Destiny क्या है – Look At Your Destiny

Hello दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि Destiny क्या है और Destiny काम कैसे करता है? दोस्तों मेरे हिसाब से आप सभी के मन में यह आता ही होगा और आज इस विषय में आपको सिंपल तरीकेसे बताता हूँ। यह छोटा सा article पूरा पढियेगा। तो चलिए शुरू करते हैं –

Destiny क्या है – Look At Your Destiny

इस दुनिया में कुछ चीज़े ऐसे हैं जो हमारे हाथ में है और कुछ चीज़े ऐसी भी हैं जो हमारे हाथ में बिलकुल नहीं है।

जो हमारे हाथ में है वहा तक तो हम सब कुछ कर सकते है और उसको कर्म बोलते है। लेकिन सब कुछ करने के बाद भी जो होना है वो बहुत सारे factors पे depend करता है।

तो destiny की बात अगर वो आदमी करे जो अपनी तरफ से अपना 100% लगा रहा है तो बिलकुल सही है, यानी की मैंने अपनी तरफ से अपना 100% लगा दिया उसके बाद जो हुआ वो तेरे हाथ में है, मतलब की उसको आप destiny कहो, भगवान कहो, कुछ भी बोलते रहो कोई फर्क नहीं पड़ता।

आप कुछ करो ही ना और बोलो की मेरी किस्मत ही खराब है ये क्या है? ये बेवकूफी है।

Sort term में जो destiny है, ठीक है, वो आपकी ऊपर हावी हो सकती है, लेकिन long term में जिस बंदे के अंदर दम होगा destiny उसके पीछे पीछे जायेंगी, यानी वो खुद अपनी destiny बनाएगा।

कैसे बनाएगा? अगर उसने कुछ सोच रहा था की मैं वहा जाऊँगा, वहा जाऊँगी और वो चल भी गए, लेकिन रास्ते में उसकी car की accident हो गया, तो उसने उसका मन खराब करने की वजाए उसने बोला अपनी mind को की जो होता है अच्छे के लिए होता है, क्या हुआ???

उस सिचुएशन में Destiny कैसी हो गयी – अच्छी हो गयी ना। उसने कहाँ कि मुझे नहीं पता क्यों अच्छे के लिए हुआ, लेकिन जो हुआ अच्छे के लिए ही हुआ, मेरे साथ कभी कुछ बुरा हो ही नहीं सकता क्यूंकि मैं अपनी तरफ से हर कर्म में अपना 100% डालता हूँ।

मैं अगर कभी किसी के साथ कुछ गलत नहीं करता, तो मेरे साथ में कभी कुछ गलत हो ही नहीं सकता। That is the confidence you need to have.

नहीं हो सकता, लग सकता है देख करके की मेरे साथ में कुछ गलत हो रहा है, लेकिन मेरे साथ में गलत हो नहीं सकता, पूरी दुनिआ को लग सकता है की मेरे साथ में कुछ गलत हो रहा है। एक बार को मुझे भी लग सकता है की मेरे साथ में गलत हो रहा है, लेकिन अंदर तक मुझे ये पता है की मेरे साथ में कुछ भी गलत हो नहीं सकता।

ऐसी सोच आपको develop करना जरुरी है।

तो ऐसे में आप अपना रास्ता खुद ढूंढते हैं और आप कुछ भी पा सकते हैं क्यूंकि आपने अपनी तरफ से 100% दिया है।

तो Destiny वो नहीं है जो दुनिया कहते रहते हैं, डेस्टिनी वो है जो दुनिया नहीं कहते यानी दुनिया कहते हैं कि हमारे साथ जो होता है और जो होने वाला है और जो हो गया वो सब कुछ भगवान् ने ऊपर से ही लिख कर भेजा है।

और जैसा कि मैंने बताया है कि गीता में बताया गया कि Destiny आप खुद बनाते हैं यानी आप अपने जिंदगी में क्या कर रहे हो वो आपका खुद का Choice होता है।

तो आज से अपने Destiny के ऊपर भरोषा करके बैठे मत रहना क्यूंकि ऐसे में आपकी जिंदगी में कुछ नहीं होने वाला है। कर्म करो – बस इस बात को याद रखना।

कर्म है जो हमें अपनी Destiny बनाने में मदद करता है, बिना कर्म के आपकी डेस्टिनी वही होंगे जैसा लोग बताते हैं कि जो होता है ऊपर से लिख कर भेजा है। यह एक Myth है जिसे 99% लोगों को पता नहीं होता है।

Example –

अगर आपको IPS बनना है तो लगभग 2 साल की कड़ी मेहनत और तैयारी चाहिए होगा, लेकिन इसी के बजाय अगर आप सोचते रहते हो कि आपको नौकरी ऐसे ही मिल जायेंगे तो आपकी Destiny ख़राब है और यदि आप तैयारी करते हो, अपने तरफ से पूरा 100% लगाते हो तो आपको Almost IPS की नौकरी मिल ही जाएँगी और आपकी Destiny अच्छी है।

समझा आपने कि कर्म करना है और Destiny अपने आप ठीक हो जायेंगे और बिना कर्म के डेस्टिनी ख़राब ही होंगे।

जैसे अगर आपको बिज़नेस करना है और आपके पास पैसा नहीं है और आप घर बैठे सोच रहे हो कि आपको पैसा मिलेगा और आप बिज़नेस करोगे। और आप अपनी Destiny को ही दोष देते रहोगे।

दूसरी तरफ एक और बंदा है, उसको भी बिज़नेस करना है और उन्होंने क्या किया कि अलग अलग Bank से जाकरके Loan लेने की कोशिश की, सरकार की Startup India से जुड़ने की कोशिश की, Mudra Loan या किसी Angel Investors की तलाश की, मतलब उन्होंने सोचा कि मुझे कही से भी पैसो का arrange करना है तो करना है।

यानी उसको सच में बिज़नेस करना है और उन्होंने अपने तरफ से पूरा 100% दिया है और उसको कही न कही से पैसा मिल जाता है और वह अपना बिज़नेस शुरू कर लेते हैं। और तभी लोग कहेंगे उसका Destiny अच्छा है।

और जो दूसरा बंदा है उसके बारे में लोग कहेंगे कि उसका Destiny ही ख़राब है और वह बंदा भी यह मान लेता है।

Conclusion

तो आप समझ ही गए होंगे कि Destiny हम खुद ही बना सकते हैं और वो कैसे? अपने कर्म से।

यानी बैठे रहने से यह सोच-सोच करके की मेरा तो Destiny ही ख़राब है तो तब तक सच में भाग्य आपका ख़राब ही होंगे।

लेकिन जैसे ही आप अपने कर्म करते हैं जो भी आपको करना है, तो उसी वक़्त से आपका डेस्टिनी यानी नियति अच्छा हो जाता है।

तो दोस्तों आपको आज का हमारा यह पोस्ट “Destiny क्या है” कैसा लगा?

अगर आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

अपने आज क्या सीखा?

Thank You जी, Wish You All The Very Best.

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