कौन हैं – Hindi Poem

Hindi Poem – कौन हैं!

 

आभा हैं अनेक अन्दर

अवगुण मानों गोण हैं।

होठ उछलते नाक तक

किन्तु जुबां से मौन हैं।

कोई बताओ इनमें से राधा कौन हैं ?

शालीनता है सावित्री सी

सदाचार व संकोच हैं।

गली-2 में बसी ये उर्वशी सी

रूप-रंग समायोजक कौन हैं ?

कोई बताओ इनमें से राधा कौन हैं ?

पेट में चाहे जितना भी हो अन्न

किन्तु पर्याप्त रहे श्रंगार प्रसाधन

परिचित हैं कुछ अपरिचित सी

ये मेरी लगती कौन हैं।

कोई बताओ इनमें से राधा कौन हैं ?

पीठ पर तरकस सा कुछ लदकर

हाथों में कोई यंत्र सुसज्जित कर

केस झटकाती व कमर मटकाती

दीपक की बाती सम ये नारी कौन हैं ?

कोई बताओ इनमें से राधा कौन हैं ?

 

 

संजय डारा बिश्नोई पता सांचौर जालोर राजस्थान

 

 

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