जड़ नहीं है ? क्या आप अपने desires छोरने के लिए तैयार हो, तो fears को कैसे छोड़ोगे ?


 आपके अंदर एक desire है की आपको एक exam को crack करने का जितना desire है उतना डर भी है, आपको जिस इंसान से जितनी attachment है उसको खोने का उतना ही डर है,


 किसी इंसान से कोई attachment नहीं है, तो उसको खोने का डर होगा क्या ? कितने लोग अभी मर रहे है ? इस दुनिआ में अलग अलग जगह पर, कही ना कही earthquake आ रहे है, उसका डर है क्या आपको ? क्यों नहीं है ? लोग तो मर रहे है वहा पर भी,


 मेरे घर पर अगर earthquake आ गया तो क्या होगा ... , वो डर है ना, आपके अंदर किसी चीज़ को बहुत ज्यादा importance दी हुई है, किसी भी चीज़ को तो उसको खोने का डर होगा ही होगा, ऐसा नहीं हो सकता की ना हो,


 आपके अंदर desire है की - 'मेरे को इस exam को crack करना है, तो वो crack नहीं हुआ तो क्या होगा !!!!! उसका डर होगा,'


 लेकिन जिसको नहीं crack करना है exam, उसके अंदर डर होगा क्या ? नहीं होगा क्यूंकि उसका desire नहीं है, तो क्या desire और fear एक ही नहीं है, क्या ये दोनों अलग अलग है ? एक ही सिक्के के दो पहलु नहीं है क्या ? क्या desire nagative नहीं है क्यूंकि desire की वजह से तो fear आ रहा है, desire नहीं तो fear नहीं,


 तो अगर किसी में बहुत ज्यादा desire होगा तो उसके अंदर कितने डर होंगे ? बहुत ज्यादा डर, किसी के अंदर कोई desire नहीं होगा तो उसके अंदर कितने डर होंगे - कोई डर नहीं,




attachments
 अब आप अपने अंदर झांक करके देख सकते हो आपके अंदर कितने desires है, कितनी attachment है, जितनी attachments है, जिन जिन चीज़ो से जितनी attachments है, जिन जिन लोगों से जितनी जितनी attachments है उतने ही तरह की आपके अंदर डर है, मतलब जहा attachments है वहा fear है, जितनी attachments है उतना fear है, अगर आपकी अंदर desires रखोगे और साथ में डर भी रखोगे और जिसको आपलोग success बोलते हो और जब आपको success मिलेगी

 जिसको आप success बोलते हो - की आज आपकी मानलो monthly salary है - 20 हजार रूपए, आप कहोगे 50 हजार रूपए मतलब success, तो उस 50 हजार रूपए की salary को खोने का, उस job को खोने का डर भी उतना ही बड़ा होगा,


 तो life जैसे जैसे आपकी आगे बढ़ेगी, तो डर बढ़ने वाला है, तो आप और ज्यादा paralyze होने वाले हो, अगर आप चाहो तो fearlessly act कर सकते हो, जैसे जैसे responsibilities बढ़ेगी,


 अगर आप 20-30 साल तक की age group में है, तो अभी time है डर को कम करने का, fearlessly act करने का लेकिन अभी भी अगर आपके अंदर इतने डर है,

 तो आने वाले 10 साल बाद, 20 साल बाद आप कैसी ज़िंदगी जी रहे होंगे, वो आप खुद सोच सकते हो, ऐसी ज़िंदगी आपको चाहिए या नहीं चाहिए ? - ये पहला सवाल अपने आपसे पूछना है,

 अगर चाहिए तो ठीक है कोई फर्क नहीं परता, सभी तो ऐसेही चल रहा है, चलते रहो, ज़िंदगी काटने ही तो है काट लेंगे, डर डर करके जीते रहेंगे ये काम पसंद नहीं है फिर भी करते रहेंगे मरते दम तक। 


 ऐसी ज़िंदगी जीना समझदारी है क्या किसी भी angle से या बेवकूफी है - ये करना सिर्फ और सिर्फ बेवकूफी है, क्या आप बेवकूफ नहीं हो ?




 तो जितनी attachments उतनेही डर, attachments हमारी किस से होती है ? कभी सोचा है क्या ? क्या आपकी कभी काम से attachments होती है या काम से जो मिलने वाला है उस से attachments होती है, 

 अगर काम से attachments हो जाये तो क्या होगा, किसी के अंदर पढ़ने का डर होता है या fail होने का डर होता है ? - fail होने का डर होता है, तो क्या हो आपको अगर किसी काम से प्यार हो जाये तो, love is the way to overcome fear, love is only way where there is no fear, where there is love there is no fear,


 हम क्या करते है love को भी हमने जा करके जोड़ दिया attachments से, हम सोच रहे है की love होने के लिए attachments होनी बहुत जरुरी है जबकि इन दोनों का आपस मै कोई connection ही नहीं है, जहा पर attachments है वहा पर fear भी है, जहा पर डर है वहा पर कोई love नहीं है,


 ये सब सुनने में बहुत कड़बा लगेगा आपको, माँ-बाप कहते है - हम अपने बच्चे से बहुत प्यार करते है - क्या प्यार है, student तो suicide कर रहे है, depression में तो जा रहे है, stress तो बहुत ज्यादा है उनके ऊपर, pressure बहुत ज्यादा है, 16 - 17  घंटे पढ़ रहे है, कौन पीछे से उनके पीछे pressure create कर रहे है ? - उनके ही माँ - बाप, वो माँ-बाप जो कहते है की बहुत प्यार करते है हम अपनी बच्चो से,


 अगर आप actual में प्यार करते हो तो क्या कभी ऐसा करोगे, आप उनसे attached हो जिसकी वजह से आपको डर है की मेरा बच्चा अगर ये नहीं कर पाए तो क्या हो जायेगा, अगर आपको प्यार होगा तो आप क्या कहोगे - ' जा जो करना है कर, मैंने तो अपनी ज़िंदगी जी ली, मैं तो एक level पे आ गया, तेरी पूरी की पूरी life आगे परी है, जा अपना रास्ता खुद बना। '




my car
 आपको समझना पड़ेगा की प्यार क्या है, attachment क्या है, क्या attachment प्यार है? जहा पर attachment होती है वहा पर प्यार होता है क्या ? आप किसी इंसान से attach हुए परे हो बुरे तरीके से क्या आप उसको genuinely प्यार करते हो, क्या प्यार कब्ज़ा करना है, attachment का मतलब ही कब्ज़ा है, for example - 'i am attach to my car', क्यूंकि वो car मेरी है, तो मैं उसको जैसे चाहों वैसे चलाऊँ, ये बीबी मेरी है, ये बच्चे मेरे है - ये प्यार है क्या ?

 या प्यार ये है की - होना चाहिए जो उसके लिए सही है, वो नहीं जो मुझे लगता है की उसके लिए सही है।  दोनों में जमीन आसमान का फर्क है,



 मुझे किस base पे लगता है की उसके लिए वो सही है, अपने unlimited fears के base पे, की अगर ये नहीं हुआ तो लोग क्या कहेगा,

 अगर actual में आप fear से पूरी तरह से free होना चाहते हो तो सिर्फ एक तरीका है that is - 'LOVE', if you really love something,

 उसके लिए अगर आपको torture भी सहना पर रहा है, तो torture भी अच्छा लगता है, यानि की अगर पढ़ना भी पर रहा है, तो वो पढ़ी भी अच्छी लगती है, अगर आपको उस काम से प्यार है तो .....''
 दोस्तों, अगर आज हमारा ये पोस्ट - ''डर से कैसे छुटकारा पाए, Sandeep Maheshwari Speech - How to Overcome Fear in Hindi'' अच्छी लगी तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये, और अगर आपको कुछ कहना है तो नीचे कमेंट जरूर करें।

Thank You जी, All The Very Best.
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