गुरुवार

3 Best Inspirational Story in Hindi

  Rocktim Borua       गुरुवार
3 Inspirational Story in Hindi - Success Tips. Hello दोस्तों, आज मैं आपको 3 Inspirational कहानियां बताऊंगा जिसको पढ़के आप अपनी जिंदगी में बदलाव ला सकते है। अगर आपको inspirational story पढ़ना अच्छा लगता है वो भी unique, तो आप आगे पढ़ सकते है।

Inspirational Story in Hindi - Success Tips

1. कुम्हार की प्रेरणादायक Hindi Story

 पुरानी कहावत है कि एक कुम्हार मिट्टी से कुछ बना रहा था, उसके हाथ गुंथे हुए है, मिट्टी उसके हाथो में लेपी हुई है।

उसकी पत्नी आके पूछती है की तुम ये क्या बना रहे हो ?

तो कुम्हार बड़े प्यार सर उठाता है और बीवी को जवाब देता है "चिलम बना रहा हूँ, आजकल बड़े फैशन में है, खूब बिकेगी।"

 पत्नी ने बोलै "अरे पागल चिलम बना रहे हो, सुराही क्यों नहीं बनाते, गर्मियां आने वाली है, सुराही भी खूब बिकेगी !!!"

 कुम्हार ने बोला "बात तो ठीक है."

कुम्हार ने उस मिट्टी को छोड़ दी।

 कुम्हार दोबारा मिट्टी को गूँथना शुरू किया और अब मिट्टी को आकार देना शुरू किया, किस चीज का ! सुराही का.....

 अब जब मिट्टी को सुराही का आकार देना शुरू किया तो कहते है मिट्टी में से आवाज आई - "ये क्या करता है ? पहले तो कुछ और रूप दे रहा था और अब कुछ और रूप दे रहा है !!"

 तो कुम्हार कहता है "मेरा विचार बदल गया।"

 कुम्हार का जवाब सुनते ही मिट्टी ने बोलता है "तेरा तो विचार बदला, लेकिन मेरी तो जिंदगी ही बदल गई, अगर चिलम बनती तो आग भरी जाती, खुद भी जलती दुनिया को भी जलाती। अब सुराही बनी हूँ तो जल भरा जाएगा, खुद भी शीतल रहूंगी, दुनिया को भी ठंडा रखूंगी।"

विचार बदल गया। एक विचार आपकी जिंदगी में भूचाल ला सकता है।


2. Walt Disney की प्रेरणादायक Hindi Story

 ये विचार का बहुत कुछ example है इस दुनिया में, जैसे - वॉल्ट डिज्नी का विचार आया कि वो चूहे को देखते देखते उन्होंने DisneyLand बना दिया।

 आपको जानकर के हैरानी होगी एक छोटी सी घटना ने, उस आदमी ने पूरी दुनिया में आग लगा दी, वो कुछ ऐसी थी -

 चाय पी रहे थे बेसमेंट के अंदर, गरीब हालत, और चुस्की ले ले कर चाय पी रहे थे, और चुस्की ले ले के जो कप था वो सामने टेबल पर रखते थे और पीछे चेयर के ऊपर बैठे रहते थे।

 एक चूहा आया, नीचे कर्टेन लगा हुआ था, उस टेबल के ऊपर, जिस टेबल के ऊपर वो कप रखा था।

 चूहा टेबल का लीफ पकड़के ऊपर चढ़ा, और वॉल्ट डिज्नी आराम से उसको देख रहे है - चूहा चढ़ करके सीधा कप पे आया, कप के ऊपर चढ़ा, अंदर गया, सिप मारा, टेबल से नीचे उतरा और गया।

 अब डिज्नी इंतजार कर रहे है, क्या दुबारा आएगा !!!

 करीब 15-20 सेकंड बाद चूहे का आगमन हुआ दोबारा, फिर चूहा चढ़ करके सीधा कप पे आया, कप के ऊपर चढ़ा, अंदर गया, सिप मारा, टेबल से नीचे उतरा और गया।

 अब डिज्नी सोच रहा है कि दोबारा आएगा !!!

 फिर से 20-30 सेकंड बाद चूहा साहब फिर से आया, फिर चढ़ करके सीधा कप पे आया, कप के ऊपर चढ़ा, अंदर गया, सिप मारा, टेबल से नीचे उतरा और गया।

 ऐसे ही ये घटना डिज्नी ने अपने आँखों के सामने करीब करीब 5-6 बार होते हुए देखी और डिज्नी का विचार आया।

 डिज्नी को लगा अगर एक छोटे से चूहे ने मुझे कितना entertain किया है पिछले 15 के अंदर, ये दुनिया को entertain कर सकता है। इसी विचार से उन्होंने मिक्की माउस बना दिया। एक छोटी सी घटना, सिर्फ एक छोटी विचार आपकी जिंदगी में भूचाल ला सकता है।


CHANGE YOUR THOUGHTS, and YOU CAN YOUR WORLD

 "अपनी विचार बदलके, दुनिया बदली जा सकती है" - जीवन कामयाब होने दूसरा सूत्र है ये।

 अब एक दूसरा कहानी मैं आपको बताऊंगा -


3. बुद्ध और उंगलिमाल की प्रेरणादायक Hindi Story

 1000 लोगों को मारने का प्रण लिया उंगलिमाल ने, की मैं 1000 लोगों को मार दूंगा ऐसी प्रतिज्ञा करता था वो।

 राजा बिम्बिसार से उसका बैर था। राजा बिम्बिसार ने उसका कुछ छीन लिया, उंगलिमाल डाकू नाम उसका बाद में पड़ा।

 अब 999 लोगों मार दिया, जिस पहाड़ी पे वो रहता था गांव वालो ने उस पहाड़ी पे जाने का रास्ता बंद कर दिया कि उस पहाड़ी पे कोई जाये नहीं, वहां पर नोटिस बोर्ड लगाए गए की "यहाँ पर जाना निषेध है, यहाँ पर उंगलिमाल रहता है, ये 999 लोगों को मार चूका है।"

 राजा खुद काँपता था, वहां जाते वक़्त और इसलिए वो रास्ता ही बंद कर दिया।

 उस उंगलिमाल की माँ कभी कभी उनसे मिलने जाती थी, लेकिन जब उसने 999 को मार दिया तो माँ ने जाना बंद कर दिया, कि क्या पता ये मुझे ही मार दे अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए।

 पूरा का पूरा गांव उंगलिमाल के नाम से भी काँपता था।

 और एक दिन एक घटना घटी महात्मा बुद्ध आए, महात्मा बुद्ध के साथ उनका एक शिष्य था, और उसी रास्ते पे चलने लगे।

 शिष्य ने बोला "तथागत यहाँ जाना ठीक नहीं है, यहाँ उंगलिमाल रहता है, उसने 1000 लोगों को मारने का प्रण लिया, 999 लोगों को वो अब तक मार चूका है, आपका यहाँ से जाना खतरे से खाली नहीं है, रास्ता बदल दीजिये।"

 बुद्ध का जवाब आया - "बुद्ध ने कहा अगर तू मुझे नहीं बताता, तो संभवतः मैं यहाँ से ना जाता, लेकिन अब तूने मुझे बता दिया है, तो मैं ये रास्ता छोड़ने वाला नहीं हूँ, उस उंगलिमाल को मेरी जरुरत है, वो साधु ही क्या जो अपना रास्ता बदल दे, मैं तो जाऊंगा, तू चाहे तो लौट जा।"

 और महात्मा बुद्ध उस रास्ते से आगे बढ़ने लगे।

 उंगलिमाल ने दूर से आते हुए बुद्ध को देखा। बुद्ध उस रस्ते पे आगे बढे, और जब उंगलिमाल ने दूर आते हुए बुद्ध को देखा तो बड़ा प्रसन्ना हुआ कि आज मेरी प्रतिज्ञा पूरी होने की समय आ गया, आज एक हज़ारवां वध करूँगा और अपनी प्रतिज्ञा पूरी करूँगा।

 उंगलियों की माला अपने गले में लटकाता था उंगलिमाल।

 जैसे ही बुद्ध नजदीक आए क्या तेज, क्या चाल, क्या एनर्जी और उसको देखके उंगलिमाल के हाथ कांपे।

 फिर भी उंगलिमाल ने बोला सन्यासी तू रुक जा। हालाँकि मुझे बड़ी खुशी हो रही है की तू मेरा हज़ारवां शिकार है, आज मेरी प्रतिज्ञा पूरी होने का समय है, लेकिन तू रुक, तू आगे मत बढ़।

 क्यूंकि उसका तेज उंगलिमाल सहन नहीं कर सका।

बुद्ध ने बोला "डरता क्यों है ! किससे डरता है !"

उंगलिमाल ने बोला सारी बातें ठीक है, मैं तुझे मार दूंगा।

बुद्ध ने बोला "तू क्षत्रिय है, मैं भी क्षत्रिय हूँ, देखते हैं कौन किसका वध करता है, मार दे"

उंगलिमाल ने बोला "सन्यासी तू रुक।"

बुद्ध बोला "मैं तो 50 साल पहले रुक गया अब तू रुक जा।"

उंगलिमाल के दिल में मानो ऐसा लगता है की महाभारत से भी ज्यादा खतरनाक युद्ध छिड़ा होगा की मैं मारू या इसको ना मारू! क्यूंकि बुद्ध की वो तेज देखके वो पागल हो गया।

 और इतनी बात करते करते बुद्ध उंगलिमाल के बिल्कुल सामने आके खड़े हो गए।

उंगलिमाल ने बोला "तेरे को मार दूंगा, तू लौट जा।"

बुद्ध ने बोला "तुझे लौटाने आया हूँ, मार दे !"

उंगलिमाल ने बोला "तुझे डर नहीं लगता सन्यासी !"

बुद्ध ने बोला "डर किस चीज का ! मार दे लेकिन एक शर्त है"

उंगलिमाल अपने हाथ में एक खड़ग रखता था। उसने बोला मार दूंगा शर्त क्या है !

बुद्ध ने बोला "एक पेड़ की ऊपर टहनी है इसको काट दे पहले"

उंगलिमाल ने अपना खड़ग उठाई और खटाक से टहनी के दो टुकड़े कर दिए।

टहनी काट गई और बुद्ध मन ही मन मुस्कुराए कि बात तो मान रहा है। इस अवस्था में भी बात मान रहा है, इसके परिवर्तित होने की संभावनाएं पूरी है।

अब जब टहनी काट गई तो उंगलिमाल ने बोला "अब"

बुद्ध ने बोला "इस इस टहनी को फिर से जोड़ दे।"

उंगलिमाल ने बोला कि "तू सन्यासी पागल हो गए क्या ! जो कट गया वो जोड़ा थोड़ी जा सकता है।"

बुद्ध बोलै "मैं भी तो तुझे यही कह रहा हूँ, काटना बहुत सरल है, जोड़ना बहुत मुश्किल है। तूने 999 लोगों को काट दिया, अब एक को जोड़ के बता !

आंसुओ से भर गया, उंगलिमाल की आंखे, गले से उंगलिओ की माला उतार कर बुद्ध के चरणों में डाल दी।

बुद्ध पलट गए, उससे बात नहीं की और पलटे, बुद्ध को पता था की मेरे पीछे जरूर आएगा, और उंगलिमाल बुद्ध के पीछे पीछे बुद्धं शरणं गच्छामि करता हुआ बुद्ध के पीछे हो लिया।

 विचार बदल गया दोस्त और उंगलिमाल की जिंदगी पूरी तरह से बदल गयी।

 एक विचार आपकी जिंदगी बदलने के लिए काफी है।

 बुद्ध गाँव में आये और सन्यास दिया उंगलिमाल को और उंगलिमाल सन्यासी हो गया।

 राजा को पता चला और राजा बड़ा प्रसन्न हुआ, कि फाइनली टेंशन दूर हो गयी।

 और बुद्ध ने आखिर में "उंगलिमाल को बोला जा भिक्षा मांग के आ।"

 अब उंगलिमाल भिक्षा मांगने गया, उन्ही लोगों के घर, जिनके घरवालों को उंगलिमाल ने काट दिया था, लोगों ने पत्थर मारे।

 लहू लुहान वापस आया बुद्ध के पास।

 बुद्ध ने हाथ पकड़ा स्पर्श किया, और उंगलिमाल बोलै "पीड़ा हो रही है!"

बुद्ध ने बोले "पीड़ा तो मन को होती है, पत्थर तो शरीर को मारे गए हैं, मन तो तू अपने साथ ले गया, अब काहे की पीड़ा, अब तो पीड़ा चली गयी।"

 जो एक व्यक्ति 999 लोगों को मारने के बाद सन्यासी बन सकता है, विचार बदले तो दुनिया बदल सकती है।




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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.
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