रियल मैडिटेशन कैसे करे | Vipassana Meditation

रियल मैडिटेशन कैसे करे – दोस्तों, आज हम Vipassana Meditation के बारे में डिटेल में जानेंगे कि Vipassana Meditation कैसे किया जाता है। इसके अलग अलग तकनीक। कैसे महात्मा बुद्ध ने इसके जरिये एनलाइटनमेंट हो गए थे, Vipassana Meditation के अलग अलग प्रकार के बारे में जानेंगे।

तो चलिए शुरू करते हैं –

 

विज्ञान जिसे हम मॉडर्न साइंस कहते हैं, उसे ज्यादातर लोग फिलॉसोफी या इन्वेंशंस के साथ जोड़कर देखते हैं। लेकिन हम ध्यान यानी Meditation की बात करते हैं तब हम इसे साइंस नहीं बल्कि धर्म के साथ जोड़ कर देखने लगते हैं।

हम ध्यान को पुराणी टेक्निक्स मानते हैं जो शायद आज के लिए उतनी काम की नहीं हैं। लेकिन मैं आपको गलत साबित कर सकता हूँ।

साइंस का मतलब होता है स्टडी ऑफ़ नॉलेज अबाउट फिजिकल वर्ल्ड। यानी फिजिकल वर्ल्ड की किसी भी तरह की नॉलेज लेना साइंस कहलाता है।

यानी आप गिलास लेकर उसमें पानी भरते हैं उसमें भी साइंस है, आप जमीन खोदकर धातु निकालते है उसमें भी साइंस है, इसी तरह से फिजिकल चीजों की स्टडी करना भी साइंस है, चाहे वो ह्यूमन बॉडी या ह्यूमन माइंड हो।

जिस तरह से हम किसी चीज पर रिसर्च करके उससे नॉलेज गेन करते हैं, Meditation भी उसी तरह से हैं। हमारे दिमाग पर रिसर्च करके उससे नॉलेज गेन करना।

साइंस में कुछ चीजें होती हैं जिसे खोल या टच करके नॉलेज ले सकते हैं और कुछ चीजें फिजिकल नहीं होती, हम बस ऑब्ज़र्व करके उससे नॉलेज लेते हैं।

हमारा दिमाग भी ऐसी ही चीजों में से एक है, हम इसे खोल कर या बाहर निकालकर इससे नॉलेज नहीं ले सकते, तो हमें इसे इंटरनली ऑब्ज़र्व करना पड़ता है।

Meditation भी इसी माइंड को ऑब्ज़र्व और कण्ट्रोल करने का तरीका है, जिसे हम साइंस का एक भाग कह सकते हैं।

दोस्तों ये चीज मैं आपको इसलिए बता रहा हूँ ताकि आपको meditation के बारे में रियल जानकारी मिल सके।

 

रियल पावरफुल Vipassana Meditation कैसे करें?

 

दोस्तों आज हमारे पास Meditation की बहुत सारी टेक्निक्स है, जो अलग अलग तरीकेसे काम करती है।

लेकिन मैं आज इनमें से सबसे पावरफुल तकनीक लेकर आया हूँ, जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा अपनाई जाती है।

इस तकनीक में आपको कोई उड़ने या कोई अलौकिक शक्ति नहीं मिलेगी, मैं सिर्फ रियल Meditation के बारे में बताने वाला हूँ।

जो आपको मेंटली क्लियर और एमोशनली शांत और स्टेबल बना देगी।

इस मैडिटेशन तकनीक का नाम तो आपने सुना ही है – Vipassana Meditation, जो दो शब्दों से मिलकर बनी है वि और उपासना।

वि का अर्थ होता है खास और उपासना का अर्थ होता है – उप अर्थात उपर की ओर या फिर उपर की ओर प्रयास, आसन अर्थात बैठना।

सिंपल शब्द में उपासना का अर्थ है आराधना या भक्ति करना।

यह एक संस्कृत शब्द है जिसका मतलब है खास तरह से देखना होता है।

ये Meditation की खास तकनीक है जो प्राचीन भारत में महान ऋषिओं द्वारा अपनाई जाती थी।

बाद में समय के साथ इसे भुला दिया गया। लेकिन 400 – 500 BC को इसे भारत के स्पिरिचुअल गुरु सिद्धार्थ गौतम बुद्ध ने दुबारा दुनिया के सामने लाया।

वो इसी Vipassana (विपस्सना) Meditation के जरिये दिमागी क्षमता हासिल कर पाए और गौतम बुद्ध कहलाये, और वो enlightenment बन गए।

 

Vipassana Meditation तकनीक को चार भागों में बांटा जाता है –

 

  • कायानुपस्सना
  • वेदनानुपस्सना
  • चित्तानुपासना
  • धम्मानुपासना

 

इन चारों टेक्निक्स को करने के बाद हम self-consciousness को जान पाते हैं।

 

कायानुपस्सना

 

ये दो शब्दों से मिलकर बनता है। काया यानी शरीर उपासना यानी खास तरह से देखना।

इसमें अपने शरीर को खास तरह से ऑब्ज़र्व किया जाता है। इस तकनीक में ध्यान मुद्रा में बैठकर अपनी सांसो पर ध्यान लगाया जाता है।

हमारे नाक और मुँह के बीच जो जगह होती है, हमें उस जगह पर ध्यान लगाना होता है। हमें सिर्फ साँस को ही महसूस करना होता है।

इसके अलावा कुछ नहीं देखना या सोचना होता है।

इस तकनीक से हमारे दिमाग को खाली किया जाता है, क्यूंकि हमारा दिमाग हर वक़्त हज़ारों थॉट्स से भरा रहता है।

इस तकनीक में हमें पूरा दिन हर को जज नहीं करना होता है, जैसे हम किसी चीज को देखते हैं तो उसका नाम दिमाग में बोलते हैं, इससे हम उसे जज करते हैं और उससे बोर हो जाते हैं।

लेकिन इस कायानुपस्सना तकनीक में हमें उस चीज को ऑब्ज़र्व करना है, लेकिन उसको जज नहीं करना।

आप एक कुरसी को ऑब्ज़र्व कर सकते हैं, इससे आप घंटो एक ही जगह पर कुरसी को ऑब्ज़र्व कर सकते हैं, और उससे बोर भी नहीं होंगे।

इस तकनीक से हम शांत होते हैं और हम छोटी चीज की ख़ुशी महसूस कर पाते हैं। जैसे एक बच्चा कर पाता है।

एक बच्चे को ज्यादा चीजों के बारे में नहीं पता होता, इसलिए छोटी छोटी चीजों में ही वो ज्यादा खुश रहता है।

वो किसी भी चीज को जज नहीं करता बल्कि ऑब्ज़र्व करता है की वो चीज क्या है !

 

 

वेदनानुपस्सना

 

वेदना यानी फीलिंग्स, उपासना यानी खास तरह से देखना।

इस तकनीक में अपनी भावनाओं को अलग तरह से देखा जाता है।

जिस तरह से अगर किसी और को दर्द होता है या उदासी होती है तो हम उसे महसूस नहीं कर पाते, क्यूंकि हम वो नहीं होते।

उसी तरह से हमें अपनी फीलिंग्स को भी आउट ऑफ़ बॉडी महसूस करना होता है।

इस तकनीक में हमें ध्यान मुद्रा में बैठकर बस अपनी फीलिंग्स को ऑब्ज़र्व करना होता है।

हम ध्यान मुद्रा में बैठे हैं तो हमें कई तरह की फीलिंग्स आती है।

खुजली, दर्द, etc. हमें उस पर व्यक्त ना करके बस उसे ऑब्ज़र्व करना होता है।

इसके बाद पूरा दिन हमें अलग अलग फीलिंग्स को ऑब्ज़र्व करना होता है।

ये तकनीक हमें फीलिंग्स पर कण्ट्रोल करवा देती है।

इसी तकनीक के कारण Meditation करने वाला अंदर से इतना ज्यादा शांत हो जाता है की उसे इमोशनलेस कह सकते हैं।

 

 

चित्तानुपासना

 

चित्ता यानी मन (माइंड) और उपासना यानी खास तरह से देखना।

हमारा दिमाग हर वक़्त थॉट्स से भरा रहता है। साइंटिस्ट बताते हैं कि हर रोज हमारे दिमाग में 60k – 80k थॉट्स आती है। यानी हर घंटे 2500 से 3300 थॉट्स।

इतनी सारी थॉट्स में नेगेटिव और पॉजिटिव हर तरह की थॉट्स होती है। लेकिन ज्यादातर थॉट्स वेस्ट थॉट्स होती है, जिसकी हमें कोई जरुरत नहीं होती।

अब इस तकनीक में हम ध्यान मुद्रा में बैठ कर अपनी थॉट्स को ऑब्ज़र्व करते हैं।

हमें अपने मन को फ्री फ्लोइंग मोड में लाना होता है। यानी जो भी थॉट्स आये चाहे वो नेगेटिव हो या पॉजिटिव हमें उसे बहने देना है। उसे ऑब्ज़र्व करना है।

सोचने की कोशिश नहीं करनी।

जिस तरह से एक छोटी जगह से जब पानी निकलता है तो प्रेशर के साथ निकलता है और आवाज करता है।

लेकिन पानी निकलने की जगह बड़ी हो जाती है तो पानी शांत हो जाता है।

हम भी जब थॉट्स को रोकने की कोशिश करते हैं तो हमारा मन प्रेशर में आ जाता है और unstable रहता है, लेकिन अगर हम बस उसे ऑब्ज़र्व करें और बहने दें तो हमारा मन शांत हो जाता है।

धीरे धीरे हमारा मन वेस्ट थॉट्स को छोड़ना शुरू कर देगा और आप अपने दिमाग के ऊपरी लेवल तक पहुँचने लगेंगे।

तब आपका कण्ट्रोल आपकी थॉट्स पर होगा।

 

 

धम्मानुपासना

 

धम्मा यानी माइंड ऑब्जेक्ट्स और उपासना यानी खास तरह से देखना।

गौतम बुद्ध की techings के अनुसार हमारे माइंड के पांच ऑब्जेक्ट्स होते हैं, जिन पर कण्ट्रोल किये बिना हम रियल ट्रुथ नहीं जान पाते।

ये पांच माइंड ऑब्जेक्ट्स हैं –

 

  1. इच्छा
  2. वेर
  3. आलस
  4. बेचैनी
  5. संदेह

 

ये पांच माइंड ऑब्जेक्ट्स आखिरी बाधा होता है सच्चाई को जाने के।

जिस तरह से धुआं होने पर हम कुछ देख नहीं पाते, ये माइंड ऑब्जेक्ट्स भी उसी धुएं की तरह होते हैं।

इसके हटने पर हम अपने दिमाग के core तक चले जाते हैं। इसे कहते हैं ट्रुथ अस इट इज या रियल कॉन्ससियसनेस।

इसके लिए ध्यान मुद्रा में बैठकर इन्हीं पांच ऑब्जेक्ट्स को खत्म करना होता है। और धुआं खत्म हो जाता है। हम साफ साफ सच्चाई को देख पाते हैं।

 

 

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Conclusion

 

दोस्तों ये Vipassana Meditation सबसे पुराने Meditation तकनीक जो सबसे पावरफुल मैडिटेशन तकनीक कहा जाता है।

मुझे उम्मीद है आपको Vipassana Meditation के बारे में बेसिक समझ में आगया होगा।

आपको आज का ये Vipassana Meditation तकनीक कैसा लगा ?

अगर आपके मन में कुछ सवाल या सुझाव है तो मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताये।

 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिये दिल से धन्यवाद,

Wish You All The Very Best.

 

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