The E-Myth Book Summary in Hindi (PART – 2)

The E-Myth Book Summary in Hindi – Hello दोस्तों, आज मैं आपको ऐसी बुक की summary बताने वाला हूँ, जिसको पढ़के आप अगर Business करना चाहते है तो Basics आपको इस Summary से ही पता चल जायेगा,

basics ही नहीं, इससे ज्यादा कुछ सीखने को मिलेगा की एक Business Startup करने के लिए आपको क्या क्या Steps फॉलो करना है वो सभी आप इस Summary को पढ़कर जान सकते है।

दोस्तों ये इसकी पार्ट – 2 है, अगर आपने इसका पहला पार्ट नहीं पढ़ा है तो पहले उसको पढ़ लीजियेगा।

 

⇒PART – 1

The E-Myth Book Summary in Hindi

 

Part-3:- Building a small business that works.

 

Business development process

 

 Business को improve करना एक continuous process है। जिसमे सबसे पहला step आता है Innovation.


 क्या आपने कभी सोचा की अगर आप ये पूछने के बजाए “नमस्ते, क्या मैं आपकी मदत कर सकता हूँ”. ये पूछे “नमस्ते क्या आप पहले यहाँ पर आये है”.  इस पर या तो आपका customer हाँ बोलेगा या ना।


 अगर वो हाँ बोलते है तो आप बोल सकते है “Good, हमने अपने पुराने customers के लिए एक special offer रखा हुआ है। मैं आपको इसके बारे में बता देता हू।”

 अगर आपका customer ना बोलता है तो आप कह सकते है “Good, हमने अपने नए customers के लिए एक special offer रखा हुआ है। मैं आपको इसके आपको इसके बारे में बता देता हु”


 अब obviously आपके पास वो special offer होना चाहिए। लेकिन सोचिये की ये छोटे से words आपकी जेब में पैसे डलवा सकते है।


 आप पूछेंगे कितने…? ये depend करेगा की आप कितनी energy से ये सब अपने customers को बोलते है।



Innovation हर business के दिल की तरह है। अगर आप अपने business में innovation चाहते है तो आपको अपने से हमेशा एक ही सवाल पूछना है। मेरा CUSTOMER क्या चाहता है ?

 हर वक़्त आपको देखना है की आप अपने काम करने के तरीके को कम energy और पैसे खर्च करके कैसे बेहतर बना सकते हो।


 जैसे की हम आपको बता चुके है की research बताती है की अगर आपने blue color के कपडे पहने है तो लोग आपसे ज्यादा सामान खरीदेंगे, और कम सामान खरीदेंगे अगर आपने brown कपडे पहने है तो।


 ऐसी छोटी छोटी चीजों की जानकारी आपके business को बहुत आगे बढ़ा सकती है।



 लेकिन आप इन सब छोटे चीजों को तभी जान पाएंगे जब आप अपने BUSINESS पर काम कर रहे है उसके अंदर नहीं।

 लेकिन अब सवाल ये आता है की आपको ये सब पता कैसे चलेगा। तो इसका जवाब है QUANTIFICATION.


 आपको अपने business में की गयी हर innovation पर maths करना होगा, गणित करना होगा।



For example: आपको कैसे पता चलेगा की जैसे ही कोई customer आपकी दुकान पर आया।

 उस से अलग तरीके के शब्द बोलने पर आपकी sales 20% increase हो रही है।



 आप ये तब जान पाएंगे जब आप इस innovation को एक हफ्ते तक अपने business पर चलाओगे और फिर इस बात की जानकारी रखोगे की…

  1. उस हफ्ते कितने लोग आपकी दुकान पर आये जब आपने अपने शब्दों में बदलाव किया था।
  2. कितने लोगो ने आपसे सामान लिया और कितने रूपए का, और इसको आप compare करोगे पिछले हफ्ते की sales से।
  3. कितने लोग उन शब्दों में बदलाव लाने से दोबारा आपकी दूकान पर आते है।

 ये सारी जानकारी ही आपको आपके सवालो का जवाब दे पायेगी की क्या आपका business उस Innovation से improve भी हुआ है या नहीं।

 – अगला step आता है की जब आपको पता चल जाता है की कोई innovation काम कर रही है।


 तो उस innovation को आप अपने business में हर रोज़ करेंगे। अगर blue dress काम कर रही है तो इसे हर रोज़ पहनो।



 अगर “नमस्ते क्या आप यहाँ पहले आये है” बाकी हर दूसरी चीजों से ज्यादा अच्छे तरीकेसे काम करता है तो इसे हर वक़्त करो।


 किसी भी चीज को तभी बदला जाना चाहिए जब वो पहले से अच्छे results दे रहे हो।

 

Your strategic objective

 

 जब तक आपका पूरा business SIMPLE और साफ़ साफ़ शब्दों में एक document में नहीं लिखा जाता तब तक आप confuse रहेंगे और कोई आपकी मदत नहीं कर पायेगा।


 यह एक तरीका है जिस से आप अपनी progress को नाप सकते है।

 आपके business का सबसे पहला काम है आपके लिए पैसे कमाना।



 आप हर साल कितने का business करना चाहते है, कितना profit कमाना चाहते है tax देने से पहले और tax देने के बाद।


 अपने आप से पूछिए की आपको कितने पैसे चाहिए अपने सपनो की जिंदगी जीने के लिए, अपने घर वालो के साथ समय गुजारने के लिए।

 Business सिर्फ एक और एक ही कारन से बनाया जाता है और वो है उसे बेचने के लिए।



 आपका काम है business शुरू करना, उसे उसके मुकाम तक पहुँचाना और फिर उसे बेच देना।


 शायद आप अपने business को बेचना ना चाहे पर कम से कम ये इसी mentality के साथ किया जाना चाहिए।

 अगर आप ऐसा करते है तो अगला सवाल आता है की क्या कोई इसे खरीदेगा।



 तो इसका जवाब है हाँ, लेकिन सिर्फ तब जब ये काम करेगा और ये एक BUSINESS होगा ना की एक JOB.

 

आपकी organization की strategy

 

हर कोई अपनी life को organize करना चाहता है। ज्यादातर companies लोगो को organize करना चाहती है ना की business के कामों को। और इसकी वजह से ज्यादा तर business fail हो जाते है।

 मान लीजिये दो भाई एक pastry shop का business खोलते है ishan और Shiddhant. ये दो भाई अब business partners बन चुके है। ये दोनों एक दूसरे का काम भी कर लेते है।



 अरे ये भाई जो है। जब ishan pastry नहीं बना रहा होता तो shiddhant बना लेता है। जब shiddhant customer को नहीं देख पाता तो ishan देख लेता है। शुरू में business बहुत अच्छे तरीकेसे काम कर रहा है एक नयी machine की तरह। दुकान बिलकुल साफ़। शीशे चमक रहे है। Customers को pastries पसंद आ रही है।

 Monday को ishan shop खोल देता है। Tuesday को shiddhant. Wednesday को ishan.


और ये चलते रहता है।


 अब business बढ़ने लगा है। ये एक नया employee hire करते है Sandeep.



Sandeep इनका भतीजा भी है। अब ये तीनो काम कर रहे है।


 जब ishan customer को नहीं देख पाता तो sandeep देख लेता है। जब sandeep सफाई नहीं कर पाता तो shiddhant कर लेता है। जब shiddhant pastry नहीं बना पाता तो ishan बना लेता है। थोड़े दिनों के बाद एक और employee hire किया जाता है Kuldeep.

 अब चारो मिल कर काम कर रहे है। चारो सफाई कर रहे है, pastry बना रहे है, customer से बात कर रहे है, telephone पर order ले रहे है और सुबह दुकान खोल रहे है।


 लेकिन अब pastry का taste पुराने जैसा नहीं रहा। Customers complaint कर रहे है। ishan, siddhant को देखता है shiddhant sandeep को देखता है और sandeep kuldeep को। दुकान में ठीक से सफाई नहीं हो रही। दुकान के शीशे साफ नहीं है।



 अब सबको गुस्सा आ रहा है। लेकिन सवाल ये है की गलती किसकी है। किसने अपना काम नहीं किया।

 इसमें जो ishan और shiddhant को समझ नहीं आया वो ये है की इस तरह के business का अंत ऐसा ही होता है। जहाँ पर business लोगो पर निर्भर करता है ना की systems पर। जहाँ पर positions define नहीं होती, जहाँ पर हर position का काम define नहीं होता ऐसे business कभी organize नहीं होते।


 लेकिन अब आप पूछेंगे की क्या इसका SOLUTION है???  बिलकुल SOLUTION है….!!!!! और वो है ORGANIZATION CHART.

 

 

SHAREHOLDERS

 


 ishan और shiddhant एक ORGANIZATION CHART बनाते है, जिसमें सबसे ऊपर लिखा है – SHAREHOLDERS. ये दोनों मानते है की shareholder business से बाहर रहेंगे और ये business के मालिक है।

 Business में सबसे ऊपर आता है Chief operating officer (COO), जो पुरे business को उसके target की तरफ ले जायेंगे और shareholders को report करेगा।



Chief operating officer के under आते है 3 vice president.


1)  Vice president marketing. जिसक काम है नए customers को लाना। Customers को ko satisfy करवाना और सारी reports Chief operating officer को देना।


2) दूसरा है Vice president operations. जिसका काम है customers को बनाये रखना। उन्हें Unhe value deliver करना जो promise किया गया था। उन्हें अच्छा experience देना और chief operating officer को सारी information देना।


3) तीसरा आता है vice president finance. इनका काम है vice president marketing और vice president operation को finance करना। इनसे पैसे लेने की वजह को लिखना, उनके results calculate करना और chief operating officer को report करना।

 इन तीनो vice president के पास अपना staff है। Vice president marketing के पास sales manager और advertising research manager है। Vice president operations के पास production manager, service manager और facilities manager है। जबकि Vice president finance के पास accounts receivable manager है और accounts payable manager है।



ISHAN और SHIDDHANT organization chart बनाके एक दूसरे को देख कर खुश होते है। मगर problem है की business में यही 2 है और इनके नाम ही हर position में लिखे जायेंगे।


 मगर इससे पहले की ये अपने नाम, इन position के आगे लिखे, ये हर position के लिए एक contract लिखते है जिसमे उस position का काम लिखा हुआ है। उसमें ये भी लिखा है की काम पूरा ना होने पर क्या penalties होंगी।

 अब ये दोनों decide करते है की COO कौन बनेगा। क्यूंकि ishan manage करने में अच्छा है तो वो दोनों राज़ी हो जाते है की ishan COO यानी chief operating officer बनेगा।



 Siddhant finance में अच्छा है इसीलिए वो उसका नाम vice president finance में लिख लेते है। इस तरीकेसे उन दोनों काम नाम हर POSITION पर लिखा जाता है।

 अब हर position का काम decided है। अब हर position के लिए operating manual भी लिखा जाता है।



 जिसमे उस position पर काम कर रहे employee को क्या क्या काम करने है mention किया जाता है।


 अब जैसे जैसे business grow करता है ishan और shiddhant एक एक करके हर position के लिए employee hire करते है।

 5 साल के बाद ishan और shiddhant देखते है की उन्होंने COO यानी chief operating officer के लिए भी employee hire कर लिया है।



 अब वो सिर्फ share holders है। उनका BUSINESS उन्हें हर महीने पैसे कमा के दे रहा है। पूरा BUSINESS एक PERFECT MACHINE की तरह चल रहा है।


 और ऐसा इसीलिए हुआ है क्यूंकि वो जानते है की हर position का क्या काम है।


 हर position के लिए operating manual है।


 उन्हें हर महीने(month) किस तरह के results मिलने चाहिए। अगर results में कुछ कमी आती है तो वो उसे आसानी से ठीक कर सकते है क्यूंकि वो हर position पर काम कर चुके है।

 इतना ही नहीं अगर वो चाहे तो वो ऐसे 5000 और BUSINESS खोल सकते है।


 उन्हें पता है की उनका BUSINESS कैसे चलता है। इस BUSINESS का एक एक टुकड़ा कैसे काम करता है, और वो ऐसा ही करते है।


 इस BUSINESS के जैसे कई ऐसे BUSINESS खोलते है उन्हें FRANCHISEE के रूप में बाकी लोगो को बेचते है।

 लोग इनसे इनका BUSINESS इसीलिए खरीदने है क्यूंकि ये चलते है।



 अगर वो इस BUSINESS की FRANCHISEE खरीदते है तो उन्हें PASTRY की RECIPE से लेके, इस BUSINESS में कितने लोग होने चाहिए, उनका क्या क्या काम है, वो काम को कैसे करेंगे सब बताया जायेगा।

 यानी पूरा BUSINESS MODEL समझाया जायेगा, और ये पूरा BUSINESS एक नयी MACHINE की तरह चलेगा।

 

अपने business को Manage कैसे करे

 

Business को Manage दो तरीकेसे से किया जा सकता है लोगो की मदत से या systems की मदत से।

 अगर हम अपने business को लोगो की मदत से manage करते है तो वो उनका mood के हिसाब से चलेगा और हर रोज़ एक जैसे नहीं चल पायेगा।


 इसीलिए हम अपने business को SYSTEM से manage करेंगे।


 लेकिन ये system क्या है। इसके लिए मैं आपको एक एक story बताना चाहता हूँ।


 मैं 7 घंटो से गाड़ी चला रहा था और अपने destination पहुँचने से पहले मैंने सोचा की मैं एक रात hotel में रुक जाता हूँ, और मैंने एक hotel में रुकने का फैसला किया।



 जैसे ही मैं hotel पहुंचा वहां की चमक कुछ अलग ही थी। हर चीज एकदम साफ़, पूरी planning से रखी थी।


 पुरे hotel देखते ही मेरे देखते ही मेरे face में smile आ गयी। तभी receptionist ने मुझे welcome किया और 3 minute के अंदर मैं hotel book करवा के अपने room में पहुँच चूका था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था की इतनी जल्दी मैं अपने room में भी पहुँच गया था।

 Room, वहां के tables, bed सब perfect था।


 जब मैं change करके वहां से dinner करने के लिए निकला तो बाहर ही restaurant के लिए एक board लगा था जिसमें directions दी थी।


 और जैसे ही मैं restaurant के board के पास पहुंचा वहां पर ज़मीन में लगे sensors ने मेरे movement पहचान ली और floor में lights जल गयी।


 और वो धीमे lights restaurant तक जली हुई थी, जिससे मुझे रास्ता पता चल गया।


 Restaurant में पहुँचते ही waiter ने मुझे table तक पहुँचाया।

 मैं खुश था की यहाँ पर अपने customer को कितना seriously लिया जाता है।


 Dinner भी एकदम perfect था। अब मुझे ठंड सी लग रही थी। जैसे ही मैं दोबारा room पहुंचा तो मैंने देखा की room heaters automatically ON हो गए है।


 और साथ में एक brandy की bottle थी। जिसके पास एक card भी था और उसमे लिखा था – Welcome to our hotel, sir अगर आपको कुछ भी जरुरत हो तो हमे आप कभी भी call कर सकते है।

 थोड़ी देर में मैं आराम से सो गया। जैसे ही मैं सुबह उठा तो अजीब सी bubbling आवाज आ रही थी।



 मैं देखने के लिए उठा तो देखा की सामने वाले table में पड़ी kettle automatically On हो गयी थी, और साथ में एक card पड़ा था जिसमें लिखा था – आपके मन पसंद वाली coffee.


 Wow मुझे ये coffee पसंद थी। थोड़ी देर बाद दरवाज़े में knock हुआ।


 जब मैंने दरवाजा खोला तो कोई भी नहीं था, और नीचे newspaper पढ़ा हुआ था “Times of INDIA”.


 मैं हैरान था की इन्हे कैसे पता की मुझे यही coffee पसंद है और मैं यही newspaper पढता हूँ।


 तब मुझे याद आया की reception में मुझसे coffee का brand और मेरा daily का newspaper पूछा गया था।

 मेरा पूरा experience उस hotel का इतना अच्छा था, की अब मैं हर बार वहां पर ही रहना पसंद करता हूँ और हर आदमी को यही recommend करता हूँ की वो वहां पर आये। ये एक coffee या newspaper की वजह से नहीं था। ये था मेरी इतनी care रखने के लिए।


 मैं इससे इतना impress हो गया की मैंने सोचा की इस hotel के manager से मुझे जरूर मिलना है और पूछना है की वो ऐसा करते कैसे है।


 उस hotel का manager बहुत ही young था, और कुछ देर request करने के बाद आखिर उसने वो राज़ खोल ही दिया।



 और वो एक book दिखाते हुए बोलै Sir ये है हमारा राज़। OPERATION MANUAL. इसमें हर चीज color coded है, पीले रंग के pages में room setup के बारे में लिखा है, Blue color के pages में guest support service के बारे में लिखा है।


 For example – आपके bed के पास आपके मन पसंद की coffee रखना, आपका favorite newspaper, रात को heaters कब on करने है ये सब इसमें लिखा है।

 जैसे ही room support person आता है उसे हर रोज हर room के लिए एक checklist दी जाती है, और उसे वो काम करने होते है उसी तरीकेसे जैसे हमने इसमें लिखा है,



 और इसमें room map भी है की पहले उसे कौनसा काम करना है। जैसे की सफाई, आपकी coffee, ये mint की toffee etc. और बाद में उसे इसमें sign करना पड़ता है।


 अगर कभी भी ये पाया जाता है की room service person कोई भी काम किये बिना इसमें sign करता है तो उसे उसी वक़्त job से निकाल दिया जाता है। मगर ऐसे cases बहुत ही कम होते है और यही SYSTEM का कमाल है।

 उस hotel के manager ने मुझे बताया की जितना हो सकता है हमने चीजे automatic रखी है। चाहे वो सुबह kettle के ON होने की timing हो, बाहर garden में lights ON होने की timing या फिर कमरे के बाहर lights की intensity control करने की timing.



 ये सब electronically होता है। क्युकि ये सब machine से होता है तो गलतिया भी कम होती है। जितना अच्छा system उतना कम error.

 और वो manager हस कर बोला तभी आप जैसे बहुत सारे guests हर बार मुझे मिलने भी आते है।


 

अपनी TEAM को कैसे HANDLE करे

 

 अपनी team को handle करने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है एक ऐसा environment create करना जहाँ पर लोगो के लिए काम करना important हो जाए, और वो तभी होगा जब आप उस company के owner अपने काम को बहुत seriously लेते हो।

 उस hotel के manager ने मुझे बताया था की जिस दिन वो उस hotel में interview देने आया था तो उसके boss ने उसे बहुत seriously लिया था।



 बेशक वो एक बहुत जवान लड़का था पर उसके boss ने उसे एक बड़ा समझदार आदमी समझ कर बात करि।


 और जब उसके boss ने उस से बात करि तो उसने देखा की उसका boss कितना ज्यादा seriously वो अपने business को लेता था। उस business की हर एक detail, हर एक चीज कैसे काम करनी चाहिए।

वो हर चीज को perfectly चाहता था। जो सबसे ज्यादा उसे अपने boss की चीज पसंद आयी वो थी उसकी अपने business को ले के ईमानदारी और मेहनत।


 Boss ने उस लड़के को manager की job देने से पहले कई घंटो तक operation manual से उसे हर एक operation समझाया, और उसे बताया की कैसे customer हर बार सही नहीं होता पर customer को ये feel करवाना की वो हमेशा सही है ये हमारी जिम्मेदारी है।


 उसके boss ने उस hotel को चलाने के लिए जितने भी rules बनाये थे वो उस operation manual में थे, और boss हर rule को बहुत seriously लेता था।

 इसीलिए जब हम अपने business के rules बनाये तो हमे भी चाहिए की उसके हर एक rule को seriously देखे और seriously खुद follow करे अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो हमारा employee भी ऐसा ही करेगा।


 दोस्तों ये BOOK MICHAEL. E GERBER ने लेखी है, और ये सारा CREDIT उन्ही को जाता है, और हमारा ये SUMMARY बनाने का मकसद सिर्फ इतना ही है की हम आपको MOTIVATE कर सके।

 

 

Conclusion

 

तो दोस्तों आपने आज क्या सीखा ?

और आपको आज का यह The E-Myth Book Summary in Hindi कैसा लगा ?

अगर आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

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2 thoughts on “The E-Myth Book Summary in Hindi (PART – 2)”

  1. I am so glad to see the summary in Hindi. Lots of business population in India is more comfortable reading in Hindi. They are unable to read good books sometimes due to overseas language difficulties. It’s a great initiative. We wish for similar summaries for more books soon!

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