Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi – Positive vs Negative Thoughts

Positive vs Negative Thoughts के बारे में असली सच क्या आपको जानना है ? – Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi – Hello दोस्तों, क्या हमारे thoughts positive होते है या फिर negative होते है, क्या positive thoughts से हमारा कोई अच्छा होता है या फिर negative thoughts से हमारा कितना बुरा हो सकता है और क्या actual में thoughts positive or negative होते है या फिर क्या positive सोच को आप अपने अंदर develop कर सकते है ???


 तो अगर आपको thoughts के ऊपर कुछ important बात जानना है तो आप ये article आगे पढ़ सकते है।

Positive vs Negative Thoughts के बारे में असली सच – Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi



 हमारे जो thoughts होते है वो negative या positive होते है। वो भी हमारे अपने point of view से होता है।


 Actual में हो सकता है जो आपको negative लग रहा है वो ही किसी और को positive लग रहा है, ऐसा भी तो हो सकता है न…..


 तो अब ये बात जान लीजिये की thoughts negative or positive नहीं होता है ये हमारा सिर्फ एक opinion होता है। कि ये मेरे thoughts आ रहा है ये negative है और ये positive है।


 In Reality thoughts सिर्फ thoughts होते है जो की neutral होते है। लेकिन हम उसपे ठप्पा लगाते है की ये thoughts negative है, ये positive है। फिर खुद ही दुखी होते रहते है।


 जैसेही हमको ये समझ आ जाता है तो हम relax हो जाते है।


 अब वो जो लड़ाई है positive को पकडे रखने की और negative को पीछे चुराने की, वो लड़ाई खत्म हो जाते है।


 फिर हम क्या करते है जो भी situations होते है हमारी life में उसको as it is देखते है उसके हिसाब से act करते है।


 उस situations के बारे में positive सोचने से क्या होगा, या फिर उसके बारे में negative सोचने से क्या होगा !! कुछ भी नहीं होगा।


 For example : अगर हमारी किसी से लड़ाई हो रही है तो उसके बारे में आप negative सोचते रहो। उससे क्या होगा ? लड़ाई solve हो जाएगी क्या ?


 कि उसने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, ये क्यों किया, वो क्यों किया….., ऐसा वैसा कुछ negative thoughts आपके दिमाग में आ रहा है – अब आप कह रहे हो ये thoughts negative है, क्यूंकि इसकी वजह से आप खुद ही परेशान होते हो।


 पहले हम खुद ही ऐसा सोचते है, फिर हम खुद ही परेशान होते है।


 इससे problem solve नहीं होगी।


 उसके बारे में आप अच्छा सोचते रहो कि “नहीं नहीं वो तो बहुत अच्छा इंशान है, मैं ही बुरा/बुरी हूँ”,


 और उसके बारे में उल्टा सोचोगे तो उसमें और गुस्सा आएगा। खुद के बारे में उल्टा सोचोगे तो खुद गुस्सा आएगा।

anger - positive or negative सोच की वजह से



 खुद पे गुस्सा आएगा तो पूरी दुनिया पे गुस्सा निकलेगा। ऐसे ही होता है न, कि जब खुद पे हमे गुस्सा आ रहा होता है तो हम खुद से नाराज होते है, तो हम सबसे नाराज हो जाते है।


 खुद से जब हम खुश होते है तो सबसे खुश हो जाते है।


 तो अब इसका solution क्या है – कि positive को भी छोड़ो और negative को भी छोड़ो, आपको क्या लगता है उसको भी छोड़ो, actual में क्या है उसको देखो।


 जरुरी नहीं है कि जो हमको लगता है एक situation के बारे में वही सही है।


 आपको लगता ही तो है वो जो सामने वाला person है उसने कोई गलती करी है। ऐसा भी तो हो सकता है की उसने वो गलती न करी हो। ये लगता ही तो है हमको, है न………


 Actual में क्या है, क्या हमको पता है ? actual में वो जो भी गलती थी, जिसको हम गलती कह रहे है, क्या उस जगह पर थे !!! नहीं थे न….,


 क्या हमको पता है उसकी mind में क्या चल रहा है, क्या हमको पता है कि क्या वजह थी जिस वजह से उसने ऐसा किया, बस हमको जो लगता है उसी को हम पकड़के बैठे रहते है, फिर खुद ही दुखी होते रहते है।


 तो जो मुझे लगता है अगर उसको मैं छोड़ दूँ, और जो तुझे लगता है उसको तू छोड़ दे (मैं यहाँ एक relationship की बात कर रहा हूँ),


 और जो actual में हो रहा है उसको हम देखे, तो किसी भी बड़ी से बड़ी problem का solution निकल सकता है।

 



 तो दोस्तों आपको समझ में आगया होगा thoughts असल में क्या है और अगर आपको आज का हमारा ये Positive vs Negative Thoughts के बारे में असली सच क्या आपको जानना है ? – Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi” अच्छा लगा तो नीचे कमेंट करके जरूर बताये,


 आपको Positive vs Negative Thoughts के बारे में क्या लगता है वो भी जरूर बताये और इस Positive vs Negative Thoughts के बारे में असली सच क्या आपको जानना है ? – Sandeep Maheshwari Motivational Speech in Hindi” को अपने दोस्तों के शेयर जरूर करे।

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,
 
Wish You All The Very Best.

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