Panchatantra Story in Hindi – मुफ्तखोर मेहमान

Panchatantra Story in Hindi – Hello दोस्तों, मुझे पता है आपको हमारा पंचतंत्र की कहानियां सीरीज पसंद आ रहा है, तो आज मैंने फिर से आपके लिए एक नए पंचतंत्र की कहानी संग्रह करके लेके आया हूँ, इसे पढ़के आप सीखेंगे कि अजनबियों पर कभी विश्वास न करो। उम्मीद करता हूँ आज का ये स्टोरी भी आपको बहुत पसंद आएगा। और कुछ नया सीखने को मिलेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं –

Panchatantra Story in Hindi – मुफ्तखोर मेहमान

एक राजा के शयनकक्ष में मंदरीसर्पिणी नाम की जूं ने डेरा डाल रखा था। रोज रात को जब राजा सो जाता तो वह चुपके से बाहर निकलती और राजा का खून चूसकर फिर अपने स्थान पर जा छिपती।

संयोग से एक दिन अग्निमुख नाम का एक खटमल भी राजा के शयनकक्ष में आ पहुंचा। जूं ने जब उसे देखा तो वहां से चले जाने को कहा। उसने अपने अधिकार-क्षेत्र में किसी अन्य का दखल सहन नहीं था।

लेकिन खटमल भी कम चतुर न था, बोले, ‘‘देखो, मेहमान से इसी तरह बर्ताव नहीं किया जाता, मैं आज रात तुम्हारा मेहमान हूं।’’ जूं अततः खटमल की चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गई और उसे शरण देते हुए बोली,

‘‘ठीक है, तुम यहां रातभर रुक सकते हो, लेकिन राजा को काटोगे तो नहीं उसका खून चूसने के लिए।’’

खटमल बोला, ‘‘लेकिन मैं तुम्हारा मेहमान हूँ, मुझे कुछ तो दोगी खाने के लिए। और राजा के खून से बढ़िया भोजन और क्या हो सकता है।’’

‘‘ठीक है।’’ जूं बोली, ‘‘तुम चुपचाप राजा का खून चूस लेना, उसे पीड़ा का आभास नहीं होना चाहिए।’’

‘‘जैसा तुम कहोगी, बिलकुल वैसा ही होगा।’’ कहकर खटमल शयनकक्ष में राजा के आने की प्रतीक्षा करने लगा।

रात ढलने पर राजा वहां आया और बिस्तर पर पड़कर सो गया। उसे देख खटमल सबकुछ भूलकर राजा को काटने लगा, खून चूसने के लिए। ऐसा स्वादिष्ट खून उसने पहली बार चखा था, इसलिए वह राजा को जोर-जोर से काटकर उसका खून चूसने लगा। इससे राजा के शरीर में तेज खुजली होने लगी और उसकी नींद उचट गई। उसने क्रोध में भरकर अपने सेवकों से खटमल को ढूंढकर मारने को कहा।

यह सुनकर चतुर खटमल तो पंलग के पाए के नीचे छिप गया लेकिन चादर के कोने पर बैठी जूं राजा के सेवकों की नजर में आ गई। उन्होंने उसे पकड़ा और मार डाला।

शिक्षा – अजनबियों पर कभी विश्वास न करो।

Conclusion

तो आपने देखा न कि कैसे अजनबियों के कारन जूं अपनी जान गवाना पड़ा। इसलिए कभी भी अजनबियों पर किसी भी बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

विश्वास बहुत बड़ी चीज है, उसे ऐसे ही ऐसे-वैसे किसी पर न करें। अच्छे से परख होना चाहिए विश्वास करने से पहले, अगर यह बातें आप याद रखेंगे तो आप कभी भी किसी प्रॉब्लम में नहीं फंसेंगे।

एक बार अगर आप किसी पर विश्वास करने लग गए तो आपको वही सच लगने लगेंगे, उसके बिना और किसी पर भी आपको विश्वास न आएंगे, इसलिए विश्वास करने से पहले आपको अच्छे से उसपर रिसर्च कर लेना चाहिए।

तो दोस्तों आपको आज का हमारा यह Panchatantra Story in Hindi – मुफ्तखोर मेहमान” कैसा लगा ?

आपने आज क्या सीखा?

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