Self Confidence कैसे बढ़ाएं ? – Personality Development in Hindi

Self Confidence कैसे बढ़ाएं ? – Personality Development in Hindi : Hello दोस्तों, आज मैं इस आर्टिकल में आपको बताऊंगा की आप कैसे अपनी सेल्फ कॉन्फिडेंस बड़ा सकते हैं, और जो भी टिप्स मैं आपको बताऊंगा वो मैंने टेस्ट किया हुआ है और मैंने अपना आत्मविश्वास बढ़ाया भी है।

 

इस आर्टिकल में आप सीखेंगे –

 

  1. कॉन्फिडेंस क्या हैं?
  2. सेल्फ कॉन्फिडेंस क्या है?
  3. सेल्फ अवेयरनेस से आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस कैसे बढ़ेगा?
  4. कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना क्यूँ जरुरी हैं?
  5. क्या हमे हर एक चीजों के लिए Preparation करना जरुरी है?
  6. और इन सबसे आपकी सेल्फ-कॉन्फिडेंस कैसे बिल्ड होंगे?
  7. ऐसा क्या किया जाये जिससे हम अपनी पर्सनालिटी को सेल्फ कॉन्फिडेंस के साथ और बेहतर बना पाए।

 

 

तो अगर आप भी अपना आत्मविश्वास या सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाना चाहते हैं, और ऊपर बताये गए सभी सवालों का जवाब डिटेल में जानना है, तो आपको आज का हमारा यह आर्टिकल 100% हेल्प करेगा।

 

तो चलिए शुरू करते हैं।

 

 

Self Confidence कैसे बढ़ाएं ? – Personality Development in Hindi

 

दोस्तों कॉन्फिडेंस एक ऐसी चीज है जो हमे लगता है की या तो लोग कॉंफिडेंट पैदा होते हैं या कॉंफिडेंट पैदा नहीं होते हैं, टाइम और एक्सपीरियंस के साथ कॉन्फिडेंस बनती है।

हमारे समाज में, ज्यादातर लोगों में बहुत वहम है की कॉन्फिडेंस जो है वो अंदरूनी होता है,

वो आप सीख नहीं सकते, आप कॉंफिडेंट बन नहीं सकते, अगर आप कॉंफिडेंट नहीं हैं तो। – ये सब कुछ ग़लतफ़हमी है।

 

कॉन्फिडेंस जो है ये बहुत acquired skill है।

कॉन्फिडेंस एक ऐसी चीज है जो आप अपनी जिंदगी में जब भी चाहे ला सकते हैं।

लेकिन उसके लिए आपको अपने ऊपर काम करना पड़ेगा, क्यूंकि अगर आप किसी चीज में कॉंफिडेंट नहीं है तो उसमें कॉंफिडेंट बनने के लिए आपको काम करना पड़ेगा, ऑटोमेटिकली तो आप कॉंफिडेंट नहीं बन सकते है ना!

लेकिन वो ऐसी भी चीज नहीं है जो आपको सिर्फ जन्म पे मिली थी और फिर कभी नहीं मिल पायेगी।

 

 

कॉन्फिडेंस का मतलब होता क्या है ? सेल्फ कॉन्फिडेंस मतलब होता क्या है ?

 

सेल्फ कॉन्फिडेंस का मतलब सिर्फ ये है की आपको अपने ऊपर भरोसा है। आपको अपनी ability (योग्यता) पे, आपकी capability (क्षमता) पे, आप क्या कर सकते हैं, आप क्या नहीं कर सकते हैं, उसकी जानकारी और उसकी awareness (जागरूकता) जो आपके अंदर है वही आपकी सेल्फ कॉन्फिडेंस है।

 

मान लीजिये आप एक इंटरव्यू पे जा रहे हैं। और वो इंटरव्यू सेल्स जॉब का इंटरव्यू है और आपको लग रहा है आप कॉंफिडेंट नहीं हैं। ऐसा क्यूँ हो सकता है की आप कॉंफिडेंट नहीं हैं ?? सोचिये!

शायद आपने इंटरव्यू के लिए अच्छे से preparation (तैयारी) नहीं करी है,

शायद आप इस जॉब रोल के लिए स्किल्ड नहीं है,

शायद आपको लगता है की आप उस कंपनी के लिए suitable नहीं हैं,

शायद आपको लगता है की आपका जो पास्ट एक्सपीरियंस था एनफ नहीं हैं,

ऐसे बहुत सारे reasons हो सकती है आपकी लौ कॉन्फिडेंस के लिए।

 

अब इसके चलते आप कॉन्फिडेंस कहाँ से ला सकते हैं आपको आगे बताऊंगा।

 

 

Self Awareness जरुरी क्यूँ हैं?

 

Self Awareness

 

कॉन्फिडेंस के लिए बहुत जरुरी है की आप ये जानते हैं की आप कौन है, आपमें क्या क्या चीजें हैं जो काम करते हैं, क्या क्या ऐसी चीजें है जो आपके लिए काम नहीं करते हैं।

यानी सेल्फ अवेयरनेस आपकी सेल्फ कॉन्फिडेंस के लिए सबसे जरुरी चीज है।

सेल्फ अवेयरनेस का मतलब ये होता है की आप अपने आपसे कभी झूठ नहीं बोलते हैं।

इसका मतलब ये है की आप जानते हैं कि आप किन लोगों के साथ अच्छा काम कर सकते हैं और किन लोगों के साथ आप काम नहीं कर सकते।

सेल्फ अवेयरनेस का मतलब ये है की आप जानते हैं कि आप किन चीजों में अच्छे है और किन चीजों में आप शायद अच्छे नहीं हैं।

और ये सेल्फ अवेयरनेस शुरू होता है अपने आपसे सवाल पूछने से। की ऐसी कौनसी चीजें हैं जिसमें मैं अच्छा हूँ, या ऐसी कौनसी चीजें हैं जिनमें मैं शायद अच्छा नहीं हूँ। और मैं उनमें अच्छा बनना चाहता हूँ तो मुझे उनमें क्या क्या करना पड़ेगा, जिससे मैं उनमें अच्छा बन पाउँगा ?

ये सवाल अपने आपसे पूछना सबसे पहला काम है Self Confidence बढ़ाने के लिए।

क्यूंकि जब तक आपको अपने आप के ऊपर ट्रस्ट नहीं होता है की आप कौन सी चीजों में अच्छा है और कौनसी चीजों में नहीं है, चाहे आप कितने भी स्मार्ट हैं, चाहे आप कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन अपने आप पे ट्रस्ट बिल्ड करने से आप अपनी सेल्फ अवेयरनेस को बढ़ा पाएंगे।

 

हर वक़्त अपने आप से मुश्किल सवाल पूछिए। ऐसे सवाल पूछिए जो आप जानते है की बाकि लोग आपसे कभी ना पूछे, लेकिन आपको अपने आपसे पूछना पड़ेगा।

आप कौन सी चीजों में अच्छा है और कौनसी चीजों में नहीं है, आप किन लोगों के साथ काम कर सकते हैं, या आप किन लोगों के साथ काम नहीं कर सकते हैं, आपकी ऐसी कौनसी कमजोरी है जो आपको ठीक करना है और आपकी ऐसी कौनसी क्वालिटीज़ है जिनपे आपको पूरा भरोसा है।

 

और जब आप इस पूरी चीज के बारे में अवेयर होंगे, आप अपने बारे में बहुत कुछ ऐसा जान पाएंगे, जो शायद आपको पहले नहीं पता हो।

 

 

कम्फर्ट जोन से बाहर निकले

 

comfort zone

 

क्या आपको पता है की इंसान सीखता कैसे है ? कॉन्फिडेंस जेनेरेट होता कैसे है ?

सबसे ज्यादा कॉन्फिडेंस तब जेनेरेट होता है जब आप हार कर भी फिर से खड़े होते हैं। इसमें एक अलग लेवल का कॉन्फिडेंस जेनेरेट होता हैं।

अब ऐसा मत समझिये की आप जबरदस्ती जाकर के हारिये, नहीं!

बल्कि अपने आपको कम्फर्ट जोन से बाहर निकालिये और उनकम्फर्टेबले ज़ोन्स में डालिए।

एक ऐसी पोजीशन में अपने आपको डालिए जहाँ आपको थोड़ा सा डर लगे,

एक ऐसी पोजीशन में डालिए जहाँ आपको कुछ ऐसा करने की कोशिश करि है जो आपने पहले कभी नहीं करि।

और फिर देखिये की आप उसमें कैसा performance देते हैं।

उसमें देखिये की आप उसमें फ़ैल होते हैं की नहीं और अगर फ़ैल होते हैं तो फिर से वही चीज करिये, जब तक आपमें वो कॉन्फिडेंस आ जायेगा की हाँ मैं ये चीज नहीं कर सकता हूँ या मैं ये चीज कर सकता हूँ और इस लेवल तक कर सकता हूँ।

 

लेकिन अगर आप सिर्फ कम्फर्टेबले रहेंगे या सिर्फ वही चीजें करेंगे जो आप आसानी से कर सकते हैं,

सिर्फ उन्हीं लोगों से मिलेंगे जो आपके दोस्त हैं,

सिर्फ वही बातें करेंगे जो आपको समझ में आती है,

आप कभी भी अपने आप को Expand नहीं कर पाएंगे, आप कभी भी ये सीख नहीं पाएंगे की आप किस चीज में फ़ैल होके भी खड़े हो सकते हैं।

 

तो जब आप कम्फर्ट जोन से बाहर निकलेंगे तभी आप अपना सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ा पाएंगे।

 

 

Preparation बड़ी ताकत है

 

Preparation

 

अपनी जिंदगी के हर एक चीज के लिए prepare (तैयार) रहें। अपने आपको हर situation के लिए prepare करना होगा।

जितना अच्छा आप prepare होंगे उतने ही आप कॉंफिडेंट होंगे।

अगर आपके एग्जाम तीन महीने दूर है और ढाई महीने बाद पढ़ने की कोशिश करते हैं तो आप नेचुरली कॉंफिडेंट नहीं होंगे।

लेकिन अगर आप आज से preparation शुरू करेंगे तो आप जब एग्जाम देने बैठेंगे तीन महीने बाद तो आप एक अलग कॉंफिडेंट के साथ एग्जाम देंगे।

और ये preparation थोड़ी दी कमिटमेंट चाहते हैं।

जैसे अगर आपने अपना गोल स्मार्टली डिफाइन नहीं किया है तो आप बहुत लूस गोल सेट करेंगे और अगर आप लूस गोल सेट करेंगे आप फुल्ली preparation कभी नहीं कर पाएंगे।

तो जितना आप prepare करेंगे उतने ही आप कॉंफिडेंट होंगे।

अगर आप एक इंटरव्यू पे जा रहे हैं और आपको पता है की उस जॉब रोल के लिए क्या चाहिए,

आपको पता है की आप उस रोल में कैसे खड़े उतरेंगे,

आपको पता है की उस कंपनी को आपकी प्रोफाइल से क्या स्किल चाहिए,

तो आप उतने ही कॉंफिडेंट होंगे।

लेकिन अगर ये सारी चीजें आप नहीं जानते हैं,

ये सारी चीजों के बारे में आपने prepare नहीं किया है तो नैचुरली आप अपना सेल्फ कॉन्फिडेंस लॉस ही करेंगे।

 

कॉन्फिडेंस के बारे में एक सीक्रेट बातें मैं आपको बताता हूँ – की हमारी जो कॉन्फिडेंस है वो हमारी Experience (अनुभव) से आता है।

और एक्सपीरियंस टाइम से आता है।

इसका मतलब ये भी नहीं है की जो 18 या 20 साल के है वो कभी कॉंफिडेंट नहीं हो सकते, क्यूंकि 30 या 40 सालों के पास ज्यादा एक्सपीरियंस है।

लेकिन मैं आपको ये बोल रहा हूँ की जितना आप दूसरों के एक्सपेरिएंसेस से भी सीखने की कोशिश करेंगे,

और अपनी जिंदगी के एक्सपीरियंस को भी मिलाने की कोशिश करेंगे, आप उतने ही कॉन्फिडेंट बनेंगे।

क्यूंकि हर एक इंसान अपनी जिंदगी में हर एक चीज तो नहीं कर सकता।

लेकिन पूरी दुनिया में जो हर एक इंसान है उसने कुछ न कुछ तो ऐसा किया ही होगा जिससे आप कुछ सीख सकते हैं।

 

अगर आप किताबें पढ़ेंगे, दूसरों की जिंदगी के बारे में curiosity (जिज्ञासा) दिखाएंगे,

उनसे सीखने की कोशिश करेंगे की उन्होंने ऐसी क्या क्या चीजें करि है, जिससे आप कुछ सीख सकते हैं

और अपनी जिंदगी में दूसरों के एक्सपीरियंस से अपना एक्सपीरियंस बनाने की कोशिश करेंगे वो भी आपको कॉन्फिडेंस देगा।

 

आपकी जिंदगी चाहे छोटी हो या बड़ी हो, चाहे आपने एक जॉब में कम काम किया हो या ज्यादा काम किया हो, तो उसमें आपके Quality जो है वही आपके बेस्ट एक्सपेरिएंसेस हैं।

और उसी एक्सपेरिएंसेस से आपकी सेल्फ कॉन्फिडेंस बिल्ड होते हैं।

 

अगर आपने बहुत ही स्मार्टली काम किया है, बहुत diligently (लगन से) काम किया है, सेल्फ अवेयर हो के काम किया है, प्रॉपर प्लानिंग के साथ किया है तो नैचुरली आप एक अलग कॉन्फिडेंस लेवल पे होंगे।

 

 

पॉजिटिव ऐटिटूड जरुरी है

 

positive attitude

 

पॉजिटिव ऐटिटूड होना कॉन्फिडेंस के लिए बहुत जरुरी है। क्यूँ ?

क्यूंकि एक कॉन्फिडेंट पर्सनालिटी हमेशा ये जानती है की चाहे जितनी भी मुश्किलें आये, मैं कुछ न कुछ हल तो निकाल ही लूंगा।

क्यूंकि मेरी नेचुरल orientation या आचार-विचार पाजिटिविटी है।

तो अगर आप पाजिटिविटी को कंबाइन करके एक पर्सनालिटी की तरफ देखेंगे तो कॉंफिडेंट पर्सनालिटी आपके अंदर नैचुरली आएगी।

 

 

Conclusion –

 

दोस्तों, मुझे उम्मीद है की आपको ये पता चल गया होगा की Self Confidence कैसे बढ़ाएं।

और आपको ये पता चल गया होगा की कॉन्फिडेंट होने के लिए कोई सीक्रेट दवाई, जादू, या डॉक्टर नहीं चाहिए।

आपको सिर्फ कुछ चीजों को अपने रोजमर्रा की जिंदगी में सुधारना होता है।

 

  1. अपना सेल्फ-अवेयरनेस बढ़ाइए।
  2. अपने आप पर ट्रस्ट बिल्ड करिये।
  3. अपनी कम्फर्ट जोन से बाहर निकल करके कुछ करिये, कुछ सीखिए और देखिये की आप किस चीज में अच्छी है और किस में बुरी है।
  4. अपनी लाइफ की हर एक चीज के लिए एक उचित टाइम से Preparation करिये।
  5. Positive Attitude को अपनाये।
  6. अपने आपको सीखने के लिए prepare करिये।
  7. अलग अलग बुक्स पढ़िए।
  8. अपनी Knowledge को बढ़ाने के ऊपर हमेशा फोकस्ड रहें।
  9. जो आप नहीं जानते हैं उसके बारे में एक्सपर्ट से डिटेल में सीखिए।
  10. हर एक इंसान से सीखिए। की उन्होंने अपने लाइफ क्या करि है और क्या नहीं करि है और क्यूँ नहीं करि है और वो जो करता है वो कैसे करता है।

 

 

तो आपको आज हमारा यह “Self Confidence कैसे बढ़ाएं ? – Personality Development in Hindi” Article कैसा लगा ?

क्या आपके अंदर पहले से Self Confidence था ?

क्या इस आर्टिकल की मदद से आप अपना सेल्फ कॉन्फिडेंस बिल्ड कर पाए या आप कोशिश करेंगे अपना कॉन्फिडेंस बढ़ाने की ?

इन सारे टिप्स जो ऊपर मैंने बताये हैं अगर आप अपने पुरे दिल से इसे अपने जीवन में उतारे तो आप 100% अपनी सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ा पाएंगे।

आप मुझे बताये इनमें कौनसी टिप्स को आप सबसे पहले अपने लाइफ उतारेंगे ?

क्या आप अपने आपको एक बेहतर पर्सनालिटी बनाना चाहते हैं ?

तो इन सारी बातों के बारे में मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

और इस “Self Confidence कैसे बढ़ाएं ? – Personality Development in Hindi” Article को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

 

 

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आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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