आपके सबसे बड़े दुश्मन को खत्म करने के लिए 4 बेस्ट टिप्स – Personality Development in Hindi

Personality Development in Hindi – Hello दोस्तों, क्या आपको पता है की आपका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है ? क्या आपको लगता है वो आपके आसपास है ? क्या आपको लगता है की वो आपके घर में है ?

 

99.99%  शायद ऐसा हो सकता है की आपका सबसे बड़ा दुश्मन वो है ही नहीं, जो आप अपने दिमाग में सोच रहे हैं। और ऐसा भी हो सकता है की वही आपका दुश्मन है। लेकिन उसको 100% डिफाइन करना आपको आना चाहिए।

 

क्यूंकि हमारे कई सारे दोस्त भी होते है जो हमारा अच्छा सोचते हैं और कई बुरे दुश्मन भी होते है जो हमारा बुरा चाहता है और करता भी है।

 

तो आज हम सीखेंगे की हमारे कोई भी दुश्मन से हम कैसे बच सकते हैं ?

 

और इसमें आपको अपनी सारे confusion दूर कर पाएंगे की असल में आपका दुश्मन कौन है ?

 

Personality Development in Hindi – आपका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है?

 

सबसे पहले आप सोचिये की वो कौन है जो आपकी सबसे बड़ी दुश्मन है!

 

आपको लगता है की वो आपके स्कूल में थी, कॉलेज में थी या आपके colleague (आपके साथ काम करने वाला) है, कोई ऐसा इंसान जो आपको लगता है आपसे काफी नफरत करता है, आपको कभी भी सपोर्ट नहीं करता, प्रेरित नहीं करता, आपको हमेशा बुरा सलाह ही देता है, वो आपकी सबसे बड़ा दुश्मन है ?

 

नहीं! वो इंसान आपका सबसे बड़ा दुश्मन नहीं हैं।

 

अब एक सीक्रेट बात आपको बताने वाला हूँ की आपका या हमारा सबसे बड़ा दुश्मन हमारे अंदर बैठा हुआ है।

 

एक ऐसा इंसान जिसको हमने हम (EGO) बुलाते हैं, वो EGO आपको हमेशा डुबाते है।

 

 

EGO का मतलब क्या है?

 

एक ऐसा इंसान जो कभी भी अपने आपको गलत नहीं बनाना चाहते हैं।

एक ऐसा इंसान जो समझता की वही सबसे सही है और उसके अलावा और कोई सही नहीं है।

एक ऐसा इंसान जो कभी भी ये मानने को तैयार नहीं है की उसने कुछ गलत किया है।

एक ऐसा इंसान जो शर्मिंदा महसूस करता है किसी को sorry बोलने में।

एक ऐसा इंसान जिसको शर्म आती है किसी को “I LOVE YOU” बोलने में।

एक ऐसा इंसान जो कांपता है ये सोचके की कोई उसके बारे में बुरा सोच रहा है।

 

और वही चीज आपका सबसे बड़ा दुश्मन है।

 

आपको उस इंसान को काबू करना बहुत जरुरी है। नहीं तो आप उस इंसान के गुलाम बनके रह जायेंगे।

 

मतलब आपको अपने EGO (अहंकार) के ऊपर काम करना होगा। आपको मैं बताऊंगा की EGO होता कैसे है ? और EGO को रोकना क्यूँ जरुरी है ? और EGO को रोका कैसे जाये ?

 

 

EGO होता क्यूँ है?

 

हम सब कभी गलत नहीं महसूस करना चाहते क्यूंकि हमे लगता है की सामने वाला हमारे बारे में कुछ बुरा सोच रहा है।

हमे लगता है की सामने वाला इंसान हमारे बारे में कुछ ऐसा सोच रहा है जो हम नहीं हैं।

तो हम हमारे सामने एक नकाब डाल देते हैं EGO का।

एक ऐसा इंसान बना देते हैं जो की कभी कुछ गलत नहीं करता, कभी कुछ गलत नहीं सोचता, कभी भी कुछ ऐसी चीज नहीं करता जिससे वो वीक दिखने लगे।

 

एक सच बात ये है की हम ये जानते हैं की EGO हमारे लिए कितना हानिकारक है, लेकिन फिर भी हम उसके साथ जिंदगी भर रहने के लिए तैयार हो जाते है।

 

 

EGO को कण्ट्रोल कैसे करें ?

 

इस चीज को आप कभी भी पर्सनली नहीं ले सकते।

 

अगर कोई आपको ऐसा बोल रहा है जो शायद आपको पता है की वो गलत है, आपके बारे में सही नहीं है, तो तब आपको बुरा क्यूँ लग रहा है ?

 

अगर कोई आपको बोले की यार मैंने किसी से सुना की तुम चोरी करते हो! तो आपको बुरा क्यूँ लगता है ? क्या कभी इसके बारे में सोचा आपने ?

 

क्यूंकि अगर आपको पता है की आप चोरी नहीं करते हो तो आपको क्या फर्क पड़ता है की किसी और ने ये बोला की शायद आप चोरी करते हो!

 

फर्क इसलिए पड़ता है क्यूंकि आपको लगता है की वो इंसान आपके बारे में सही नहीं सोचता!

 

और वो तभी होता है जब हम किसी भी चीज को बहुत ज्यादा पर्सनली लेते हैं।

 

 

1. अपनी सारी गलतियां मान लीजिये

 

हमे ये जानने की बहुत ज्यादा जरुरत है की हमारे बारे में जो लोग सोच रहे हैं, उसको हम कभी भी हमारे कण्ट्रोल में नहीं ला सकते। और अगर हम कण्ट्रोल करना चाहेंगे तो हम जिंदगी भर सिर्फ और सिर्फ फ़ैल ही होंगे।

 

आप या हम सिर्फ एक ही चीज को कण्ट्रोल कर सकते हैं – आप या हम अपने बारे में क्या सोचते हैं।

 

और जब आपके साथ कुछ गलत होता है तो आप कैसे रियेक्ट करते हैं।

 

अपने EGO को मत लाइए, जब आपको कुछ सामने वाले से ऐसी चीज सुनाई दे जो आपको पर्सनली हर्ट करती हो। क्यूंकि वो कभी भी आपको सक्सेसफुल नहीं होने देंगे।

 

अगर आप खुद अपनी सारी गलतियां मान लेंगे तो किसी और को कभी मौका ही नहीं मिलेगा आपको accused (आरोप) करने का।

 

तो सबसे बढ़िया तरीका अपनी EGO को कण्ट्रोल करने के लिए – अपनी सारी गलतियां माने।

 

जब भी आप कुछ ऐसा करते हैं जिससे आपको लगता है की आपने किसी को हर्ट किया है, कुछ गलत किया, आपकी वजह से किसी का नुकसान हुआ, उसको accept कीजिये

 

इससे आप छोटे नहीं हो जायेंगे, सामने वाले के सम्मुख। बल्कि सामने वाले के लिए आप इतने बड़े हो जायेंगे की कभी भी किसी इंसान के पास कोई भी ऐसा वक़्त या opportunities नहीं होंगी आपको झूठा करार देने की।

 

कोई भी अवसर नहीं मिलेगी की कोई भी आपको निचा दिखाए।

 

क्यूंकि आप खुद ही अपने आपको निचा दिखाएंगे और उसकी वजह से आपकी ही हमेशा जीत होगी।

 

ये भी याद रखिये की आप इस दुनिया में सबसे समझदार नहीं हैं।

ये भी याद रखिये की आप सबसे अकल्मन्द नहीं हैं।

ये भी याद रखिये की आप हम सबके जैसे उतने ही समझदार और उतने अकल्मन्द हैं जितने की सारी दुनिया।

 

जब आप ऐसी फीलिंग से आगे बढ़ते हैं की मैं सबसे इम्पोर्टेन्ट इंसान नहीं हूँ, मैं सबसे इंटेलीजेंट इंसान नहीं हूँ, मैं सबसे स्मार्ट इंसान नहीं हूँ, मैं सबसे ज्ञानी इंसान नहीं हूँ, आपका EGO आपको कभी भी ये करने में मजबूर नहीं करेगा जो आपको नहीं करना चाहिए।

 

 

2. गलती करने से कभी डरो मत

 

ये सबसे बड़ी बात है की लोग गलती करने से बहुत डरते हैं।

 

वो हमेशा ये सोचते रहते हैं की मैं कोई ऐसी चीज ना कर दूँ जिससे लोग मुझे बेवकूफ बोलेंगे।

 

एक ऑडियंस में वो कभी भी उठ करके सवाल नहीं पूछेंगे, क्यूंकि उन्हें लगेगा की उनके सवाल से लोग हॅसेंगे।

 

वो बहुत बड़ा ऑडियंस बेस में कभी भी किसी एक इंसान के पास नहीं जायेंगे, अपने आपको introduce नहीं करेंगे, क्यूंकि उन्हें लगता है की कहीं मैं अपना मजाक न उड़वाऊं!

 

वो कभी भी कोई ऐसी चीज नहीं करेंगे जो नई हो, जो उन्होंने कभी ना करी हो, क्यूंकि उन्हें डर लगता है की क्या होगा अगर वो उस चीज में नाकाम हुए, अगर उस चीज में फ़ैल हो गए।

 

आपको वो इंसान नहीं बनना है।

 

ये जरुरी है की आप अपने EGO को ड्राप कर दें।

 

ये जरुरी है की आप बच्चो जैसे जिंदगी को जिए। जहाँ अगर आप गिर भी गए, तो आप जल्दी से खड़े होके फिर से चलना शुरू कर देंगे।

 

अगर आपने खड़े खड़े कोई कीमती चीज तोड़ भी दी, तो आपको पता है की इस चीज से कोई बड़ी चीज नहीं हुई है हमारे साथ। ऐसे में आप जल्दी आगे बढ़ते रहेंगे।

 

लोग आपका मजाक उड़ायेंगे, लोग आपपे हॅसेंगे, लेकिन आप तो बच्चे जैसे एन्जॉय कर रहे होंगे।

 

आप बच्चो जैसे जिंदगी जी रहे होंगे, जहाँ आप इतने मग्न होंगे अपने आपमें, अपनी खुशी में की लोगों को सिर्फ जलन (jealousy) ही फील होंगी। लेकिन कभी भी वो आपको accused (आरोप) नहीं कर पाएंगे।

 

 

3. अपने आपको किसी के सामने बड़ा दिखाने की कोशिश मत कीजिये

 

आपके जिंदगी में ऐसे बहुत सारे लोग मिले होंगे जो हर दूसरे अपनी बढाइयाँ करते रहते हैं, या किसी ऐसे इंसान का नाम ले रहे होते हैं जो बहुत फेमस हैं।

 

क्या आपको ऐसे लोग पसंद हैं या क्या आप ऐसे है जो कहता रहता है – “मैं इसको जानता हूँ, मैं उसको जानता हूँ, मैंने कल उस एक्टर से मिला था, मैं कल उस पॉलिटिशियन से मिला था, मैं कल उस IPS ऑफिसर से मिला था, उस IAS ऑफिसर से मिला था, मुझे उसके साथ उसके गाड़ी में बैठने को मिला, मैं ये हूँ, मैं वो हूँ, मेरा भाई पुलिस ऑफिसर है, मेरा भाई एक बहुत बड़ा पॉलिटिशियन है। etc.”

 

ऐसे लोग किसी को पसंद नहीं है। शायद आप भी ऐसे लोगों में आते होंगे या नहीं!

 

ऐसा क्यूँ होता है? हम इसलिए ऐसे होते हैं क्यूंकि हमें लगता है जब हम किसी और की कंधे पे सहारा लेंगे और वो कोई और एक बहुत बड़ा इंसान है, पूरी दुनिया को लगेगा की हम जो उनके साथ रहते हैं तो हम भी बहुत बड़े इंसान हैं।

 

हमे ऐसा लगता है की अगर हम बड़े बड़े लोगों के साथ दिखेंगे, अपना टाइम बिताएंगे, तो दुनिया को लगेगा की हम भी बड़े हैं। हम भी उनके जैसे हैं।

 

और ये क्यूँ जरुरी है? – क्यूँकि हम हमेशा मान्यता ढूंढ रहे होते हैं। हम हमेशा यही सोचते हैं की लोग हमे सम्मान दें, हमारे बारे में अच्छा सोचे, लोग हमारे बारे में अच्छी बातें करें, लोग हमे उनसे ऊपर स्थान दें।

 

अगर इस चाह को, इस इच्छा को आप हटा दिया तो आप अपने egoistic पर्सनालिटी से non-egoistic पर्सनालिटी पर मूव कर सकेंगे।

 

तो आप ऐसे इंसान बन जायेंगे जिसको किसी दूसरे का सहारा नहीं चाहिए खुद बढ़ाई के लिए।

 

आपको पता लग जायेगा की असल में आप अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए, सफल बनाने में आप अकेले ही काफी हैं। मैं खुद ही काफी हूँ, मुझे किसी और का सहारा नहीं चाहिए किसी और को बताने के लिए की मैं कितना अच्छा हूँ।

 

 

4. Gratitude बहुत जरुरी है

 

हमे जिंदगी में बहुत कुछ मिला है।

 

आप इस आर्टिकल को अपने स्मार्टफ़ोन पे पढ़ पा रहे हैं, यानी आपके पास एक स्मार्टफोन है। इसमें आप पूरी दुनिया को देख पा रहे हैं ये बहुत बड़ी चीज होती है। आप दुनिया की किसी भी कोने पर बैठे इंसान के साथ बातें कर पा रहे है।

 

आप सोचिये की इंडिया में कितने सारे लोग हैं जिनको ये स्मार्टफोन तो क्या एक फ़ोन को ही यूज़ कर नहीं पा रहे हैं।

 

तो इन छोटी छोटी चीजों की कद्र करिये।

 

इन छोटी छोटी चीजों के लिए gratitude की भावना डेवेलोप करिये।

 

हमेशा अपने आपको बोलते रहिये की मैं मक़ाम पे इसलिए पहुंचा हूँ क्यूंकि मैंने बहुत मेहनत करि है और मुझे मेरे किस्मत के हिसाब फल भी मिला।

 

पहले तो कुछ नहीं था बाप के पैसों पर अपना गुजारा करता था, अब मैं अपना इनकम कर रहा हूँ और माता-पिता को दे रहा हूँ। उसके लिए थैंकफुल रहिये।

 

अपने किस्मत को कभी नकारिये मत। क्यूंकि आपने जो किया और उसे करने के बाद आपको जो फल मिला वही किस्मत है।

 

कभी भी अपने आपको अपने से ज्यादा मूल्य मत दीजिये।

 

कभी भी अपने आपको अपने से बड़ा मत सोचिये।

 

जब जब आप अपने आपको एक नार्मल, नम्र और छोटा इंसान पाएंगे। तब आप अपने आपको एक ऐसी स्थिति में पाएंगे जहाँ लोग आपको उतना ही बड़ा इंसान मानेंगे, सम्मान देंगे, आदर करेंगे।

 

क्यूंकि लोग एक ऐसे इंसान को देखेंगे जो इतना कॉंफिडेंट है की उसे किसी और का सहारा नहीं चाहिए। वो इतना कॉंफिडेंट है की उसके पास कुछ भी नहीं है लेकिन वो तब भी खुश है अपनी जिंदगी में। वो इतना कॉंफिडेंट है की वो जानता है की कौन है।

 

अगर आप वो इंसान बन सकते हैं तो आपमें कोई EGO नहीं रहेगा।

 

और अगर बिना EGO के अपनी जिंदगी जी पाए तो वो सबसे बढ़िया जिंदगी होगी।

 

आप देखियेगा जो लोग आजतक बहुत बड़ा इंसान बने हैं वो अपने आपको बहुत सरल, नम्र, या छोटा इंसान मानते हैं।

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों आज आपने सीखा की कैसे अपने EGO को ख़त्म करके हम अपने पर्सनालिटी को डेवेलोप कर सकते हैं की –

 

  1. हम सभी के साथ EGO हमेशा रहता है। EGO मतलब जो “मैं” शब्द है वही है।
  2. EGO को खत्म करना impossible नहीं है, हम EGO को अपने कण्ट्रोल में ला सकते है।
  3. किसी भी चीज को ज्यादा personally मत लीजिये।
  4. अपनी हर एक गलती को स्वीकार कीजिये। सही हो या गलत हो उसमें जो मानने की जो सेल्फ-कॉन्फिडेंस चाहिए वो अपनाइये।
  5. एक बात हमेशा याद रखिये की गलतियां मानने से आप कभी भी किसी के सामने छोटा नहीं हो जायेंगे।
  6. आप अपने आपको बेस्ट मत मानिये, बेस्ट करने के ऊपर ध्यान दीजिये, लोग अपने आप ही आपको बेस्ट कहेगा।
  7. किसी को निचा मत दिखाइए।
  8. किसी भी चीज से भागे मत।
  9. किसी भी गलती करने से आप डरिये मत। (ऐसा नहीं है की आप बिना डरे किसी का मर्डर कर दें)
  10. हर चीज के लिए Gratitude की भावना लाये। यानी आपको आज तक जो मिला उसके लिए थैंकफुल रहे।
  11. अपने गुस्से को मैनेज करें।

 

 

तो मुझे उम्मीद है की आपको अपने EGO को खत्म करने के लिए वो सारा कुछ टिप्स मालूम चल गया होगा।

अगर आप इन सारे टिप्स अपने डेली लाइफ फॉलो करते हैं तो आप अपने EGO को खत्म करके एक बेहतर इंसान बन पाएंगे।

तो आपको आज का यह आर्टिकल “Personality Development in Hindi – आपका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है?” कैसा लगा?

अगर आपका कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

और क्या आपमें EGO है?

और आपके अंदर किस टाइप की EGO है?

मुझे ये भी बताये की इसमें से कौनसी टिप्स आप सबसे पहले फॉलो करने वाले हैं अपने EGO को खत्म करने के लिए?

और इस “Personality Development in Hindi – आपका सबसे बड़ा दुश्मन कौन है?” को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

 

 

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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