शुक्रवार

हम कैसे Positive रह सकते हैं - Sandeep Maheswari Motivational Speech in Hindi Written

  Rocktim Borua       शुक्रवार
Hello दोस्तों, आज मैं संदीप महेश्वरी जी की बताई गयी एक बात के बारे में बात करेंगे की Negative लोगो के साथ आप कैसे Positive रह सकते हो


हम कैसे Positive रह सकते हैं - Sandeep Maheswari Motivational Speech in Hindi


हम कैसे Positive रह सकते हैं - Sandeep Maheswari Motivational Speech in Hindi Written


 दुनिया में जो ज्यादातर लोग हैं वो सारा जीवन दुखी ही बिताते हैं और इसका मतलब इस दुनिया में जो दुःख है वो पहले ही बहुत ज्यादा है, दुखी लोग बहुत ज्यादा है, तो अब इस दुनिया को और दुखी लोगो की जरुरत नहीं है।

 तो अगर आपके आसपास में कोई दुखी हो भी रहा है, अब यही लोगो की गड़बड़ है, लोगो को ये प्रॉब्लम होती हैं की लोग पूछते है की यहाँ इंडिया के घर घर में इतनी सारी प्रॉब्लम होती है फिर भी कुछ लोग हैं हस्ते ही रहते हैं और उन लोगो को बाकि लोग पूछते हैं की आप कैसे हंस सकते हो इतनी प्रॉब्लम में !

लोग पूछते हैं की यार आप इतनी Positive बातें करते हो, और यहाँ इंडिया में इतना ज्यादा Negative बातें हो रही हैं उसका क्या ?

मैंने कहा अगर मैं बैठ कर रोने लग जाऊंगा तो क्या सारी problems solve हो जाएगी ? इतने सारे लोग already दुखी हैं और उसके साथ मैं भी दुखी हो जाऊंगा तो क्या लोगो का दुःख कम हो जायेगा !

 और बढ़ जायेगा।

मैं क्या कर रहा हूँ की मैं खुश हूँ, मुझे कोई शर्म नहीं आती हैं ये बोलने में की मैं खुश हूँ, लोगों को ये भी बोलने में डर लगता हैं की कही किसी की नजर न लग जाये,

जैसे हममे से ज्यादातर लोगो के घरवाले बोलते हैं की ज्यादा खुश मत हो, नज़र लग जाएगी। खुलके हस्ते भी नहीं हैं, मतलब हसने के लिए भी लोग ऐसे डरते हैं जैसे किसी के बाप का कर्जा देना है।

ये सोचने वाली point हैं।

भाई मैं खुश हूँ, तो हूँ। ऐसा भी नहीं हैं की मेरे लाइफ में Problems नहीं हैं, बहुत हैं, लेकिन उन Problems की वजह से मैं दुखी क्यों हूँ !

मुझे Problems के Solutions निकालने है, मेरे दुखी होने से क्या सभी Problems के Solutions निकल जायेंगे ! नहीं।


Don't Miss -

  1. संदीप महेश्वरी जी की जीवनी - Sandeep Maheshwari Biography in Hindi


अगर मैं खुश हूँ और कितनी भी Problems आजाये, तो मैं solution निकाल लूंगा, बस इतना सा हमको समझना हैं।

आपको हमेशा खुश रहना हैं।

खुश कब रहोगे ? या खुश कैसे रहते हैं ?

जब भी आप लाइफ की Positive Side को देखते हो, आप खुश रहते हो, और जब भी आप लाइफ की Negative Side को देखते हो, आप दुखी रहते हो, इसको समझने में दिक्कत क्या है !

लोगो को अगर आप देखोगे तो जो उनका Attitude है की बारिश ज्यादा हो जाये... तो दुखी, कम हो जाये... तो दुखी, धुप ज्यादा पड़ रही हैं तो गर्मी बहुत है, गर्मी बहुत है, अब ठण्ड बहुत है, ठण्ड बहुत है, ठण्ड बहुत है और बस उलझे पड़े हैं। इसके आगे उनकी सोच जाती ही नहीं है। 

 और ये लोग कोई बाहर नहीं हैं, आपके घर में हैं, आपके आसपास में हैं।

तो अब आपको रुक करके अपने आपसे सवाल पूछना हैं, की क्या मुझे भी ऐसे ही बनना हैं, अगर आपके जवाब हाँ हैं तो चलते रहो जैसे चल रहे हो, अगर आपके जवाब ना है, तो immediately अपने thought process को change करो।

जो हो रहा है, वो हो रहा है, गर्मी ज्यादा पड़ रहो है तो पड़ रही है, तो आप को ये पूछना नहीं चाहिए की गर्मी ज्यादा क्यों पड़ रही हैं !, आप अपने responsibility को खुद लो, किसी और के responsibility मत लो और आप देखोगे आपकी लाइफ कमाल का हो जाएगी।

मेरे घर के आसपास में ऐसे बहुत सारी लोग हैं जो ultra negative है, मैं उसको देख के भी enjoy करता हूँ, क्यूंकि मुझे लगता है की ये उनकी गलती नहीं हैं। उनकी Conditioning ऐसी हो गयी है, वे कभी कोशिश ही नहीं करि अपनी Conditioning को बदलने की, तो वो ऐसे हो गए है और इसमें मैं उनको देख के enjoy करता हूँ, इसमें दुखी क्यों होना हैं !

इस दुनिया में जो जैसे हैं उनको वैसे ही रहने दो, वो दुखी रहना चाहता है तो रहने दो, मैं क्यों जबरदस्ती जाकरके उसको सुखी करू, मैं सिर्फ अपनी responsibility के सकता हूँ, की मुझे खुश रहना हैं।

खुशी कब मिलेगी जब मैं सही ट्रैक पे चलूँगा, सही ट्रैक क्या है - लाइफ की जो positive situations हैं, उसको देखना, ये सही ट्रैक है। हर situation की positive side को देखना ये सही ट्रैक है, लोगो की अच्छाई को देखना, ये सही ट्रैक है, हमारी जो problems है उनको opportunity की तरह देखना, और इन सब से दुखी होना ये सब गलत ट्रैक हैं।

Choice आपके हाथ में है, मैं आपको ये नहीं कह रहा की आप यही करो, मर्जी आपकी है।

आपको दुखी बनना है तो दुखी ही बनो, ये better लगता है तो, ये ज्यादा comfortable लगता है तो, अगर आपको कुछ और बनना है तो अपनी thinking को धीरे धीरे change करते चले जाओ।

कही भी कुछ भी गड़बड़ हो अपने अंदर, झांक करके देखो, की हाँ मैंने न उसके बारे में गलत सोचा था, इसीलिए ऐसा गलत feel हो रहा है।

तो क्या उस बंदे में कुछ अच्छाई नहीं है ! जिसके बारे आपने गलत सोचा, क्या दुनिया में कोई भी ऐसा इंसान है जिसके अंदर कोई अच्छाई न हो।

है न !

तो आप उनमें उसकी अच्छाई को क्यों नहीं देख रहे हैं, मैं उसकी अच्छाई को क्यों नहीं देख रहा, मैं उसकी बुराई को ही क्यों देख रहा हूँ।

हमारी लाइफ की सारी जो journey है वो है अपना बाहर से ध्यान मोड़ देने की और अपने अंदर अपना ध्यान लगा देने की, कि मुझे सिर्फ खुद को better बनाना है भाई।

और जब तक आप खुद बदलना नहीं चाहते या खुद Positive रहना नहीं चाहते हैं, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत आपको बदल नहीं सकती, ये बात हमेशा याद रखना दोस्त।


Don't Miss -

  1. Sandeep Maheshwari Speech - Be Fearless
  2. Motivational Speech - जो पाना चाहते है वो कैसे मिले
  3. 4 Steps to Overcome Failure in Your Life - Sandeep Maheshwari Motivational Speech
  4. How to be Happy Always - Motivational Speech in Hindi
  5. How to Overcome laziness in Hindi - by Sandeep Maheshwari

तो दोस्तों आपको आज का हमारा यह Article (हम कैसे Positive रह सकते हैं - Sandeep Maheswari Motivational Speech in Hindi) कैसा लगा नीचे कमेंट करके जरूर बताये और इस Article (हम कैसे Positive रह सकते हैं - Sandeep Maheswari Motivational Speech in Hindi) को अपने दोस्तों के साथ share भी जरूर करे।


आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.
logoblog

Thanks for reading हम कैसे Positive रह सकते हैं - Sandeep Maheswari Motivational Speech in Hindi Written

Previous
« Prev Post

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें