Multiverse क्या है | क्या भगवान को ब्रह्मा जी ने बनाया है ?

Hello दोस्तों, आज हम मल्टीवर्स के बारे में जानेंगे की Multiverse क्या है, Multiverse कैसा है, Multiverse कहा है etc. अगर आपको इसके बारे में सही जानकारी चाहिए तो आप ये आर्टिकल आगे जरूर पढ़ें।

तो चलिए शुरू करते हैं –

 

Multiverse क्या है?

 

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि माया जिसे इस संसार की सच्चाई कहा जाता है। इसे समझना इतना आसान नहीं होता, चाहे हम वेदों से जाने, चाहे श्रीमद्भगवद गीता से समझे, इसका ज्ञान पाना जितना कठिन है, इसके बाहरी आयाम का आभास पाना उतना ही ज्यादा समझ से परे हो जाता है।

 

ऐसा ही ज्ञान है सनातन धर्म में बताया हुआ Multiverse का concept. और ब्रह्मा का अस्तित्व।

अब प्रश्न उठता है की अगर ब्रह्मा ही निर्माता है तो क्या भगवान् को भी ब्रह्मा ने ही बनाया है ? क्या ब्रह्माण्ड का मतलब बिग बैंग का विस्तार ही है, और Multiverse का मतलब ऐसे कई बिग बैंग का विस्तार।

आज हम आपको इसकी पूरी जानकारी देंगे।

 

 

Multiverse क्या है?

 

Multiverse का अर्थ होता है कई ब्रह्माण्ड।

इसे आसानी से समझने के लिए – हमारी धरती हमारे सौरमंडल का एक छोटा सा भाग है और ये सौरमंडल हमारी गैलेक्सी का छोटा सा भाग।

एक गैलेक्सी में करोड़ो ग्रह और ऐसे कई सौरमंडल मजूद है, इसी तरह कई आकार की गैलेक्सीज भी मजूद है जिनकी संख्या अरबों-खरबों से भी ज्यादा है।

हमारे ब्रह्माण्ड में इन्हीं गैलेक्सी का एक जाल सा बना हुआ है, जिसे कॉस्मिक वेब कहा जाता है, इनका जितना फैलाव है उतना ही हमारा ब्रह्माण्ड है।

इस कांसेप्ट को हमारे वैज्ञानिक हमारे ब्रह्माण्ड के साथ जोड़कर देखते हैं। इसे ही पहले पूरा कहा जाता था, लेकिन हालही में हमारे वैज्ञानिक भी Multiverse के कांसेप्ट को भी सच मानने लगे हैं।

जबकि हमारे वेदों-पुराणों और श्रीमद्भगवद गीता में Multiverse के बारे में हज़ारों साल पहले बताया जा चूका है।

लेकिन अगर आपको लगता है की कही और ऐसा ही ब्रह्माण्ड का फैलाव है, जो हमारे ब्रह्माण्ड जैसा है इसे ही Multiverse कहा जाता है, तो आप गलत है।

हमारा ब्रह्माण्ड एक 3 डायमेंशनल फैलाव में बनी दुनिया है जो हमें रीयलिस्टिक लगती है।

आपको बता दूँ की शास्त्रों में बताया गया है की हमारी दुनिया एक माया है। ये सिर्फ एक मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह काम करती है।

हम स्मार्टफोन की ऍप्लिकेशन्स की तरह हैं, जिस तरह स्मार्टफोन की अंदर की दुनिया अपना अलग ही डायमेंशन होता है, उसे हम एक ब्रह्माण्ड कह सकते हैं।

इसमें तो करोड़ो ऍप्लिकेशन्स है, कई फाइल्स हैं, इस तरह से माने तो अलग अलग स्मार्टफोन की दुनिया ही अलग अलग ब्रह्माण्ड हुए।

हर स्मार्टफोन का अलग सिस्टम और अलग टास्क।

हमें भी ये दुनिया और हमारा ब्रह्माण्ड ही सच लगता है, हम दूसरे ब्रह्माण्ड तक सोच नहीं पाते, क्यूंकि हमारी मेमोरी और कैपेसिटी इतनी नहीं हैं, इसी तरह हमारे ब्रह्माण्ड भी अलग अलग सिस्टम है जो एक दूसरे जैसे ही हैं, लेकिन अलग कार्य करते हैं।

इसी को बनाते हैं ब्रह्मा, जिन्हें ब्रह्माण्ड का निर्माता कहा जाता है।

हम कह सकते है जैसे एक सिस्टम डेवलपर अलग अलग फाइल्स और एप्लीकेशन का निर्माण करता है और एक डेवलपर के पास ही सारी पर्मिशन्स होती है, वही इसे क्रिएट और एडिट कर सकता है।

वैसे ही ब्रह्मा जी हमारे ब्रह्माण्ड के डेवलपर है, वही माया में हर चीज का निर्माण करते हैं।

लेकिन हमारी दुनिया बहुत ही complex है, इसी कारण इसके सिर्फ एक ही निर्माता नहीं हैं जो इसे चलाते हैं, हर ब्रह्माण्ड के अलग अलग ब्रह्मा है।

यानी Multiverse में कई ब्रह्मा है।

 

अब आपका सवाल है –

 

क्या भगवान को भी ब्रह्मा जी ने ही बनाया है ?

 

ब्रह्मा जी सिर्फ और सिर्फ हमारे ब्रह्माण्ड का निर्माता है, जबकि निराकार ईश्वर उससे भी ऊपरी आयाम में रहते हैं, उन्हीं ने ब्रह्मा जी का भी निर्माण किया है।

दोस्तों जिसे हम एक धर्म ही समझते हैं, असल में वो अटल सत्य है और इसे सिर्फ मानने की ही जरुरत नहीं बल्कि जानने की भी जरुरत है।

निराकार ईश्वर ही सत्य है बाकि सब कुछ माया है।

 

Conclusion

 

तो दोस्तों आपको Multiverse के बारे में समझ में आगया होगा ?

आपको आज का हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा ?

अगर आपके मन में कुछ भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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