Personality Development in Hindi – प्रोक्रस्टिनेशन को बीट कैसे करें ?

Personality Development in Hindi – प्रोक्रस्टिनेशन को बीट कैसे करें ? Hello दोस्तों, दोस्तों क्या आप जानते हैं हमारी लाइफ की सबसे बड़ी फेलियर का कारण क्या है ? शायद नहीं! क्यूंकि हम उनपे विचार ही नहीं करते हैं, और आज के टाइम में हम सभी स्मार्टफोन पे समय बिताते हैं और जो पहले से हमारी प्रॉब्लम थी वो और ज्यादा बढ़ गया है। क्यूंकि हम स्मार्टफोन की एडिक्शन की वजह से आज अपने काम को और प्रोक्रस्टिनेट करते हैं और सबसे बड़ी फेलियर का कारण भी यही है।

 

Personality Development in Hindi – प्रोक्रस्टिनेशन को बीट कैसे करें ?

 

हम हर चीजों में प्रोक्रस्टिनेट करते है। स्मार्टफोन या लैपटॉप की वजह से ये और भी बढ़ गया है। और प्रोक्रस्टिनेशन का एक और कारण है हमारे आलस।

 

जैसे आप कुछ काम करने बैठे लैपटॉप पे तो 1 मिनट में आपकी कोई एक ईमेल आ गयी, आपने जाके वो ईमेल चेक कर ली, उस ईमेल में एक लिंक था, उस लिंक को क्लिक करने आप अपने ब्राउज़र पे चले गए, वहां एक 10 मिनट का यूट्यूब वीडियो था तो आपने उस वीडियो को देखा, और जैसे 10 मिनट बाद वो वीडियो खत्म हुआ, तो कोई रेलेवेंट वीडियो आ गया, तो आपने वो भी देख लिया और ऐसे और कुछ 4 – 5 वीडियो आपने देख लिया।

 

और उसके बाद फेसबुक कोई नोटिफिकेशन आ गया, आपने उस नोटिफिकेशन क्लिक करके फेसबुक में चले गए और वहां कुछ आधा घंटा स्वाइप उप करता चला गया, और वहां पर आपने एक पोस्ट देखा और लिंक पर क्लिक किया तो आप इंस्ट्राग्राम पर चले गए, और वहां भी एक घंटा कैसे गया आपको पता ही नहीं चला, और फिर उसके बाद एक पोस्ट में यूट्यूब क्लिप देखा और आप यूट्यूब पे जा करके उस चीज के सर्च किया और फिर वीडियो आया और फिर से एक घंटा।

 

मतलब ऐसे करते करते 3, 4, घंटा, 5 घंटा गया और आपको पता तक नहीं लगा और आपने जो काम करने बैठे थे वो तो हुआ ही नहीं। और आपको एकदम से याद आता है की आप काम करने बैठे थे। दोस्तों आजकल इंटरनेट में ऐसे मायाजाल बना होता है की उससे निकलना आम इंसान के यानी हमारे लिए बहुत ज्यादा मेहनत वाला काम हो गया है।

 

जो लोग अपने आपके कण्ट्रोल में नहीं है, उसको पता ही नहीं चलता है की ये इंटरनेट की दुनिया कैसे हमारी जिंदगी के साथ खेल रहे हैं और हम खेल खेल उसके अंदर घुसता ही चला जा रहा है। आज के टाइम में ज्यादातर लोग स्मार्ट फ़ोन में लगभग 8 – 10 घंटा बिताते हैं और उसको पता ही नहीं लगता है।

 

अगर आप कुछ सीख रहे हो तो तब तो कोई प्रॉब्लम नहीं, लेकिन हम कहा कुछ सीखते हैं, vlog देखते हैं, कंट्रोवर्सीस देखते हैं, न्यूज़ देखते हैं, एक्टर या एक्ट्रेस के बारे में देखते हैं, ऑनलाइन मूवी देखते है, आज कल ऑनलाइन ही हर मीटिंग, क्लास, वगैरह चल रहा है तो हम मीटिंग करते है 1 – 2 घंटा और ऑनलाइन एंटरटेनमेंट करते है 8 – 10 घंटा, क्लास करते हैं 4 – 5 घंटा और मूवी देखते हैं और वेब सीरीज देखते हैं 8 – 10 घंटा और ऐसे में आप कहाँ आगे बढ़ पाओगे।

 

हाँ ऐसा नहीं है की एंटरटेनमेंट मत करो, वो भी करना है। एक या दो दिन में एक 2 घंटे की मूवी देखि तो वो एनफ है हमारी फीलिंग्स को रिफ्रेश करने के लिए। लेकिन नहीं हर दिन एंटरटेनमेंट के नाम पे 8 – 10 घंटे चला ही जाते हैं।

 

यूट्यूब में भी बहुत कुछ है सीखने के लिए, जैसे लाइफ कोचिंग, पर्सनालिटी डेवलपमेंट टिप्स, मोटिवेशनल स्पीच, मैडिटेशन क्लास, बुक समरी, ऑडियो बुक्स, बिज़नेस ट्रेनिंग, psychology टिप्स, साइंटिफिक फैक्ट्स, खाना बनाने के बारे में सीख सकते हैं तो वो देखिये ना, आप क्यूँ ऐसी चीजें देखते हैं की जहाँ से आपको कोई ग्रोथ नहीं मिलता है, कुछ सीखने को ही नहीं मिलता है।

 

मेरे हिसाब से हमे कुछ ऐसी चीजें देखना है जहाँ से हमें कुछ ना कुछ सीखने को, मोटिवेशन मिल सके, इंस्पिरेशन मिल सके और उससे आपकी मन की शक्ति बढ़ेगी और तब आपको प्रोक्रस्टिनेशन करने के बारे में सोचेंगे भी नहीं।

 

तो मैंने प्रोक्रस्टिनेशन शब्द को बोला है, लेकिन क्या आपको पता है की प्रोक्रस्टिनेशन होता क्या है ? तो मैं आपको बता दूँ की प्रोक्रस्टिनेशन मतलब हम जो किसी चीज को बाद में करने के लिए रख देते है, कल करने के लिए रख देते है, और कभी वो बाद का समय और कल आता ही नहीं है, उसी चीज को इंग्लिश में प्रोक्रस्टिनेशन बोला जाता है।

 

इसका मतलब हम ये जानते हैं की हमे काम करना है, लेकिन हम काम नहीं करते हैं। अगले समय के लिए, अगले दिन के लिए, अगले हफ्ते के लिए, अगले महीने के लिए छोड़ देते हैं।

 

वैसे अगर आपके साथ ये प्रोक्रस्टिनेशन हो रहा है तो कोई बात नहीं, मेरे साथ भी वही होता है, लेकिन मैं अपने आपको कण्ट्रोल करके प्रोक्रस्टिनेशन को हरा देता हूँ और आपको भी बताऊंगा की आप कैसे प्रोक्रस्टिनेशन को हराना है।

 

दोस्तों प्रोक्रस्टिनेशन से हम कभी आगे बढ़ नहीं पाएंगे। यानी की हमारे साथ जब भी हम काम करने बैठे तो यही होता है की अभी कुछ वीडियो देख लेते है, फेसबुक देख लेते है, काम थोड़ी देर बाद करेंगे और वो थोड़ी देर कभी आता तक नहीं है। क्यूंकि यही प्रोक्रस्टिनेशन है, और हम कभी इससे बाहर नहीं आ पाते हैं। और हमारे काम कभी खत्म नहीं होगा।

 

और इसकी वजह से हर दिन आगे धकेलते रहते हैं। और ये हमारी लाइफ के लिए बहुत ही टाइम कोन्सुमिंग चीज है क्यूंकि जब तक आप प्रोक्रस्टिनेट करते रहेंगे, जब तक आप अपने काम को आगे धकेलते रहेंगे, लोग आपकी इज्जत नहीं करेंगे, लोग आप पे ट्रस्ट नहीं करेंगे। लोग ये समझेंगे की जो आपकी कमिटमेंट है उसको आप हमेशा पूरा करते हैं।

 

तो आज हम यही जानेंगे की प्रोक्रस्टिनेशन की रीज़न क्या क्या है और उसको अवॉयड करने की टिप्स क्या क्या होती है।

 

हमे ये जानना जरुरी है की प्रोक्रस्टिनेशन एक फैक्ट ऑफ़ लाइफ है। ये कोई बीमारी नहीं हैं। ये सिर्फ किसी लोगों में होती है और किसी में नहीं होती तो ये सच नहीं है। प्रोक्रस्टिनेशन सबके साथ होता है। हम सब प्रोक्रस्टिनेट करते हैं। लेकिन प्रोक्रस्टिनेशन के साथ हम डील कैसे करते है उसी से हमारी पर्सनालिटी बनते हैं यानी हम चाहे तो प्रोक्रस्टिनेशन करके अपने पर्सनालिटी को वीक भी बना सकते है और उसे ऊपर उठ कर स्ट्रांग भी बना सकते है।

 

 

#1 – डिस्ट्रक्शन वाली चीजों को हटा दें

 

जब भी आप कोई काम करने बैठे तो सबसे पहले सारे डिस्ट्रक्शन को हटा लीजिये। क्यूंकि ये बहुत जरुरी है की आप जिन जिन चीजों से डिस्ट्रक्ट होते हैं वो चीज आपके आसपास ना हों। वो इंटरनेट हो सकता है यानी स्मार्टफोन हो सकता है, यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम etc.

 

तो कोई भी ऐसी चीज हो जिसे आपको पता है की जब आप काम कर रहे होंगे आप डिस्ट्रक्ट हो सकते हैं आपको उस हर एक चीज को आपके आसपास के माहौल से अलग करना ही होगा। क्यूंकि उस चीज को जब तक आप नहीं हटाएंगे, वो चीजें आपको हमेशा डिस्ट्रक्ट ही करते रहेंगे।

 

और आपको जो मोटिवेशन चाहिए उस डिस्ट्रक्शन से बाहर आने के लिए वो बहुत ज्यादा है। उसको लाने की कोशिश मत कीजिये।

 

जैसे एक इंसान है जिसका डायबिटीज है और आप उसे कम करना चाहते हैं, और आप एक्सरसाइज तो कर ही रहे हैं, और आप खाना भी ठीक खाना चाहते हैं। लेकिन एक चीज होती है की आपने अपने फ्रीज में चॉकलेट, आइस क्रीम, अलग अलग मिठाइयां रखी हुई है और आप बोलते हैं की मैं इसे नहीं खाऊंगा। और दूसरी चीज ये है की आप के घर में कोई चीनी का आइटम है ही नहीं।

 

तो अब इन दोनों में से आपको क्या लगता है की डायबिटीज कम करना ज्यादा आसान होगा। अगर आप पुरे घर से चीनी का हर एक आइटम निकाल देंगे तो आपको मन भी नहीं करेगा और आपको डॉक्टर ने मना किया है ये सोच कर आप बाजार से वो चीजें खरीदेंगे भी नहीं और आपके घर में तो चीनी का आइटम है ही नहीं। तो ये सबसे इजी प्रोसेस है प्रोक्रस्टिनेशन को हराने के लिए।

 

 

#2 – POMODORO तकनीक का इस्तेमाल कीजिये

 

अपने आपको एक ऐसे ताल में लाइए जहाँ आप बहुत इफेक्टिव काम कर सकते हैं। ये पोमोडोरो प्रिंसिपल क्या है – एकदम सिंपल सा प्रिंसिपल है, आपने शायद सुना ही होगा की इस प्रिंसिपल के हिसाब जब भी आप कोई काम करने के लिए बैठते हैं तो पास में एक घड़ी लीजिये और 25 मिनट तक काम करिये और हर 25 मिनट के बाद 5 मिनट का ब्रेक लीजिये। ये सइंटिफिकली प्रोवन है मैक्सिमम अटेन्शन के लिए।

 

क्यूंकि आज साइंस ये प्रूफ कर सुका है की इंसान एक लम्बी समय तक एक साथ काम नहीं कर सकता है। तो जब जब आप हर 25 मिनट में 5 मिनट का ब्रेक लेते हैं और उस समय आप जो भी करना चाह रहे हैं वो करिये, बाहर घूम के आइये, थोड़ी एक्सरसाइज कीजिये etc.

 

लेकिन ये 25 मिनट और 5 मिनट rhythm में आप वो बहुत सारी चीजें कर पाएंगे जो बिना पोमोडोरो तकनीक से आप नहीं कर पा रहे थे।

 

 

#3 – प्राथमिकता दीजिये

 

हमारी लाइफ में बहुत सारी चीजें हैं जो हमारी अटेंशन को खींच लेते है, बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो बोलते है मुझे देखो, यहाँ देखो, मुझे देखो। लेकिन उनमें से कौनसी चीजें देखें।

 

इसमें आप एक बहुत ही सिंपल तकनीक का यूज़ कर सकते हैं। यानी की कौनसी चीज मेरे लिए इम्पोर्टेन्ट है और कौनसी चीज अर्जेंट है। और दोनों भी हो सकती है की वो चीज मेरे लिए अर्जेंट भी है और इम्पोर्टेन्ट भी।

 

तो अगर आप ध्यान से देखेंगे की आप ज्यादातर समय अर्जेंट चीजों पे बिताते हैं। इम्पोर्टेन्ट पे नहीं। जो चीज अभी करनी होती है, क्यूंकि बहुत ज्यादा अर्जेन्सी आ जाती है, की जल्दी करना ही होगा और वो चीज आप जल्दी से कर देते हैं। लेकिन आप खुद से सवाल पूछिए की क्या वो इम्पोर्टेन्ट चीज थी – शायद नहीं!

 

तो अपनी लाइफ में सबसे ज्यादा प्राथमिकता उसे दें की जो चीज सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट और अर्जेंट है वो आपको अभी करने हैं। लेकिन जो चीज अर्जेंट है, लेकिन इम्पोर्टेन्ट नहीं है (उसी समय अपने आपको पूछना है की क्या वो चीज मेरे लिए इम्पोर्टेन्ट और अर्जेंट है या वो किसी और की अर्जेन्सी मेरे ऊपर थोपी जा रही है) वो आप सोच-समझकर ही करिये।

 

क्यूंकि ये prioritize करना बहुत कठिन है। जब तक आप prioritize नहीं करेंगे अपने काम को तो आप हमेशा छोटी-छोटी चीजों में फंस करके रह जायेंगे। जैसे ईमेल नोटिफिकेशन, यूट्यूब नोटिफिकेशन, फेसबुक नोटिफिकेशन, इंस्टाग्राम नोटिफिकेशन, etc. में फंस करके ही रह जायेंगे, और जो सबसे इम्पोर्टेन्ट चीजें हैं आपके लाइफ के लिए वो हमेशा मिस हो जायेंगे।

 

तो जब आप काम कर रहे हैं तो एक ही चीज पे फोकस करिये। ये नहीं की मैं खाना भी खा रहा हूँ, टीवी भी चल रहा है, लैपटॉप में कुछ टाइप भी कर रहा हूँ, मोबाइल भी देख रहा हूँ, माँ-बाप या भाई-बहन के साथ बातें भी कर रहे हैं। तो मैं आपको बता दूँ ये सभी काम आप एक साथ अच्छे से नहीं कर सकते। हम मल्टीटास्किंग करने के लिए बना ही नहीं हैं।

 

और अगर आप अपने आपको मल्टीटास्किंग एक्सपर्ट मानते हैं, तो आप जो सारे काम कर रहे हैं तो आप एक Mediocre (साधारण) ही होंगे।

 

अगर आप एक काम कर रहे हैं और लगन से कर रहे हैं वही काम सबसे सही होगा। तो पुरे फोकस से एक ही काम करिये। एक समय पे सिर्फ और सिर्फ एक ही काम करिये।

 

 

Conclusion –

 

अगर आप इन सब के बावजूद भी अगर आपको लगता है आप प्रोक्रस्टिनेट करते ही रहते हैं, काम तब भी नहीं हो रहा है। तो अपने आपको कम मत आंकिये। अपने आपको गालिया मत दीजिये। अपने आपको थोड़ा सा रेस्पेक्ट देना सीखिए। क्यूंकि प्रोक्रस्टिनेशन एक हमारी लाइफ की एक हिस्सा है, तो इसको हराने के लिए आपको एक डिसिप्लिन और बहुत ज्यादा टाइम के साथ प्रैक्टिस करना होगा।

 

जब कभी भी आपको ऐसा लगता है की आपको किसी चीज ने डिस्ट्रक्ट कर दिया है, उसकी वजह से आप काम नहीं कर पा रहे हैं, अगर हो सके तो उस समय पे काम मत करिये। क्यूंकि हर समय तो आप काम नहीं कर सकते हैं ना! तो थोड़ी गाना सुनिए, कोई मोटिवेशनल वीडियो देखे, थोड़ी देर एक्सरसाइज कीजिये चाहे 5 मिनट के लिए ही क्यूँ ना हो, तो आप वापस जब काम करने के लिए रेडी ना हो जाये माइंड के लेवल पे तब तक काम मत कीजिये।

 

जब आपको लगे, अंदर से आये की अब मुझे काम करना ही चाहिए तब उसे करना शुरू कीजिये। और ये एक दिन में नहीं होगा, कुछ हफ्ते, कुछ महीने लग सकता है।

 

जब तक आप माइंड के लेवल पे कुछ काम को करने के लिए रेडी नहीं होंगे, तब तक आप वो काम अच्छे से पुरे फोकस के साथ नहीं कर पाएंगे।

 

आपको एक बात हमेशा याद रखना चाहिए की ये सारी चीजें आप इसलिए कर रहे हैं क्यूंकि किसी और का इम्प्रैशन आपके काम से बनता है, किसी और का इम्प्रैशन की आप कैसे है, आपके काम से ही बनता है। इसलिए जब कभी भी आप काम कर रहे हैं आपको पूरी लगन से काम करना पड़ेगा।

 

अगर आपने बेफालतू का काम किया, हाफ-हारतेद काम किया, काम ऐसा किया जो बहुत ही Mediocre या साधारण है, जो कोई भी easily कर सकता है, तो लोगों का इम्प्रैशन भी आपके बारे में वैसे ही बनेगा की ये Mediocre है, ये हाफ-हारतेद है, ये क्वालिटी नहीं है, ये disciplain नहीं है, ये फोकस्ड नहीं हैं और उस पॉइंट पे कोई फर्क नहीं पड़ता है की आप कितनी अच्छी तरीकेसे अंग्रेजी बोल सकते हैं, कोई फर्क नहीं पड़ता है की आपने कितने अच्छे कपडे पहने हैं, कोई फर्क नहीं पड़ता आपके पास कितने पैसा हैं, कितने दिखावा करते हैं इंस्टाग्राम पे।

 

आपका काम ही आपके पर्सनालिटी के बारे में बताएगा। और उसके लिए प्रोक्रस्टिनेशन के ऊपर कण्ट्रोल पाना बहुत जरुरी है। क्यूंकि अगर आप प्रोक्रस्टिनेशन पे अपना कण्ट्रोल पा जाओ तो तब आपकी पर्सनालिटी में बहुत ज्यादा निखार आ जाएगी और सक्सेसफुल होने के सफर में आप बहुत आगे जा पाओगे।

 

 

क्या करें?

 

  1. सबसे पहले प्रोक्रस्टिनेशन को समझे।
  2. आपको डिस्ट्रक्ट करने वाले हर चीज को अपने काम करने वाले एनवायरनमेंट से हटा लीजिये।
  3. आप एक लिस्ट बनाइये की कौनसी चीज आपके लिए सबसे जरुरी है और अर्जेंट भी है, बाकि काम को मत कीजिये।
  4. जो काम इम्पोर्टेन्ट और अर्जेंट वो अभी कीजिये।
  5. एक समय पर एक काम को ही कीजिये। एक टाइम पर एक से ज्यादा काम कभी मत कीजिये।
  6. मल्टीटास्किंग लाइफ एक गलत हैबिट है उसको छोड़ ने की कोशिश कीजिये।
  7. पोमोडोरो तकनीक का यूज़ कीजिये और अपनी हैबिट बना लीजिये।
  8. हर काम में उचित समय (जब आपको लगे) पर ब्रेक लीजिये।
  9. आप कोई bet लगा सकते फ्रेंड्स के साथ की मैं ये काम एक हफ्ते के अंदर खत्म कर सकता हूँ। और वो करिये।
  10. जब आप अपने काम को पूरा कर लेते है पर्टिकुलर टाइम में तो अपने आपको किसी भी तरह की rewards दीजिये।
  11. हर काम को अपनी इंटरेस्ट के साथ ही करिये और पुरे एन्जॉय और फोकस के साथ करिये।

 

 

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