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Expert Blogging Tips in Hindi - नया ब्लॉगर ये 5 बातें जरूर ध्यान रखें

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Expert Blogging Tips in Hindi. Hello दोस्तों, आज मैं आपको 5 ऐसी Best Blogging टिप्स बताऊंगा, जब Keywords research आप करते हैं आप ढूंढ लेते हैं Low Competition कौनसा हैं, High CPC किसका हैं और किससे आपको Traffic अच्छा मिलेगा,

 फिर भी कुछ न कुछ ऐसे Points रह जाते हैं, जो हम ध्यान ही नहीं देते है और जिसके वजह से हमारे Post, Google के अंदर Post Rank तो करती हैं, but वो First Page में नहीं आती या Top 3, 2, 1 पे नहीं आती।

तो कौनसी ऐसी Tips हैं जिसका आपको ध्यान रखना चाहिए वो सारा Points मैं आपको Details में बताऊंगा, की Low Competition Keywords ढूंढने के बाद भी आपकी Post Rank क्यों नहीं करती, कौनसी ऐसी चीज है जिसको हम बार बार करते है। तो चलिए वो Tips जान लेते हैं -




Expert Blogging Tips in Hindi - नया ब्लॉगर ये 5 बातें जरूर ध्यान रखें

#1 High Authority Websiteजब भी आप कोई Low competition, High CPC keywords research करते है और उसके ऊपर आप कोई Article या Post लिखते हैं, तो आपको गूगल के अंदर जरूर Search करना चाहिए की उसके ऊपर कोई High Authority Website already Rank तो नहीं हैं।


For Example -


गूगल Searc…

The E Myth Complete Book Summary in Hindi - अगर बिज़नेस करना है तो ये पढ़ो

The E-Myth Revisited Complete Book Summary in Hindi. Hello दोस्तों, आज मैं आपको ऐसी बुक की summary बताने वाला हूँ, जिसको पढ़के आप अगर Business करना चाहते है तो Basics आपको इस Summary से ही पता चल जायेगा, basics ही नहीं इससे ज्यादा कुछ सीखने को मिलेगा की एक Business Startup करने के लिए आपको क्या क्या Steps फॉलो करना है वो सभी आप इस Summary से जान सकते है।


The E Myth Complete Book Summary in Hindi


The E Myth Complete Book Summary in Hindi



Introduction


 हर साल U.S. में 10 lakh से ज्यादा business start किये जाते है। पहले साल के अंत तक इसमें से 40% business fail हो जाते है, और पहले 5 साल के अंदर 80% business यानि 8 lakh business fail हो चुके होते है।

 अगर आपने किसी तरह अपने business को पहले 5 साल बचा लिया है तो ज्यादा खुश होने जरुरत नहीं है क्यूंकि जो business पहले 5 साल में बच जाते है उसमे से 80% business अगले 5 साल में तबाह हो जाते है।

 लेकिन सवाल ये है की ये सारे business fail होते क्यों है ? ऐसे क्या चीज़ है जो हम अपनी गलतियों से नहीं सीख रहे ?

 घबराइए मत इस Article के end तक आपको पता चल जायेगा की बिज़नेस किया कैसे जाता है।


Part 1 - The E-myth

 क्या आप जानते है की maximum लोग जो business करते है उन्हें ये ही नहीं पता की business आखिर होता क्या है।

 इस myth को समझने के लिए पहले हम उस इंसान को समझते है जो business शुरू करता है, और हम पहले ये देखते है की वो business से पहले क्या कर रहा होता है।

Maximum लोग जो business start करते है पहले वो किसी और के लिए काम कर रहे होते है।

अब आप पूछोगे क्या काम ?

 कोई भी Technical काम। शायद carpenter, mechanic, hair dresser, typist, doctor, plumber, sales person या फिर एक computer programmer.

 मगर आप कुछ भी कर रहे हो और वो TECHNICAL काम ही है, और शायद आप उसमें बहुत अच्छे भी हो गए थे।

 फिर आपके दिमाग में ख़याल आया - मैं इस आदमी के लिए क्यों काम कर रहा हूँ ?

 जितना ये इस business के बारे में जानता है उतना तो मैं भी जानता हूँ। इससे अच्छा business तो मैं चला सकता हूँ।

आप इस idea से इतने impress हो गए की आपने अपना business खोल दिया, और ये business खुला सबसे बड़ी गलत फेहमी के साथ, और वो थी क्यूंकि मैं इस BUSINESS का TECHNICAL काम कर सकता हूँ......

 इसीलिए मैं एक ऐसा BUSINESS बना सकता हूँ जो वो TECHNICAL काम कर सकता है।

 एक business का TECHNICAL काम और एक business जो वो technical काम कर सकता है बिलकुल अलग अलग बातें। आपको इसकी समझ नहीं थी।

 एक hairdresser अपना beauty salon का business start कर देता है। एक musician music store खोल लेता है। एक doctor अपना clinic खोल लेता है।

 आपका business का TECHNICAL काम जानते थे और ये आपका सबसे बड़ा वरदान था।

 लेकिन अब यही आपका सबसे बड़ा श्राप है। क्यूंकि अच्छा होता की आप वो technical काम करना ही नहीं जानते जिससे आप वो TECHNICAL काम किसी और से करवा लेते और एक BUSINESS बना लेते।

 अब आप सबसे बड़े बेवकूफ के लिए काम करने लग जाते है। जो की है “आप खुद”.

 अब आपको सिर्फ उस business का technical काम ही नहीं करना है बल्कि उसके साथ 100 और काम करने है जो आपको आते नहीं है।


Businessman, Manager and Technician

 एक business में तीन लोगो की जरुरत होती है Businessman, Manager aur technician.

 Businessman वो आदमी है जो future को देखता है, सपने देखता है। पूरा business इसकी सोच पर टिका है ये हमेशा सोचता रहता है की business को आगे बढ़ाने के लिए क्या करना है। ये हमेशा सोचता रहता है---- क्या होगा अगर मैं ये करू.... और अगर में ये करू तो किया होगा ?

 इससे बस अपना सपना पूरा करना है। इसके लिए चाहे इसे किसी को डांटना पड़े, हसाना पड़े, चिल्लाना पड़े या फिर वादा करना पड़े।

 इसके लिए हर वो इंसान problem है जो इसके सपने के बीच में आ रहा है।

 Manager एक practical इंसान है। ये हर चीज को organize रखता है, planning करता है, business में एक order लाता है।

 जहा पर businessman नयी चीज़ो में एक opportunity देखता है। Manager उसी चीज़ में problem देखता है।

 Manager वो इंसान है जो एक बार घर बनाएगा तो उसी घर में हमेशा रहेगा।

 लेकिन businessman वो है जो एक घर बनाते ही नया घर बनाने की planning start कर देगा।

 बिना businessman के कोई नया सपना नहीं होगा और बिना manager के कोई काम planning से नहीं होगा।

 Technician.... काम करता है। “अगर तुम ठीक काम चाहते हो तो उसे खुद करो” ये एक technician की सोच है।

 Technician कहता है की सोचने से काम नहीं होता, उसे करने से होता है।

 जब तक technician काम करता है वो खुश है।

 ये जानते है की दो काम एक साथ नहीं किये जा सकते।

 इसीलिए एक काम करना चाहिए और ये उसी काम में खुश रहता है।

 एक businessman future में जीता है। एक manager past में और technician present में।

 Businessman हमेशा नया idea implement करना चाहता है ये सोचता है की कैसे business को ko improve किया जा सके।

 लेकिन एक technician के लिए ये एक problem है।

 जब भी technician काम करने लगता है उसे बीच में रोका जाता है और नए idea पर काम करने के लिए बोला जाता है।

 Manager के लिए technician एक problem है क्यूंकि उसके लिए technician बस एक बड़ी machine का छोटा सा हिस्सा है।

 अब problem ये है की जब आप एक नया business खोलते है तो आपमें ये तीनों personalities है।

 आपके अंदर का Technician काम करना चाहता है।

 आपके अंदर का businessman एक नया idea देना चाहता है, और आपके अंदर का manager उस idea को पूरा करना चाहता है।

 और ज्यादातर लोग जो नया business खोलते है उनके अंदर 70% technician है, 20% Manager और सिर्फ 10% businessman, और जब भी आप business खोलते है तो वो आपके अंदर का technician उस business को चलाने की कोशिश करता है।


Infancy:- The technician’s phase

 ज्यादातर business इसीलिए fail होते है क्यूंकि वो उसके मालिक उसके OWNER की मर्ज़ी से चलते है न की जो BUSINESS की जरुरत के हिसाब से।

 इससे पहले की कोई भी business successful हो वो तीन phase से गुज़रता है INFANCY, ADOLESCENCE और MATURITY.

 Imagine कीजिये, आप अपनी, job छोड़ चुके है और आपने अपना खुद का business start कर लिया है।

 आपको लगता है अब आप अपना business जैसे अच्छा लगता है वैसे चलाएंगे। आपको अपने business में काम करना है।

 और काम तो वैसे भी आपको पसंद है।

 मगर अब आप सिर्फ वो काम नहीं कर रहे हो जो आप करते।

 अब आपको उसके इलावा बाकी सारे काम भी करने पद रहे है।

 अब आपको सामान भी खरीदना है, बेचना भी है और उसे customer तक भी पहुंचाना है।

 लेकिन आप काम से नहीं डरते।

 आपका तो दूसरा नाम ही काम है।

 आप हर रोज 10 - 12 घंटे काम करने लगते है।

 Customers आपकी तारीफ कर रहे है।

 आप जैसा बाल कोई नहीं काटता, या आप जैसा burger कोई नहीं बनाता, या आप जैसा doctor पुरे शहर में नहीं है।

 और आपको ये सब बहुत अच्छा लगता है।

 लेकिन ये सब बदलने लगता है।

 आपने अपने cutomers की आदत बिगाड़ दी है।

 उन्हें सिर्फ आप ही पसंद है।

 अब आपको complaints आने लगती है।

 आप customers के लिए पहले जैसा burger नहीं बना पा रहे।

 आप ठीक से अपने patients को देख नहीं पा रहे।

 आप अब ठीक से paper print नहीं कर पा रहे।

 अब आप 12 की जगह 14 घंटे काम करने लग जाते है।

 आप बीमार होने लगते है।

 हर वक़्त एक tension सी रहती है।

 आप समझ गए है की ये ऐसा नहीं चल सकता।

 जिस boss को आप छोड़ना चाहते थे वो अभी भी आपके साथ है, और वो BOSS है आप खुद।

 और जब ये सच्चाई आती है तो TECHNICIAN अपने business me ताला लगाकर चले जाते है, और ज्यादातर business अपने infancy phase भी पार नहीं कर पाते।

 Technician जब भी business करता है तो हमेशा देखता है की अभी बहुत काम बाकी है।

 उसे जैसे ही कोई काम दीखता है वो उसे करने के लिए कूद पड़ता है।

 वो ये नहीं सोचता की उसके business को ये काम करना है नाकि उसे।

 अगर आपको काम करना इतना पसंद है तो job कभी मत छोड़िये।

 क्यूंकि business चलाना और business में काम करना दो अलग अलग बाते है।


Adolescence:- Getting some help

  जो लोग ये समझ जाते है की उन्हें मदद की जरुरत है वो infancy stage पार कर लेते है और business के ADOLESCENCE stage में आ जाते है।

अब आपको मदद चाहिए। लेकिन किसकी मदद लेंगे आप ??????

Obviously जिसके पास experience हो।

 आप एक आदमी hire करते है जिसका नाम है Vishal.

 और आप उसे अपने business का सबसे boring काम देते है....

 और वो है Book keeping का।

 आपको accounts बनाना वैसे भी पसंद नहीं है।

 कौन इन calculations में अपना दिमाग ख़राब करे।

 आप Vishal के लिए एक table chair का इंतेज़ाम करते है।

 उसकी chair में एक cushion रखवा देते है।

 अरे उसे बहुत देर तक काम जो करना है।

 और अब आप जिंदगी में पहली बार ये चीज समझते है जो पहले आपको कभी समझ नहीं आयी की अब आपको ये काम करने की जरुरत नहीं है।

 आख़िरकार आप free हो गये हो।

 आपके अंदर का manager जागता है और technician थोड़ी देर के लिए सो जाता है।

 आप खुश होते हो की ये काम तो कोई और करेगा।

 अब आपके business में सुधार आने लगता है, Vishal सिर्फ आपका accounts ही नहीं बल्कि phone भी सुन लेता है।

 वो customers से आपके लिए orders ले रहा है।

 बाजार से सामान ले आता है।

 Packing में आपकी मदद कर रहा है।

 आप अब 15 minute के बजाये 30 minute तक lunch कर सकते है।

 आपका business grow कर रहा है और Vishal की मदद के लिए आपको और employees चाहिए।

 आप Vishal को ही लोग hire करने को बोल देते है, और Vishal एक नया लड़का hire कर लेता है।

 अब finally आप Boss की feeling लेते हो। दोनों आपका order मान रहे है।

 लेकिन सब ठीक नहीं है।

 Customer आपको phone करता है और बोलता है की आपके employees उनसे ठीक से बात नहीं कर रहे।

 अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो आपको orders देना बंद कर देंगे। आप उनसे sorry मांगते हो।

 आपको bank से phone आता है और बताया जाता है की इस महीने आपने अपने bank से ज्यादा पैसा निकाल लिए।

 आपको समझ नहीं आ रहा ये क्या हो रहा है।

 आप नए लड़के के पास जाते हो और देखते हो की वो गलत तरीके से packing कर रहा है।

 आप उस पर चिल्लाते हो “ये किसने सीखाया तुम्हे इस तरह से PACKING करना”. 

 Customers वापस जाने लगता है।

 आप सोचते है जब मैं खुद काम करता था तब तो कभी भी ऐसा नहीं हुआ। “इससे अच्छा होता की मैं खुद ही अपने काम को देखता।”.

 अब आप और आपकी team मिल कर भी काम ठीक से पूरा नहीं कर पा रहे।

 आपको महसूस होता है की जितनी परवाह आप अपने business की करते है उतना कोई भी नहीं कर रहा।

 आप हर चीज में interfere करने लगते है।

आपके अंदर का TECHNICIAN जग जाता है, आपको लगता है की जब आप खुद करोगे तो ही सब ठीक चलेगा।

 अब दोबारा आपकी रातो की नींद ख़राब होने लगती है क्यूंकि आप दोबारा से हर रोज़ 14 घंटे तक काम कर रहे है, और दोबारा से आप business mode से JOB mode में आ जाते है।


Maturity

 Mature business जानते है वो वहां कैसे पहुंचे जहा वो है।

 और उन्हें क्या करना पड़ेगा वहां पहुंचने के लिए जहा वो जाना चाहते है।

MC Donald’s, Disney, Federal express जैसी companies mature इसलिए हुई है क्यूंकि वो शुरुवात से ही उसी तरीके से बनाई गयी थी।

 जो इंसान अपने business को mature company की तरह खोलता है उसे भी infancy और adolescence stage से गुज़ारना पड़ता है।

 लेकिन उसके काम करने का तरीका बिलकुल ही अलग होता है।

 एक बार IBM के founder Tom Watson से पूछा गया की आपका business इतना successful क्यों है?

 इसपर Tom ने कहा। सबसे पहला reason तो ये है की शुरुवात से ही मुझे exactly पता था की जब मेरी company successful हो जाएगी तो वो कैसे काम करेगी।

 दूसरा मैं अपने आप से पूछता था की अगर मेरी company को इस तरीके से future में काम करना है तो उसे अभी किस तरह काम करना होगा।

 और मैं समझ गया था की अगर हम अभी से अपनी company को एक बड़ी company की तरह नहीं चलाएंगे तो हमे कभी भी success नहीं मिलेगी।

 ज्यादा तर लोग जो business करते है उन्हें ये नहीं पता होता की उनका business किस तरीके से काम करेगा।

 उन्हें सिर्फ ये पता होता है की उन्हें क्या काम करना है।

 एक Technician और एक businessman कुछ इन सोच की वजह से एक दूसरे से अलग है:-

1) एक businessman पूछता है “की मेरा BUSINESS कैसे काम करेगा”. लेकिन एक technician पूछता है की “मुझे काम क्या करना है”.

2) एक businessman पहले future में जाके सोचता है की उसका business 10 साल बाद कैसा लगेगा और उस सपने को पूरा करने के लिए वो अभी business में बदलाव लाता है।
 लेकिन एक Technician सोचता है की उसे अभी क्या करना है, और उसे future के बारे में कुछ नहीं पता।

3) एक businessman business को एक बड़ी machine की तरह देखता है जिसके लिए उसे छोटे छोटे टुकड़ो की जरुरत है। एक Ek Technician business को टुकड़ो में सोचता है और फिर सोचता है की इस से क्या बना सकता हूँ।

4) एक businessman को अपने सपने को पाने के लिए आज का दिन बदलना है।
 लेकिन एक technician को आज के दिन काम करके future बनाना है।

 लेकिन अब सवाल ये आता है की एक successful business बनेगा कैसे..?

और ये हो सकता है TURN-KEY REVOLUTION से


Part-2:- The Turn key revolution:- Business को करने का नया तरीका।


 सिर्फ turn key revolution ही एक ऐसा तरीका है जिस से एक छोटे से ले के बड़े business को manage किया जा सकता है।

 उसे grow किया जा सकता है। पर इसे समझने के लिए आपको FRANCHISE model को समझना पड़ेगा।

 1952 में 52 साल का एक salesman जिनका नाम Ray Kroc था। वो California के एक burger stand में आया, और वहां पर उसने जो महसूस किया वो पहले कभी नहीं किया था।

 दो भाई Mac और Jim MacDonald...... burger बना रहे थे।

 लेकिन उनका burger बनाने का तरीका बिलकुल अलग था।

 Ray ने देखा की high school के बच्चे उस burger stand में इन दो भाइयों के supervision में काम कर रहे थे।

 और हर burger बहुत ही जल्दी और हर बार बिलकुल एक जैसा बन रहा था।

 Ray ने देखा की इन दोनों भाइयों ने burger बनाने के तरीके को समझ के कोई भी ऐसा burger बना सकता था।

 Ray Kroc ने Mac और Jim MacDonald से इस तरीके की Franchise खरीद ली, और 12 साल में Ray ने दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला burger business बना दिया।

 जो हर साल 260 हज़ार crore का business करता है।

 और जिनके 120 देशो में 28,000 से ज्यादा restaurant है। hai.

 जब आप किसी को अपनी company की franchisee देते है तो आप सिर्फ उसे अपनी company का brand name नहीं देते जिसकी मदत से वो अपने सामान को local market में बेच सकता है।

 बल्कि आप उसे business करने का एक पूरा तरीका भी देते है।

 ज्यादातर businessman ये सोचते है की business की success उसकी product की success पर depend करती है।

 लेकिन एक successful businessman जानता है की एक business की success इस बात पर depend नहीं करती की वो क्या बेच रहा है पर इस बात पर करती है की वो कैसे बेच रहा है।

 अगर आप MacDonald के business को देखे तो उन्होंने अपने business को ऐसा बनाया है जैसे कोई एक car को बनाता है, और आप जानते है की CAR के पुर्जो को कभी भी बदला जा सकता है।

 और उनका main goal था की उनके business में कोई भी काम करे मगर वो same results देना चाहिए।

 जैसे की अगर आप एक same car.. किन्ही 2 लोगो को दे दो.... तो भी वो same तरीकेसे चलेगी।

 और यही कारन है की MacDonald का business 28,000 stores में exactly same तरीके से चलता है।

 चाहे आप MacDonald का burger America में खाओ या India में। आपको उनके stores, उन की buildings का paint, waiters की dress और burgers का taste हर जगह exactly same ही मिलेगा।


The franchise Prototype

 क्या आपने कभी सोचा है की जब हम हवाईजहाज़ में सफर करते है तो हमे इस बात का डर क्यों नहीं लगता की वो बीच में खुद ही blast हो जायेगा, या जिस car में हम जा रहे है उसके petrol में आग लग जाएगी।

 ये इसीलिए है क्यूंकि हर aeroplane, हर car हमेशा एक ही तरह से बनाये जाती है।

 हर car के same model में हर एक चीज़ same तरीके से लगी है और इसीलिए हर बार ठीक काम करती है।

 चाहे उसे बनाने में किसी भी mechanic की मदत क्यों न ली हो।

 Business को franchisee model से चलाने का भी यही फायदा है।

 क्या आप जानते है की अगर पहले 5 साल में 80% business fail हो जाते है तो उसी 5 साल में 75% franchisee business successful हो जाते है।

 इसीलिए आपको business एक car की तरह बनाना है जहा पर आपने हर employee का, हर एक position का हर एक machine का और हर एक product का role exactly define किया हो।

 क्या आप जानते है की अगर आप MacDonald की franchisee खरीदने जायेंगे तो वो आपको इतनी आसानी से नहीं मिलेगी।

 पहले आपको पूरी puri franchisee का role समझना पड़ेगा।

 जैसे की आप franchisee की सफाई रखेंगे, कितनी बार झाड़ू लगेगा, जब customer आएगा तो आप उनसे क्या बोलेंगे, आप dress कौनसी पहनेंगे, आप French fries को कितनी time तक तेल में डाल कर रखेंगे और burger exactly कैसे बनेगा।

 आपकी team को MacDonald की university में इस सब की training लेनी पड़ेगी जिससे वो University of Hamburgerology भी कहते है।

 और जब आप इस तरीकेसे business करते है तभी आप एक perfect business चलाएंगे।

 जो हर बार आपको same results ला के देगा और तभी आप अपने business को आगे बढ़ा सकते है या फिर जिससे आप future में बेच भी सकते है।

 क्यूंकि लोग एक BUSINESS खरीदते है JOB नहीं।

अपने business पर काम करे न की उसके अंदर।

 आपको सबसे पहले ये समझना पड़ेगा की आपका business आपकी life नहीं है। जब आप ये समझ जायेंगे की आपकी जिंदगी का मकसद अपने business के लिए काम करना नहीं है बल्कि business का मकसद आपके लिए काम करना है। तभी आप अपने business पर काम करेंगे न की उसके अंदर।

 इसके लिए आपको मान के चलना पड़ेगा की आप भी एक franchisee business खोल रहे है, और उसके लिए आपको उसका prototype तैयार करना है, और जैसे ही ये prototype तैयार हो जायेंगे आपको ऐसे 5000 और business खोलने है।

 याद रखिये की हम आपको pretend करने के लिए बोल रहे है नाकि असली में 5000 business खोलने को। वैसे आप चाहे तो खोल भी सकते है।

इसके 4 फायदे है:-

1) आपका business model आपके customer को, employee को, supplier को same value दे सकता है। पर आप बोलेंगे ये value क्या है। Value वो है जो आपका customer सोचता है उसे मिला।
 For example जैसे ही customer enter करता है तो उसे क्या बोला जाये ? Value आपके customer के लिए एक surprise gift हो सकता है। Value एक discount हो सकता है। Value आपके employee के लिए “THANKS” word हो सकता है।

Value बताती है की आपका customer आपसे खुश है या नहीं।

2) ये business model आपकी मदत करेगा की आपका business सबसे कम SKILL वाले लोगो की मदत से चल सके। हाँ आपने ठीक सुना सबसे कम SKILL वाले लोग। क्यूंकि अगर आपके business के लिए special skill चाहिए तो आपको ऐसे 5000 नए business तैयार करने मुश्किल हो जायेंगे।
 अगर आप doctor है या advocate है तो आपकी minimum skill वाली लोग में advocate और aur doctor ही शामिल होंगे। आपको हमेशा अपने से ये पूछना है की आप अपने business को people dependent के बजाये system dependent कैसे बना सकते है क्यूंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आपका business आपके employees के mood से चलेगा।
 अगर उनका mood अच्छा हुआ तो काम होगा वर्ना नहीं, और आप यही सोचते रहेंगे की मैं अपने employees का mood कैसे ठीक रखु ताकि वो motivated रहे और काम करते रहे।

3) इस business model की वजह से आप अपने business को चलाने के लिए उसके operations manual लिखेंगे। इन operations manual की वजह से आपके business में हर employee का काम लिखा जायेगा, और इसमें इतने आसान steps होंगे जिनकी मदत से कोई भी low skill worker भी इसे कर सकेगा।

4) इस business model की वजह exactly decide कर पाएंगे की आपके employees किस तरह की dress पहनेंगे, कौनसा color की ki dress पहनेंगे। Research ये prove कर चुकी है की colors या shapes आपके business को बना या बिगाड़ सकती है। क्या आप जानते है की customers blue dress के employees से ज्यादा सामान खरीदते है बाकी colors के मुकाबले।

 ये सब चीज़े आपको तभी पता चलेंगी जब आप अपने business पर काम कर रहे होंगे और DATA को समझ रहे होंगे की आपके पास कितने customers आये उन्होंने कैसे react किया।

 अगर आप अपने business के अंदर काम कर रहे होंगे तो आप ये कभी भी achieve नहीं कर पाएंगे।


Part-3:- Building a small business that works.


Business development process

 Business को improve करना एक continuous process है। जिसमे सबसे पहला step आता है Innovation.

 क्या आपने कभी सोचा की अगर आप ये पूछने के बजाए “नमस्ते, क्या मैं आपकी मदत कर सकता हूँ”. ये पूछे “नमस्ते क्या आप पहले यहाँ पर आये है”.  इस पर या तो आपका customer हाँ बोलेगा या ना।

 अगर वो हाँ बोलते है तो आप बोल सकते है “Good, हमने अपने पुराने customers के लिए एक special offer रखा हुआ है। मैं आपको इसके बारे में बता देता हू।”

 अगर आपका customer ना बोलता है तो आप कह सकते है “Good, हमने अपने नए customers के लिए एक special offer रखा हुआ है। मैं आपको इसके आपको इसके बारे में बता देता हु”

 अब obviously आपके पास वो special offer होना चाहिए। लेकिन सोचिये की ये छोटे से words आपकी जेब में पैसे डलवा सकते है।

 आप पूछेंगे कितने...? ये depend करेगा की आप कितनी energy से ये सब अपने customers को बोलते है।

Innovation हर business के दिल की तरह है। अगर आप अपने business में innovation चाहते है तो आपको अपने से हमेशा एक ही सवाल पूछना है। मेरा CUSTOMER क्या चाहता है ?

 हर वक़्त आपको देखना है की आप अपने काम करने के तरीके को कम energy और पैसे खर्च करके कैसे बेहतर बना सकते हो।

 जैसे की हम आपको बता चुके है की research बताती है की अगर आपने blue color के कपडे पहने है तो लोग आपसे ज्यादा सामान खरीदेंगे, और कम सामान खरीदेंगे अगर आपने brown कपडे पहने है तो।

 ऐसी छोटी छोटी चीजों की जानकारी आपके business को बहुत आगे बढ़ा सकती है।

 लेकिन आप इन सब छोटे चीजों को तभी जान पाएंगे जब आप अपने BUSINESS पर काम कर रहे है उसके अंदर नहीं।

 लेकिन अब सवाल ये आता है की आपको ये सब पता कैसे चलेगा। तो इसका जवाब है QUANTIFICATION.

 आपको अपने business में की गयी हर innovation पर maths करना होगा, गणित करना होगा।

For example: आपको कैसे पता चलेगा की जैसे ही कोई customer आपकी दुकान पर आया।

 उस से अलग तरीके के शब्द बोलने पर आपकी sales 20% increase हो रही है।

 आप ये तब जान पाएंगे जब आप इस innovation को एक हफ्ते तक अपने business पर चलाओगे और फिर इस बात की जानकारी रखोगे की...

1)    उस हफ्ते कितने लोग आपकी दुकान पर आये जब आपने अपने शब्दों में बदलाव किया था।

2)     कितने लोगो ने आपसे सामान लिया और कितने रूपए का, और इसको आप compare करोगे पिछले हफ्ते की sales से।

3)    कितने लोग उन शब्दों में बदलाव लाने से दोबारा आपकी दूकान पर आते है।

 ये सारी जानकारी ही आपको आपके सवालो का जवाब दे पायेगी की क्या आपका business उस Innovation से improve भी हुआ है या नहीं।

 - अगला step आता है की जब आपको पता चल जाता है की कोई innovation काम कर रही है।

 तो उस innovation को आप अपने business में हर रोज़ करेंगे। अगर blue dress काम कर रही है तो इसे हर रोज़ पहनो।

 अगर “नमस्ते क्या आप यहाँ पहले आये है” बाकी हर दूसरी चीजों से ज्यादा अच्छे तरीकेसे काम करता है तो इसे हर वक़्त करो।

 किसी भी चीज को तभी बदला जाना चाहिए जब वो पहले से अच्छे results दे रहे हो।


Your strategic objective

 जब तक आपका पूरा business SIMPLE और साफ़ साफ़ शब्दों में एक document में नहीं लिखा जाता तब तक आप confuse रहेंगे और कोई आपकी मदत नहीं कर पायेगा।

 यह एक तरीका है जिस से आप अपनी progress को नाप सकते है।

 आपके business का सबसे पहला काम है आपके लिए पैसे कमाना।

 आप हर साल कितने का business करना चाहते है, कितना profit कमाना चाहते है tax देने से पहले और tax देने के बाद।

 अपने आप से पूछिए की आपको कितने पैसे चाहिए अपने सपनो की जिंदगी जीने के लिए, अपने घर वालो के साथ समय गुजारने के लिए।

 Business सिर्फ एक और एक ही कारन से बनाया जाता है और वो है उसे बेचने के लिए।

 आपका काम है business शुरू करना, उसे उसके मुकाम तक पहुँचाना और फिर उसे बेच देना।

 शायद आप अपने business को बेचना ना चाहे पर कम से कम ये इसी mentality के साथ किया जाना चाहिए।

 अगर आप ऐसा करते है तो अगला सवाल आता है की क्या कोई इसे खरीदेगा।

 तो इसका जवाब है हाँ, लेकिन सिर्फ तब जब ये काम करेगा और ये एक BUSINESS होगा ना की एक JOB.


आपकी organization की strategy

 हर कोई अपनी life को organize करना चाहता है। ज्यादातर companies लोगो को organize करना चाहती है ना की business के कामों को। और इसकी वजह से ज्यादा तर business fail हो जाते है।

 मान लीजिये दो भाई एक pastry shop का business खोलते है Eishan और Siddhant. ये दो भाई अब business partners बन चुके है। ये दोनों एक दूसरे का काम भी कर लेते है।

 अरे ये भाई जो है। जब eishan pastry नहीं बना रहा होता तो siddhant बना लेता है। जब siddhant customer को नहीं देख पाता तो eishan देख लेता है। शुरू में business बहुत अच्छे तरीकेसे काम कर रहा है एक नयी machine की तरह। दुकान बिलकुल साफ़। शीशे चमक रहे है। Customers को pastries पसंद आ रही है।

 Monday को eishan shop खोल देता है। Tuesday को siddhant. Wednesday को eishan.

और ये चलते रहता है।

 अब business बढ़ने लगा है। ये एक नया employee hire करते है Sandeep.

Sandeep इनका भतीजा भी है। अब ये तीनो काम कर रहे है।

 जब eishan customer को नहीं देख पाता तो sandeep देख लेता है। जब sandeep सफाई नहीं कर पाता तो siddhant कर लेता है। जब siddhant pastry नहीं बना पाता तो eishan बना लेता है। थोड़े दिनों के बाद एक और employee hire किया जाता है Kuldeep.

 अब चारो मिल कर काम कर रहे है। चारो सफाई कर रहे है, pastry बना रहे है, customer से बात कर रहे है, telephone पर order ले रहे है और सुबह दुकान खोल रहे है।

 लेकिन अब pastry का taste पुराने जैसा नहीं रहा। Customers complaint कर रहे है। Eishan siddhant को देखता है siddhant sandeep को देखता है और sandeep kuldeep को। दुकान में ठीक से सफाई नहीं हो रही। दुकान के शीशे साफ नहीं है।

 अब सबको गुस्सा आ रहा है। लेकिन सवाल ये है की गलती किसकी है। किसने अपना काम नहीं किया।

 इसमें जो eishan और siddhant को समझ नहीं आया वो ये है की इस तरह के business का अंत ऐसा ही होता है। जहाँ पर business लोगो पर निर्भर करता है ना की systems पर। जहाँ पर positions define नहीं होती, जहाँ पर हर position का काम define नहीं होता ऐसे business कभी organize नहीं होते।

 लेकिन अब आप पूछेंगे की क्या इसका SOLUTION है???  बिलकुल SOLUTION है....!!!!! और वो है ORGANIZATION CHART.



SHARE HOLDERS


 Eishan और siddhant एक ORGANIZATION CHART बनाते है, जिसमें सबसे ऊपर लिखा है - SHAREHOLDERS. ये दोनों मानते है की shareholder business से बाहर रहेंगे और ये business के मालिक है।

 Business में सबसे ऊपर आता है Chief operating officer (COO), जो पुरे business को उसके target की तरफ ले जायेंगे और shareholders को report करेगा।

Chief operating officer के under आते है 3 vice president.

1)  Vice president marketing. जिसक काम है नए customers को लाना। Customers को ko satisfy करवाना और सारी reports Chief operating officer को देना।

2) दूसरा है Vice president operations. जिसका काम है customers को बनाये रखना। उन्हें Unhe value deliver करना जो promise किया गया था। उन्हें अच्छा experience देना और chief operating officer को सारी information देना।

3) तीसरा आता है vice president finance. इनका काम है vice president marketing और vice president operation को finance करना। इनसे पैसे लेने की वजह को लिखना, उनके results calculate करना और chief operating officer को report करना।

 इन तीनो vice president के पास अपना staff है। Vice president marketing के पास sales manager और advertising research manager है। Vice president operations के पास production manager, service manager और facilities manager है। जबकि Vice president finance के पास accounts receivable manager है और accounts payable manager है।

EISHAN और SIDDHANT organization chart बनाके एक दूसरे को देख कर खुश होते है। मगर problem है की business में यही 2 है और इनके नाम ही हर position में लिखे जायेंगे।

 मगर इससे पहले की ये अपने नाम, इन position के आगे लिखे, ये हर position के लिए एक contract लिखते है जिसमे उस position का काम लिखा हुआ है। उसमें ये भी लिखा है की काम पूरा ना होने पर क्या penalties होंगी।

 अब ये दोनों decide करते है की COO कौन बनेगा। क्यूंकि eishan manage करने में अच्छा है तो वो दोनों राज़ी हो जाते है की eishan COO यानी chief operating officer बनेगा।

 Siddhant finance में अच्छा है इसीलिए वो उसका नाम vice president finance में लिख लेते है। इस तरीकेसे उन दोनों काम नाम हर POSITION पर लिखा जाता है।

 अब हर position का काम decided है। अब हर position के लिए operating manual भी लिखा जाता है।

 जिसमे उस position पर काम कर रहे employee को क्या क्या काम करने है mention किया जाता है।

 अब जैसे जैसे business grow करता है eishan और siddhant एक एक करके हर position के लिए employee hire करते है।

 5 साल के बाद eishan और siddhant देखते है की उन्होंने COO यानी chief operating officer के लिए भी employee hire कर लिया है।

 अब वो सिर्फ share holders है। उनका BUSINESS उन्हें हर महीने पैसे कमा के दे रहा है। पूरा BUSINESS एक PERFECT MACHINE की तरह चल रहा है।

 और ऐसा इसीलिए हुआ है क्यूंकि वो जानते है की हर position का क्या काम है।

 हर position के लिए operating manual है।

 उन्हें हर महीने(month) किस तरह के results मिलने चाहिए। अगर results में कुछ कमी आती है तो वो उसे आसानी से ठीक कर सकते है क्यूंकि वो हर position पर काम कर चुके है।

 इतना ही नहीं अगर वो चाहे तो वो ऐसे 5000 और BUSINESS खोल सकते है।

 उन्हें पता है की उनका BUSINESS कैसे चलता है। इस BUSINESS का एक एक टुकड़ा कैसे काम करता है, और वो ऐसा ही करते है।

 इस BUSINESS के जैसे कई ऐसे BUSINESS खोलते है उन्हें FRANCHISEE के रूप में बाकी लोगो को बेचते है।

 लोग इनसे इनका BUSINESS इसीलिए खरीदने है क्यूंकि ये चलते है।

 अगर वो इस BUSINESS की FRANCHISEE खरीदते है तो उन्हें PASTRY की RECIPE से लेके, इस BUSINESS में कितने लोग होने चाहिए, उनका क्या क्या काम है, वो काम को कैसे करेंगे सब बताया जायेगा।

 यानी पूरा BUSINESS MODEL समझाया जायेगा, और ये पूरा BUSINESS एक नयी MACHINE की तरह चलेगा।


अपने business को Manage कैसे करे

 Business को Manage दो तरीकेसे से किया जा सकता है लोगो की मदत से या systems की मदत से।

 अगर हम अपने business को लोगो की मदत से manage करते है तो वो उनका mood के हिसाब से चलेगा और हर रोज़ एक जैसे नहीं चल पायेगा।

 इसीलिए हम अपने business को SYSTEM से manage करेंगे।

 लेकिन ये system क्या है। इसके लिए मैं आपको एक एक story बताना चाहता हूँ।

 मैं 7 घंटो से गाड़ी चला रहा था और अपने destination पहुँचने से पहले मैंने सोचा की मैं एक रात hotel में रुक जाता हूँ, और मैंने एक hotel में रुकने का फैसला किया।

 जैसे ही मैं hotel पहुंचा वहां की चमक कुछ अलग ही थी। हर चीज एकदम साफ़, पूरी planning से रखी थी।

 पुरे hotel देखते ही मेरे dekhte hi mere face में smile आ गयी। aa gayi. तभी receptionist ने मुझे welcome किया और 3 minute के अंदर मैं hotel book करवा के अपने room में पहुँच चूका था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था की इतनी जल्दी मैं अपने room में भी पहुँच गया था।

 Room, वहां के tables, bed सब perfect था।

 जब मैं change करके वहां से dinner करने के लिए निकला तो बाहर ही restaurant के लिए एक board लगा था जिसमें directions दी थी।

 और जैसे ही मैं restaurant के board के पास पहुंचा वहां पर ज़मीन में लगे sensors ने मेरे movement पहचान ली और floor में lights जल गयी।

 और वो धीमे lights restaurant तक जली हुई थी, जिससे मुझे रास्ता पता चल गया।

 Restaurant में पहुँचते ही waiter ने मुझे table तक पहुँचाया।

 मैं खुश था की यहाँ पर अपने customer को कितना seriously लिया जाता है।

 Dinner भी एकदम perfect था। अब मुझे ठंड सी लग रही थी। जैसे ही मैं दोबारा room पहुंचा तो मैंने देखा की room heaters automatically ON हो गए है।

 और साथ में एक brandy की bottle थी। जिसके पास एक card भी था और उसमे लिखा था - Welcome to our hotel, sir अगर आपको कुछ भी जरुरत हो तो हमे आप कभी भी call कर सकते है।

 थोड़ी देर में मैं आराम से सो गया। जैसे ही मैं सुबह उठा तो अजीब सी bubbling आवाज आ रही थी।

 मैं देखने के लिए उठा तो देखा की सामने वाले table में पड़ी kettle automatically On हो गयी थी, और साथ में एक card पड़ा था जिसमें लिखा था - आपके मन पसंद वाली coffee.

 Wow मुझे ये coffee पसंद थी। थोड़ी देर बाद दरवाज़े में knock हुआ।

 जब मैंने दरवाजा खोला तो कोई भी नहीं था, और नीचे newspaper पढ़ा हुआ था “times of INDIA”.

 मैं हैरान था की इन्हे कैसे पता की मुझे यही coffee पसंद है और मैं यही newspaper पढता हूँ।

 तब मुझे याद आया की reception में मुझसे coffee का brand और मेरा daily का newspaper पूछा गया था।

 मेरा पूरा experience उस hotel का इतना अच्छा था, की अब मैं हर बार वहां पर ही रहना पसंद करता हूँ और हर आदमी को यही recommend करता हूँ की वो वहां पर आये। ये एक coffee या newspaper की वजह से नहीं था। ये था मेरी इतनी care रखने के लिए।

 मैं इससे इतना impress हो गया की मैंने सोचा की इस hotel के manager से मुझे जरूर मिलना है और पूछना है की वो ऐसा करते कैसे है।

 उस hotel का manager बहुत ही young था, और कुछ देर request करने के बाद आखिर उसने वो राज़ खोल ही दिया।

 और वो एक book दिखाते हुए बोलै Sir ये है हमारा राज़। OPERATION MANUAL. इसमें हर चीज color coded है, पीले रंग के pages में room setup के बारे में लिखा है, Blue color के pages में guest support service के बारे में लिखा है।

 For example - आपके bed के पास आपके मन पसंद की coffee रखना, आपका favourite newspaper, रात को heaters कब on करने है ये सब इसमें लिखा है।

 जैसे ही room support person आता है उसे हर रोज हर room के लिए एक checklist दी जाती है, और उसे वो काम करने होते है उसी तरीकेसे जैसे हमने इसमें लिखा है,

 और इसमें room map भी है की पहले उसे कौनसा काम करना है। जैसे की सफाई, आपकी coffee, ये mint की toffee etc. और बाद में उसे इसमें sign करना पड़ता है।

 अगर कभी भी ये पाया जाता है की room service person कोई भी काम किये बिना इसमें sign करता है तो उसे उसी वक़्त waqt job से निकाल दिया जाता है। मगर ऐसे Magar aise cases बहुत ही कम होते है और यही SYSTEM का कमाल है।

 उस hotel के manager ने मुझे बताया की जितना हो सकता है हमने चीजे automatic रखी है। चाहे वो सुबह kettle के ON होने की timing हो, बाहर garden में lights ON होने की timing या फिर कमरे के बाहर lights की intensity control करने की timing.

 ये सब electronically होता है। क्युकि ये सब machine से होता है तो गलतिया भी कम होती है। जितना अच्छा system उतना कम error.

 और वो manager हस कर बोला तभी आप जैसे बहुत सारे guests हर बार मुझे मिलने भी आते है।


अपनी TEAM को कैसे HANDLE करे

 अपनी team को handle करने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है एक ऐसा environment create करना जहाँ पर लोगो के लिए काम करना important हो जाए, और वो तभी होगा जब आप उस company के owner अपने काम को बहुत seriously लेते हो।

 उस hotel के manager ने मुझे बताया था की जिस दिन वो उस hotel में interview देने आया था तो उसके boss ने उसे बहुत seriously लिया था।

 बेशक वो एक बहुत जवान लड़का था पर उसके boss ने उसे एक बड़ा समझदार आदमी समझ कर बात करि।

 और जब उसके boss ने उस से बात करि तो उसने देखा की उसका boss कितना ज्यादा seriously वो अपने business को लेता था। उस Us business की हर एक detail. हर एक चीज कैसे काम करनी चाहिए। वो हर चीज को perfectly चाहता था। जो सबसे ज्यादा use अपने boss की चीज पसंद आयी वो थी उसकी अपने business को ले के ईमानदारी और मेहनत।

 Boss ने उस लड़के को manager की job देने से पहले कई घंटो तक operation manual से उसे हर एक operation समझाया, और उसे बताया की कैसे customer हर बार सही नहीं होता पर customer को ये ko ye feel करवाना की वो हमेशा सही है ये हमारी जिम्मेदारी है।

 उसके boss ने उस hotel को चलाने के लिए जितने भी rules बनाये थे वो उस bnaye the vo us operation manual में थे, और boss हर rule को बहुत ko seriously लेता था।

 इसीलिए जब हम अपने business के ke rules बनाये तो हमे भी चाहिए की उसके हर एक rule को seriously देखे और seriously खुद khud follow करे अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो हमारा employee भी ऐसा ही करेगा।

 दोस्तों ये BOOK MICHAEL. E GERBER ने लेखी है, और ये सारा CREDIT उन्ही को जाता है, और हमारा ये SUMMARY बनाने का मकसद सिर्फ इतना ही है की हम आपको MOTIVATE कर सके ये BOOK खरीदने के लिए।


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