अकबर और बीरबल की हिंदी कहानी से तीन बातें – Motivational Story in Hindi

Motivational Story in Hindi – Hello दोस्तों, ये एक ऐसी कहानी है जो आपको ये बता सकते हैं की भगवान कौन है ? भगवान कहाँ है ? और भगवान क्या कर सकते है ? इसके जवाब जानने के लिए बीरबल के बातों से ही जाने।
 

अकबर और बीरबल की हिंदी कहानी से तीन बातें – Motivational Story in Hindi



अकबर अपने दरवार में बीरबल को बुलाते हैं। और भरी सभा में बीरबल को बोलते हैं – “कल सुबह मैं तुमसे तीन सवाल पूछूंगा, अगर तुमने उन सवालों का सही उत्तर दिया, तब तो तुम मेरे नवरत्न में रहोगे, otherwise मैं तुम्हे मौत की सजा दे दूंगा”


अब बीरबल परेशान हो जाते हैं, वो सोचते हैं बादशाह अकबर ने ये क्या बोल दिया, ये तो सच में मुझे फांसी पर चढ़ा देंगे और उन्हें नींद नहीं आयी रात भर, ये सोच सोचके।


अगले सुबह ही बादशाह अकबर की सभा लगी।


और बीरबल जल्दी जल्दी आये राज सभा में और अकबर को प्रणाम करके वो अकबर के सामने रहे हैं।


अब अकबर सवाल पूछती है बीरबल से – “ये बताओ की खुदा कहाँ हैं ?”


बीरबल तो बहुत ही चतुर है, वो बादशाह को बोलते हैं “महाराज क्या एक गिलास दूध और एक चम्मच चीनी मुझे मिल सकता है यहाँ ?”


अकबर बोलता है “हाजिर किया जाये”


अब बीरबल उस चीनी को दूध में अच्छे से मिला देते है।


और बीरबल ने अकबर पूछा – “महाराज क्या आप इस दूध को पी सकते हैं ?”


अकबर उस दूध को पीते हैं।


अब बीरबल पूछते हैं – “महाराज क्या ये दूध मीठा था ?”


अकबर बोलते हैं – “हाँ दूध तो मीठा था”


बीरबल बोलते हैं – “चीनी कहा थी ?”


अकबर बोलते हैं – “चीनी तो घुल गयी न दूध में, और तभी तो मीठा था दूध, इतनी सी बात नहीं पता तुम्हे !”


बीरबल अब बोलते हैं – “बादशाह सलामत, जिस तरह से वो चीनी इस दूध के अंदर घुल गयी, इसी तरह से खुदा भी हम सबके भीतर घुल सुका है, इस दुनिया की हर चीज के अंदर वो समां चूका है, जैसे की वो चीनी उस दूध के समां चुकी है”


बादशाह अकबर कहते है – “तुमने अच्छा जवाब दिया, अब दूसरा सवाल”


दूसरा सवाल अकबर ने बीरबल को पूछते है – “मुझे ये बताओ की उस खुदा को कैसे पाया जा सकता है ?”


अब बीरबल कुछ सोचते हैं और बोलते हैं – “महाराज क्या इस सभा में एक पतीला भरके छाछ आ सकती है ?”


अकबर बोलते है – “हाजिर की जाये”


जब छाछ ले आते है सभा में एक बड़ी पतीला में तब बीरबल ने बादशाह अकबर को पूछते है – “महाराज इसके अंदर मक्खन तो दिख नहीं रहा है”


अकबर बोलते है – “अरे मक्खन निकालने के लिए तो इसे हिलाना पड़ेगा न, फेंटना पड़ेगा ना”


अब बीरबल बोलते है – “जैसे इस छाछ को फेंटना पड़ेगा ना मक्खन के लिए, उसी तरीकेसे हमे अपने अंतर मन में जाना पड़ेगा, अपने आपको फेंटना पड़ेगा उस खुदा को पाने के लिए, कही और जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। जैसे मक्खन इस छाछ के अंदर है, खुदा या भगवान भी हमारे अंदर ही हैं, बस फेंटना पड़ेगा”


बादशाह कहते हैं – “बहुत खूब बीरबल, अब तीसरा सवाल”


वो पूछते हैं बीरबल से – “ये बताओ जो ऊपरवाला, जो ये खुदा है वो क्या कर सकता है ?”


अब बीरबल कुछ सोचते हैं और फिर जवाब देते है – “महाराज इस जवाब के लिए आपको मुझे अपना गुरु मानना पड़ेगा”


अकबर बोलते हैं – “ठीक है माना तुम्हे गुरु”


अब बीरबल बोलते हैं – “महाराज अब आपने जो मुझे गुरु मान ही लिया तो मैं एक बात बता दूँ की गुरु का स्थान हमेशा शिष्य से ऊपर होता है, तो मेरी जगह आना पड़ेगा और मुझे आपकी जगह आना पड़ेगा”


अकबर तुरंत नीचे आ जाते है और बीरबल को बोलते है गुरूजी आप ऊपर जाइये।


और बीरबल जाके सिंहासन पे बैठ जाते हैं और अकबर को जवाब देते हुए कहते हैं – “महाराज ऊपरवाला चाहे न तो एक सेकंड में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है”


अब बीरबल अपने बादशाह को उनके सिंहासन फिर से दे देते हैं और बादशाह ने बीरबल को बहुत सारा इनाम देते हैं।


 तो दोस्तों क्या आपको ऐसा लगता की ऊपरवाला किसी भी इन्शान की जिंदगी एक सेकंड में बदल सकता है ? मतलब ऊपरवाला चाहे तो कुछ भी कर सकते है।

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