Blogging Tips in Hindi – क्या हिंदी में ब्लॉग लिख कर इसे Profession बनाया जा सकता है?

Blogging Tips in Hindi – Hello दोस्तों, आजकल इंडिया में ज्यादातर लोगों को ब्लॉगर बनना है, या फिर उन्होंने ब्लॉग्गिंग की शुरुवात कर भी दी, लेकिन उसके मन में एक सवाल हमेशा आता है की क्या ब्लॉग्गिंग में हिंदी ब्लॉग बनाकर इसे प्रोफेशन बना सकते हैं और इससे ज्यादा पैसा कमा सकते है! तो इसी के बारे में आज आपसे बात करूँगा, तो अगर आपको हिंदी ब्लॉग्गिंग के बारे में जानना है तो ये आर्टिकल आगे पढ़ सकते हैं।

 

Blogging Tips in Hindi – क्या हिंदी में ब्लॉग लिख कर इसे Profession बनाया जा सकता है?

 

तो दोस्तों हिंदी में ब्लॉग लिखकर आप बिलकुल अच्छे से पैसा कमा सकते हैं। ज़रूरत है तो बस ब्लॉग्गिंग अच्छे से सीखनी की, समझने की और सही दिशा में एक रणनीति बना कर अपने ब्लॉग को आगे ले जाने की ताकि आपका परिश्रम सफल हो।

 

बहुत से लोगों को ये लगता है की हिंदी भाषा में ब्लॉग लिखने से कोई फायदा नहीं। ये बिलकुल गलत बात है। हिंदी में बहुत सारा ब्लॉगर्स है जो महीने का लाखों रूपए कमा रहे हैं। हिंदी ब्लॉगर कुछ है – hindime.net, 1hindi.com, gyanipandit.com, hindimehelp.com, shoutmehindi.com, achhikhabar.com, ajabgjab.com, hindikunj.com, supportmeindia.com, hindisahityadarpan.in, satishkushwaha.com, techyukti.com, zindagiwow.com, etc.

 

जब भी बात ब्लॉग से आमदनी की होती है तो लोग लगभग एक जैसे सुझाव देते हैं और ज़्यादातार ब्लॉगर्स को उनके बारे में पता होता है। इसलिए मैं आज कुछ नया आपके साथ साझा करना चाहूंगा, ताकि आपको अच्छे से पता चल सके की ब्लॉग को सफल कैसे बनाए और उसमे से आमदनी कैसे कमाए।

 

इससे पहले की मैं आगे बढूं, एक बात समझाना चाहुगी – आपको ब्लोग्स को गूगल पर ऊपर लाना ही लाना है। एक बार लाएगें तो आमदनी के हज़ार साधन निकल के आयेगें। अगर गूगल की नीतियों पर ध्यान नहीं देंगे तो मेहनत करने के बावजूद भी उतना अच्छा परिणाम नहीं पाएगें जिसके आप हक़दार हैं।

 

 

हिंदी ब्लॉगर्स को है गूगल पर बहुत फायदा

 

क्या आप जानते है की साल प्रति साल गूगल Natural Language Processing (NLP) पर ढेर सारा समय और रूपया निवेश कर रहा है। ये इसलिए हो रहा है क्युकी गूगल को हिंदी ही नहीं लेकिन और भी बहुत सारी भाषाओँ में खोजने वालों की संख्या बढ़ती नज़र आ रही है।

 

इसको थोड़ा आसान बना के समझती हूँ – देखिये गूगल पर जब आप कुछ खोजते हैं तो अपनी भाषा में ही खोजना चाहेगें ? ऐसे में अगर गूगल पर आपकी भाषा में कंटेंट (content) है ही नहीं तो ज़बरदस्ती आपको अंग्रेजी में पढ़ना पड़ेगा। इसलिए गूगल चाहता है की ज़्यादा से ज़्यादा लोग अलग अलग भाषाओँ में कंटेंट क्रिएट (content create) करे, ऑप्टिमिसे (optimise) करें और उसेर्स (users) का फायदा हो।

 

हिंदी ब्लॉगर्स को इससे बहुत फायदा है क्युकी अभी गूगल पर बहुत कम competition है जहाँ तक हिंदी ब्लॉग्गिंग का सवाल है। आपको बस पूरी मेहनत करना है |

 

हिंदी ब्लॉग को सफल कैसे बनाएं ?

 

अब बात करुँगी मैं की एक हिंदी ब्लॉग को सफल कैसे बनाए ताकि उसपर पैसा आये।

 

1) Niche & E-A-T

 

ब्लॉग शुरू होने से पहले niche तैयार रखें और गूगल की E-A-T निति को समझें। Niche ढूंढ़ने में समय लगता है तो लगे लेकिन एक अच्छी niche ढूंढ़नी है आपको जिस पर गूगल आपको आगे चल कर रैंकिंग दें।

बहुत से ब्लॉगर्स को ये गलतफेमि है की वो किसी भी विषय पर ब्लॉग लिख सकते हैं। ये गलत है। आप सिर्फ उसी विषय पर ब्लॉग लिख सकते हैं जिसपर गूगल आपको E-A-T के लिए validate करे।

 

E-A-T का मतलब क्या है ?

 

  1. E – का मतलब है – Expertise (विशेषज्ञता),
  2. A – का मतलब है – Authority (प्राधिकार),
  3. T – का मतलब है – Trustworthiness (विश्वसनीयता)

 

इसको आसान तरीके से समझाने की कोशिश करता हूँ – मान लीजिये आपको एक ब्लॉग शुरू करना है और आपको आयुर्वेदा पर लिखना पसंद हैं और थोड़ी बहुत जानकारी भी रखते हैं। अब ऐसे में लिख तो लेंगे लेकिन क्या गूगल आपको सर्च में ऊपर आने देगा ? नहीं।

 

आपको इसलिए ऊपर आने नहीं देगा क्युकी आपको आयुर्वेदा पर लिखना पसंद है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की आपको आयुर्वेदा के बारे में एक डॉक्टर से ज़्यादा जानकारी है ? हैना ? अब अगर एक डॉक्टर आयुर्वेदा पर ब्लॉग शुरू करता है, उनको ऊपर आने का मौका गूगल पर मिलेगा ही मिलेगा। उनके पास Expertise (विशेषज्ञता), Authority (प्राधिकार) और Trustworthiness (विश्वसनीयता) है |

 

आपका ब्लॉग का ऐसा होना चाहिए जहाँ पर आप बिना कहीं से देखकर सिर्फ अपने तजुर्बे के हिसाब से लिख सके। मान लीजिये आपको पेड़ पौधों का शौक है हर रोज़ आप इसपर समय भी देते हैं और खुद के तजुर्बे के हिसाब से जानकारी रखते हैं तब इस विषय पर ब्लॉग शुरू कर सकते हैं। आपके पास इस विषय में Expertise (विशेषज्ञता) – Authority (प्राधिकार) – Trustworthiness (विश्वसनीयता) है।

 

जब तक Niche और EAT के बारे में एकदम sure ना हों तब तक domain और hosting मत खरीदिये। एक बार अच्छे से समझ जाएगें तब खरीदिये।

 

 

2) Digital Footprint को स्ट्रांग बनाए –

 

 एक digital footprint तैयार कीजिये जिसे google को पता चले की आप उस विषय पर अच्छे से जानते हैं |

ब्लॉग तो शुरू कर लेंगे हिंदी में और niche भी चुन लेंगे लेकिन गूगल पर digital footprint भी बनाना है।

 

मान लीजिये मुझे घूमने का शौक है और मेरा ब्लॉग उस बारे में है तो गूगल को कैसे पता चलेगा की मुझे इसपर लिखना चाहिए या नहीं ? मतलब E-A-T के लिए मुझे Google कैसे validate करेगा ?

 

इसके लिए मुझे एक digital footprint बनाना पड़ेगा। इसमें समय लगता है लेकिन बहुत ज़रूरी है। आप एक बार ब्लॉग शुरू कर लें उसके साथ साथ इसपर ध्यान देना है।

 

अगर मेरे ब्लॉग से लोगों को फायदा होता हैं क्युकी मैं जो लिखता हूँ खुद के तजुर्बे से लिखता हूँ तो मेरे पाठक इंटरनेट (internet) में लिखेंगे ना की रक्तिम बरुआ ने ये जानकारी दी थी और फायदा हुआ या फिर कोई बड़ा प्रकाशन मेरे लेख देख कर मोटिवेशनल टॉपिक पर मुझे उनके मंच पर लिखने का मौका देगा। इससे digital footprint strong होता जाता है क्युकी सिर्फ आपकी लिखे हुए ब्लॉग की जानकारी की वजह से लोग आपके बारे में इंटरनेट पर लिखते हैं।

 

इससे गूगल समझ जाता है की ये ब्लॉगर इस niche पर लिखने के काबिल है तभी तो मंच से लेकर आम पाठक तक इनके बारे में लिख रहे हैं। इससे आपकी niche पर पकड़ बनती हैं और आहिस्ता आहिस्ता गूगल रैंकिंग (rankings) में आपको ऊपर रखता है।

 

एक strong digital footprint का सबसे बड़ा सबूत ब्लॉगर को तब मिलता है जब उसका नाम कोई गूगल पर खोजे और वही इंसान ऊपर आएगा, चाहे उसके नाम के और कितने भी लोग क्यों न हो।

 

उद्धरण के लिए अगर आप मेरा नाम गूगल पर खोजेगें तो चाहे दुनिया में कितनी ही Rocktim Borua क्यों न हो, तब भी गूगल मेरे बारे में ही दिखाएगा। जैसे आपको गूगल में मेरा फेसबुक प्रोफाइल, इंस्टाग्राम प्रोफाइल, ट्विटर प्रोफाइल मेर वेबसाइट या ब्लॉग का नाम वो सभी आपको दिखाएगा, क्यूंकि मैंने इन सभी प्लेटफार्म में अपना प्रोफाइल बनाया है कि मैं क्या करता हूँ ! ये चीज़ आपको भी करनी है और जितने सच्चाई से काम करेंगे उतना जल्दी आप आगे बढ़ेंगे और digital footprint strong बनता चला जाएगा।

 

 

3) Keyphrases या Keywords अपनी audience के needs के हिसाब से फाइंड कीजिए –

 

गूगल का काम है लोगों को अलग अलग विषयो पर जानकारी देना और इसीलिए गूगल के लिए ज़रूरी है की वो उन्ही लोगो को सर्च में ऊपर रखे जो सबसे अच्छी जानकारी दें और वो भी खुद से दें। कही से चुरा कर नहीं।

 

बहुत से लोग बिना कुछ सोचे समझे बस keyword tools का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा नहीं करना है। पहले अपनी audience को समझना है, उनकी ज़रूरत समझना है और फिर एक अच्छी content strategy तैयार करना है।

 

जितने मर्ज़ी tools इस्तेमाल कर लीजिये लेकिन जब तक अपने पाठकों की ज़रूरत नहीं समझेगें तब तक आपका ब्लॉग आगे नहीं बढ़ेगा।

 

 

4) सिर्फ Ads से कमाने का सोच रहें हैं तो एक level से आगे नहीं बढ़ेगें –

 

एक ब्लॉगर को पहले ही दिन से अपने मंच का revenue model तैयार करना चाहिए। हिंदी ब्लॉगर्स के लिए भारत की ऑडियंस को convert करवाना बहुत ज़रूरी है। ये काम अकेले google adsense से नहीं होगा। इसलिए ज़रूरत से ज़्यादा उसपर भरोसा करोगे तो अच्छा पैसा नहीं कमा पाओगे।

 

Lead generations, Info products, Sponsored Posts, Campaigns, Own Products Selling – इन सब का भी इस्तेमाल कीजिये। रूपया आप इनसे कमाएगें। वैसे अगर आपका Niche थोड़ा अच्छा है तो आप Adsense से भी अच्छा पैसा कमा सकते है।

 

 

Conclusion –

 

आपने आज सीखा –

 

  • कुछ हिंदी ब्लॉगर्स के नाम जो महीने का लाखों कमा रहे हैं, और आप भी कमा सकते हैं।
  • हिंदी ब्लॉगर्स को गूगल बहुत प्रायोरिटी देता है।
  • हिंदी ब्लॉग को सफल कैसे बनाये ?
  • E-A-T क्या है और कैसे काम करता है,
  • अपना डिजिटल फुटप्रिंट को स्ट्रांग क्यों बनाना है,
  • Keywords for Intent मतलब viewers की इंटेंट को समझके अपना ब्लॉग बनाना चाहिए,
  • अलग अलग monetization को select करके ज्यादा पैसा कमाए।

 

तो दोस्तों आपको आज का ये ब्लॉग्गिंग टिप्स आपको कैसा लगा और आपका कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये और इस ब्लॉग्गिंग टिप्स को अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

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