Heart Attack Kya Hai? Heart Attack Ke Karan? Heart Attack Ke Lakshan? Heart Attack Se Kaise Bache?

Hello दोस्तों, क्या आपको पता है हार्ट फेलियर या Heart Attack के बारे में जानकारी है, अगर नहीं तो इस आर्टिकल में सारी जानकारी दी गयी है।

इस आर्टिकल में आप जानेंगे –

  • Heart Attack Kya Hai?
  • Heart Attack Ke Lakshan?
  • Heart Attack Se Kaise Bache?
  • Heart Attack Ke Karan?

तो चलिए शुरू करते हैं –

Heart Attack Kya Hai? Heart Attack Ke Karan? Heart Attack Ke Lakshan? Heart Attack Se Kaise Bache?

हार्ट फेलियर साइंटिफिक लैंग्वेज में कहा जाये तो जिसमें हार्ट के पम्पिंग की क्षमता कम हो जाता है।

जिसकी वजह से शरीर में जितने खून व् ऑक्सीजन की आवश्यकता है उतना मरीज को नहीं मिल पता है।

भारत में हार्ट फेलियर होने का सबसे बड़ा कारण है – इस्किमिक हार्ट डिजीज या कोरोनरी हार्ट डिजीज।

ये हार्ट के नसों में ब्लॉकेज के वजह से होता है।

कुछ लोगों में यह डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के कारण होता है।

कुछ लोगों में ये एल्कोहल या शराब ज्यादा पीने की वजह से होता है।

कई मरीजों में इस बीमारी के होने का कारण ही नहीं मिल पाता है, इसे एडीओपैथिक कार्डियो मायोपैथी कहते है।

इस में होता यह कि ह्रदय की पम्पिंग कमजोर पड़ जाती है।

कम उम्र में Heart Attack Ke Karan?

हार्ट अटैक के मामले आज कल दुनिया भर में बढ़ रहे है, ऐसे में आपको पता होना चाहिए की इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक क्यों आते है।

भारत में तो आजकल हर दिन कुछ लोग हार्ट अटैक से मरते है और बॉलीवुड के बहुत सारे लोग आजकल ज्यादा मरने लगे है।

इतना एक्सरसाइज करने और इतने फिट रहने के बावजूद भी बहुत लोगो को हार्ट अटैक आता है, ऐसा क्यूँ ?

हमारे भारत में हार्ट अटैक के उम्र वेस्टर्न कंट्री के मुकाबले 10 साल घाट गयी है, यानी भारत में 30-35 के लोगो के हार्ट अटैक से मौत हो रही है।

इंडिया में ख़राब लाइफस्टाइल के कारण युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे है।

  • एक वजह तो यह है – जेनेटिक वजह से हार्ट अटैक आते है।
  • दूसरी वजह है फ्रूट्स और वेिजटेबल्स कम खाना।
  • तीसरी वजह है एक्सरसाइज ना करना।
  • चौथा वजह है शरीर में ज्यादा फैट जमा होना।
  • पांचवा वजह है हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज होना।
  • छठा वजह है ज्यादा स्मोकिंग करना और ज्यादा शराब पीना।

Heart Attack Ke Lakshan व् पहचान?

हार्ट फेलियर के कुछ 4 main लक्षण व् पहचान है। जिसे आपको जरूर पता होना चाहिए।

पहला लक्षण है – चलते समय सांस फूलना।

एक नार्मल इंसान को अधिकतर पता होता है कि मेरी चलने की क्षमता इतनी है, तो जैसे जैसे हार्ट कमजोर होता है तो उसकी चलने की क्षमता कम हो जाती है।

जितना वो पहले चल पाता था अभी उतना नहीं चल पा रहा है, और उतना चलने से उसका सांस फूल जाता है।

दूसरा लक्षण है – इसे PND कहते है जो की रात में सांस फूलता है।

अधिकतर यह मरीज जब बैठे रहते है तब ये आराम से बैठ पाते है, लेकिन जैसे ही लेटते है तो इनका सांस फूलना शुरू हो जाता है।

तीसरा लक्षण है – बहुत ज्यादा थकान और बहुत ज्यादा पसीना आना।

यह भी एक लक्षण हो सकता है कुछ दिनों से आपको ज्यादा पसीना आ रहा है और थकान भी बढ़ गया है।

ये होता है शरीर में ज्यादा फैट्स जमा होने के कारण, जिससे आपके हार्ट शरीर में ठीक तरीकेसे ब्लड व् ऑक्सीजन को पंप नहीं कर पाते है।

चौथा लक्षण है – सीने में बहुत दर्द के साथ साथ पसीना आना। लेकिन कभी कभी दर्द नहीं होता है इसे हम साइलेंट हार्ट अटैक कहते है।

Heart Attack Se Kaise Bache? (16 तरीका)

  • रोज कमसे कम 30 मिनट्स एक्सरसाइज (योग) जरूर करे।
  • बहुत ज्यादा जिमिंग करने से बचे। ओवर एक्सरसाइजेज खतरा है।
  • बाहर का तला हुआ खाना अवॉयड करे।
  • ज्यादा व्है प्रोटीन, स्टिमुलैंट्स लेने से बचे।
  • स्मोकिंग और शराब पीना बंद करें।
  • ज्यादा नॉन-वेज खाना बंद कीजिये।
  • रेड-मीट जैसे मटन बहुत खतरनाक है, इसे अवॉयड करें।
  • जंक फ़ूड को अवॉयड करें, और पैकिंग फ़ूड को अवॉयड करें।
  • डेली अगर संभव हो तो एक गिलास लौकी का जूस पिए।
  • ज्यादा तनाव, ज्यादा चिंता से बचे।
  • ज्यादा इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल देर तक करना छोड़ दीजिये।
  • हर बात पे ज्यादा गुस्सा करना छोड़ दीजिये।
  • अपने अंदर ग्रटीटुड और क्षमा भाव को लाये।
  • हर दिन कमसे कम 30 मिनट मैडिटेशन करे।
  • हर दिन सही समय पर सोएं, यानी जल्दी सोना है।
  • 30 की उम्र के बाद में रूटीन चेकउप करवाएं।

Disclaimer – यह जानकारी हार्ट स्पेशलिस्ट से ली गयी है, इसमें सिर्फ कारण, लक्षण और बचने के कुछ उपाय बताया गया (information purspose only), लेकिन इसमें कोई भी medicine के बारे में नहीं बताया गया है और ना ही इलाज के बारे में बताया गया है। अगर आप एक हार्ट की मरीज है तो अपने doctor से सलाह लीजिये।

Conclusion

दोस्तों अगर आप या आपके घरवालों को भी ऊपर बताये गए लक्षण दिखाई दे तो डॉक्टर के पास जरूर जाइये।

क्या आपको हार्ट डिजीज के बारे में इतना कुछ पता था पहले ?

आज आपको क्या नया सीखने को मिला ? और यह पोस्ट heart attack details कैसा लगा ?

क्या आप रेगुलर एक्सरसाइज करते है ?

अगर इससे रिलेटेड आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट में जरूर बताये।

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद।

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