Confused Mind vs Balanced Mind – Personality Development tips in Hindi

Confused Mind vs Balanced Mind – हमारी लाइफ में सारे काम दिमाग से होते हैं, जहाँ दिल से फैसला लेना है वहां भी दिमाग का थोड़ा इस्तेमाल तो होता ही है।

तो इसलिए बहुत जरुरी है कि हमारा दिमाग सही तरीकेसे चल रहा हो, हम mentally stable हो अपने decisions लेने के लिए, किसी भी तरीकेसे हमारे दिमाग में कोई डर, कोई confusion, कोई stress, कोई tension ना हो।

जो उसे ठीक से चलने से रोक दे, तो मैं आज कुछ points आपके लिए लेके आया हूँ, जिसे जानने के बाद आप पता कर सकते हैं कि आपका दिमाग सच में आपकी हेल्प कर रहा है, आपको decisions लेने दे रहा है या हम गलत रास्ते पर चल रहे हैं और हमें बहुत जल्द सही रास्ते पर आने की जरुरत है।

तो चलिए शुरू करते हैं –

Confused Mind vs Balanced Mind – Personality Development tips in Hindi

दो तरीके की दिमाग की स्थिति लेकर चलते हैं –

  1. Confused Mind
  2. Balanced Mind

अब इन दोनों के बीच differences देखते हैं –

Confused दिमागBalanced दिमाग
No 1 – अगर आपके दिमाग में confusions है या किसी भी तरीके का कोई डर है, तो आप Capable तो होंगे काम करने के लिए, फिर भी आगे बढ़ने से डरेंगे।
आपको पता होगा की मुझमें पोटेंशियल है, मैं ये काम complete कर सकता हूँ या कर सकती हूँ, लेकिन आगे बढ़ने में हिचकिचाएंगे।
No 1 – वही एक बैलेंस्ड दिमाग भले ही बड़े स्टेप्स ना लें, क्यूंकि डर तो सबको लगता है, लेकिन वो छोटे छोटे स्टेप्स लेने में कभी पीछे नहीं हटेगा। हमेशा आगे बढ़ता रहेगा।
भले ही धीरे लेकिन रुकेगा नहीं।
No 2 – एक Confused दिमाग हर वक़्त, हर काम में, हर situations में Future के बारे में सोचता रहेगा।
उसके हर काम में Future का डर लगा रहेगा।
और इस चक्कर में वो कभी भी अपनी Present में जी नहीं पायेगा।
अपनी Present को value नहीं कर पायेगा, अपनी present को रिश्तों को, blessings को देख ही नहीं पायेगा।
और End में regret करने के आलावा उसके पास और चारा नहीं बचेगा।
No 2 – वही balanced दिमाग वाला व्यक्ति Future की Plannings तो करेगा, but उसे अपने Present का Obstacle नहीं बनने देगा।
वो खुश होकर अपनी present को जियेगा। अपने present के रिलेशन्स को, खुशिओं को, celebrations को enjoy करेगा और उसी से वो खुश भी रहेगा।
No 3 – एक Confused दिमाग हमेशा change से डरेगा। भले ही वो अच्छा काम कर रहा है, but उसका ये डर उसे इतना नेगेटिव बना देगा कि अच्छा करते हुए भी वो यही सोचेगा की इसका रिजल्ट गलत आ गया तो, कुछ गलत हो तो!
और इस डर से वो आगे बढ़ेगा ही नहीं।
No 3 – वही balanced दिमाग वाला व्यक्ति changes से नहीं डरता, क्यूंकि वो जानता है change is the only constent.
हम कभी भी change से भाग नहीं सकते। हम हर वक़्त change होते रहते हैं, टाइम change होते रहते हैं, हमारा environment चेंज होता है, हमारे आसपास के लोग चेंज होते हैं।
पर बैलेंस्ड दिमाग वाले व्यक्ति को अपनी मेहनत पर इतना भरोसा होता है कि वो कभी पीछे नहीं हटता।
वो हमेशा इस बात को लेकर पॉजिटिव रहेगा कि उसके efforts कभी जाया नहीं जायेंगे।
अगर उसके intensions अच्छे है तो वो जरूर आगे बढ़ेगा और इस चेंज को accept भी कर पायेगा।
No 4 – Confused दिमाग ज्यादातर समय Tired होते हैं।
छोटी छोटी बातें उन्हें mentally बहुत tired फील करवा सकती है, अपना काम लूस करवा सकती है और वो असर उनके रिश्तों पर, उनके काम पर, उनके करियर पर होता है।
No 4 – वही एक balanced माइंड जल्दी से aggresive नहीं होता, अपना काम नहीं खोता, बड़े बड़े situations को भी शांति से हैंडल कर सकता है और जल्दी से mentally tired भी नहीं होते।

तो ध्यान दीजिये कि आप इनमें दोनों में से किस category में आते हैं, एक Confused Mind की केटेगरी में या एक Balanced माइंड की केटेगरी में।

Conclusion

तो दोस्तों क्या आपको लगता है कि आप भी Confused Mind के आते हैं ? क्यूंकि 80% लोग इस केटेगरी में आते हैं !

अगर ऐसा लगता है तो एक Balanced mind की जो points मैंने बताया है उस तरीके से सोचने और उस तरीके से Action लेने की कोशिश करिये तो तब आप एक बेहतर लाइफ जी सकेंगे।

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आज आपने क्या सीखा ?

अगर आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट में जरूर बताये।

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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