Law of Attraction क्या है और ये कैसे काम करता है ? | Law Of Attraction in Hindi

Law of Attraction क्या है और ये कैसे काम करता है ? | Law Of Attraction in Hindi – Hello दोस्तों,  दोस्तों क्या आप Jim Carrey को जानते है ? Jim Carrey जो हॉलीवुड के बहुत ही पॉपुलर एक्टर, कॉमेडियन, राइटर, प्रोडूसर और आर्टिस्ट है। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया की जब वो इंडस्ट्री में नए थे और वो ऑडिशन देने जाते थे अलग अलग जगह पर अपने रोल के लिए, तो उन्हें हर जगह से रिजेक्शन मिलता था।

 

लेकिन उनको एक चीज पता था की “आपके अंदर जो विचार होते हैं वो रियलिटी बन जाता है”, इसलिए वो खुद को हर रिजेक्शन के बाद समझा लिया करते थे की ये जो रिजेक्शन है ये सिर्फ आज के लिए ही है, ये परमानेंट नहीं हैं।

 

लेकिन है तो इंसान ही, कुविचार आएंगे ही, सारा मोटिवेशन गायब, धीरे धीरे करके वो फ्रस्ट्रेट होने लगे, एक दिन तो हद से ज्यादा फ़्रस्ट्रेशन का शिकार होना पड़ा। लेकिन उनकी सबकॉन्सियस माइंड तो था ही की उसे बहुत बड़ा सक्सेस चाहिए।

 

उसी फ़्रस्ट्रेशन के साथ उन्होंने खुद के लिए एक 10 मिलियन डॉलर का एक चेक साइन किया। मतलब खुद के चेक बुक से एक चेक निकाला और उस चेक में 10 मिलियन डॉलर भरके खुद को ही दिया।

 

तो एक सच्ची बात आपको बता दूँ की उनको अपने पहली हिट मूवी के लिए 10 मिलियन डॉलर्स का ही चेक मिला।

 

तो दोस्तों उन्होंने बताया की ये Law of Attraction ही है जो उन्हें सक्सेस दिलाये। ऐसा भी नहीं की बिना मेहनत के उनको सक्सेस मिल गया। उन्होंने उसके लिए कड़ी मेहनत की थी।

 

तो आपको इस एक्साम्पल से पता चल ही गया होगा की Law of Attraction सच्ची में काम करता है। ये मेरा खुद का ही कहना नहीं है। बल्कि दुनिया के ज्यादातर सक्सेसफुल लोगों का यही कहना है।

 

आपने Rhonda Byrne की The Secret नाम की बुक के बारे में सुना होगा। पूरी किताब सिर्फ Law of Attraction के बारे में ही लिखा गया है, उसमें बहुत सारे सक्सेसफुल इंसानो के साथ किया गया रिसर्च और उनकी Law of Attraction के ऊपर कही गयी बाटे लिखी गयी है। अगर अपने नहीं पढ़ा तो मैंने उसके एक समरी लिखा था उसको पढ़ सकते हैं।

 

या फिर उस The Secret की पूरी मूवी को भी हिंदी में यूट्यूब के ऊपर देख सकते हैं।

 

Law of Attraction क्या है और ये कैसे काम करता है ? | Law Of Attraction in Hindi

 

 

Law of Attraction क्या है? Law of Attraction in Hindi

 

निकोला टेस्ला जैसे महान साइंटिस्ट ने इसके बारे में बताते हुए कहा की “Everything is Energy, Frequency and Vibration.” यानी इस पुरे ब्रह्माण्ड में सब कुछ एनर्जी है, फ्रीक्वेंसी और वाइब्रेशन ही है। उसके आलावा कही कुछ नहीं है।

 

इस दुनिया में जो भी है जैसे इंसान, जानवर, वायरस या बैक्टीरिया, या फिर पानी, आकाश, वायु, आग, प्रकाश या मिट्टी etc. ये सब कुछ एनर्जी है।

 

 

Like Attracts Likes

 

तो इसमें Law of Attraction की एक इक्वेशन खड़ा होता है की “Like Attracts Likes!” यानी “आपको वो नहीं मिलता जो आप चाहते हैं, आपको वही मिलता है जो आप खुद हैं।

 

ये बाते महान Mind रिसर्चार संदीप महेश्वरी जी भी कहते हैं की आपको वही मिलेगा जो आप हैं।

 

लेकिन हम Law of Attraction को ऐसे समझते हैं की जो यूट्यूब वीडियोस में या किसी भी आर्टिकल में Law of Attraction में बताये जाते हैं और उसकी बताई गयी नियम बस अंधाधुन फॉलो करते हैं और हम खुद के अंदर के एनर्जी रिलीज़ करते रहते हैं और बोलते हैं Law of Attraction काम नहीं करता।

 

यानी इसका मतलब यह है की हम बस अपने एक्सटर्नल चीजों पर ध्यान देते हैं, इंटरनल चीजों के ऊपर काम नहीं करते है।

 

“हमे करना है इंटरनल चीजों के ऊपर काम लेकिन हम मरते हैं एक्सटर्नल के नाम” – ये मेरा बनाया गया फनी क्वोट। लेकिन सच है।

 

जैसे इस लॉ के अकॉर्डिंग बताये गए हैं की आप जो हैं वही आपको मिलेगा, उसको एक एक्साम्प्ल के साथ समझते हैं –

 

“एक बच्चा है जिसको डॉक्टर बनना है, अब उसने विसुअलाइज़ कर लिया, उसने सोच लिया की मैं डॉक्टर बनने वाला हूँ, उसने खुद को एक डॉक्टर रूप में देख लिया, लेकिन जब वो 5 साल पढाई करने के बाद फाइनली एक डॉक्टर बनेगा तब वो बिलकुल अलग इंसान होगा, जो वो 5 साल पहले था।”

 

तो इसका मतलब यही है की आप जो चाहते हैं वो आपको नहीं मिलेगा, इस बच्चे के साथ भी यही हुआ की इन्होने ये चाहा की वो डॉक्टर बनना चाहता है। वो अंदर से एक डॉक्टर ही है, उसकी एनर्जी, फ्रीक्वेंसी, वाइब्रेशन सिर्फ डॉक्टर बनने का ही है और इसलिए वो 5 साल बाद डॉक्टर बन ही गए। यानी जो वो अंदर से है वही उसको मिल गए।

 

अंदर से है मतलब क्या उन्होंने खुद को एक डॉक्टर मान लिया, ना की डॉक्टर बनना चाहते हैं।

 

और जो लोग डॉक्टर बनना चाहते हैं वो डॉक्टर कभी नहीं बनता ये फैक्ट है। मेरा एक रिसर्च से पता चला जो डॉक्टर बनना चाहते हैं वो इंजीनियर होगा या सिंपल ग्रेजुएशन कर रहा होता है।

 

तो आपको ये चाह नहीं होना चाहिए की आप क्या चाहते हैं आपको मानना पड़ेगा की आप वही है और वही मिल जाता है।

 

 

Self-Image

 

अब दूसरा इक्वेशन Law of Attraction का ये है की “Self-Image – Self-Image is what you think & believe about yourself.” यानी “आप खुद खुदके बारे में क्या सोचते है और आपकी क्या मान्यता है खुद को लेकर।

 

इसे एक एक्साम्प्ल के साथ समझते हैं –

 

“मान लीजिये आपने एक गोल सेट किया की मुझे ये बनना है और बहुत सारा पैसा कमाना है, लेकिन आपकी सेल्फ-इमेज ये है की मैं इस लायक नहीं हूँ, पैसा कमाना मुश्किल है तो वो दोनों चीजें एक दूसरे के अपोजिट हो जाता है।”

 

अब इस सिचुएशन में क्या होता है की आप यूट्यूब वीडियोस को देखते हैं या की ब्लॉग को पढ़ रहे होते है की जहाँ आपको बताया जाता है की बस आप एक चीज के फोकस कर लो धीरे धीरे वो आपकी तरफ आजायेगी। और आपको वो चीज जरूर मिलेगा।

 

आप एक्सटर्नली टेम्पररी चीजों को फॉलो करने लगते हैं जिसकी वजह से आपको अपनी सक्सेस मिलने और भी ज्यादा समय लगने लग जाता है।

 

आपको करना वही है जो आप अंदर से है, यानी आपको इंटरनल चीजों के ऊपर काम करना है। इस सेल्फ-इमेज वाली अल्गोरिथम में भी ये अल्गोरिथम आ ही जाते हैं की जो आप अंदर से है आपको वही मिलता है, वो नहीं जो आप चाहते हैं।

 

जब आप बाहरी चीजों के ध्यान देंगे तो आपकी पैशन खत्म हो जाता है, कुछ टाइम वीडियो देखा या कही कुछ पढ़ा तो एकदम मोटिवेशन से भरे पड़े होते है लेकिन एक या दो दिन आपकी मोटिवेशन खत्म हो जाते हैं, क्यूंकि जो आप उसके रिलेटेड आप काम कर ही नहीं रहे हो।

 

Law of Attraction बहुत ही अच्छी तरीकेसे काम करता है अगर आप इसे सही तरीकेसे फॉलो करते है तो।

 

आपको सेल्फ-इमेज पे काम करना होगा और वो कैसे होगा – यानी मान के चलिए आप जहाँ पर है वहां से आप पुरे ब्रह्माण्ड में अपना एनर्जी रिलीज़ कर रहे हैं चीजों को अट्रैक्ट करने के लिए और इसमें आप अपनी एनर्जी लॉस कर रहे हैं, तो बस काम करना अपनी इंटरनल एनर्जी के ऊपर, आप यूनिवर्स के ऊपर काम मत करो।

 

आपका काम है अंदर से मानना जो आपको बनना है। विश्वास करना।

 

जैसे ही आप सेल्फ-इमेज पर काम करना शुरू कर देते हैं तब आप उसको मजबूत बनाते चले जाओगे, जो आपको सच में अंदर से चाहिए उसके रिलेटेड आपके believe को और मजबूत करोगे तब चीजें आपके तरफ अपने आप आने लग जाएगी।

 

 

Science of Deliberate Creation

 

अब तीसरे इक्वेशन को जानते हैं जो है – “Science of Deliberate Creation.” यानी “खुद के विचार के ऊपर अपनी स्किल को डेवेलोप करो।”

 

आपने किताबें पढ़कर या आर्टिकल पढ़ कर या यूट्यूब वीडियोस देख कर Law of Attraction समझ लिया की ये कैसे काम करता है और क्या है। तो जब आपको पता लग गया होगा तो आप इसके ऊपर प्रेक्टिकली काम करो।

 

लेकिन अगर आप सारा दिन बिस्तर पर सोफे पर पड़े हुए है अपने फ़ोन को नीचे स्क्रॉल कर रहे हो, मोटिवेशनल वीडियोस देख रहे हो लेकिन एक्चुअल में कोई एक्शन या desicion ले ही नहीं रहे हो, तो सारा कुछ जो आपने सीखा, जो आपने माना वो सारा कुछ बेकार है।

 

आपको एक्शन लेना ही पड़ेगा, ऐसा कभी होने वाला नहीं है आप बस दिन भर एक फेरारी कार को खरीदने के बारे सोच रहे हो और 24 घंटे सिर्फ यही सोच रहे हो तब आपको कोई आके फेरारी कार देके जाये।

 

ये 1000% झूठ है की आप जो सोचते हो वो आपको मिल जायेगा, लेकिन जो मानते हो और उसके ऊपर अपना पूरा 100% लगा देते हो और साथ Law of Attraction को भी लगा देते हो तो 1000% सक्सेस मिलेगा ही मिलेगा।

 

सच ये है जिस दिन आप बहुत ज्यादा बिजी रहते हो, ज्यादा काम करते हो, ज्यादा मेहनत करते हो, आप फिजिकली जरूर टायर्ड हो जाते है, फ्रस्ट्रेट हो जाते है की इतना काम मुझे करना पड़ा, खुद के लिए टाइम ही नहीं मिला, लेकिन आप सोच के देखो वो जो कर रहे हैं वो खुद के लिए ही कर रहे हैं।

 

सच ये है की सबसे ज्यादा आप फ़्रस्ट्रेशन तब होते हैं जब आप सारा दिन कुछ नहीं करते, दिन के आखिरी में आपको पछतावा होता है की मैंने आज कुछ नहीं किया, ये चीजें आपको सक्सेसफुल होने से रोकते हैं।

 

तो आपको Law of Attraction के लिए बस यही करना है मेहनत करो, इतना काम करो काम भी आपको थोड़ा रुकने के लिए कहे। और ऐसा काम नहीं बिना मतलब के करे जा रहे हो, पहले प्लानिंग करो, उसके बाद उस स्किल को किसी एक्सपर्ट से सीखो और अब करना शुरू कर दो और औरो से ज्यादा करो।

 

ये है Science of Deliberate Creation.

 

 

Law of Detachment

 

अब चौथे इक्वेशन के बारे में बात करते हैं – “Law of Detachment.” आपने गीता के एक श्लोक को सुना ही होगा की कर्म कर फल की चिंता मत कर।

 

लोग तो फल के लिए कर्म करते हैं, फल की इच्छा तो सभी को होती ही है, लेकिन उस पर इस तरह से डिपेंड ही मत हो जाओ की जब तक ये नहीं मिलेगा मैं खुश नहीं रहूँगा या रहूंगी। ऐसा नहीं करना चाहिए।

 

आप क्या करते हो Law of Attraction के साथ की मुझे ये चाहिए तो अभी चाहिए और अगर ये अभी नहीं मिला तो इसका मतलब ये कभी नहीं मिलेगा। सभी चीजों को हासिल करने के सालों लगते हैं मेरे दोस्त, तो आपको वो अभी कैसे मिल सकता है। ये यूनिवर्सल लॉ है की एक एक बूंद मिलकर ही सागर होता है तो आप एक बूंद से तो सागर क्रिएट नहीं कर सकते ना।

 

इसमें आपकी वही एनर्जी रिलीज़ हो रही जो आपको सक्सेसफुल होने के लिए रोक रहा/रही है। अगर काम करना ही है सक्सेसफुल होना ही है जो आप कर रहे हैं उसे पैशन के साथ खुश रहके करिये।

 

Law of Detachment का मतलब यही की आप अपना गोल बनाओ, उसके लिए काम करो, मेहनत करो, खुद को अपग्रेड करो, ट्रेंड के साथ चलो यानी उसको सीखो और अपने एक्सिस्टिंग काम में इम्प्लीमेंट करो और सबसे जरुरी की आप जो भी करो सटिस्फाईड रहके करो, खुश रह के करो, उस हिसाब से आपको कुछ साल बाद आपको वो सभी मिल ही जाते जिसके आप हक़दार हैं।

 

ऐसा किसी के साथ नहीं हुआ की सब कुछ करने के बाद भी उसको एक रूपए भी नहीं मिला या कोई सक्सेस नहीं मिला। जिसने जितना किया है उसको उतना मिला है और सबको उसी के हिसाब से मिलेगा जरूर।

 

इसमें सबसे जरुरी है खुश रहना। आपके पास अभी जो है उसके साथ खुश रहिये तभी आपको जो मिलेगा उसमें आप खुश रह पाएंगे और तभी आपको सब कुछ मिलेगा।

 

 

Law of Trust/Certainty

 

अब पांचवा इक्वेशन है “Law of Trust/Certainty” यानी आपको भरोषा रखना ही होगा।

 

भरोषा रखें की आपने जो गोल बनाये है, या गोल को decide किया है वो हो जायेगा, या मिल जायेगा, मैं इसमें अपना 100% दूंगा, आप वो कर सकते हैं, आप उसे हासिल कर सकते हैं, आप को एक दिन वो सब कुछ मिलेगा।

 

आप एक बात नोटिस जरूर करें जब आप कही जा रहे हैं और अगर आप पुरे टाइम कंफ्यूज हो की हम सही जा रहे हैं या गलत जा रहे हैं, यही जाना था क्या, कही मैं गलत जगह तो नहीं जा रहा/रही हूँ etc., अगर आप पूरी तरह से इसी कन्फूशन में रहोगे आप अपनी जर्नी भी एन्जॉय नहीं कर पाओगे, आपको वहां पहुंचना बहुत मुश्किल लगने लग जायेगा।

 

तो आपको इसमें भरोषा ही काम में आता है।

 

ऐसा नहीं है की डर नहीं लगेगा, कोई असफलताएं सामने नहीं आएंगे, आपको असफलताएं भी मिलेंगी, डर भी लगेगा, लाइफ के जर्नी में सब कुछ होगा, आपको आज थोड़ा मुश्किल लग रहा होगा लेकिन आपको वो मिलेगा ही जो आप है।

 

और इसी सिचुएशन पर अपने आपको मजबूत बनाके रखना होगा।

 

आपको सब कुछ मिलेगा, कुछ न कुछ रास्ता निकल आएंगे, जिंदगी उस तरह से चल पड़ेगी जिस तरह से आप अपनी जिंदगी को देखना चाहते हैं, जिस तरह से आप सक्सेस को पाना चाहते हैं, और याद रखिये आपको वही मिलेगा जो आप है।

 

 

Art of Allowing/Receiving

 

अब 6th इक्वेशन के बारे में बात करते है “Art of Allowing/Receiving” यानी हम सबको कुछ ना कुछ चाहिए और उसको पाने के लिए ये चीज डिपेंडस करता है की हम कौन सी प्लेस से आ रहे हैं।

 

एक्साम्पल – मान लीजिये आपको पैसा चाहिए और आपका पूरा एनर्जी और फ़्रस्ट्रेशन वो होता है मुझे पैसा चाहिए, कही से भी पैसा नहीं आ रहा है, मैं कैसे अपना सोर्स ऑफ़ इनकम बढ़ाऊ, मुझे कोई जॉब नहीं मिल रही है, पैसे आते तो मैं उसे बचा नहीं पाता हूँ।

 

अगर आपकी थिंकिंग आपकी सोच इस तरीके का है तो वो किस जगह से आ रहा है उसकी जगह है आपकी एनर्जी की lack यानी कमी की जगह से आ रहा है।

 

अब ये भी जान लीजिये की जो अमीर लोग है, वो भी तो पैसा कमाते हैं, और पैसा कमाना उन्हें भी पसंद है, क्यूंकि उन्हें काम करना पसंद है और पैसा कमाना पसंद है, उसके अंदर उस फ़्रस्ट्रेशन को आने ही नहीं देते हैं, उसके अंदर निराशा नहीं होते हैं।

 

उन्हें पैसा आने का इतना ज्यादा ख़ुशी भी नहीं होती है, और दुःख या फ़्रस्ट्रेशन भी नहीं होते हैं। उनके अंदर नूट्रल रिलैक्स स्टेट होती है, एक सटिस्फैक्शन होती है, जो आपके अंदर भी होना चाहिए।

 

आप जितना ज्यादा रिलैक्स रहेंगे इसका मतलब यही है आप अपनी सक्सेस को अपनी तरफ खींच रहे होते हैं। ये स्टेट मेन्टेन रखना बहुत जरुरी है।

 

आप जितना ज्यादा अपनी लाइफ में चीजें रिसीव/अट्रैक्ट करते जाते हैं, उतना ही आपके अंदर चीजों को अट्रैक्ट करने की नीड उतने कम होती जाती है और तब नेचुरली एक रिलैक्स स्टेट बन चुकी होती है, आप ट्रांसफॉर्म हो चुके होते हैं, आपके अंदर एक ट्रस्ट बिल्ड होने लगता है।

 

तब आप लोगों के साथ अपनी चीजों को शेयर करने लगते हैं चाहे वो नॉलेज हों, चाहे वो पैसा हों, चाहे वो कोई चीज हों, तब आपके अंदर वो घबराहट नहीं होगी की ये मेरे हाथ से चला गया तो क्या होगा, और इससे आपको और ज्यादा मिलने लगते हैं।

 

आपको तब मालूम होता है की लेना और देना में कैसे बैलेंस करते हैं।

 

 

Gratitude

 

जब भी आपको कुछ भी मिलता है आप बोलते हैं थैंक यू, और आप इसे अपने पुरे दिल से फील करके बोलते हैं, वही है Gratitude.

आपने दो तरह के लोग देखें होंगे जैसे –

 

एक – एक बच्चा है जिसके पास एक केक का टुकड़ा है और वो उसमें ही बहुत खुश हैं।

दो – एक बच्चा है जिसके पास पूरा का केक होता और उसमें सिर्फ एक टुकड़ा मिसिंग होता है और फिर भी वो रो रहा होता है, दुखी है।

 

तो हम सब लोग इस दूसरे बच्चे की तरह बन जाते हैं जिनके पास इतना कुछ है, लेकिन हम एक मिनट रुक कर gratitude भी फील करते हैं उसके लिए। हमे बस और चाहिए, और चाहिए…..

 

इसका रीज़न यही है की हम सबके पास इतना कुछ है जो हम काउंट भी नहीं कर सकते, हमारा फोकस इतनी सारी चीजों के ऊपर कैसे जायेगा, तो ज्यादा इजी तो यही है की फोकस वहां लगाना जो हमारे पास नहीं है और उनकी तरफ अपना फोकस easily चला भी जाता है।

 

और इसलिए हम दुखी रहते हैं और बड़ी सक्सेस अचीव ही नहीं कर पाते हैं। आपका फोकस जहाँ पर है इसका मतलब आप वो हैं और आपको वही मिलता है।

 

आपका फोकस जहाँ जाता है, आपका ध्यान जहाँ जाता है उसमें आपकी एनर्जी भी जाता है और अंत में आपको वही चीजें मिलता है। और बढ़ जाती है।

 

एक रिसर्च में ये पता चला है की जो लोग कमसे कम हफ्ते में एक बार भी बैठ कर ग्रटीटुड की भावना को अपने अंदर आने देते हैं, उसको फील करते हैं उनकी हैप्पीनेस में 25% ज्यादा इम्प्रूवमेंट देखा जाता है।

 

आपको लाइफ में जो भी कुछ चाहिए वो इसलिए चाहिए ताकि आप ज्यादा खुश रहे और अगर आप ऐसे भी खुश रह सकते हैं तो प्रॉब्लम क्या है। आपको तो मिलेगा ही सब कुछ जिसके ऊपर काम करते हैं।

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों आपको Law of Attraction के बारे में कोई भी कन्फूशन है तो मुझे जरूर पूछ सकते हैं।

 

आपको आज का हमारा यह पोस्ट “Law of Attraction क्या है और ये कैसे काम करता है ? | Law Of Attraction in Hindi” कैसा लगा ? मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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