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Chanakya Niti in Hindi - ये 7 चाणक्य नीति जो व्यक्ति के जीवन के लिए सबसे इम्पोर्टेन्ट है

  Rocktim Borua       गुरुवार

 Hello दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं चाणक्य नीति के बारे में। चाणक्य नीति को आप जितनी बार पढ़ेंगे, जितने अच्छे से पढ़ेंगे, उतना ही ज्यादा आप अपने बारे में सीखेंगे।


चाणक्य जी ने कभी किसी बात को डिप्लोमेटिक तरीकेसे नहीं कहा, उन्होंने कभी भी किसी की चापलुची नहीं की। जो भी बात जैसे भी थी वो बात उन्होंने लोगों के सामने लाये और उसे लोगों को सिखाने की कोशिश की।


हाँ कुछ लोगों को ये बातें कड़वी जरूर लगती थी, क्यूंकि सच हमेशा कड़वा ही होता है। आज मैं आपको बताने वाला हूँ चाणक्य नीति के 7 सबसे इम्पोर्टेन्ट बातें जो व्यक्ति के जीवन के लिए बहुत ही ज्यादा जरुरी है। इसलिए एक भी पॉइंट को बिना समझे न रहे -


Chanakya Niti in Hindi - ये 7 चाणक्य नीति जो व्यक्ति के जीवन के लिए सबसे इम्पोर्टेन्ट है



Chanakya Niti in Hindi - ये 7 चाणक्य नीति जो व्यक्ति के जीवन के लिए सबसे इम्पोर्टेन्ट है


1. समस्या को जड़ से खत्म करें


हम सभी लोग समस्या को सिर्फ solve करने के लिए लगे रहते हैं, लेकिन चाणक्य जी कहते हैं की समस्या को सिर्फ समाधान ही नहीं बल्कि उसको जड़ से खत्म करें।


हममें से ज्यादातर लोगों को ये आदत होती है प्रॉब्लम को धीरे धीरे solve करते रहते हैं। लेकिन कभी ये नहीं सोचते हैं की उस प्रॉब्लम को हमें जड़ से खत्म कर देना चाहिए, ताकि उसी प्रकार की कोई प्रॉब्लम भविष्य में न आये।


यदि आप एक स्टूडेंट है तो ये बात आप अच्छे से समझ पाएंगे, और यदि हिंदी मध्यम से है फिर तो बहुत ही अच्छे से समझ पाएंगे, आपने इंग्लिश सीखने के लिए नजाने कितनी बार Tense सीखे, अगली क्लास में गए फिर से टेंस सीखे आप बड़े हुए फिर आप किसी कोचिंग क्लास में गए आपने फिर से टेंस सिखने की शुरुवात की।


लेकिन हुआ क्या, आप टेंस भी नहीं सीख पाए और न ही इंग्लिश सीख पाए। इसका मतलब क्या आपने थोड़े समय के लिए प्रॉब्लम को solve जरूर किया, जब तक जरुरत थी, एग्जाम में आते थे आपने solve जरूर किया, लेकिन उस प्रॉब्लम को हमेशा के लिए जड़ से खत्म नहीं किया। इसलिए बार बार आपको वो चीज सीखने की जरुरत पड़ी।


एक बार चाणक्य जी के साथ भी ऐसा ही हुआ वो जंगल के रास्ते अपने शिष्य के साथ कही जा रहे थे और उनके पेरो में कांटा गड गया, उन्हें बहुत गुस्सा आया। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा की इन सारे काँटों को उखाड़ फेंको ! और जाओ कही से छाछ ढूंढ कर लाओ।


उनकी शिष्यों ने जैसे तैसे कही से छाछ ढूंढ कर लाये। लेकिन शिष्यों ने पूछा की ये छाछ क्यों मंगवाया है ! चाणक्य ने शिष्यों से उस छाछ को लिया और उस कांटे वाली जगह पर पूरा का पूरा छाछ डाल दिया और अपने शिष्यों को समझाया की जब तुमने इस कांटे को उखाड़ा था तो ये थोड़े दिन के बाद वापस से उग जाते। लेकिन इसमें मैंने अब छांछ डाल दिया है, कुछ ही समय बाद यहाँ पे चीटियां आ जाएगी और पूरी की पूरी कांटे के तने को जड़ के सहित खा जाएगी।


इससे कांटे वापस नहीं आ पाएंगे और जड़ सहित खत्म हो जाएँगी। इसलिए जीवन में हमेशा याद रखे की प्रॉब्लम को सिर्फ solve न करें उन्हें जड़ से खत्म कर दें।



2. आवश्यकता से ज्यादा सीधा मत होना


चाणक्य जी कहते हैं की जंगल में यदि आप जाओगे तो सीधी लकड़ी को ही पहला कटा पाओगे, जो टेढ़ी लकड़ी होती है उन्हें कोई हाथ भी नहीं लगाता है।


इस बात को आपने अपने जीवन में भी जरूर महसूस किया होगा की जितना आप सीधा बनेंगे, लोग आपको उतना ही कमजोर समझेंगे और परेशान करेंगे। इसलिए आप जरुरत से ज्यादा सीधे न बने।


परिस्थिति के अनुसार अपने आपको ढाल ले। मैंने पहले आपको बताया है की चाणक्य जी बहुत कटु सत्य बोलते हैं जो सुनने में बहुत कड़वा लगता है। लेकिन जीवन के लिए बहुत ही सही होता है।



3. अपने रहस्य किसी को न बताएं


चाणक्य जी कहते हैं की अपनी सीक्रेट्स को कभी भी किसी को मत बताना क्यूंकि वही आपकी बर्बादी का कारण बन सकता है।


यहाँ पर महाभारत की एक घटना आपको बताता हूँ जो इस बात की सटीकता बताती है।


 आप सभी ने सुना होगा की महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं छुपती। जब भी उन्हें कोई बात पता चलती है तो उनका मन करता है की वो किसी और को वो बातें बता दें।


इस बात को महाभारत की एक श्राप से जोड़ा जाता है। माता कुंती ने अपने पांचो बेटों को कभी नहीं बताया था की कर्ण उन्हीं के भाई हैं।


जब कर्ण की मृत्यु हो गयी तब जाकर माता कुंती ने अपने पांचो पुत्रों को बताया की कर्ण तुम्हारे ही भाई थे और इसी बात से गुस्सा होकर युधिष्ठिर ने माता कुंती को श्राप दिया और साडी महिलाओं को श्राप दिया की आज के बाद आपके पेट में कोई भी बात नहीं रह पायेगी।


और चाणक्य जी कहते हैं की अपने रहस्यो को किसी को बताइये मत। अपने पास दबा कर रखिये नहीं तो यही आपकी बर्बादी का कारण बन सकती है।



4. हर रिश्ते के पीछे स्वार्थ होता है 


चाणक्य जी कहते हैं की दुनिया की हर रिश्ते के पीछे कुछ न कुछ स्वार्थ जरूर छुपा होता है, चाहे माँ-बाप हो, चाहे भाई-बहन, चाहे कोई दोस्त हों या फिर कोई भी रिश्ता हो, उसके पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर छुपा होता है।


शुरू शुरू में तो आपको सारे रिश्ते बहुत अच्छे लगते हैं, लेकिन धीरे धीरे करके उनके स्वार्थ का आपको पता चलता जाता है और फिर आपको पता चलता है की रिश्ता क्यों बनाया। किसी का स्वार्थ बड़ा हो सकता और किसी का छोटा हो सकता है। लेकिन हर इंसान आपसे कुछ न कुछ पाने की उम्मीद जरूर करता है।



5. सोच समझ कर विश्वास करें


चाणक्य जी यहाँ एक बहुत ही कड़वी सत्य कहते हैं की जो व्यक्ति आपका मित्र नहीं हैं उसपर तो आपको भरोसा करना ही नहीं चाहिए, लेकिन जो व्यक्ति आपका मित्र है उसपर भी बहुत ही सोच समझ कर आपको भरोसा करना चाहिए।


क्यूंकि भविष्य में जब भी आपका उससे झगड़ा होगा तो वो आपकी सीक्रेट बातें कही और जाकर बोल देगा। ये तो हर इंसान के साथ होता है और जरूर आपके साथ भी हुआ होगा।


किसी व्यक्ति के साथ आपकी सालो साल दोस्ती चली, लेकिन किसी कारण वस् वो दोस्ती टूट गयी। अब वो दूसरी के पास चला गया और उसने आपके सारे सीक्रेट वहां पर जाकर कह दिया। इससे आपको कोई बार बहुत बड़ी मुसीबतों का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए आप हमेशा सावधान रहिये।



6. कहने के बजाये करके दिखाएं


यहाँ चाणक्य जी कहते हैं की अपनी बातों को अपने मन में रखें उसे लोगो को बताये न, उसे सीधे करके दिखाएं।


चाणक्य जी का भरोषा था की बोलने से ज्यादा करके दिखाने में आपका भरोषा होना चाहिए। कई बार आपने लोगों को देखा होगा की मैं ये कर डालूंगा, वो कर डालूंगा, लेकिन उनसे होता कुछ नहीं है। तो आप ऐसे बोलबचन करने वाले बिलकुल न बनें।


जो भी चीज आपके मन में है, जो टास्क आपके मन में है उसे मन में रखें और उसे सीधा लोगों को करके दिखाएं।



7. मुसीबत के लिए धन बचा कर रखें


चाणक्य जी यहाँ कहते हैं की मुसीबत के समय के लिए हमेशा धन जमा करके रखें। ऐसा न सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी !


कई लोगों को ऐसा लगता है की मेरे पास तो बहुत सारा पैसा है मेरे पास बहुत सारी जायदाद है तो फिर मुझ पर मुसीबत नहीं आ सकती। लेकिन ध्यान रखिये की जब मुसीबत आती है तो इकट्ठा किया हुआ धन भी तेजी से घटता है।



Conclusion -


तो दोस्तों ये थी चाणक्य जी के द्वारा बताये गए सात ऐसी बातें जो कड़वी सच है -


1. समस्या को जड़ से खत्म करें
2. आवश्यकता से ज्यादा सीधा मत होना
3. अपने रहस्य किसी को न बताएं
4. हर रिश्ते के पीछे स्वार्थ होता है 
5. सोच समझ कर विश्वास करें
6. कहने के बजाये करके दिखाएं
7. मुसीबत के लिए धन बचा कर रखें


आपको आज का ये चाणक्य नीति कैसा लगा और आप इस सात नीति से कुछ सीख पाए या नहीं मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये। चाणक्य नीति को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।


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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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