Thomas Alva Edison की सक्सेस स्टोरी | Thomas Alva Edison Biography in Hindi

Thomas Alva Edison की सक्सेस स्टोरी – Hello दोस्तों, अमेरिका के फ़ेमस इन्वेंटर और बिज़नेसमैन Thomas Alva Edison को आप सभी जानते होंगे, जिनकी बदौलत आज हमारी ज़िंदगी में रोशनी आयी, जी हाँ जिन्होंने बल्ब का अविष्कार किया था और साथ ही 1093 पेटेंट्स अपने नाम करवाये, अपने पेटेंट्स और इन्वेंशन की बदौलत आज उनका नाम दुनिया के टॉप इंवेंटर्स में लिया जाता है।

 

आज हम उसी महान इंसान के सक्सेस जर्नी के बारे में जानेंगे। तो बिना देरी के चलिए शुरू करते हैं –

 

Thomas Alva Edison की सक्सेस स्टोरी

 

 

जन्म

 

Thomas Alva Edison का जन्म 11 फरवरी 1847 को Ohio स्टेट के मिलान सिटी में हुआ, वो अपने माता-पिता की सबसे छोटी संतान थे इसलिये वो अपनी माँ के बहुत करीब थे।

 

 

मंदबुद्धि

 

स्कूल के शुरुआती दिनों में उन्हें स्कूल से मंदबुद्धि बताया गया और 3 महीने स्कूल में बिताने के बाद Thomas की माँ ने उन्हें घर पर ही पढ़ाना शुरू किया, उन्होंने घर रहकर सिर्फ़ 10 साल की उम्र में डिक्शनरी ऑफ साइंस की पढ़ाई कम्पलीट कर दी थी।

 

 

खतरनाक बीमारी

 

ऐसा कहा जाता है कि Thomas Edison को बचपन से ही Scarlet Fever नाम की बीमारी हुई थी जिससे उनको कम सुनाई देता था और बचपन में सही से इलाज न मिलने की वजह से उनकी ये बीमारी सही समय पर ठीक न हो सकी और एन्ड टाइम में वो पूरी तरह से बहरे हो चुके थे।

 

हालांकि उनकी मेहनत और डेडिकेशन के आगे ये बीमारी कभी नज़र नहीं आयी।

 

 

गरीब बचपन

 

बचपन में उन्हें काफ़ी स्ट्रगल से गुज़रना पड़ा क्योंकि उनके बचपन के टाइम उनके परिवार की फाइनेंसियल कंडीशन ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से वो अपनी फ़ैमिली की हेल्प के लिए घर-घर जाकर न्यूज़पेपर बाटते थे और नज़दीकी रेलवे स्टेशन पर चॉकलेट और कैंडी भी बेचते थे।

 

 

किस्सा

 

उसी दौरान का उनका एक किस्सा भी काफ़ी फ़ेमस है जब वो रेलवे स्टेशन पर कैंडी बेचने का काम करते थे तब उन्होंने रेल ट्रैक पर घूम रहे एक तीन साल के बच्चे की जान भी बचाई थी और उस तीन साल के बच्चे के पिता ने ही Thomas को टेलीग्राफी सिखाई थी।

 

 

सक्सेस जर्नी

 

जब Thomas के सुनने की शक्ति कम होती गयी तो वो सीखी गयी टेलीग्राफी उनके बहुत काम आयी और उसके बाद उन्हें टेलीग्राफी में जॉब भी मिल गयी।

 

1866 में Thoma Louisville, केंटकी चले गए जहाँ उन्होंने प्रेस ब्यूरो में काम भी किया, Thomas वहाँ नाईट ड्यूटी करते थे ताकि दिन में उन्हें अपने एक्सपेरिमेंट्स के लिए टाइम मिल सके और उसी ऑफिस में बैटरी के साथ एक एक्सपेरिमेंट के दौरान एसिड फ्लोर पर गिर जाने की वजह से उन्हें वहाँ से नौकरी से निकाल दिया।

 

वहाँ से निकलकर 1968 में Thomas ने इलेक्ट्रिक वोट रिकॉर्डर बना कर अपनी इन्वेंशन की जर्नी का पहला पेटेंट अपने नाम करवा दिया, जिसे बाद में जाकर किसी ने नहीं खरीदा।

 

लेकिन उस बात से वो निराश होने की बजाय अपने नए इन्वेंशन में लग गए, उसके बाद उन्होंने यूनिवर्सल स्टॉक प्रिंटर बनाया और उन्होंने इसे 3 हज़ार डॉलर में बेचा, इसके बाद 1870 से 1876 तक उन्होंने कई इंवेंशन्स किये।

 

 

शादी

 

उसी दौरान 1871 में जब Thomas 24 साल के थे तब उनकी शादी 16 की Mary Stilwell से हुई और उनसे उन्हें 3 बच्चे भी हुए लेकिन शादी के 13 साल बाद Mary की किसी बीमारी की वजह से डेथ हो गयी, उसके 2 साल बाद Thomas ने Mina Miller से 1886 में शादी की, जिनसे उन्हें 3 और बच्चे हुए।

 

 

इन्वेंशन की जर्नी

 

1877 में Thomas ने फोनोग्राफ़ मशीन का इन्वेंशन किया जिसके कारण उन्हें काफ़ी फ़ेम मिला और 1878 के बाद Thomas अपने फ़ेमस इन्वेंशन बल्ब को बनाने में लग गए, Thomas ने बल्ब बनाने में 1000 से ज़्यादा एक्सपेरिमेंट्स किये लेकिन वो इन सब मे असफ़ल रहे, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी।

 

आखिरकार 21 अक्टूबर 1879 को अपनी 1 साल की मेहनत और 1000 से ज़्यादा प्रयासों के बाद Thomas बल्ब बनाने में सफ़ल हो गए और लगातार 40 घंटे तक चलने वाला बल्ब दुनिया के सामने लाया।

 

आज भी मार्केट में पुराने टाइप के दिखने वाले जो बल्ब मिलते हैं, जो फिलामेंट्स और ग्लास से बने होते है उन्हें Edison बल्ब भी कहा जाता है, X-Ray, रेडियोग्राफि के लिए Thomas ने Fluoroscope का अविष्कार किया और 100 साल बाद आज भी इस तकनीक का यूज़ किया जाता है।

 

 

बिजनेसमैन

 

1900 तक Thomas अपनी लाइफ़ के सभी मेजर इंवेंशन्स कर चुके थे और अब वो एक बिज़नेसमैन बन चुके थे जो अपने बनाये गए पेटेंट्स का प्रोडक्शन करते थे।

 

Thomas Edison ने अपनी लाइफ़ के लगभग 50 साल अपने ऑरेंज कारखाने में दे दिए और अपने नाम से 1093 पेटेंट्स किये।

 

 

मृत्यु

 

18 अक्टूबर 1931 को वर्ल्ड के इस महान साइंटिस्ट ने आखिरी साँस ली, जिनके किये गए इन्वेंशन की आज भी तारीफ की जाती हैं।

Thomas Alva Edison की कुछ नया करने की चाह को फाइनेंसियल कंडीशन नहीं रोक सकी, उन्होंने सब्जी और न्यूज़पेपर बेच कर उन पैसों को अपने इंवेंशन्स में इन्वेस्ट किया, आज बहुत से लोगों को नहीं पता कि उन्हें कम सुनाई देता था लेकिन उनकी ये तक़लीफ़ उनके किये गए कामों के सामने फीकी लगती है, इसी कारण उनकी ये कमी कभी सामने नहीं आयी, बचपन में मंदबुद्धि बताकर स्कूल से निकाले गए वही Edison एक दिन दुनिया के एक महान साइंटिस्ट बनकर सामने आए।

 

 

 

 

Conclusion

 

दोस्तों देखा आपने कैसे एक मंदबुद्धि इंसान एक महान साइंटिस्ट बना! मैं उनसे काफी inspire हूँ।

उनके मेहनत और लगन से ही उन्हें सक्सेस मिले है।

आपने Thomas Alva Edison की सक्सेस स्टोरी से क्या सीखा ?

और आपको Thomas Alva Edison की सक्सेस स्टोरी कैसा लगा ?

अगर आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

सम्बंधित लेख –

  1. Richard Branson की सक्सेस स्टोरी
  2. Pablo Picasso की सक्सेस स्टोरी
  3. Colonel Sanders की सक्सेस स्टोरी | KFC Success Story in Hindi
  4. Leonardo Da Vinci की सक्सेस स्टोरी – मोनालिसा के रहस्य
  5. Aryabhatta की सक्सेस स्टोरी
  6. Neil Armstrong की सक्सेस स्टोरी
  7. Che Guevara की सक्सेस स्टोरी
  8. Usain Bolt की सक्सेस स्टोरी
  9. Carl Benz की सक्सेस स्टोरी
  10. Amancio Ortega की सक्सेस स्टोरी
  11. Dhirubhai Ambani की सक्सेस स्टोरी
  12. Andrew Carnegie की सक्सेस स्टोरी
  13. Mark Zuckerberg की सक्सेस स्टोरी
  14. Nick Vujicic की सक्सेस स्टोरी
  15. Jack Ma की सक्सेस स्टोरी
  16. CV Raman की सक्सेस स्टोरी
  17. Rabindranath Tagore की सक्सेस स्टोरी
  18. Pele की सक्सेस स्टोरी
  19. Martin Luther King Junior की सक्सेस स्टोरी
  20. Winston Churchill की सक्सेस स्टोरी
  21. Dalai Lama की सक्सेस स्टोरी
  22. Lionel Messi की सक्सेस स्टोरी
  23. Napoleon Hill की सक्सेस स्टोरी
  24. Isaac Newton की सक्सेस स्टोरी
  25. Nikola Tesla की सक्सेस स्टोरी

Leave a Comment