Motivational Speech in Hindi – सफल होने का सीक्रेट

Motivational Speech in Hindi – Hello दोस्तों, क्या आपको लगता है की हम अपने चरों ओर नेगेटिविटी से घिरे हैं ? मुझे तो लगता है ! फिर भी मैं उस नेगेटिविटी को पॉजिटिव की तरह देखता हूँ। शायद इसे आप भी कोशिश करते होंगे, लेकिन होता नहीं है।

 

तो आप शायद नहीं जानते होंगे की हमारे माइंड को किस तरीकेसे prepare किया जाये की हम उसको उस नेगेटिविटी को भी पाजिटिविटी की तरफ अपना डायरेक्शन ले सके। और हम कैसे नेगेटिव और पॉजिटिव को छोड़ कर अपनी लाइफ में सक्सेस कर सकते हैं।

 

आज इसी के बारे में बात करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

 

Motivational Speech in Hindi – सफल होने का सीक्रेट

 

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हमारे आसपास पाजिटिविटी बहुत कम है और बिलकुल फैक्ट है।

 

आपने कभी कभी सोचा होगा की हर न्यूज़ पेपर, टीवी पे, हमारे आसपास के लोग जो बातें करते हैं वो सिर्फ नेगेटिविटी को जगह दे रहे हैं।

 

तो होता तो हर दिन ऐसे ही हैं, लेकिन उसको अवॉयड करके आपको सभी चीजों में बैलेंस करना है।

 

जैसे आपकी माइंड में तो हर वक़्त नेगेटिव चीजें अंदर जा ही रहे हैं लेकिन कुछ मिनट अच्छा सोचने, कुछ अच्छा करने, और कुछ अच्छा देखने में भी अपना टाइम लगाए।

 

और ये आपको हर दिन प्रैक्टिस करना पड़ेगा।

 

जैसे मैं क्या करता हूँ, आजकल न्यूज़ देखना ही बंद कर दिया, यूट्यूब पर ही कुछ फनी वीडियो देख लेता हूँ कुछ 10-20 मिनट और बाकि ज्यादातर समय मतलब कुछ 2-3 घंटा सिर्फ कुछ बातें देखता हूँ सुनता हूँ। हर एक मोटिवेशनल स्पीकर की वीडियो देखता हूँ।

 

तो मैंने अपने आसपास की नेगेटिविटी को ऐसे खत्म कर दिया है। वैसे 100% तो नहीं ख़त्म किया नेगेटिविटी को लेकिन मैं कह सकता हूँ 80% नेगेटिविटी को मैंने खत्म कर दिया।

 

तो आप भी ऐसा कर सकते हो।

 

जब हमारे अंदर नेगेटिव इनफार्मेशन ज्यादा होंगे तब हमारे एक्शन भी उसी नेगेटिविटी की तरह होता है।

 

तो इसको जब आप पाजिटिविटी की तरफ आगे बढ़ोगे तब आपके हर एक एक्शन्स भी पॉजिटिव ही होंगे, और ये फैक्ट है।

 

तो इसमें आपको अपने माइंड को बैलेंस करना ही होगा की हाँ मुझे न्यूज़ देखना तो है, पढ़ना तो है लेकिन दिन भर में कुछ अच्छा भी देखना है।

 

जैसे मैं ज्यादातर समय संदीप महेश्वरी जी की वीडियो को देखने में बीताता हूँ। आप देख सकते हो यूट्यूब पर उनकी वीडियो।

 

शायद आप में से ज्यादातर लोगों ने देखा ही होगा उनकी वीडियो।

 

असल में मैं यहाँ पर आपके लिए ये आर्टिकल लिख पा रहा हूँ, सिर्फ उनकी वजह से। क्यूंकि उन्होंने हमे सिखाया है की कैसे हम पाजिटिविटी की तरफ आगे बढ़ सकते हैं।

 

तो देखिये मैं ये मानता हूँ की नेगेटिविटी को हम पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकते।

 

क्यूंकि आप तो पाजिटिविटी की तरफ आगे बढ़ रहे हो लेकिन अपने घरवालों का क्या करोगे, अपने पड़ोसियों का क्या करोगे ?? उनको तो शेर के पिंजरे में बंद नहीं कर सकते है ना !!!! हा! हा! हा!

 

क्यूंकि हमारे सबके घर में नेगेटिव बातें तो होती रहती है। तो इसमें सिर्फ बैलेंस ही काम आता है।

 

लेकिन एक टाइम आएगा जब आपको बस रियलिटी को ही देखना है। तभी आप अकेले ही बहुत आगे बढ़ पाओगे इस दुनिया में।

 

आपने शायद इसके ऊपर ध्यान दिया ही होगा! जब हमारे अंदर नेगेटिव एनर्जी आते हैं तो हमे बहुत बुरा लगता है, तब हम पॉजिटिव एनर्जी को अपने अंदर घुसा देते हैं और तब हमे बहुत अच्छा फील होने लगता है, लेकिन वो समय के लिए ही रहता है।

 

इसमें एक बात तो अच्छा है की आपके अंदर सिर्फ नेगेटिव एनर्जी की जाने की बजाये पॉजिटिव एनर्जी भी जाये। ये हज़ार गुना बेटर है की सिर्फ नेगेटिव ही जाये अपने अंदर।

 

क्यूंकि नेगेटिव एनर्जी तो हमे बिलकुल ही नीचे गिरा देगा। वो तो हमे तनाव ही तनाव देगा।

 

की सभी तरफ बुराई है, सभी तरफ गलत चीजें हैं, तो ऐसे में इंसान उस जाल में फंसता ही चला जाता है।

 

Positivity

 

तो जब हम पॉजिटिव थॉट्स को अंदर आने देते है तो इसमें हमारे अंदर उम्मीद जागती है की हमे इन नेगेटिविटी की जाल से बाहर निकलना है।

 

तो उस पॉजिटिव एनर्जी को आप यूज़ करो जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए, जैसे मैं कर रहा हूँ।

 

लेकिन इसमें भी एक सीक्रेट है की ये भी एक पर्मानेंट सलूशन नहीं है। क्यूंकि नेगेटिविटी कभी खत्म होने वाला तो है नहीं !

 

तो आप चाहे कितने भी ऊपर उठ जाओ, वहां पे प्रॉब्लम्स तो रहेंगी ही।

 

तो उसके लिए आपको क्या करना है – हम जो नेगेटिव और पॉजिटिव को बातें करते हैं  उन दोनों से हमे ऊपर उठ कर मतलब उससे बाहर निकल करके हमे अपनी आसपास की, इस दुनिया की रियलिटी को देखना है।

 

तब उस सीटुएशनन में ना आपको नेगेटिव से ना आपको पॉजिटिव से फर्क पड़ेगा।

 

“अगर आप चाहते हैं की जीवन में आपको असफलता, नेगेटिविटी, कठिनाई या मज़बूरी न मिले, तो ये असंभव है।”

 

दोस्तों नेगेटिव और पॉजिटिव जो टर्म है ये दोनों ही सिर्फ इनफार्मेशन है।

 

इसमें हम ही दोनों को डिफाइन करते हैं की ये पॉजिटिव है और ये नेगेटिव है।

 

तो जब हम इन दोनों से ऊपर उठ जाते है तब हम उस इनफार्मेशन को कैसे यूज़ करना है वो हमारे हाथ में आ जायेगा।

 

जैसे मान लीजिये आप एक कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तयारी कर रहे हो। तो इसमें नेगेटिविटी आप इसको कह रहे हो की कोई आपके पास आया और आ करके उसने बोला की “तेरे बस का नहीं है ये, तू नहीं कर पायेगा, क्यूँ टाइम वेस्ट कर रहा है?”

 

तो आप इसको कहोगे की ये नेगेटिव है।

 

और इसके opposite कोई आ करके आपको कहता है की “तू ये बिलकुल कर सकता है।”

 

तो आप कहोगे ये पॉजिटिव है।

 

तो मैं आपको बता दूँ की ये दोनों ही सिर्फ इनफार्मेशन है। दोनों की अलग अलग थॉट्स है।

 

तो इसमें हमारी इंटेलिजेंस को यूज़ करना होगा। उस इनफार्मेशन को इंटेल्लिजेंटली यूज़ करना होगा।

 

secret

 

मतलब रियलिटी को As it is देखना होगा।

 

इसमें हो सकता है वो जो नेगेटिव बातें बोल रहे है की तू नहीं कर सकता या सकती, वो हमारे काम आ जाये।

 

बजाये की हम 10 साल तक मेहनत कर रहे है और रिजल्ट जीरो।

 

और इसमें आप लगे हुए हो की नहीं नहीं मैं अगले साल जरूर इस एग्जाम को क्रैक करूँगा या करुँगी। और 10 या 20 साल बाद आपको पता लगेगा की हमारी लाइफ भी निकल गयी और कुछ हुआ भी नहीं।

 

तो इसमें जब आपको कोई नेगेटिव भी बोल रहा है, तो हो सकता है वो नेगेटिव बोल रहा है उसके पीछे सच्चाई है।

 

की उसने हो सकता है आपको नेगेटिव बात इसलिए बोला क्यूंकि उन्होंने पहले आप ही की तरह उसी चीज को कर चूका था। और वो फ़ैल हो गया।

 

तो इसमें आपको अगर सक्सेस पाना है तो आपको नेगेटिव और पॉजिटिव को छोड़ के आपको पता लगाना होगा की वो फ़ैल क्यूँ हुआ! उसके साथ आपको टाइम स्पेंड करना होगा।

 

जिसको आप नेगेटिव समझ रहे हो तो हो सकता है वही आपके लिए पॉजिटिव बन जाये।

 

और इसमें उसको बोलो की मुझे आपसे कुछ सीखना है, मुझे समझना है। की मैं ये करूँ या ना करूँ !

 

वो तो बोलेगा की मत करो। तो इस “मत करो” को आपको पकड़ना नहीं है।

 

आप उससे पूछो की क्यूँ ?

 

तब उनको आपको उनकी सारी बातें तो बतानी ही पड़ेगी, है ना!

 

और उनसे भी पूछो जो आपको कह रहा है की तू ये कर सकता है। तो उनसे भी पूछो की क्यूँ करूँ ?

 

इसमें ऐसा क्या होता है ? कैसे सब कुछ होता है ? उनसे पूछो।

 

तो जब आप उनकी इनफार्मेशन को ले लोगे तो आप दोनों तरफ से उस चीज को देख सकते हो।

 

मतलब रियलिटी को जानना है और उसके अकॉर्डिंग ही आपको अपना decision लेना है। ना की पॉजिटिव या नेगेटिव को देख कर आप decision लो।

 

तो इसमें अगर मैं बात करूँ की दुनिया में चारों तरफ तो नेगेटिविटी ही, पाजिटिविटी बहुत कम है। ये जरुरी नहीं है।

 

क्यूंकि ना आप पॉजिटिव रहने से सक्सेसफुल होंगे और ना ही नेगेटिव रहने से।

 

जरुरी तो यह है की हमें रियलिटी को देखना है और उसके अकॉर्डिंग चलके सक्सेस तक पहुंचना है।

 

तो जैसे मैंने एक्साम्प्ल लिया एंट्रेंस एग्जाम की, तो आप उसकी तैयारी कर रहे हो और आप बहुत पॉजिटिव हो जाओ, लेकिन वो एग्जाम आपने कभी क्रैक नहीं कर पाए हो।

 

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तो इससे तो लाख गुना बेहतर है की चाहे आप पॉजिटिव रहो या नेगेटिव रहो कोई फर्क नहीं पड़ता, बस वो एंट्रेंस एग्जाम फटाफट से क्रैक हो जाये।

 

ताकि आपको जल्द से जल्द सक्सेस मिले।

 

तो अब आपको समझना होगा की हम पॉजिटिव या नेगेटिव सिचुएशन में रह कर भी सक्सेस को कैसे अचीव कर पाएंगे ?

 

ये बिलकुल फैक्ट है की पाजिटिविटी से और नेगेटिविटी से हमे सक्सेस कभी नहीं मिलता।

 

सक्सेस पाने में पाजिटिविटी और नेगेटिविटी का दूर दूर तक कनेक्शन नहीं है।

 

तो हमे ना तो नेगेटिव बनना है और ना ही बहुत ज्यादा पॉजिटिव।

 

सक्सेस ना पाजिटिविटी से, ना ही नेगेटिविटी से और ना ही हार्डवर्क से मिलता है।

 

जितना आप हार्डवर्क करने वाले हैं उस एग्जाम को क्रैक करने के लिए, आपसे ज्यादा हार्डवर्क करने वाले बहुत बैठा हुआ है।

 

तो इसमें आपको सक्सेस तभी मिलेगा जब आपने उन लोगों से सीखा की सक्सेस कैसे हुआ जाये।

 

मतलब आप उन सारे सक्सेसफुल लोगों से जाकरके सवाल पूछ सकते हो वो सक्सेसफुल कैसे हुए हैं ?

 

जिस भी फील्ड में आप जा रहे हो वहां आपको बहुत सारे सक्सेसफुल लोग मिल जायेंगे।

 

अगर आप ये समझ जाओ की आप जिस भी फील्ड में जा रहे हैं उसमें उन सक्सेसफुल लोगों से ये पता लगा पाओ की उस फील्ड में सक्सेसफुल होने के लिए बेस्ट स्ट्रेटेजी क्या है और उस स्ट्रेटेजी को आप समझ लो भले ही आपको कुछ महीना या कुछ साल लग जाये, लेकिन अगर उस स्ट्रेटेजी के हिसाब से एक्ट कर लो तो आपको सक्सेस मिलने में पूरा रास्ता आसान हो जायेगा।

 

और अगर हमको ये ना समझ आये की सक्सेसफुल होने का बेस्ट स्ट्रेटेजी क्या है और हम कितना भी हार्डवर्क करते चले जाये सबकुछ मुश्किल ही लगेगा, हर स्टेप पर प्रॉब्लम ही लगेगा।

 

इसमें आप कितना भी पॉजिटिव हो जाओ इसका मतलब ये नहीं की आप सक्सेस की तरफ एकदम राइट डायरेक्शन में हो।

 

आप लोगों को कह रहे मुझे नेगेटिव मत बोलो, मैं बहुत पॉजिटिव हूँ, मैं सक्सेस को अचीव कर ही लूंगा।

 

लेकिन आपको आपकी फील्ड का बेस्ट सक्सेस स्ट्रेटेजी ही नहीं मालूम है तो आप सक्सेस को कभी अचीव नहीं कर पाओगे।

 

तो आपको पूरी रियलिटी को समझना होगा, और सही डायरेक्शन का पता लगाना होगा।

 

ये एक मैप की तरह है, की उसमें आपको ये पता लग जायेगा की आप अभी इंडिया में है और अगर आपको अमेरिका जाना है तो रास्ता कहा पर है।

 

बहुत सारे लोगों को पता ही नहीं है की वो क्या कर रहे हैं और क्यूँ कर रहे हैं और कैसे करना है और कहाँ पहुंचना है, जो कर रहे है वो सही भी है गलत।

 

अगर आप ये मानते हो की जो आप कर रहे उसके बारे में 100% पता है, क्यूँ कर रहे हैं उसके बारे भी 100% पता है, कैसे करेंगे या कर रहे है उसके बारे में भी 100% पता है, और कहा तक जाना है वो भी 100% पता है, और जो कर रहे हैं वो एकदम सही है, तो वहां पर ना नेगेटिविटी आपको दबा सकता है और ना ही पाजिटिविटी आपको ऊपर उठा सकते हैं।

 

help others

 

लेकिन हम रियलिटी पे कभी काम ही नहीं करते हैं, की रियलिटी उस फील्ड पर कौनसी स्ट्रेटेजी चल रहा है।

 

आपको पता लगाना पड़ेगा की लाइफ में आगे कैसे बढ़ते है उस फील्ड में ?

 

कैसे सक्सेसफुल होते हैं ?

 

अगर आपने ये पता लगा लिया, जैसे जो सक्सेसफुल लोग है उसने उसका पता लगा लिया हैं और इसलिए वो सक्सेसफुल है।

 

और आपको उनसे पता लगा लेना है और वो कैसे पता लगाएंगे वो आपके ऊपर है।

 

और जब आपने पता लगा लिया की रियलिटी में उसकी स्ट्रेटेजी क्या है तो आप किसी भी फील्ड में सक्सेस को अचीव कर पाएंगे।

 

 

Conclusion

 

तो आपको खुद को उन लोगों से पता लगाना होगा और उसको इम्प्लीमेंट करना है की आपकी फील्ड में जो भी सक्सेसफुल लोग है वो कैसे सक्सेसफुल हुए हैं।

उन्होंने सक्सेसफुल होने कौन सी स्ट्रेटेजी को अपनाई थी।

तो आप भी एक दिन सक्सेसफुल हो जायेंगे।

अब मुझे बताए आपको आज का यह “Motivational Speech in Hindi – सफल होने का सीक्रेट” कैसा लगा ?

की आप अभी क्या कर रहे सक्सेसफुल होने के लिए।

और कौन सी बेस्ट स्ट्रेटेजी को आप फॉलो कर रहे हैं ?

लाइफ की किसी भी प्रॉब्लम के बारे में मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

और इस “Motivational Speech in Hindi – सफल होने का सीक्रेट” को अपने दोस्तों के साथ शेयर भी जरूर करें।

 

 

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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