Friday Vastu Tips for Maa Lakshmi | शुक्रवार के दिन ये करें तो माँ लक्ष्मी आपसे बहुत पसंद रहेगी

Friday Vastu Tips for Maa Lakshmi – Hello दोस्तों, शुक्र सभी नवग्रहों में से एक ग्रह है, जिसका आकार लगभग हमारे पृथ्वी के जैसा ही है। शुक्र गृह पृथ्वी और सूर्य के बीच में स्थित है, इसलिए सुबह सूर्योदय के पहले पूर्व दिशा की आकाश में और सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा के आकाश में दिखाई देता है।

इसलिए शुक्र ग्रह को सुबह का तारा या सायं तारा भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को एक बहुत ही शुभ ग्रह माना गया है।

शुक्र ग्रह माता लक्ष्मी से सम्बंधित ग्रह है इसलिए इसका सम्बन्ध धन-संपत्ति और ऐश्वर्य से माना गया है।

साथ ही शुक्र ग्रह का सम्बन्ध सुंदरता, कलात्मकता, कामुकता, वासना, वैवाहिक जीवन, गृहस्थ जीवन, जमीन-जायदाद etc. से भी होता है।

अतः ये स्पष्ट है कि जिसकी कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, उसके अंदर ये सभी गुण होते हैं। उसे अच्छा जीवनसाथी, अच्छी नौकरी या व्यवसाय में उन्नति, अच्छा वैवाहिक जीवन, और सुडौल शरीर प्राप्त होता है, और उसके जीवन में सुख-समृद्धि की कोई कमी नहीं रहती।

और इसके विपरीत यदि कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर हो तो यही सब बातें उनके जीवन में दोष बन जाती है।

ऐसे व्यक्ति को मनचाहा प्यार, मनचाही नौकरी या व्यवसाय में सफलता, मनचाहा जीवनसाथी नहीं मिलता, इनके वैवाहिक जीवन में भी सदा क्लेश बना रहता है।

इसलिए हमें हमारे कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति को हमेशा मजबूत रखना चाहिए, इसलिए ज्योतिष शास्त्र कहता है कि हमारी कुंडली में शुक्र ग्रह स्थिति हमेशा शुभ होनी चाहिए।

सूर्य के बहुत पास होने की वजह से शुक्र ग्रह अत्यंत तेजस्वी और प्राकृतिक रूप से सुन्दर ग्रह है।

सूर्य और चंद्र के आलावा शुक्र ग्रह को भी हम आकाश में देख सकते हैं।

दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं कि शुक्र ग्रह माँ लक्ष्मी का प्रतिक है, जिस व्यक्ति के कुंडली में शुक्र की स्थिति प्रवल होती है, वह निश्चित ही सुखी और समृद्ध होता है।

लेकिन शुक्र ग्रह के कुछ ऐसे भी प्रभाव होते हैं, जिससे कुंडली में यदि शुक्र दोष उत्पन्न हो जाये तो इंसान को कई प्रकार के मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

शुक्र के कुप्रभाव से इंसान में चारित्रिक दोष उत्पन्न होता है, वैवाहिक जीवन में कलह, धन का अभाव, गुप्त रोग, मानसिक अशांति या त्वचा रोग etc. समस्याएं होती है।

इसलिए यदि किसी इंसान की कुंडली में शुक्रदोष होता है, तो उसे तुरंत ही इसका समाधान करना चाहिए।

आज हम ऐसे कुछ 6 उपाय के बारे में जानेंगे, जो हमे शुक्र के दुष्प्रभाव से बचाने में सहायता करेंगे –

Friday Vastu Tips for Maa Lakshmi

No 1 – शुक्रवार के दिन दान दीजिये

शुक्र ग्रह का सम्बन्ध सबसे ज्यादा ज्यादा सफ़ेद वस्तुओं के साथ होता है। इसलिए शुक्रवार के दिन सफ़ेद वस्तुएं जैसे दही, चावल, आता, चक्कर, रुई etc. का दान जरूर करें।

साथ ही शुक्र ग्रह का प्रभाव जमीन, धन, गाय-बैल और खेत पर भी होता है, इसलिए अगर समस्या यदि बहुत बड़ी है तो आप ज्योतिष की सलाह के अनुसार इन चीजों का भी दान कर सकते हैं।

इससे वैवाहिक जीवन के समस्याओं से मुक्ति मिलती है और चारित्रिक दोष दूर होकर इंसान का पतन होने से बचाव होता है।

No 2 – चांदी या हीरे पहने

कुंडली में शुक्र ग्रह की बकरी हो तो शुक्रवार के दिन चांदी के आभूषण या हीरे के आभूषण पहनने चाहिए।

No 3 – शयनकक्ष में फिटकरी रखे

यदि पति-पत्नी में हमेशा कलह या वाद-विवाद होता है, तो शुक्रवार के दिन शयनकक्ष में फिटकरी या सफ़ेद पत्थर जरूर रखें।

यदि संभव हो तो कटोरी में विशेष रूप से चांदी की कटोरी में फिटकरी जरूर रखें। इससे शुक्र गृह स्थिति में सुधार आकर व्यक्ति के वैवाहिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

No 4 – शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी का पूजा करें

शक्रवार को माँ लक्ष्मी जी की पुरे विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। कई लोग इस दिन वैभव लक्ष्मी का व्रत भी रखते हैं, साथ ही कन्या पूजन भी करना चाहिए और माँ लक्ष्मी को सफ़ेद खीर का भोग लगाना चाहिए।

शुक्रवार के दिन महिलाओं का अपमान ना करें।

No 5 – हीरा पहनना चाहिए

हीरा एक बहुमूल्य रत्न है, इस रत्न पर शुक्र ग्रह का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इस रत्न का सम्बन्ध शुक्र ग्रह से होता है।

जैसे की हम जानते ही हैं कि शुक्र का प्रभाव सुंदरता, कलात्मकता, कामुकता, वासना, वैवाहिक जीवन, गृहस्थ जीवन, जमीन-जायदाद etc. पर होता है,

इसलिए किसी भी प्रकार की वैवाहिक समस्याएं, सुन्दर्य सम्बन्धी समस्याएं, अथवा कला सम्बन्धी समस्याएं होने पर शुक्रवार को तर्जनी या अनामिका ऊँगली में हीरे की अंगूठी पहनने से लाभ मिलता है।

No 6 – इस मंत्र का जाप करे

हमारे शास्त्रों में नवग्रह के शुभ प्रभाव बढ़ाने तथा अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए कुछ मंत्र बताये गए हैं और इन मंत्रों के उचारण की विधि भी बताई गयी है, इन मंत्रों को बीज मंत्र कहा जाता है।

अतः कुंडली में जिस ग्रह का दुष्प्रभाव होता है, उस ग्रह की बीज मंत्र की नियमित उच्चारण से बहुत लाभ मिलता है।

इसलिए यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह से सम्बंधित दोष है तो आप इन मंत्र का जाप जरूर करें –

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

इस मंत्र को शुक्रवार के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर 108 बार जाप करे, ऐसा करने से आपके जीवन से सभी प्रकार के दुःख, कलह, क्लेश, दुर्गति और झगड़े समाप्त हो जायेंगे और परिवार के बीच में प्रेम बना रहेगा।

इसके आलावा आप एक और मंत्र का जाप कर सकते हैं –

ॐ शुं शुक्राय नमः

जब आप हीरे को अभिमंत्रित कर रहे हो, तब इस मंत्र का जाप करें, हीरे को अभिमंत्रित करके ही आप अनामिका और तर्जनी ऊँगली में धारण करें।

Conclusion

तो दोस्तों ये थे कुछ 6 उपाय जिनसे शुक्र ग्रह की दुष्प्रभाव से बच सकते हैं, आप भी इन उपाय को अपनाकर देखिये और माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।

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