Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi - Accept Your Mistakes, Move On | Thoughtinhindi.com

Sandeep Maheshwari Motivational in Hindi - Accept Your Mistakes, Move On and Live Happy. Hello दोस्तों, हमारी लाइफ में हमें यह सब तो मालूम होता है कि हमको क्या करना है, लेकिन जाने-अनजाने में हमारे लाइफ में बहुत सारी गलतियां होती है, और क्या हम यह मानते हैं कि हमसे गलती हो गई है, या फिर लड़ाई करने लग जाते हैं, और उससे जीवन में असंतुलन बन जाता है।

 और हम अपनी गलतियों को न मानने के कारण हमारे relationships भी खराब हो जाते हैं। तो आज हम इसी के बारे में बात करेंगे कि कैसे आप अपनी गलतियों को accept करके, एक छोटी सी काम करके मतलब किसी से माफी मांग कर अपने जीवन में खुशियां ला सकते हैं, और इससे कैसे आप एक बेहतर इंसान बन सकते हैं।
Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi - Accept Your Mistakes, Move On and Live Happy

Motivation in Hindi - Accept Your Mistakes, Move On and Live Happy


 तो देखिए दोस्तों हम जो भी गलती करते हैं, या करने वाले हैं, उसका दर हमेशा हमारे अंदर होना चाहिए। अगर वह डर नहीं होगा तो हम गलत रास्ते पर निकल जाएंगे।

 लेकिन अगर जान-बूझ करके नहीं, हमने सोचा था कि हम ऐसा कुछ गलत काम नहीं करेंगे, लेकिन जब हम उस situations में होते हैं, तो हमसे बहुत सारी गलतियां ऐसे हो जाते हैं, जिससे पूरी लाइफ के लिए हमारे साथ वाले लोग उस बात को भुला नहीं पाते हैं, और हम खुद भी भुला नहीं पाते हैं।

 ऐसा बहुत लोगों के साथ तो होता ही होगा। हो ही जाते हैं, किसी ना किसी के साथ कहीं ना कहीं।

 तो अगर ऐसा कुछ गलतियां हो जाए तो बस उसको जाने दो। आप तो यह जानते ही हो महान scientist भी गलतियां करते हैं, तो हम क्या है....., और इंसान तो गलतियों का पुतला है, और गलतियां जो होती है वह तो इंसान से ही होती है ना। हमसे गलती नहीं होगी तो किससे होगी। यह सोचो.........

 और एक interesting fact पता है आपको कि हम, सिर्फ हम, इंसान ही जानते हैं कि हमने क्या गलती करी है, और क्या नहीं, इसके अलावा किसी और को, मतलब भगवान और इंसान के अलावा किसी और जीव-जंतु जो इस दुनिया में है, उसको गलती होने या ना होने का कोई ज्ञान नहीं होता।


क्या हम इंसान को अपनी गलतियां मान लेना चाहिए ?

 हम सभी को अपनी गलतियों को मान लेना है, और उसको जाने देना है। लेकिन मेरा कहने का मतलब यह भी नहीं कि आप अंदर से बहुत ही ज्यादा corrupt हो जाए, और कहने लगी कि इंसान तो गलतियों का पुतला है, इंसान तो गलतियां करते हैं। तो आप गलतियों का पुतला नहीं हो, बेवकूफियों का पुतला हो।

 आप कैसे करते हो, how do you act - कभी सोचा है आपने ? इसके ऊपर ही हम सब सही या गलत ढूंढ पाते हैं।

 क्या आप सोच करके act करते हो, या बिना सोचके act करते हो कभी सोचा है आपने ?


हम सभी इंसान act कैसे करते है ?

 आपकी body में breath अपने आप चल रही है, आपकी blood circulation अपने आप हो रही है, digestion अपने आप हो रहे हैं, और जो सुबह बाहर निकल जाता है वह भी अपने आप ही हो रहे हैं।

 तो क्या आप यह कहते हो कि यह सब मैंने act करके किया है। नहीं, आप नहीं कहते, और आप कह भी नहीं सकते, और आप तो क्या दुनिया की कोई भी इंसान जीव-जंतु नहीं कह सकता कि यह सब कुछ मैं कर रहा हूं। तो यह आपकी action नहीं है।


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 action कि definition अभी हमको पता नहीं है। action का मतलब मैंने कुछ किया, जैसे मैं आपके लिए यह article लिखा laptop में keyboard में typing करके, तो मैंने action लिया।

 अब अपने आप होने वाले जो काम होता है उसका एक funny चीज बताता हूं कि आप रात को सो रहे हो, तो आप जिस तरफ सर करके सोए थे, और जब उठे तो देखा सर उलता side हुआ पड़ा है, मतलब आप घूमे पड़े हो, हाथ कहीं है पैर कहीं है....... तो क्या वो आपने किया, या वह अपने आप हुआ। तो इसको हम कह सकते हैं - यह अपने आप ही हुआ।

 तो जो हुआ आपके साथ, उसके बारे में तो सोचना ही नहीं है। क्या हो सकता है इस दुनिया में आपके साथ, या आपके through. कितना बुरा या कितना अच्छा हो सकता है, कभी सोचा है आपने ? - कुछ भी बुरा हो सकता है, या कुछ भी अच्छा हो सकता है।

 अगर आपके साथ बहुत ही बुरा हो जाए, तो सबसे पहले क्या समझना है कि क्या यह हुआ है, या मैंने किया है, क्या सामने वाले ने ये किया है या यह हुआ है। यह सब का हम इतना भी फर्क नहीं निकाल पाते हैं।


क्या accident किसी का गलती है ?

 कोई accident हो गया है तो क्या पीछे से जिसने आप को ठोका है उसने वो किया है या गलती से हुआ है, वो आप उसकी शक्ल से idea लगा सकते हो, जब आप गाड़ी से उतर के उनके सामने जाते हो।

 लेकिन हम क्या करते हैं इन सब चीजों में दिमाग ही नहीं लगाते हैं, अब आप उनसे लड़ने-झगड़ने लग जाते हो - "की तूने जान-बूझ करके मेरे गाड़ी को ठोका"

 अरे जान-बूझ करके क्यों मारेगा तुमको वो!! वह भी अपने रास्ते से आ रहा था, और आप भी अपने रास्ते से आ रहे थे, न आप दोनों का कोई दुश्मनी, न जान-पहचान, तो क्यों तुमको वह जान-बूझ करके मारेगा सोचो ये.....

 अपने दिमाग को trained करो, ऐसे trained करो कि ये accident हो गया है, किया नहीं है, ये आप समझ पाओ। गलती आपकी भी नहीं है, और उसकी भी गलती नहीं है, but accident जो है वह हो गया है किसी कारण।

 या फिर यह भी हो सकता है कि अगर उन्होंने गलती भी किया है तो जान-बूझ करके उसने गलतियां नहीं करी है। अनजाने से किसी कारण हुआ है। उसकी intention यह नहीं थी कि वह अपने आगे आने या जाने वाले गाड़ी को ठोक दे। वो आराम से गाड़ी चला रहा था, फिर भी accident हो गया है।

 तो वहां पर आपको क्या करना है - उस situation को जाने देना है, उसको lightly लेना है आपको उस situation को। हो गया.....


क्या हमारे जीवन में सब कुछ अच्छा ही होना चाहिए ?

 जीवन जीने का मतलब यही है कि कुछ भी हो सकता है जी..... अभी आपके यहां पर earthquake आ सकता है, या नहीं!! आ सकता है...

 तो अगर earthquake आ जाए तो क्या यह आपने किया है, किसी और ने किया है....... अब आप क्या कहोगे भगवान ने किया है.... यही गड़बड़ हो जाती है।

 आप खुद सोचो भगवान के पास और कोई काम नहीं है......सोचो।।।।।

 तो आप ये समझ लो कि ये किसी ने नहीं किया है, यह हुआ है, क्योंकि यह nature का rule होता है। होना था हो गया है।

 तो आराम से अगर बचने का रास्ता आपने ढूंढ लिया है तो वहां जाओ कोशिश करो बचने का।

 या फिर कोई रास्ता नहीं है बचने का, आप 20th floor के ऊपर खड़े हो, तो आराम से मर जाओ, अब अगर आपका बचने का कोई chances नहीं है, तो वहां पर रोना क्या है बैठ करके, खुशी खुशी जाओ इस दुनिया से, क्योंकि यह हुआ है। अगर बचने का chances है तो आप तो बस ही जाओगे न........, इसको किसी ने किया नहीं, तो इसको रुकने का कोई तरीका नहीं है।

 तो आपको पहले आराम से समझना पड़ेगा उस situation को, की हुआ है या किया है।

 वो समझने के लिए आपको क्या करना पड़ेगा - जो भी आपको लगता है उसको छोड़ देना पड़ेगा, मतलब अपनी mind की programming को बदलना पड़ेगा, as it is देखना पड़ेगा, ठंडे दिमाग से, गुंजाइश छोड़नी पड़ेगी, की गलती आपसे भी हो सकती है, और सामने वाले से भी हो सकती है।


गलतिओं का गुंजाईश रखना चाहिए या नहीं ?

 कई बार हम इस चीज की गुंजाइश ही नहीं रखते हैं। फिर हम उसकी वजह से भी दुखी होते हैं, ऐसे बंदे सबसे ज्यादा दुखी होते हैं आप देखना.......

 जो अपनी लाइफ में गलतियों की गुंजाइश नहीं रखते हैं, दूसरा कोई गलती करें तो तब भी दुखी होते हैं, और खुद करें तो और ज्यादा दुखी होते हैं कि मेरे से ऐसा कैसे हो गया.......

  अरे औरों से हो सकता है तो तेरे से क्यों नहीं...... तो ये चीज हमको clear होनी चाहिए अपने mind में - हुआ है, या किया है।


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अब अगर गलती किया है तो क्या करें ?

 वहां पर सही action क्या है, आपको आराम से समझना पड़ेगा, उसने क्या किया है, किस intention के साथ किया है, और उसकी क्या punishment है!!

 punishment जरूरी है वहां पर, अगर किसी ने कुछ किया है जान-बूझ करके किसी का murder किया है, और वह कह रहे हैं कि यह गलती से हुआ है........, तो आप तो यह समझते हैं कि यह गलती से हुआ नहीं, उसने पूरा planning करके murder किया है......,

 तो उसको सजा मिलनी ही चाहिए। नहीं मिली तो क्या होगा!! पूरी society ऐसी ही हो जायेगी। पूरी दुनिया ऐसी ही हो जायेगी, किसी को मारने के लिए कोई डरेगा ही नहीं, चारों तरफ यहीं होगा।

 तो जो आदमी गलत करें, for example - आपके husband ने जान-बूझ करके कुछ किया है, चार लोगों के सामने आपसे बहुत ही बद्तमीज़ी से आपसे बात करी है, तो वो हुआ नहीं है, उसने किया है।

 तो उस को बताना पड़ेगा, उसको punish करना पड़ेगा। अब आपको देखना पड़ेगा कि उन्होंने क्या किया है उसी level का punishment देना पड़ेगा आपको, और जब तक उसको realize नहीं होता तब तक punishment देते रहें आप।

 अगर यह आप नहीं करोगे तो क्या होगा उसकी आदत बन जाएगी, आज उसने चार लोगों के सामने किया है, कल उसने वह आपके घर वालों के सामने भी करेगा, बार-बार आपको torture करेगा। अकेले में भी करेगा और सबके सामने में भी करेगा, और ऐसे ऐसे करके वो एक दिन आपके ऊपर हाथ भी उठा देगा।

 तो जब किसी भी गलती की शुरुआत होती है, और हमको पता लगता है, चाहे वह गलती हमारी हो या और किसी की हो तो वहीं पर उसको रोक देना चाहिए।

 अगर आपने गलती किया है तो उसको सुधार लीजिए, या तो sorry बोल दीजिए कि यह गलती दोबारा से नहीं होंगी मेरे से, या तो आप जो भी कर सकते हैं situation के according वह करें।

 अब अगर यह गलती किसी और की है और आपको पता लगता है कि उसने की है तो उसको गलती अगर सुधारने वाला है तो उसको एक मौका दे या फिर अगर गलती सुधारने वाला नहीं तो उनको punish करें, police में दे, या कुछ भी करके उसकी गलतियों का रोकने की कोशिश करें।




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 तो दोस्तों आपको आज का हमारा यह Sandeep Maheshwari Motivational in Hindi - Accept Your Mistakes, Move On and Live Happy कैसा लगा नीचे कमेंट करके जरूर बताये। दोस्तों ये सभी बात मैंने संदीप महेश्वरी जी से सीखा है और आपको बता रहा हूँ। आप इस Motivation in Hindi - Accept Your Mistakes, Move On and Live Happy को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।


आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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