Motivational Story in Hindi – तीन Best प्रेरणादायक कहानी

Motivational Story in Hindi – दोस्तों आज मैं ऐसी तीन छोटी छोटी प्रेरणादायक कहानी (Motivational Story in hindi) आपके लिए लेके आया हूँ। तीन मोटिवेशनल कहानी जिसमें छुपी है तीन बातें, जो आपके आने वाला कल को आज से बहुत बढ़िया बना सकता है। इन कहानिओं की गहराई में उतर करके आप अच्छे से सोच सकते की आपको आने वाला कल शानदार बनाना है या घटिया।

 

Motivational Story in Hindi – इन तीन प्रेरणादायक कहानी से सीख कर आप अपना भविष्य बदल सकते हैं

 

 तो आइए जानते हैं उस तीन मोटिवेशनल कहानी को की कैसे वो तीन कहानी आपकी जिंदगी को बदल सकते हैं –

 

#1 Motivational Story in Hindi –

 

एक बाबाजी

 

 एक गांव में एक बाबा था, जिसके पास हर सवाल का जवाब था, लोग उसको बहुत मानते थे, उसी गांव में एक आदमी बहुत चिढ़ता था की इस बाबा के पास तो हर सवाल का जवाब है। तो मैं इनको कोई सबक सिखाता हूँ।

 

वो सोचता है अगले दिन मैं बाबा के सामने एक पक्षी ले जाऊंगा हाथ में, और बाबा को पूछूंगा, “बाबा जी ये पक्षी जिंदा है या मुर्दा”

 

अगर बाबा जी ने बोला जिन्दा तो मैं उस पक्षी को कुचल दूंगा और लोगों को दिखाऊंगा कि ये पक्षी तो मुर्दा हैं। और अगर बाबा ने बोला ये पक्षी तो मरा हुआ है तो मैं उसको छोड़ दूंगा और लोगों को बोलूंगा देखो ये पक्षी तो जिन्दा है, बाबा को पता नहीं है, बाबा जी को सबके सामने शर्मिंदा करूँगा।

 

अगले दिन वे आदमी एक पक्षी लेके बाबा के पास जाते हैं और बाबा को कहते हैं – “बाबा जी एक सवाल मेरा भी है बताओ, मेरे हाथ में जो पक्षी है वो जिन्दा है या मुर्दा है”

 

बाबा भी बहुत ज्ञानी होते हैं, वो ऐसा जवाब देते है जो आप और मैं normally सोचते तक नहीं हैं। वो बाबाजी कहते हैं “बेटा ये पक्षी तो तेरे हाथ में हैं, तू चाहे तो वो जिन्दा है, तू कुचल दे तो वो मुर्दा है।”

 

इतने दिनों, महीनों, सालों तक हम कोई ना कोई कारण देते आये हैं की मेरा ये दिन अच्छा नहीं गया, ये महीना अच्छा नहीं गया, ये साल अच्छा नहीं गया, इसने मेरे साथ वो किया इसलिए मैं उस काम को कर नहीं पाया, इसकी वजह से मेरा ये 3 साल बर्बाद हो गया, उसकी वजह से मेरा वो साल बर्बाद हो गया, ऐसे हजारों-लाखों कारण देके हम अपनी जिंदगी को खुद बर्बाद कर देते हैं। मतलब उसका नुकसान सिर्फ आपको हुआ हैं और किसी को नहीं।

 

आने वाला आपका पूरा जीवन कैसा होगा, हर दिन कैसा होगा, उस पक्षी की तरह ये सिर्फ आपके हाथ में हैं।

 

 

#2 Motivational Story in Hindi –

 

दो मुशाफिर

 

 एक बार एक मुशाफिर एक रेगिस्तान में चल रहा होता है, गर्म हवा से उसकी तबियत ख़राब होती जा रही है, वो चलता जा रहा है चलता जा रहा है और गला चुख रहा है और भूख लग रही है और पानी की तलाश कर रही है। 

 

लेकिन रेगिस्तान में पानी मिलेगा कहाँ, वो ढूंढ रहे हैं, ढूंढ रहे हैं और उसे अचानक नजर पड़ती है एक तालाब के ऊपर, दूर उसको नजर आता है, उसको लगता है कही मेरे मन का वहम तो नहीं, वो और पास चलता जाता है उस तालाब के, पास जाता है तो वो देखता है सच में एक साफ ठन्डे पानी का तालाब है वो अपनी ऊंट से उतरता है और पानी के पास जाके खड़े हो जाते हैं। पूरी तरह से थका हुआ है, बेहाल है, खड़ा रहते उसको कुछ समझ नहीं आरहा।

 

इतने में एक दूसरा मुशाफिर ऊंट पे वहां से निकल रहा होता है। वो रुकता है और उस पहले मुशाफिर को कहता है “भाईसाहब आप इतने थके हुए लग रहे हो, इतने बेहाल लग रहे हो, बुरी हालत लग रही है आप पानी पी क्यों नहीं लेते !”

 

वो पहले मुशाफिर उसको जवाब देता है “भाईसाहब मुझे इतनी प्यास लगी है की मैं ये सारा पानी पी जाऊँ, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा मैं इतना सारा पानी कैसे पीऊं !!”

 

वो दूसरा मुशाफिर ऊंट से नीचे उतरते हैं थोड़ा सा पानी हाथ में पकड़ता है और कहता है “पहले आप हाथ से पकड़के सिर्फ इतना पानी पीजिये, आपकी प्यास बुझ जाएगी और जब तक न बुझे तो ऐसे ही धीरे धीरे करके पीते जाइये।”

 

क्या आपको पता है की वो पहला मुशाफिर कौन हैं ? वो पहला मुशाफिर हम सब है। हम जब Goal बनाते हैं तो बहुत बड़ा goal बना लेते हैं। जोश में आके, motivated रहके हमे लगता है की हम तो इस साल ये करेंगे, वो करेंगे। अगले तीन महीने में इसको achieve कर लेंगे।

 

लेकिन कुछ दिनों के बाद ही हमारा वो जोश खत्म हो जाता है और वो बड़ा Goal वैसे का वैसा ही रह जाता है। अभी आपका जितना भी बड़ा Goal है उसको महीनों या हफ्ते या दिन में divide करो। तभी आपको रोज के action मिलेंगे। रोज के action लेते जाओगे तो बड़े से बड़ा Goal को Achieve कर पाओगे।

 

 

#3 Motivational Story in Hindi –

 

एक प्रोफेसर

 

 एक बार एक प्रोफेसर एक क्लासरूम में जाता है और पानी का ग्लास पकड़के बच्चो के सामने खड़े हो जाता है और कहता है “बच्चो बताओ, इस पानी की ग्लास की Weight क्या होगा”

 

बच्चे कहता है “पानी और ग्लास मिलाके होगा 400-500 ग्राम। इससे ज्यादा नहीं होगा”

 

वो प्रोफेसर फिर से पूछता है बच्चो को की “अगर मैं इसको एक घंटा पकड़ा रखूं तो ?”

 

बच्चे कहता है “अगर एक घंटा पकड़े रखोगे तो आपको ये बहुत भारी लगने लगेगा।”

 

प्रोफेसर कहता है “अच्छा, अगर पूरा दिन पकड़ी रखूँ ?” 

 

बच्चे कहता है “आपकी जान निकल जाएगी, हो सकता आपकी मसल्स स्टिफ हो जाये, आपको बहुत दर्द होगी, आप उसको सह नहीं पाएंगी, पैरालायसिस जैसी फिल्लिंग होगी।”

 

प्रोफेसर फिर से कहता है “अगर मैं इसे कुछ दिन और पकडे रखूँ ?”

 

बच्चे कहता है “तब आपकी बाहु हो सकता है रिमूव करनी पड़े। हो सकता है ऑपरेशन करना पड़े। इतना बुरा हाल हो सकता है। इतना भारी फील हो सकता है।

 

फिर जो बात उस प्रोफेसर ने कही है की जैसे उस पानी की ग्लास का weight कुछ भी नहीं हैं, लेकिन अगर पकडे रखो तो ये भारी होता जायेगा, बहुत नुकसान करेगा।

 

इसी तरह तरह से हमारे failures, हमारी disappointments, हमारी निराशा उसका weight कुछ भी नहीं होता, लेकिन अगर हम उसको पकड़े रखते हैं, छोड़ते नहीं अपने साथ रखते हैं, इसलिए वो हमारा नुकसान करता रहता है।

 

आप ने पिछले दिनों, महीनो या सालों में जो कुछ गलती करि, जो भी फेलियर का सामना किया आप उससे सीखके आगे बढिये उसको पकडे मत रखिये।

 

अपने बड़े Goals को छोटे छोटे goals में भाग करो और एक नई एनर्जी और नई जोश के साथ आगे बढ़ो। और एक बात हमेशा याद रखे की अगर आप आज मेहनत और स्मार्ट वर्क करोगे तो आपका आने वाला कल स्मार्ट ही होगा, लेकिन अगर आप आज कुछ एक्शन नहीं लोगे तो आज आप जिस स्तिथि में है कल भी उसी स्तिथि में रहेंगे। इसका मतलब आपका आने वाला कल आपके हाथ में ही है।

 

 

तो दोस्तों आपको आज का हमारा यह मोटिवेशनल स्टोरी आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करके जरूर बताये और इस मोटिवेशनल स्टोरी को अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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