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Perennial Seller Book Summary in Hindi - क्या आपको भी Creative Entrepreneur बनना हैं ?

  Rocktim Borua       शनिवार

Perennial Seller Book Summary in Hindi


 पेरेनियल सेलर इसलिए लिखी गयी है ताकि अच्छे क्रिएटिव काम करके मार्केट में सफल भी हों। ये लेसंस न सिर्फ किसी एक प्रोजेक्ट को सफल बनाने के बारे में हैं, बल्कि आपको एक क्रिएटिव इंडिविजुअल के रुप में दीर्घकालिक सफलता पक्की करने के बारे में भी है।


ये किताब किनके लिए है?

  • औंत्रोप्रेन्योर के लिए।
  • क्रिएटिव लोगों के लिए।
  • उन ड्रीमर्स के लिए जिनके सपने बड़े पर सक्सेस रेट छोटी है।


लेखक के बारे में:

रायन हॉलिडे (Ryan Holiday) एक लेखक और मीडिया स्पेशलिस्ट है, जिन्होंने रोबर्ट ग्रीन (Robert Greene), जो कि 48 Laws of Power के लेखक, का असिस्टेंट बनने के लिए अपना कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया था। बाद में, वे American Apparel के मार्केटिंग हेड हो गए थे, और आज उनकी खुद की एक काउंसलिंग एजेंसी है। उनकी दूसरी बेस्ट सेलर 'Ego is Your Enemy' है।


Perennial Seller by Ryan Holiday Book Summary in Hindi - क्या आप भी Creative हैं ?


कुछ ऐसा बनाएं जिसकी उम्र आपसे ज़्यादा हो।


भले ही आप अगले स्टीव जॉब्स हो, पर फिर भी आप किसी तरह की विरासत छोड़ना चाहते होंगे। हम सब इतिहास में अपनी एक जगह चाहते हैं। और शायद ऐसा करने के लिए आप कुछ बनाना चाहेंगे। उस चीज़ का अस्तित्व एक छोटे समय के लिए नहीं होना चाहिए; वो अमर होनी चाहिए। आपकी लिखी किताब, आपका बनाया एप,आपकी बनायी आर्ट, इन सबकी एक छाप होनी चाहिए। पर इस हर वक्त नया चाहने वाली दुनिया में, वो छाप छोड़ने वाला प्रोडक्ट कैसे बनाया जाए? दूसरे शब्दों में, एक Perennial Seller यानि एक चिरस्थायी बिकने वाला उत्पाद कैसे बनाएं? ये लेसंस आपको यही सिखाएंगे। यहाँ आप उन सारे स्टेप्स को सीखेंगे जो आपको आपके आईडिया के जन्म लेने से लेकर उस आईडिया के सर्वाइवल तक गाइड करने में मदद करेंगे।


इसके अलावा आप सीखेंगे:


  • आपकी चीर स्थाई कामयाबी में YouTube कैसे मदद कर सकता है।
  • Iron Maiden और insurance mailing लिस्ट के बीच क्या कनेक्शन है।
  • अपने कार में तेज़ आवाज़ में म्यूजिक बजाने और अपने प्रोडक्ट को परफेक्ट बनाने में क्या रिलेशन है।



एक Perennial Seller बनाने के लिए सिर्फ आइडियाज नहीं, बल्कि मेहनत चाहिए।


क्या आपने वो पुरानी कहावत सुनी है कि कामयाबी 20% क्रिएटिविटी और 80% मार्केटिंग होती है? उसे भूल जाएँ, क्योंकि वो बिलकुल गलत है।


अगर आप एक Perennial प्रोडक्ट -ऐसा प्रोडक्ट जो पूरे साल तक बिके-चाहते हैं, तो आपको अपने क्रिएटिविटी वाले पार्ट पर काफी काम करना पड़ेगा। मार्केटिंग कोई जादू की छड़ी नहीं है। सक्सेसफुल होने के लिए, आपके प्रोडक्ट को शुरू से ही दुनिया से बेहतर होना होगा, और ऐसा प्रोडक्ट बनाने के लिए बहुत सारी मेहनत चाहिए। इस बात को माइक्रोसॉफ्ट से बेहतर कोई नहीं समझता होगा। उसने कुछ बहुत बुरे प्रोडक्ट्स मार्केट में लांच किये थे, इस उम्मीद के साथ की सही मार्केटिंग उनके प्रोडक्ट्स को मार्केट में चला देगी। पर उनके mp3 प्लेयर Zune और उनके सर्च इंजन Bing का बुरा हाल कुछ और ही कहानी कहता है। दूसरी तरफ, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 25 साल बाद भी एक बहुत अच्छा Perennial Seller है, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसका डिजाईन कमाल की है। पर किसी प्रोडक्ट को मार्केट करने से पहले उसे बनाना होगा, और सिर्फ आइडियाज आपको कहीं नहीं ले जा सकते हैं।


अब आप उन लेखकों के बारे में सोचें, जिन्होंने आज तक कुछ भी नहीं लिखा है। आपने भी ऐसे लोगों को देखा होगा; वे अपने आइडिया और अपनी शेखी से आपका सिर खा जायेंगे, पर लिखेंगे कुछ भी नहीं। किसी मूवी का आईडिया होना या किसी स्टार्ट-अप का प्लान होना एक बात है, और वाकई कुछ करना दूसरी। अकेले आइडियाज की कोई कीमत नहीं है। सारा सिल्वरमैन (Sarah Silverman), जो एक राइटर और कॉमेडियन है, उनकी सलाह पर अमल करें; लिखने के लिए आपको किसी की इजाज़त कि ज़रूरत नहीं है;आप बस लिखें।


तो क्या आप जानते हैं कि एक आईडिया को असलियत में कैसे बदल सकते हैं? और उसके लिए किस तरह की मेहनत कि जरूरत है? आइये देखते है।


प्रेरणा और त्याग क्रिएटिव सक्सेस के लिए ज़रूरी है।


 इस दुनिया में बहुत सारे लोग है जो प्रोफेशनल स्पोर्ट्स, जैसे क्रिकेट, खेलना चाहते है। वे ऐसा क्यों करना चाहते है? ज्यादातर लोगों का जवाब 'मज़ा आएगा' जैसा कुछ होगा। पर इस तरह की कमजोर वजहें कामयाबी के लिए काफी नहीं है। ऐसी वजहें सीरियस और ठोस नहीं है, और इनसे वो प्रेरणा नहीं निकलती है जो कामयाबी के लिए ज़रूरी है। ये चीज़ किसी क्रिएटिव काम के लिए भी सच है। एक ताकतवर उद्देश्य ही कामयाबी की चाभी है।


जब आप अपने काम को अपने उद्देश्य के साथ मिलाते है, तभी आपको वो मोटिवेशन मिलता है जो आपको आपके रास्ते के सारी बाधाओं को पार करने में मदद करता है। इमेजिन करते है कि आप एक लेखक हैं, जिसका मकसद दुनिया को एक बेहतर जगह बनाना है। जब इस सब्जेक्ट पे लिखी आपकी किताबें और आर्टिकल्स पब्लिश नहीं होते, तब आप हार नहीं मानेंगे। आप लिखते रहेंगे, क्योंकि आपके पास एक उद्देश्य है जो किसी लायक है।


वैसे, ऐसे बहुत सारी वजहें हो सकती है जो आपके उद्देश्य के लिए प्रेरणादायी होंगी। शायद आपकी फैमिली आपकी कामयाबी पर निर्भर हो। ऐसा प्रेशर आपको मजबूत बनाता है, और ये मजबूती उस दूसरी चीज़ के लिए ज़रूरी है जो कामयाबी के लिए ज़रूरी है: त्याग करना।


एथलीट्स का उदाहरण लेते हैं। वो भी चाहते होंगे कि गर्मियों के दिन वे अपने दोस्तों के साथ चिल्ल्ड बियर पीते हुए बिताएं। लेकिन वो ये सब चीजें का त्याग करते हैं, और उनका समय कहाँ बीतता है? जिम में वज़न उठाते हुए, या ट्रैक पर दौड़ते हुए। इसी तरह, लेखक और कलाकार भी खुद को दूसरों से दूर कर लेते है, ताकि वे अपने विचारों को कागज़ पर उतार सकें। और यही केस आपका भी होना है। अपने लक्ष्य को पाने के लिए आपको भी इस तरह के त्याग करने होंगे।


एक कामयाब आर्टिस्ट बनने के लिए, खुद के सीईओ बनें और एक टॉप एडिटर हायर करें।


ये एक विरोधाभास है, पर क्रिएटिव होने के लिए सिर्फ क्रिएटिव होना काफी नहीं है। नॉवेलिस्ट सिर्फ एक मास्टरपीस लिखकर किसी प्रकाशक को भेज देने भर से पब्लिश नहीं हो जाते। ये इतना आसान नहीं है। अगर आपको कामयाब होना है, तो आपको आर्टिस्ट के साथ-साथ एक सीईओ भी होना होगा।


ज्यादातर क्रिएटिव लोग बस अपनी रचना पर ही काम करना चाहेंगे, और एडिटिंग, प्रमोशन, और मार्केटिंग का काम किसी और पर छोड़ देना चाहेंगे। पर जब तक आपके पास पहले से पैसे नहीं है, तब तक आपके लिए ये काम कोई नहीं करने वाला। मार्केट के प्रतियोगी स्वरुप को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अकेले अमेरिका में 3,00,000 किताबें पब्लिश होती है। अपनी किताब को भीड़ से अलग दिखाने के लिए एक परेशान जीनियस की इमेज काफी नहीं है। आपको खुद का सीईओ बनना होगा, और अपने प्रोडक्ट के लिए वाणिज्यिक नीतियां बनाना होंगी।


भले ही आपकी कामयाबी की ज़िम्मेदारी आपके कन्धों पर है, पर एक आलोचक का होना हमेशा मदद करता है, और ऐसा कार्तिक हमें एक एडिटर में मिलता है। आप सड़क से किसी को भी उठाकर अपना एडिटर नहीं बना सकते। एक एडिटर को अपने फील्ड का प्रोफेशनल होना होगा, जो आपके सामने हमेशा ऑनेस्ट रहे। ऐसी उम्मीदें आप अपने दोस्तों से नहीं कर सकते। लेखकों को एडिट हायर करने चाहिए। म्यूजिशियन को साउंड इंजीनियर और कंपोजर की सलाह लेनी चाहिए। एथलीट्स को एक्सपर्ट कोच ढूँढने चाहिए।


हम कई बार अपने आखिरी क्रिएटिव स्टेप -एडिटिंग के स्टेप- को नज़रंदाज़ कर देते हैं। पर ये स्टेप लेना बहुत ही जरूरी है। Harper Lee की To Kill A Mockingbird एक क्लासिक के रुप में जानी जाती है। पर इस नावेल कि शुरुआत एक अध्मि हस्तलिपि के रुप में हुई थी, जो एडिटर Tay Hohoff के पास सीमित हुई थी।Hohoff ने Lee को उस हस्तलिपि को फिर से लिखने को कहा, ताकि उसका नैरेटिव ज्यादा संरचित और सुसंगत हो। इस एडिटिंग के कारण आज हम सब Harper Lee को जानते है।


अपने प्रोडक्ट को एक पूर्णता पाने तक टेस्ट करें।


 जब आपका प्रोडक्ट बन के तैयार होने के करीब होता है, तो ऐसा लगता है कि आप अब थोड़ा रिलैक्स कर सकते हैं। इस ख़याल को अपने मन से निकाल दीजिये। जैसे-जैसे आपका प्रोडक्ट कम्पलीट होने के करीब पहुंचता है, वैसे-वैसे आपको उससे और भी ज्यादा जुड़ा हुआ होना होगा। बल्कि अपने काम को कामयाब करने के लिए आपको उस पर लगातार काम करते रहना होगा। विशेषज्ञ क्वालिटी कंट्रोल के लिए कई नायाब तरीके निकलते रहते है।


मैक्स मार्टिन (Max Martin) एक कंपोजर हैं, जिन्होंने Adele और Celine Dion के लिए गाने लिखे है। उन्होंने अपनी रचनाओं को टेस्ट करने के लिए एक ट्रिक बनायी है, जिसका नाम उन्होंने 'LA.Car Test रखा है।


Martin अपने नए गाने को, जिसे वो टेस्ट करना चाहते हैं, Pacific Coast Highway पर तेज़ वॉल्यूम में ड्राइव करते हुए सुनते हैं। इस तरह वे उस गाने को उसी तरह एक्सपीरियंस करते है जिस तरह एक आम आदमी उसे रेडियो पर सुनते हुए एक्सपीरियंस करेगा। अगर उस वक्त उन्हें वो गाना अच्छा लगा, तब वो गाना बाकियों को भी अच्छा लगेगा। अपने क्रिएशन को पब्लिक में रिलीज़ करने से पहले उसे टेस्ट कले की एक और तकनीक है। बस खुद से ये सवाल करें कि आपने जो बनाया, वो आप क्यों बनाना चाहते थे, और क्या आपका फाइनल प्रोडक्ट वही करता है। इस तकनीक को 'One Sentence, One Paragraph, One Page' कहते है।


जब आपका दिमाग एकदम साफ़ हो, तब एक पेपर लें। उसपे एक सेंटेंस में ये लिखें कि आपका प्रोजेक्ट किस बारे में है। अब इसे फिर से करें, पर इस बार एक पैराग्राफ लिखें। फिर, एक पूरा पेज। इससे आपके प्रोजेक्ट को एक सही और स्थिर शेप मिलेगा।


मान लो कि आपने एक ऑटोबायोग्राफी लिखी है. पर उसमें कुछ काल्पनिक हिस्से भी हैं। अब, जब आप अपने stae at One Sentence, One Paragraph, One Page तकनीक से वर्णन करेंगे, तो आपको ये तय करने में परेशानी होगी कि आपकी बुक फिंक्शन है या नॉन-फिक्शन इस तरह के काम आपके काम को निखारने और उसे असिस्टेंट बनाने में मदद करेंगे। जब तक आप अपने काम को सही से वर्णित नहीं कर सकते, तब तक आप ये प्रक्रिया करते रहें।


अपने प्रोडक्ट को मार्केट करना सिर्फ आपकी ज़िम्मेदारी है, और इसका सिर्फ एक ही रुल है।


आज के समय में उपलब्ध कल्चर और कला किसी को भी अभिभूत कर सकता है। शायद आप उसे देखकर थोड़ा ओर भुजाएं, और शायद आपके दिमाग में ये खयाल भी आये कि मैं इस भीड़ में खुद को डिफरेंट कैसे दिखा सकता हूँ। इसका जवाब मार्केटिंग है। पर ये याद रखें: ये एक मुश्किल काम है, और आप इसके लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकते।


ऐसा करने कि वजह बड़ी सिंपल है। आखिर एक आप ही तो हैं, जो अपने प्रोजेक्ट में पूरी तरह लिप्त हैं। किसी और को पैसे देकर अपने प्रोडक्ट को मार्केट करवाना कभी पूरी तरह काम नहीं कर सकता, क्योंकि आपका प्रोजेक्ट दूसरों के लिए इतना मायने नहीं रखता है जितना आपके लिए।


कई कलाकार इसी नतीजे पर पहुंचे हैं। इयान मैकवान (ian McEwan) ने तो मज़ाक में कहा भी था कि वो आधे समय अपने ही कर्मचारी के रुप में काम करते हैं। और बदकिस्मती से, आज के समय में अपना प्रोडक्ट मार्केट करना एक मुश्किल काम है। आज के ग्राहक के पास प्रोडक्ट्स को कम्पेर करने की लगभग असीमित उपाय है। इस बात को दिमाग में रखते हुए, आपको अपने प्रोडक्ट को मार्केट करते वक़्त एक ही बात का ध्यान रखना होगा।


जबतक आप अपने प्रोडक्ट को पुश नहीं करेंगे, तबतक कोई भी आपके प्रोडक्ट पर ध्यान नहीं देगा। आपको अपने कस्टमर्स को दिखाना होगा कि आपका प्रोडक्ट क्यों उनके लायक है। आप ही अपने प्रोडक्ट्स के मर्केटर हैं, और एक अच्छे मार्केट बनने के लिए आपमें विनम्रता होनी बहुत ज़रूरी है। जैसे, लेखक के एक क्लाइंट को एक बार अपने एक प्रोडक्ट को कई लोकप्रिय पॉडकास्ट पर पेश करने का मौका मिला था। ऐसे मौके लाखों में एक बार आते है, पर क्लाईट शुरुवात में इसके लिए ज्यादा उत्साहित नहीं थे। वो बस एक कांफ्रेंस कॉल में ही सबको निपटा देना चाहते थे। लेकिन लेखक ने उन्हें विनम्रता के महत्त्व के बारे में याद दिलाया, और उस क्लास को हर पॉडकास्ट पर जाने के लिए मना लिया। ये स्टेप उस क्लाइंट कि मार्केटिंग के लिए बहुत ही ज़रूरी साबित हुआ। मार्केटिंग बहुत ज़रूरी है, और भाग्यवश, ये करना इतना मुश्किल नहीं है।


मार्केटिंग का कोई फिक्स्ड तरीका नहीं है, पर हर तरीके में word-of-mouth का एक बड़ा रोल होता है।


 अगर मार्केटिंग में आपका ऑडियंस की नज़र में न होना एक हानि है, तो उसे करने के ढेरों तरीकों का होना एक बड़ा लाभ है। बल्कि, सबसे अच्छे तरीके आमतौर पे सबसे क्रिएटिव होते हैं। मार्केटिंग का कोई फीड रुल नहीं है, और इस बात को लेखक स्टीवन प्रेसफील्ड (Steven Pressfield) अच्छे से समझते है।


प्रेसफील्ड (Pressfield) ने 2011 में The Warrior Ethos' नाम की एक किताब लिखी थी,जो इंसानों के अपने समस्याओं से जूझने के बारे में थी। वो किताब पूरी तरह स्व प्रकाशित थी, बिना किसी बाहरी सपोर्ट के। उसे प्रमोट करने के लिए, प्रेसफील्ड (Pressfield) ने 18,000 स्पेशल मिलिट्री एडिशन पब्लिश किये, और अपने दोस्तों और आर्मी के जान-पहचान वालों में उसे बाँट दिया।


उन बुक्स को पब्लिश और डिलीवरी करने में काफी समय और मेहनत लगी, पर उसके फायदे चौंकाने वाले थे। अगले महीने तक, उस किताब की सेल छप्पर फाड़ के हुई। आज भी हर साल उस किताब की 13,000 प्रतियाँ बिकती है। ये कोई तुक्का नहीं था। इसके पीछे एक बहुत अच्छी मार्केटिंग रणनीति थी, और वो थी word-of-mouth


Consultancy फर्म Mckinsey के अनुसार, word-of-mouth मार्केटिंग का करीब 20-50% हिस्सा लेता है। आज के ग्राहकों वाले वातावरण में, दोस्तों कि सलाह किसी मार्केटिंग जादू से कम नहीं हैं। अगर आपका कोई दोस्त आपको पूरे उत्साह के साथ कोई चीज़ बताये, तो आपके उसे खरीदने के 50 गुना तक बढ़ जाती है। Word of mouth ये भी पक्का करता है कि आपका प्रोडक्ट लम्बे समय तक हिट रहे। आपकी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी word of mouth के पर केन्द्रित होनी चाहिए। सोशल मीडिया इस काम के लिए एक वरदान है।


YouTube भी आपकी बहुत मदद कर सकता है


 विंस्टन चर्चिल पोलिटिकल करियर कि शुरुआत से ही एक कामयाब पॉलिटिशियन थे, पर उनकी भारत-विरोधी आइडियोलॉजी के कारण वो कभी सेंटर में नहीं आ सके। पर उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने लिए पहले से ही एक दूसरा प्लेटफार्म तैयार रखा था, और वो था किताबें और आर्टिकल्स लिखना, और रेडियो पर आना। इसलिए उनके पोलिटिकल निर्वास के बावजूद भी लोग उन्हें जानते थे।


ऐसे प्लेटफार्म का एक और फायदा भी है, कि आपकी कामयाबी सिर्फ आपकी ही होगी। Casey Neistat को ही देख लें, जिन्होंने एक होनहार फिल्म निर्माता के रूप में काफी नाम कमाया; यहाँ तक कि उनकी दो फिल्मों का प्रीमियर Cannes में हुआ था।


Neistat ने अपनी एक इंडिपेंडेंट following बनाने का फैसला किया, और उन्होंने अपना एक YouTube चैनल बना लिया। आज उनके पास लाखों सब्सक्राइबर हैं और करोड़ों व्यूज हैं। उनकी वीडियो उनकी अपनी है, और इसके लिए बीच में कोई बिचौलिया नहीं है। वो खुद निर्याय ले सकते है कि उन्हें क्या ब्रॉडकास्ट करना है, और कब।


आपके प्रोडक्ट के जीवंत रहने के लिए एक मैलिंग लिस्ट बहुत जरूरी है, और इसे आप अपने प्रोडक्ट के लांच होने से पहले भी बना सकते है।


 इमेजिन कि एक दिन इंडस्ट्री और मीडिया ने आपके प्रोडक्ट में इंटरेस्ट लेना बंद कर दिया और आपका सपोर्ट बंद कर दिया। कुछ समय पहले तक आप इस तरह की सिचुएशन के बारे में कुछ भी नहीं कर सकते थे। पर अब, आपके पास ऐसी सिचुएशन के लिए भी विकल्प हैं।


किसी भी प्रोडक्ट के लिए एक मैलिंग लिस्ट बहुत ही जरुरी टूल है। ये कम्युनिकेशन का एक ऐसा जरिया है जो सीधे लोगों तक जाता है, जिन्हें आपके काम में इंटरेस्ट रहा है। पर इस तरह का एक बेस बनाने में समय लगता है. इसलिए अपनी शुरुआत जल्दी करें। इसके लिए अपने करियर के गिरने का इंतजार न करें।


हैवी मेटल के सबसे मसहूर बैंड में से एक ron Maiden ने इसी का सहारा लेकर अपनी पहचान बनाये रखी थी। 1980 हैव मैटल गानों का दौर था पर उसका समय grunge के आने के साथ खत्म हो गया था।


पर इससे Iron Maiden को कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि ्होंने बहुत पहले से ही एक मेलिंग लिस्ट बना रखी थी। इस वजह से उनका अपने फैन्स से कभी संबंध नहीं टूटा, और वो एक लम्बे समय तक बेहतरीन प्रस्तुति देते रहे।


बल्कि आपको एक मेलिंग लिस्ट बनाने के लिए किसी प्रोडक्ट कि जरूरत नहीं है आपकी मैलिंग लिस्ट आपके प्रोडक्ट से पहले तैयार होनी चाहिए।


ये उल्टा लग सकता है, पर ये काम करता है। आपको बस अपने होने वाले पांच हूँढने के लिए एक स्ट्रेटेजी की जरूरत है। लेखक ने भी इसी तरह अपनी किताबों की सेल एक अच्छे नंबर तक पहुँचाने में सफलता पायी थी। उन्हें पता था कि उन्हें एक इंटरेस्टेड लोगों की लिस्ट चाहिए होगी। इसके लिए उन्होंने एक किताबों की समीक्षा का मेल बनाया, ताकि वो अपनी किताब के पब्लिश होने पर उसकी मदद से उसे प्रमोट कर सकें।

इस स्कीम के कारण, उनके पास उनकी बुक पब्लिश होने से पहले ही 5000 लोग मैलिंग लिस्ट पर थे आज उनके पास 80000 फलोवर्स हैं।


और इसी के साथ आपको आपके क्रिएटिव वर्क के डेवलपमेंट के लिए लिए एक फ्रेमवर्क मिल गया। अब आप प्रोडक्ट और प्लेटफार्म का महत्व समझते हैं, और ये भी कि मार्केटिंग कितनी जरूरी है। इसमें मेहनत बहुत है, पर ये कोई राकेट साइंस भी नहीं है। आप भी क्रिएट कर सकते हैं, अगर आप चाहें तो।


Conclusion 

 जब बात क्रिएटिव वर्क की आती है, तब आप हार्ड वर्क से भाग नहीं सकते। बल्कि, आपने अब तक जितना भी हार्ड वर्क किया है, आपको उससे कहीं ज्यादा हार्ड वर्क करना होगा। न सिर्फ आपको अपना प्रोडक्ट बनाना है, बल्कि आपको अपना खुद का सीईओ, मार्केटिंग डायरेक्टर, और पीआर प्रोफेशनल भी बनना होगा। पर सही स्ट्रेटेजीज के साथ, ये सब मुमकिन है।


क्या करें?

अंधाधुंध और जोश से अपना नेटवर्क बनाएं।

 एक क्रिएटिव इंसान के रूप में आप लोगों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहेंगे। इसलिए आप जिससे भी मिलें, उसे ऐसे ट्रीट करें जैसे उसमें आपको New York Times में ले जाने की क़ाबलियत है ! क्या पता ऐसा ही हो। आप किसी न किसी दिन ऐसे किसी इंसान से मिलेंगे जो ऐसा, या इससे भी कुछ बेहतर कर सकता होगा।


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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

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