Tumbbad Horror Story in Hindi | Tumbbad Bhutiya Story

Tumbbad Horror Story in Hindi – Hello दोस्तों, ये कहानी महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव Tumbbad की है, अगर आपको जानना है तो आगे पढ़ते रहिये। तो चलिए शुरू करते हैं।

 

Tumbbad Horror Story in Hindi

 

दोस्तों कहते हैं Tumbbad गाँव देवी-देवताओं द्वारा श्रापित है।

क्यूंकि इस गाँव की लोगों ने बहुत साल पहले एक मंदिर का निर्माण किया, जिसमें हस्तर को पूजा जाता था।

हस्तर पूर्ति की देवी की पहली संतान थी।

पूर्ति की देवी यानी अनगिनत अनाज और सोने का प्रतीक और 16,000 देवी-देवताओं को जन्म देने वाली जननी है।

हस्तर बहुत ज्यादा लालची था, उसने पूर्ति की देवी का सारा सोना हड़प लिया था और साथ ही वो सारे अनाज पर भी कब्ज़ा करना चाहता था।

लेकिन बाकी देवी-देवताओं ने उसे ऐसा करने से रोक दिया, और उसे छोटे-छोटे तिनकों में बाँट दिया।

पूर्ति की देवी अपनी पहली संतान को बेहद प्रेम करती थी।

लेकिन हस्तर का नाश होने से पहले उन्होंने उसे बचा लिया, लेकिन एक शर्त पर की कोई उसे कभी नहीं पूजेगा और उसे भुला दिया जायेगा।

लेकिन Tumbbad गाँव के पूर्वजों ने जब से उसका मंदिर बनाया, तब से देवी-देवताओं का क्रोध Tumbbad पर बारिश बनकर बरसता है।

लेकिन कहते हैं हस्तर ने प्रसन्न होकर अपना जितना सोना था सब उस मंदिर को अर्पित कर दिया।

लेकिन वो मंदिर के अंदर कहाँ छुपा है ये किसी को नहीं मालूम।

कई लोग वो खजाना पाने की चाह में मंदिर में गए तो जरूर, पर कभी वापस नहीं लौटे।

इसलिए वो मंदिर सालों से बंद पड़ा है।

गिरीश नाम के एक पंडित ने भी उसी खजाने की लालच में हस्तर की खूब पूजा कड़ी और वहां जाने का सोचा।

उस दिन हमेशा की तरह बाहर जोड़दार बारिश हो रही थी।

मंदिर के अंदर बहुत अँधेरा था और किसी मरे हुए जानवरों की बू आ रही थी।

अपने हाथ लैंप लिए वो आगे बढ़ा।

उसका पैर एक हड्डी के ढांचे में पड़ा और उसने देखा की उसके आसपास जंगली पेड़ो की लपेट में कई लोग अधमरे से पड़े थे।

वो ये देखके बहुत घबड़ा गया, पर हिम्मत करके आगे बढ़ा।

उसे अचानक एक जानवर की दहाड़ने की आवाज आयी।

उसने छिप-छिप के देखा तो आधे इंसान आधे भेड़िये जैसा जानवर किसी इंसान की चमड़ी को चबा रहा था।

गिरीश ये सब देख ही रहा था की उनके बगल से ढेरों चमगादड़ उड़ गए और वो उनसे बचते बचते नीचे गिर पड़ा।

उस जानवर ने गिरीश को देख लिया और उस एक जोड़ का वार किया।

वो जानवर उसे मुंह से घसीटता हुआ हस्तर की मूर्ति के नीचे ले गया और नीचे छोड़के वहां से चला गया।

गिरीश ने जब उठके देखा तो वो दंग रह गया।

वहां हस्तर की मूर्ति के ठीक नीचे सोने की अनगिनत मुद्राएं रखी हुई थी।

गिरीश की ऑंखें चमक उठी और वो अपनी पोटली में सारा सोना भरने लगा।

तभी अचानक मंदिर में बहुत जोड़-जोड़ से धम-धम होने लगी और पूरा मंदिर हिलने लगा।

जब गिरीश ने नजर उठाके देखा तो हर तरफ से भूतों की फ़ौज हाथ में मशाल लिए उसकी तरफ आगे बढ़ रही थी।

ऐसा डरावना दृश्य देखके उसके पसीने छूट गए और वो पोटली वही छोड़ कर बहुत जोड़ से दरवाजे की तरफ भागने लगा।

और किसी तरह वो आग में लिपटा हुआ मंदिर के बाहर पहुंचा।

बारिश तेज थी, जिसकी बदोलत आग तो बुझ गयी, लेकिन उसका सारा शरीर जल चूका था।

सभी गाँव वालों ने उसका बहिष्कार कर दिया और उसके बीवी-बच्चे उसे छोड़के चले गए।

उस दिन के बाद गिरीश सबको पागलों की तरह बोलता रहा – “अंदर मत जाना…….अंदर मत जाना…….”

और उसने अपना सारा जीवन उसी मंदिर के बाहर भीख मांग मांगके निकाल दिया।

 

 

Conclusion

 

दोस्तों आपको आज का हमारा यह Tumbbad Horror Story in Hindi कैसा लगा ?

क्या आप पहले से इसके बारे में जानते थे ?

क्या आप उसी गाँव में अभी रहते हैं ?

अगर आपके मन में कुछ भी सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

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