गुरुवार

Business Execution for Results Book Summary in Hindi - छोटे और मध्यम बिज़नेस को सफल बनाने का तरीका

  Rocktim Borua       गुरुवार

 बिजनेस एक्सेक्यूशन फार रिज़ल्ट्स ( Business Execution for RESULTS ) में हम देखेंगे कि किस तरह से आप अपने बिजनेस में गोल सेट कर सकते हैं और उसे हासिल कर सकते हैं। यह किताब एक सफल बिजनेस खड़ा करने में आप की मदद करेगी।


यह किसके लिए है


- वे जो एक बिजनेसमैन हैं।

- वे जो एक बिजनेस शुरु करने के बारे में सोच रहे हैं।

- वे जो अपनी जिन्दगी में अपने गोल्स को हासिल नहीं कर पा रहे हैं।



लेखक के बारे में


 स्टीफेन लिंच (Stephen Lynch) एक बिजनेस स्ट्रेटजी डेवलपर, पुलिस ऑफिसर, बॉडी बिल्डर और डीजे हैं। वे दवाइयों की कंपनी के सेल्स मैनेजर भी रह चुके हैं। वे Results.com के फाउंडर भी हैं, जिसमें से वे छोटे और मीडियम साइज़ फर्म को बढ़ने में मदद करते हैं।



यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए?


आपने अक्सर बड़े बड़े गोल सेट किए होंगे, जैसे कि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनना या फिर किसी कंपनी के लिए नए प्रोडक्ट की मार्केटिंग करना। लेकिन क्या आप ने उस सपने को कभी पूरा होते हुए देखा है? बहुत कम लोग होते हैं जो कि कड़ी मेहनत के बाद अपने सपनों को पूरा कर पाते हैं।


लेकिन सिर्फ कड़ी मेहनत ही काफी नहीं है। बहुत सारे बिजनेस अपने शुरु के चार से पांच साल के अंदर ही डूब जाती है। और तो और बहुत से बिजनेस प्रोफेशनल्स घंटों की मेहनत के बाद अक्सर हार जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्यों कि वे सही प्लानिंग नहीं करते हैं। यह किताब आपको गोल सेटिंग करना और उसकी मदद से अपने बिजनेस को कामयाब बनाना सिखाती है।


इसे पढ़कर आप देखेंगे


-किस तरह से आप अपने गोल्स को हासिल करने के लिए प्रेरणा पा सकते हैं।

-बिजनेस को कामयाब बनाने के लिए सही मौके को किस तरह से आप खोज सकते हैं।

-किस तरह से आप अपने गोल को सेब कर के उसे नाप सकते हैं।


Business Execution for Results Book Summary in Hindi


Business Execution for Results by Stephen Lynch Book Summary in Hindi - छोटे और मध्यम बिज़नेस को सफल बनाने का तरीका


अपने बिजनेस को कामयाब बनाने के लिए एक गोल बनाइए।


Jerry I. Porras और Jim Collins ने अपनी किताब Built to Last में (BHAG) के बारे में बताया है, जिसके हिसाब से किसी भी गोल के अंदर 4 चीजें होनी चाहिए -


1. वे बड़ी होनी चाहिए

2. उसे पूरा होने में कई साल लगने चाहिए

3.वो सुनने में थोड़ा खयाली और असंभव लगे

4. उसे आसानी से नापा जा सके


सैम वॉल्टन (Sam Walton) वॉलमार्ट के फाउंडर थे। उन्होंने एक बड़ा ही अजीब गोल सेट किया था। वह चाहते थे कि उनकी छोटी सी वैरायटी स्टोर न्यूपोर्ट, अरकांसस में सबसे ज्यादा फायदा कमाने वाली स्टोर हो।


 हालांकि वे सिर्फ टीशर्ट बेचते थे। इसलिए यह काफी बड़ा गोल था जिसे पाना आसान ना था। लेकिन 1948 तक वे अरकांसस में सबसे ज्यादा फायदा कमाने वाले स्टोर थे।


और फिर उन्होंने धीरे-धीरे छोटे छोटे गोल सेट करना चालू कर दिया। 2002 तक उन्होंने वॉलमार्ट को इस दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बना दिया।


1934 में वाल्ट डिज्नी ने सबसे पहली एनिमेटेड फिल्म बनाई। हालांकि उस वक्त सिर्फ छोटी एनिमेटेड मूवी ही बनाना संभव था, लेकिन इस बड़े प्रोजेक्ट को भी उन्होंने पूरा कर दिखाया।


आप भी सैम वॉल्टन की तरह BHAG के हिसाब से अपने गोल को सेट कर के उसे आसानी से पूरा कर सकते हैं।



अपने गोल को पूरा करने की कसम खाइए और उससे कभी मत भटकिए।


अगर आपको कोई भी काम पूरा करवाना हो, तो सिर्फ ऐसे लोगों को काम पर मत रखिए जिन्हें वो काम करना आता हो। बल्कि ऐसे लोगों को काम पर रखिए जो उस काम के साथ उतने ही जुड़ें हों जितने कि आप जुड़ें हों। आसान शब्दों में, आपकी टीम के लोगों को भी अपने मकसद से लगाव होना चाहिए।


आपको अपने बिज़नस को खड़ा करने के लिए भी एक मकसद चाहिए। यही मकसद आपको रास्ते पर रखने का काम करता है। और यही वजह आपके बिजनेस का कोर पर्पज कहलाता है। आपके बिज़नस का कोर पर्पज आपको अपने गोल को पाने का मोटिवेशन देता है।


आईएसआर ने अपने रिसर्च में बताया था कि जिस भी टीम के लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं, वे ज्यादा कामयाब होते हैं।


कोर पर्पज की तरह ही कोर वैल्यू भी बहुत जरूरी है। इन कोर वैल्यू की मदद से आप अपने लिए सही कर्मचारियों को खोज पाएंगे। सिर्फ उन लोगों को काम पर रखिए जिनके कोर वैल्यू आप से मिलते हों।


एक्जाम्पल के लिए, अगर आप एक रेस्तरां चलाते हैं, तो आपके कोर वैल्यू हो सकते हैं - अपने ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी का खाना खिलाता जो कि ताजी सब्जियों से बना हो। इस तरह का मकसद रखने से आप सही कर्मचारियों के साथ ही सही ग्राहकों को भी आकर्षित करते हैं। इससे आपके काम सिर्फ वही लोग आएंगे जो कि क्वालिटी पसंद करते होंगे।


इसके अलावा इससे आप सिर्फ उन कर्मचारियों को भी खोज पाएंगे जो कि आपके इस मकसद में भरोसा करते हों। अगर किसी कर्मचारी का मानना है कि आपको सस्ता खाना लोगों तक पहुंचाना चाहिए ताकि हर कोई उसे खरीद सके, तो आप इस तरह के कर्मचारी को काम से निकाल सकते हैं क्योंकि वह आपके मिशन से लगाव नहीं रखता।



सही फैसले लेने के लिए सही मौकों की तलाश कीजिए।



 बिजनेस में बहुत बार हम खुद से ही एक गोल सेट कर लेते हैं और फिर उसपर जी-जान से काम करने लगते हैं। हम बहुत मेहनत करने के बाद उस प्रोडक्ट को मार्केट में उतारते हैं। उसके बाद कहीं जाकर हमें पता लगता है कि हम जो बेच रहे हैं वो किसी को नहीं चाहिए। इस तरह के हालात में हमने बिजनेस के शुरुआत में ही एक फैसला ले लिया जो कि सही नहीं था।


सही फैसले लेने के लिए सबसे पहले सही जानकारी इकट्ठा करना शुरू कीजिए। इसके लिए आप PEST (पालिटिकल, इकोनामिक, सोशल, इकोलॉजिकल) एनालिसिस कर सकते हैं।


पहली है पॉलिटिकल बातें -


 इसमें आप आने वाले राजनीतिक मौके को ढूंढे, जो इस समय में और भविष्य में आप के काम आए। जैस कि सैम वॉल्टन ने 1960 में किया। उन्होंने देखा कि अमेरिका की सरकार इंफ़्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्ट करने जा रही है। सरकार ने पहले से ही रोड बनाने का काम शुरु करवा दिया था जिससे कि सामान लाने जाने में आसानी होती। फिर इस मौके का फायदा उठाने के लिए सैम वॉल्टन ने कई जगहों पर अपना स्टोर खोलना शुरू कर दिया।


दूसरा है इकोनॉमिकल फैक्टर्स -


 आप इकोनॉमिक बदलाव का भी फायदा ले सकते हैं। फिर से हम ये बात सेम वॉल्टन से सीख सकते हैं। उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुए इकोनामिक नुकसान में नए बिजनेस को शुरु करने का अवसर ढूंढा और सफल भी हुए।


तीसरा है सोशल फैक्ट्स -


 यहां आपको अपने ग्राहकों को, कर्मचारियों को और अपने लोगों को समझना होगा। जैसे कि आपके ग्राहकों की औसत उम्र कितनी है? वे कहां पर रहते हैं? वे साल में कितना कमाते है? वे किन परेशानियों का सामना कर रहे हैं?


 वॉल्टन जब शुरुआत कर रहे थे तो उन्होंने देखा कि बहुत से लोगों के पास छोटे बच्चे हैं। उन्होंने बच्चों से संबंधित बहुत प्रोडक्ट मार्केट में लाए और कामयाब हुए।


चौथा है टेक्नोलॉजी में बदलाव -


 आपको हमेशा सोचते रहना चाहिए कि नई टेक्नोलॉजी आप के बिजनेस पर कैसे असर डाल सकती हैं? और इसका फायदा आप कैसे उठा सकते हैं? आज सारा काम ऑनलाइन हो रहा है, जिस वजह से बहुत सी कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव आ रहा है। आप जितनी जल्दी इसका फायदा उठाएंगे, उतनी ज्यादा देर तक आप कामयाब रहेंगे।



कामयाब बिजनेस कभी अपने गोल से नहीं भटकते।





अपने बिजनेस को एक अलग पहचान देना इतना आसान काम नहीं है। अपने बिजनेस को एक अलग पहचान देने के लिए आपके पास इन तीनों में से कोई एक वैल्यू डिसिप्लिन का होना जरुरी है।


पहला, ऑपरेशनल एक्सेलेंस, जिसमें आप का प्रोडक्ट कम दाम में बिकता है। ऐसे में आपके ग्राहक वो लोग होते हैं जो कि कम पैसों में घर चलाना चाहते हैं।


दूसरा है प्रोडक्ट लीडरशिप, जिसमें कि आपका प्रोडक्ट मार्केट में सबसे अच्छा होता है। ऐसे में आपके ग्राहक वो लोग होते हैं जो कि क्वालिटी पर फोकस करते हैं और उसके लिए ज्यादा पैसे देने से पीछे नहीं हटते हैं।


तीसरा है कस्टमर इंटिमेसी, इसमें आपका प्रोडक्ट आपके ग्राहक की एक खास समस्या को बहुत अच्छे से सुलझाता है।


इन तीनों में से कोई एक वैल्यू डिसिप्लिन भी आपको अपने मकसद के रास्ते पर कायम रखने के लिए काफी है। एक बार आपने इन तीनों में से किसी एक वैल्यू डिसिप्लिन को चुन लिया तो आपके लिए यह चुनना आसान हो जाएगा कि आप कि काम पर ध्यान देना है।


सेम वॉल्टन ने 1960 के दशक में अपने प्रोडक्ट को सस्ता रखने का रास्ता चुना। एक बार किसी एक डिसिप्लिन चुन लेने के बाद बाकी के दो आपके लिए उतने जरुरी नहीं रह जाते हैं। इससे आप अपने बिजनेस पर अच्छे से फोकस कर सकते हैं और अपने गोल्स को आसानी से हासिल कर सकते हैं।



अपने गोल को हमेशा ट्रैक करते रहें।


क्या आपके बिजनेस का गोल अच्छा है? इसका जवाब देना थोड़ा मुश्किल है। तो आईए इसे आसान बनाते हैं।


अपने गोल को ट्रैक करने के लिए आपको नंबर का इस्तेमाल करना होगा। नंबर आपको आसानी से अपने गोल को मापने में और उसे पूरा करने में मदद करते हैं।


एक्ज़ाम्पल के लिए अगर आपका मकसद है साल में 1 करोड़ रुपए प्राफिट में कमाना, तो आप आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि इसके लिए साल भर में आपको कितने प्रोडक्ट्स बेचने होंगे। उसके हिसाब से आप यह पता लगा सकते हैं कि हर महीने में और हर हफ्ते में आपको कितने प्रोडक्ट्स बेचने होंगे। इस तरह से आप अपने साल भर के गोल को नाप सकते हैं और यह पता लगा सकते हैं कि कब आप उससे पीछे चल रहे हैं।


इसके अलावा आपको यह भी देखना होगा कि वो कौन सी चीज़ है जो कि आपके कामयाबी को दिखाती है। ऊपर के एक्जाम्पल में हमने देखा कि आपके प्रोडक्ट की बिक्री यह बताती है कि आपने अपना गोल कितना पूरा किया है। इसे "की परफार्मेंस इंडिकेटर" या KPI कहते हैं।


यह देखिए कि वो कौन सी चीज़ है जो कि बताती है कि आप अपने गोल को पूरा कर रहे हैं या नहीं। अगर आप एक नान-प्राफिट हैं और मुफ्त में लोगों के कैंसर का इलाज करवाते हैं, तो आपने इस साल कितने लोगों की जान बचाई, यह आपका KPI है।



अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए अपने लोगों के साथ मीटिंग्स करते रहिए।



अब तक आपको अपने बिजनेस को सफल बनाने के लिए अच्छी स्ट्रेटेजीज़ मिल चुकी होंगी। लेकिन BHAG को पाने के लिए आपको और थोड़ा सीरियस होना पड़ेगा। समय को बरबाद करना और फोकस ना करना ही आपके सबसे बड़े दुश्मन हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि इनसे बचने के लिए हमारे पास कुछ तरीके हैं।


सबसे पहला तो यह कि आप मीटिंग्स करें।


 मीटिंग अपने बिजनेस के गोल स्कोर को चेक करने में मदद कर सकते हैं और सही दिशा दे सकते हैं ताकि आप भटके ना। ज्यादा मीटिंग्स करना एक बोझ लग सकता है, लेकिन यह बोझ उठाना आपके लिए जरुरी है।


 इसमें सबसे जरूरी मीटिंग होती है वो मीटिंग जो कि आप हर 3 महीने पर करते हैं। हर तीन महीने पर अपनी टीम को इकट्ठा कर के यह देखिए कि आपने अपने गोल को कितना हासिल किया है। आपको इसमें यह देखना चाहिए कि आपने पिछले 3 महीने में कितना काम किया है और वो कौन सी चीजें हैं जो आपको अपना गोल हासिल करने से रोक रही हैं।


फिर आप SWOT (Strength, Weekness, Opportunity, Threats) एनालिसिस भी कर सकते हैं। इसमें आप अपनी ताकत, कमजोरी, मौके और खतरे को खोजने की कोशिश करते हैं।


एग्जांपल के लिए हो सकता है कि आप प्रोडक्ट डेवलपमेंट में एक्सपर्ट हों लेकिन आप अपने प्रोडक्ट को सही से बेच नहीं पा रहे हों। ऐसे में आपकी ताकत है आपके प्रोडक्ट की क्वालिटी, कमजोरी है प्रोडक्ट की बिक्री ना कर पाना। अपनी कमजोरी पता लग जाने के बाद आप उसे सुधारने के मौके खोज सकते हैं। साथ ही आप यह भी पता कर सकते हैं कि किन चीजों से आपको खतरा हो सकता है।


यह पता लगा लेने के बाद आप यह पता कर सकते हैं कि अगले 3 महीने में आपको किस तरह से काम करना है। आप यह पता कर सकते हैं कि नए मौके का फायदा कैसे उठाना है, अपनी कमजोरियों पर काम कैसे करना है और अपने साल के गोल को हासिल कैसे करना है।


इस तरह से आप अपने बिजनेस के गोल को हासिल कर सकते हैं।



Conclusion -


 एक कामयाब बिजनेस बनाने के लिए सबसे पहले आपको अपने BHAG को खोजना होगा। इसके बाद आपको सही फैसले लेने के लिए मार्केट से पूरी जानकारी निकालनी होगी। आपको मौके का फायदा उठाना आना चाहिए। अपने गोल को हमेशा नंबर्स की मदद से सेट कीजिए ताकि आप उसे नाप सकें। हर 3 महीने पर एक बार मीटिंग कर के यह पता कीजिए कि आप अपने गोल को हासिल कर रहे हैं या नहीं। और नहीं तो कहाँ आपकी चूक हो रही है उसका पता लगाइये।


क्या करें?


हमेशा अपनी टीम को साथ लेकर चलिए।


अपनी पूरी टीम को स्ट्रेटजी रिसर्च के लिए लगा दीजिए। सभी के विचार आपको अच्छी स्ट्रेटजी बनाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए अकेले जाने की कोशिश ना करें, सबको साथ लेकर आगे बढ़ाएं।



और बुक समरी पढ़ें -

  1. Rich Dad Poor Dad Book Summary In Hindi
  2. The 7 Habits of Highly Effective People Book Summary in Hindi
  3. Steve Jobs Biography in Hindi
  4. Think and Grow Rich Book Summary In Hindi
  5. How to Win Friends and Influence People Book Summary in Hindi
  6. Book Summary in Hindi - Why A Students Work for C Students
  7. Elon Musk Biography Book Summary in Hindi
  8. The Power Of Habit Book Summary In Hindi
  9. The Miracle Morning Book Summary In Hindi
  10. Zero to One Book Summary In Hindi (Best Business Learning Book)
  11. The Lean Startup Book Summary In Hindi
  12. The 48 Laws of Power Book Summary in Hindi
  13. The Subtle Art of Not Giving A F*ck Book Summary in Hindi
  14. The Power Of Your Subconscious Mind Best Book Summary In Hindi
  15. Bouncing Back Book Summary In Hindi
  16. How To Stop Worrying and Start Living Hindi Book Summary in Hindi
  17. Book Summary in Hindi - The Compound Effect
  18. The Richest Man In Babylon Book Summary in Hindi
  19. You Can and You Will Book Summary in Hindi
  20. Made to Stick Book Summary in Hindi
  21. Thinking Fast and Slow Book Summary in Hindi
  22. Code for Extraordinary Mind Book Summary in Hindi
  23. The 10X Rule Complete Book Summary in Hindi
  24. Book Summary in Hindi - Creativity INC.
  25. The 4 Hours Work Week Book Summary in Hindi
  26. Copycat Marketing 101 Book Summary in Hindi
  27. Book Summary in Hindi - Building a Story Brand
  28. The Five Love Languages Complete Book Summary in Hindi
  29. F. U. Money Book Summary in Hindi
  30. Start With Why Complete Book Summary in Hindi
  31. The One Thing Complete Book Summary in Hindi
  32. Deep Work Book Summary in Hindi
  33. Outliers Book Summary in Hindi
  34. Book Summary in Hindi - Men are from Mars Women are from Venus
  35. Book Summary in Hindi - Original: How Non-Conformists Move The World
  36. Book Summary in Hindi - Quiet The Power of Introverts
  37. Book Summary in Hindi - High-Performance Habits
  38. Book Summary in Hindi - Awaken The Giant Within
  39. Book Summary in Hindi - The Alchemist (Interesting Novel)
  40. The Secret Book Summary in Hindi - क्या आप लाइफ की सीक्रेट को जानना चाहते हैं ?



 तो दोस्तों आपको आज का हमारा यह बुक समरी कैसा लगा नीचे कमेंट करके जरूर बताये और इस बुक समरी को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।


आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

logoblog

Thanks for reading Business Execution for Results Book Summary in Hindi - छोटे और मध्यम बिज़नेस को सफल बनाने का तरीका

Previous
« Prev Post

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें