Wizard Book Summary in Hindi – निकोला टेस्ला की जीवनी

Wizard Book Summary in Hindi – टेस्ला वर्ड का मतलब है इलेक्ट्रीसिटी. और इस बुक में आप इसके बारे में पढेंगे कि क्यों निकोला टेस्ला अपने नाम को सार्थक करती है. निकोला टेस्ला वो इंसान थे जिनकी बदौलत हम आज अपने घरो में इलेक्ट्रीसिटी यूज़ करते है, चाहे टीवी हो या सेल फोन चार्जिंग या एयर कंडिशन चलाना. आज जो इलेक्ट्रीसिटी हम अपने घरो, ऑफिस और शोपिंग माल्स में यूज़ कर रहे है, ये सब निकोला टेस्ला की वजह से ही मुमकिन है….

 

ये Wizard – The Life and Times of Nikola Tesla बुक मार्क सीफर (Marc Seifer) ने लिखी है.

 

 

Wizard Book Summary in Hindi – निकोला टेस्ला की जीवनी

 

Introduction

 

आप निकोला टेस्ला के बारे में क्या जानते हो? कहीं आप भी तो उसे एक क्रेजी जीनियस नहीं समझते जिसे कबूतरों से प्यार था और जिसने एक्स्ट्रा टेरेस्टिरियल यानि कि एलिएंस से कम्यूनिकेट करता था? एक ऐसा पागल साइंटिस्ट जिसने डेथ रेज़ क्रिएट की थी लेकिन गरीबी और भुखमरी ने उसकी जान ले ली थी. टेस्ला वर्ड का मतलब है इलेक्ट्रीसिटी.

 

और इस बुक में आप इसके बारे में पढेंगे कि क्यों टेस्ला अपने नाम को सार्थक करती है. निकोला टेस्ला वो इंसान थे जिनकी बदौलत हम आज अपने घरो में इलेक्ट्रीसिटी यूज़ करते है, चाहे टीवी हो या सेल फोन चार्जिंग या एयर कंडिशन चलाना…

 

आज जो इलेक्ट्रीसिटी हम अपने घरो, ऑफिस और शोपिंग माल्स में यूज़ कर रहे है, ये सब निकोला टेस्ला की वजह से ही मुमकिन है. टेस्ला के टाइम पर थोमस एडिसन का डायरेक्ट करंट इलेक्ट्रीसिटी का सोर्स हुआ करता था. एडिसन ने स्ट्रीट लाइट, फैक्टरीज, ओफिसेस और हॉउसहोल्ड यूज़ के लिए इनकेंडेसेंट (incandescent) लैम्प्स बनाये थे.

 

लेकिन ये लैम्प्स आये दिन शोर्ट सर्कट की वजह से फ्यूज़ हो जाया करते थे और इनसे शोर्ट डिस्टेंस तक ही लाईट होती है. इसके अलावा इसमें एक कम्यूटेटर और नजदीकी पॉवर स्टेशन की ज़रूरत भी पड़ती थी. आल्टरनेटिंग करंट या एसी टेस्ला का मोस्ट सक्सेसफुल इन्वेंशन है. वो पहला इंसान था जिसने वायेबल एसी सिस्टम क्रियेट किया. उसके रोटेटिंग मेग्नेट मैकेनिज्म से एसी का स्मूथ और कंटीन्यूएस फ्लो पॉसिबल हो पाया था.

 

उसने ही सबसे पहले इलेक्ट्रिक पोस्ट का इस्तेमाल प्रोपोज्ड किया था जिसे कई मील दूर एक सिंगल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से भी पॉवर दी जा सकती थी. एसी के अलावा टेस्ला ने कई और भी अमेजिंग इन्वेंशंश क्रिएट किये. कुल मिलाकर उसके खाते में 300 पेटेंट्स आते है.

 

लेकिन इतना सब उसने किया कैसे? उसके मोटिवेशन का सोर्स क्या था? टेस्ला के जीनियस ब्रेन का सीक्रेट आखिर था क्या? उसकी लाइफ स्टोरी कैसी थी? ये सारे सवाल जो आपके माइंड में आ रहे है उनके आपको जवाब इस बुक के अंदर मिलेंगे.

 

 

बचपन (Childhood)

 

निकोला टेस्ला स्मिलिजिन (Smiljan) क्रोटिया (Croatia) में एक फार्मर फेमिली में पैदा हुये थे. उसके फादर मिलुतिन एक पैरिश प्रीस्ट थे. और उसकी मदर द्जौका (Djouka) अपने फेमिली फ़ार्म की देखभाल करती थी.

 

उनके पास कई सारे जानवर और नौकर-चाकर थे. निकोलस के दोनों पेरेंट्स अमीर फेमिली से थे. वो अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नम्बर का था. निको से बड़ा एक भाई था डेन और तीन सिस्टर्स थी.

 

दोनों भाई मिलकर काफी शैतानियाँ करते थे. दोनों अक्सर अपने विलेज के छोटे से तालाब में स्विमिंग करने जाया करते थे जहाँ पर वो फ्रोग्स पकड़ते और छोटे-मोटे इन्वेंशंस करते थे. जैसे कि वाटरव्हील्स बनाना, बर्ड्स पकड़ने के लिए स्नेयर्स बनाना और फिश हुक बनाकर फिश पकड़ना. निकोलस जब छोटे थे तो उन्होंने मकाक (Macak) नाम की एक बिल्ली पाली थी. वो अपनी बिल्ली के साथ घास लोट-पोट होते और खूब हसंते थे.

 

निकोलस को मकाक (Macak) से बड़ा प्यार था. वो प्यार से उसकी पीठ सहलाया करते थे. एक दिन उन्होंने देखा कि जब वो बिल्ली की पीठ पर हाथ फेर रहे थे तो उनकी हथेली पर कुछ स्पार्क हुआ. उनके फादर ने कहा कि ये इलेक्ट्रीसिटी की वजह से होता है. जैसे बिजली चमकती है.

 

कुल मिलाकर निकोलस का बचपना बड़ा खुशहाल बीता था. उन्हें अपने फ़ार्म और वहां के जानवरों से प्यार था. उनके पास भेड़, चिकेन्स, गीज़ जैसे कई सारे जानवर थे जिनके साथ निको खेलता था. लेकिन निको जब 7 साल का हुआ तो उनकी लाइफ में एक ट्विस्ट आया.

 

उनके बड़े भाई डेन की घोड़े की पीठ में से गिरने की वजह से डेथ हो गयी थी. ये फेमिली के लिए एक बड़ा झटका था. डेन उनका लाडला बेटा था. डेन की मौत का सदमा सबसे ज्यादा उनकी मदर को हुआ था इसलिए निकोलस को एक तरह से इग्नोर कर दिया गया.

 

अपने भाई की मौत का बर्डन उनके साथ जिंदगी भर रहा. कुछ लोगो का ये भी मानना है कि टेस्ला में न्यूरोटिक टेंडेंसी के पीछे कहीं ना कहीं ये वजह भी थी कि उन्हें बचपन में अपनी माँ का प्यार नहीं मिल पाया था. निको अपने पेरेंट्स के साथ कभी भी अटेचमेंट फील नहीं कर पाए थे.

 

उन्हें हमेशा यही फील हुआ कि उनके पेरेंट्स उन्हें कम प्यार करते है. और उस पर सबसे बड़ा दुख उन्हें तब हुआ जब उनकी फेमिली ने अपना फार्म वाला घर छोड़ने का फैसला किया. उनके फादर को सिटी ऑफ़ गोस्पिक में नौकरी मिल गयी थी. यही पर निकोलस की स्कूली पढाई शुरू हुई. वो बचपन से ही फिजिक्स में जीनियस थे और इलेक्ट्रीसिटी तो उन्हें बहुत हैरान करती थी.

 

निको बैटरीज, मोटर्स, इन्डक्शन कोएल और वाटर टर्बाइन्स के साथ एक्सपेरीमेंट्स करते थे. वो काफी इंटेलीजेंट थे इसीलिए उन्होंने 4 साल के बजाये सिर्फ 3 साल में हाई स्कूल पूरा कर लिया था.

 

ग्रेजुएशन के बाद निको को कोलेरा हो गया था, तब ये बिमारी गोस्पिक सिटी में एपिडेमिक की तरह फैली हुई थी. लोगो को लगता था कि कोलेरा पानी से नहीं हवा से फैलता है इसलिए सिचुएशंन और भी खराब हो चली थी निको पूरे 9 मंथ्स बीमार रहे. वो बिस्तर पर थे और ऑलमोस्ट मरने की हालत में पहुँच चुके थे.

 

इसी बीमारी के दौरान उनके फादर ने उन्हें इंजीनियरिंग पढने की परमिशन दी थी. क्योंकि मिलूटिन चाहते थे कि उनका बेटा उनकी तरह एक प्रीस्ट बने, लेकिन उन्हें खोने के डर से वो निको को पोलीटेक्निक स्कूल, गराज, ऑस्ट्रिया (Graz, Austria) भेजने को रेडी हो गए.

 

 

कॉलेज के साल (College Years)

 

टेस्ला ने केमिस्ट्री,फिजिक्स, कैलकुलस, मशीनरी, इंग्लिश और फ्रेंच के अलावा बाकि और सब्जेक्ट्स के क्लासेस लेने शुरू कर दिए थे. उनके कैलकुलस के लेक्चरर प्रोफेसर एले (AIle) ने उनकी प्रोग्रेस स्पीड देख ली थी इसलिए वो उन्हें कभी-कभी सोल्व करने एक लिए कॉम्प्लीकेटेड प्रोब्लम्स देते थे. टेस्ला क्लास में दो घंटे एक्स्ट्रा बैठते थे.

 

वैसे तो उनका मेन फोकस इंजिनयरिंग पर था लेकिन उन्होंने बाकि और लेंगुएजेस भी सीखी. टेस्ला 9 लेंगुएजेस बोल सकते थे. उन्होंने फ्रेशमेन इयर सारे सब्जेक्ट्स में A+ से पास किया. उनके टीचर उन्हें स्पेशल अटेंशन देते थे इसलिए कई बार क्लास के कुछ स्टूडेंट्स उनसे जलते थे. एक दिन फिजिक्स की क्लास में उनके साथ एक लाइफ चेंजिंग घटना घटी.

 

एक डायरेक्ट करंट ग्रामें डाइनेमो (Cramme dynamo) पेरिस से आया. उसने अपने मॉडर्न इक्विपमेंट्स क्लास के सामने प्रेजेंट किये और एक्सप्लेन करना शुरू किया” अपने नेचुरल स्टेट में, इलेक्ट्रिसिटी आल्टरनेटिंग होती है. जैसे कोई नदी ऊपर से नीचे और फिर से ऊपर की तरफ बहती है.

 

इसलिए इलेक्ट्रीसिटी का फ्लो हर सेकंड तेज़ी से डायरेक्शन चेंज करता है और इसीलिए मशीन में कम्यूटेटर होते है. ये स्माल वायर्स की सिरीज़ है जिससे इलेक्ट्रिसिटी सिर्फ एक डायरेक्शन में फ्लो करती है. इसलिए इसे लेबल डीसी यानि डायरेक्ट करंट बोलते है. फिजिक्स्त के प्रोफेसर प्राउडली अपनी प्रेजेंटेशन दे रहे थे कि तभी टेस्ला ने हाथ उठाया और क्वेश्चन पुछा – “अगर इलेक्ट्रिसिटी को इसके नेचुरल आल्टरनेटिंग फॉर्म में यूज़ किया जाए तो क्या होगा? क्या होगा अगर हमे पता चले कि हम कम्यूटेटर की कोई ज़रूरत ही नहीं है?”

 

टेस्ला के इस तरह सवाल पूछने से प्रोफेसर का इगो हर्ट हो गया था इसलिए उन्होंने टेस्ला को रोंग प्रूव करने के लिए मशीन से कम्यूटेटर का प्लग निकाल दिया. मशीन बंद हो गयी. और उस दिन से टेस्ला एसी बनाने के पीछे पड़ गए. वो दिन रात यही सोचते रहते थे कि मोटर्स को बिना कम्यूटेटर के कैसे चलाया जाए.

 

अपने थर्ड इयर आते-आते टेस्ला बोर हो चुके थे. अब वो क्लासेस अटेंड करने के बजाये लाउन्ज में दोस्तों के साथ कार्ड्स और चेस खेलते थे. वो बिलियर्ड बड़ा अमेजिंग खेलते थे और अपनी पॉकेट मनी उसी में खर्च कर देते थे.

 

टर्म के एंड में टेस्ला ने फाइनली कॉलेज ड्राप कर दिया था. जब उन्हें फादर की डेथ हुई तो टेस्ला को मजबूरी में नौकरी ढूढनी पड़ी. और उन्हें बुडापेस्ट, हंगरी में अमेरिकन टेलीफोन एक्सचेंज में जॉब मिल गयी. यहाँ पर टेस्ला ने खम्बो पर चढ़कर लाइन्स ठीक करने का काम सीखा.

 

वो एक मैकेनिक तो थे ही साथ ही एक मैथेमेटीशियंस भी थे. टेस्ला ने इंडक्शन का कांसेप्ट सीखा जिसमे कोई एक ऑब्जेक्ट इलेक्ट्रोमेग्नेटिक चार्ज के साथ दूर से किसी दुसरे इलेक्ट्रोमेग्नेटिक ऑब्जेक्ट को कांटेक्ट किये बगैर ही इन्फ्लूएंश कर सकता है.

 

अपने फ्री टाइम में टेस्ला अन्थोनी स्ज़िगेती (Anthony Szigeti) के साथ घुमते थे, जो उनका फॉर्मर क्लासमेट था और अब वर्कमेट बन गया था. एसी पर उनका काम अभी जारी था. एसी कैसे काम करता है ये जानने के लिए टेस्ला न कई सारी डीसी मशीन्स तोड़ी और फिर से बनाई थी. इस चक्कर में वो ना ढंग से खाते थे और ना ही सोते थे.

 

फिर एक दिन, उनकी बॉडी ने गिव अप कर दिया. उनकी पूरी बॉडी बुरी तरह से अकड गयी थी और उनका सर दर्द से फटा जा रहा था. उन्हें लगा अब वो कभी ठीक नहीं हो पाएंगे. लेकिन उन्हें दोस्त स्ज़िगेती (Szigeti) उनकी हेल्प के लिए आये.

 

उन्होंने टेस्ला को एक्सरसाइज़ करने के लिए एंकरेज किया. एक दिन पार्क में वाक् करते हुए टेस्ला को एक स्ट्रोंग फीलिंग आई. उन्हें आईडिया आया कि एसी को कैसे चलाना है. उन्होंने तुरंत अपना आईडिया वही पर सेंड में एक लकड़ी से लिख दिया. टेस्ला के इस फेमस डायग्राम को मेग्नेटिक फील्ड रोटेशन कहा जाता है. डीसी में इलेक्ट्रीसिटी ट्रांसमिट करने के लिए एक सर्कट होता है.

 

एसी के लिए टेस्ला ने दो सर्कट यूज़ किये. इमेजिन करो कि रोटेटिंग सर्कल्स एक के ऊपर एक रखे है. हर सर्कल में एक दुसरे से 90 डिग्री की दूरी पर 4 मेग्नेट्स लगे है. हर एक मेग्नेट दुसरे वाले को इंडक्शन के श्रू इन्फ्लुएन्श कर रहा है. और सर्कल्स का रोटेटिंग मोशन इलेक्ट्रोन्स को घुमायेगा चाहे चार्ज नेगेटिव हो या पोजिटिव.

 

टेस्ला ने पता लगाया कि ये आईडिया हर तरह के इक्विपमेंट पर काम कर सकता है. वो अपने माइंड में मोटर्स चलते हुए देखते थे. फिर वो उसे ड्रा कर लेते और फिर अपनी नोटबुक में मैथ करते. इसी बीच, टेस्ला और स्ज़िगेती (SZigeti) दोनों को पेरिस की एडिसन लाइटनिंग कंपनी में जॉब का ऑफर मिला जिसे उन्होंने ख़ुशी-ख़ुशी एक्स्पेट कर लिया था.

 

 

टेस्ला मीट्स द विज़ार्ड ऑफ़ मेंलो पार्क (Tesla meets the Wizard of Menlo Park)

 

1880 के दौर में इनकंडेशेंट लैंप (incandescent lamp)एक रेवोल्यूशंन बनकर आये जिसे थोमस एडिसन ने इन्वेंट किया था. उसके पहले घरो में, स्ट्रीट्स में, रेलरोड्स और बाकि जगहों में गेस लैंप यूज़ होते थे. लेकिन एडिसन के इनकंडेशेंट लैम्पस (incandescent lamps ) ने अमेरिका और योरोप के लोगो की लाइफ स्टाइल इम्प्रूव कर दी थी.

 

टेस्ला यहाँ की जगमगाती सिटी लाइफ देख के हैरान था. पेरिस में टेस्ला को कॉन्टिनेंटल एडिसन कम्पनी में जॉब मिली जिसे चार्ल्स बैचलोर मैनेज करते थे. बेत्चेलोर (Batchelor ) ने टेस्ला की इनक्रेडिबल स्किल्स देख कर ही उन्हें जॉब ऑफर की थी.

 

और कुछ टाइम बाद उन्हें न्यू यॉर्क भेज दिया. टेस्ला को इवी-सुर-सीन (Ivy-sur-Seine)फैक्ट्री में रखा गया था जहाँ पर लाइट बल्ब और जेनेरेटर्सबनते थे. इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में टेस्ला की स्किल्स को यहाँ बहुत रिस्पेक्ट मिली. उन्होंने ओपेरा हाउसेस, थियेटर्स, रेलरोड स्टेशन्स और कैफे जैसी जगहों में लाईटनिंग इंस्टाल की. उन्हें काम के लिए पेरिस, बवारिया और बर्लिन भी भेजा गया था.

 

1883 में बत्चेलोर ने टेस्ला को स्ट्रासबॉर्ग प्लांट (Strasbourg plant) में इलेक्ट्रिक लैम्प्स इंस्टालेशन की देखरेख का काम सौंपा. टेस्ला जो जब भी चांस मिलता वो अपने एसी प्रोजेक्ट के एक्सपेरिमेंट में जुट जाते. ज़िद्दी (Szigeti) अब उनके असिस्टेंट बन गए थे.

 

उन्होंने एक डिस्क बनाई और उसे कोएल से कवर कर दिया. फिर उन्होंने इसे एक नीडल पर चढ़ा दिया. टेस्ला को फाइनली अपना आईडिया पूरा होता हुआ दिख रहा था. जब उन्होंने स्विच टर्न किया तो डिस्क घूम रही थी और आल्टरनेटिंग करंट जेनरेट हो रहा था.

 

1884 में टेस्ला न्यू यॉर्क पहुंचे, उस टाइम वो 28 साल के थे. उन दिनों ब्रुकलिन ब्रिज बनकर तैयार ही हुआ था और उस पर स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी को रखा गया था. तब एडिसन के लैम्प्स ने मेंलो पार्क को रोशन कर दिया था जहाँ उस टाइम पर न्यू यॉर्क के सबसे अमीर लोग के घर थे.

 

इसीलिए एडिसन को विज़ार्ड ऑफ़ मेंलो पार्क भी बोला जाता था. एडिसन ने सेन्ट्रल स्टेशन और वाल स्ट्रीट की बिल्डिंग्स को लाइट प्रोवाइड की थी. उन्होंने जाने माने बैंकर जेपी मॉर्गन के मेन्शन और ऑफिस बिल्डिंग को भी लाइट प्रोवाइड की. फाइनली टेस्ला की मुलाकत एडिसन से हुई. वो उनसे सेंट्रल स्टेशन के पास न्यू लेबोरेट्री में मिले थे. एडिसन ने उनसे पुछा कि क्या कभी तुमने इंसान का मांस खाया है.

 

ये बात उन्होंने इसलिए बोली थी क्योंकि टेस्ला का बर्थ प्लेस स्मिल्जन, ट्रांससिल्वेनिया के पास था जोकि वैम्पायर की जगह मानी जाती है. टेस्ला एडिसन को इस बात के लिए बड़ा एडमायर करते थे कि उन्होंने बिना किसी फॉर्मल एजुकेशन के इतना कुछ अचीव किया. मगर फिर जल्दी ही उन्हें विज़ार्ड ऑफ़ मेंलो पार्क की कमजोरी पता चली. एडिसन एक्सपेरिमेंट्स करते वक्त बहुत से ट्रायल करते थे और उनसे गलतियाँ भी बहुत होती थी.

 

इस वजह से उनका काफी टाइम और एफोर्ट्स वेस्ट होता था. टेस्ला ने सोचा कि एडिसन ने भी उनकी तरह ही सेम एजुकेशन ली है तो उन्हें अपने इन्वेंशन ईजिली कर लेने चाहिए थे.

 

अगर वो कुछ केलकुलेश्न्स और फिजिक्स की थ्योरीज यूज़ कर लेते तो वो शायद इतनी मिस्टेक्स नहीं करते जो उन्होंने की थी. ऐसा लगता था जैसे वो घास के ढेर में सुई ढूढ़ रहे हो. एडिसन ने इतने सक्सेसफुल इन्वेंशन किये थे, ये बात टेस्ला को किसी चमत्कार से कम नहीं लग रही थी. खैर, टेस्ला न्यू यॉर्क में अपना लैम्प्स इंस्टालिंग और डीसी जेनरेटर फिक्स करने के काम करते रहे.

 

उन्होंने रेगुलेटर्स, आर्क लैम्प्स और कम्यूटेटर्स में कुछ इम्प्रूव्मेंट्स किये थे इसलिए उन्होंने अपना ये वर्क पेटेंट करा लिया था. वो अपना इंडक्शन एसी मोटर का आईडिया लेकर एडिसन को बेचने गए लेकिन उन्होंने रिजेक्ट कर दिया. एडिसन ने टेस्ला को कुछ इम्पोर्टेट इक्विपमेंट्स की रीडिजाईनिंग के लिए $50,000 देने का प्रोमिस किया था.

 

टेस्ला ने रीडिजाईनिंग का काम फिनिश करने के बाद अपनी पेमेंट मांगी तो एडिसन हँसने लगे. उस ओल्ड विज़ार्ड ने कहा” तुम अभी भी एक पेरिसियन ही हो, तुम कभी भी अमेरिकन जोक एप्रीशिएट नहीं कर सकते”. टेस्ला ने कंपनी छोड़ दी और वहां से चले आये.

 

 

लिबर्टी स्ट्रीट (Liberty Street)

 

टेस्ला दो बिजनेसमेन से मिले जिन्होंने उन्हें धोखा दिया था. ये दोनों थे रोबर्ट लेन और बीए वेळ. दोनों टेस्ला के पास न्यू जर्सी, राहवे में एक लाईटनिंग और मेन्यूफेक्चरिंग कंपनी खोलने का प्रोपोजल लेकर आये थे. प्रोपोजल ये था कि कंपनी में टेस्ला का नाम यूज़ होगा और स्टॉक्स में उनका भी हिस्सा होगा.

 

और सबसे इम्पोर्टेट कि टेस्ला इसीलिए एग्री हुए थे क्योंकि दोनों ने प्रोमिस किया था कि वो प्रोजेक्ट के बाद उनका एसी मोटर डेवलप करेंगे. और इस तरह टेस्ला बड़ी मेहनत से राहवे टाउन की आर्क लाईटनिंग सिस्टम इंस्टाल करने के काम में जुट गए.

 

उन्हें वहां कुछ मंथ्स स्टे भी करना पड़ा. टेस्ला ने वहां की कुछ फैक्टरीज में और ऑलमोस्ट हर स्ट्रीट में लाइट इंस्टाल की. उनकी ब्रिलिएंट इंजीनियरिंग की खूब तारीफ हुई और इसे इलेक्ट्रिक रिव्यू मैगजीन में भी छापा गया था. इसमें टेस्ला लाईटनिंग एंड मेन्यूफेक्चरिंग कंपनी का एडवरटाइज भी था. मगर हुआ ये कि प्रोजेक्ट के खत्म होते ही लें और वेळ ने उन्हें कंपनी से बाहर निकाल दिया.

 

उन्होंने टेस्ला से झूठा प्रोमिस किया था कि वो उनके एसी मोटर में इंटरेस्टेड है लेकिन एक्चुअल में उन्होंने टेस्ला से पूरे टाउन की लाईटनिंग करवाने बाद उनसे पीछा छुड़ा लिया था. टेस्ला के पास एक पैसा नही था. उन्हें मशीन बनाने से ही फुर्सत नही थी कि वो कभी पैसे या फाईनेंशियल सिक्योरिटी के बारे में सोच पाते. मजबूरी में उन्हें डिच डिगर बनना पड़ा.

 

डीच फॉरमेन उस वक्त हैरान रह गया जब एक इंटेलीजेंट दिखने वाला, वेल ड्रेस्ड आदमी उसके पास काम मांगने आया. खैर, उसने टेस्ला को काम पे रख लिया और काम खत्म होने पर $2.00 दिए. लेकिन उस फोरमेन को टेस्ला का टेलेंट दिख रहा था इसीलिए वो उन्हें कंपनी इंजीनियर अल्फ्रेड ब्राउन के पास लेकर गया.

 

दरअसल ब्राउन ने टेस्ला के लाईटनिंग प्रोजेक्ट के बारे में पढ़ा था. वो उनसे काफी इम्प्रेस्ड था. डीसी यूज़ करने के डिसएडवांटेजेस के बारे में ब्राउन भी जानता था. क्योंकि डायरेक्ट करंट एनेर्जी एफिशिएंट नहीं होती है. इससे अक्सर स्पार्क्स और शोर्ट सर्कट होता था.

 

ब्राउन को टेस्ला के एसी मोटर्स में पोटेंशियल दिख रही थी इसलिए उसने लॉयर चार्ल्स पेक से हेल्प करने को बोला. लेकिन टेस्ला ने चार्ल्स पेक को अपने प्रोजेक्ट में पैसे लगाने के लिए कैसे मना लिया?

 

एक्चुअल में टेस्ला ने लॉयर को” एग ऑफ़ कोलंबस” के बारे में बताया. बात ये थी कि क्रिस्टोफर कोलंबस के बारे में एक मिथ स्टोरी थी कि एक बार उन्होंने अपने क्रिटिक्स को चेलेंज किया कि वो अंडे को बिना किसी सपोर्ट के खड़ा करके दिखाए. उनके क्रिटिक्स ने बड़ी कोशिश की लेकिन हार गए. तब कोलंबस ने अंडे के बोटम में काफी छोटा सा क्रेक किया और उसे स्ट्रेट खड़ा करके दिखा दिया.

 

और जब उन्हें क्वीन इजाबेला ऑफ़ स्पेन ने अपने दरबार में ये करतब दिखाने के लिए बुलाया तो कोलंबस इस शर्त पर माने कि उन्हें अटलांटिक क्रोस करने के लिए फंड प्रोवाइड किया जाए. टेस्ला ने पेक से पुछा क्या भी उन्हें ऐसे हेल्प करेंगे जैसे क्वीन इजाबेला ने कोलंबस को हेल्प दी थी. इस पर पेक ने कहा कि उनके पास इतना बड़ा खजाना तो नहीं है लेकिन हाँ वो कुछ लोगो को फोन करके हेल्प मांग सकते है.

 

पेक के साथ मीटिंग के बाद टेस्ला ने एक अंडा बॉईल किया और लुहार के पास गए. उन्होंने उससे एक ब्रास और आयरन का एग बनाने को बोला. अपनी लैब में वापस आकर उन्होंने एसी पोलीफेज सर्कट को एक सर्कल के साथ जोड़ा. टेस्ला ने मेटल का अंडा सेंटर में रखा और इलेक्ट्रीसिटी टर्न कर दी. अंडा घूमने लगा.

 

पहले ये घूमता रहा लेकिन जब रोटेशन ने स्पीड पकड़ी तो अंडा स्ट्रेट खड़ा हो गया. इस तरह उन्होंने पेक को रोटेटिंग मेग्नेटिक फील्ड का डेमो दिया. और इस आईडिया के साथ टेस्ला, ब्राउन और पेक ने मिलकर टेस्ला इलेक्ट्रिक कंपनी खोली. उन्होंने 89 लिबर्टी स्ट्रीट में अपनी लेबोरेट्री सेट अप की.

 

टेस्ला ने अपने पेटेंट्स ब्राउन और पेक के साथ बराबर शेयर किये जो उन्होंने अपने एसी डाइनेमो, मोटर्स, कम्यूटेटर्स पॉवर ट्रांसमिशन्स और कई और इन्वेंश्स के लिए किये गए थे. तब टेस्ला अपने करियर के पीक पर थे.

 

15 सालो तक वो लगातार कई अमेजिंग चीज़े बनाते रहे और कई पेटेंट्स अपने नाम किये. वो दिन-रात काम में डूबे रहते थे. उन्होंने एसी सिस्टम सिंगल फेज, टू फेज़ और श्री फेज़ में कम्प्लीट किया. उन्होंने फोर फेज़ और सिक्स फेज़ करंट पर भी एक्सपेरिमेंट किया. फिर उनके लॉन्ग टाइम फ्रेंड स्ज़िगेती (Szigeti )उनसे मिलने न्यू यॉर्क आये तो उनके असिस्टेंट बन गए.

 

टेस्ला एक डिज़ाइनर थे. ब्राउन टेक्निकल एक्सपर्ट और स्ज़िगेती असिस्टेंट. तीनो ने मिलकर टेस्ला का फर्स्ट एसी इंडक्शन मोटर्स मेन्यूफेक्चर बनाया. और इस दौरान पेक फंड जमा करने के लिए बैंकर्स और इन्वेस्टर्स ढूंढ रहे थे.

 

टी सी मार्टिन, इलेक्ट्रिक रिव्यू के एडिटर ने उनका लैब विजिट किया. टेस्ला के वर्क स्किल और परफेक्शन लेवल देखकर इस बार भी वो बड़े इम्प्रेस थे. मार्टिन ने टेस्ला को अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिक इंजीनियर्स यानी एआईईई में लेक्चर देने के लिए कन्विंस कर लिया था.

 

मई, 1888, टेस्ला ने “अ न्यू आल्टरनेटिंग करंट मोटर” पर अपनी स्पीच दी और रातोरात फेमस हो गए. उन्होंने अनाउंस किया कि एसी सिस्टम बिना शोर्ट सर्कट के काम करता है. इलेक्ट्रिक पोस्ट्स के इंटरवल को डीटरमाइन करने के लिए मैथमेटिकल इक्वेशन की जा सकती है.

 

उनके एफिशिएंट एसी इंडक्शन मोटर्स से इलेक्ट्रिसिटी को एक सिगल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से कई मील दूर ट्रांसमिट किया जा सकता है. ऐसा पहली बार हो रहा था कि जब इलेक्ट्रीसिटी को लाईटनिंग के अलावा होम एपलाएंस और फैक्टरीज में मशीन्स के लिए भी यूज़ किया जा रहा था. टेस्ला के सिस्टम को एक्सपर्ट्स ने भी प्रूव किया. उनके फेमस लेक्चर ने ज्योर्ज वेस्टिंगहॉउस जैसे बिजनेसमेन मेग्नेट भी इम्प्रेस्ड थे.

 

वेस्टिंगहॉउस का पिट्सबर्ग में बहुत बड़ी इलेक्ट्रिक कम्पनी थी. वो खुद एक टेलेंटेड इंजीनियर, इन्वेंटर और बिजनेसमैन थे. वेस्टिंगहाउस ने अपनी कंपनी की सेल्स सिर्फ एक साल के अंदर चौगुनी कर दी थी. वो कुछ टाइम से एसी इंडक्शन मोटर्स ढूंढ रहे थे. उनके पास कुछ प्रोस्पेक्ट्स तो थे लेकिन वो उतने सेटिसफाई नहीं हो पा रहे थे.

 

वेस्टिंगहॉउस ने अपने एक रीप्रेजेंटेटिव को लिबर्टी स्ट्रीट टेस्ला लैब भेजा. उन्होंने कुछ स्पेशलिस्ट से भी कंसल्ट किया. बाद में टेस्ला की परफेक्शन और उनके इंडक्शन मोटर की ग्रेट पोटेंशियल ने उन्हें कन्विंस कर लिया था. लेकिन उन्हें जल्दी ही कोई डिसीजन लेना था इससे पहले कि कोई और इन्वेस्टर टेस्ला के एसी पेटेंट को अपने अंडर लेता.

 

 

इंडक्शन एट पिट्सबर्ग (Induction at Pittsburgh)

 

जुलाई 1888 में टेस्ला फाइनली वेस्टिंगहाउस से मिले. उनके बीच ये एग्रीमेंट हुआ कि टेस्ला को $5,000 कैश, हर 6 महीने तक $20,000 नोट्स और पर वाट $2.50 पेटेंट रोएलिटी के लिए मिलेंगे.

 

और अगर टेस्ला एक साल तक वेस्टिंगहाउस को अपने पेटेंट्स देते है तो उन्हें $5,000 मिलेंगे. दुसरे साल में उन्हें $10,000 और उसके बाद $15,000 मिलेंगे. टेस्ला ने डिसाइड कर लिया था कि वो कंसलटेंट के तौर पर पिट्सबर्ग जायेंगे. उन्होंने एसी इंडक्शन मोटर डेवलप करने के लिए वेस्टिंगहाउस के इंजीनियर्स के साथ एक टीम बनाई.

 

इसके लिए टेस्ला ने कोई प्रोफेशनल फीस नहीं ली, बस अपनी रोयेलिटी पे लेते रहे. वो वही पिट्सबर्ग के एक होटल मे रहने लगे. लेकिन वेस्टिंगहाउस में टेस्ला सिर्फ एक साल तक ही रहे क्योंकि बिजनेस में काफी कॉम्पटीशंन आ चूका था. थोमस एडिसन अभी भी डीसी यूज़ कर रहे थे हालाँकि ये एक डिस्टेंट से पॉवर ट्रांसमिट नहीं कर सकता था और ना ही कम्यूटेटर के बगैर चल सकता था.

 

और ऊपर से मार्किट में बने रहने के लिए उन्होंने वेस्टिंगहॉउस, टेस्ला और एसी मोटर्स के खिलाफ बेड पब्लिसिटी शुरू कर दी थी. एच पी ब्राउन नाम के एक इंजीनियर एडिसन के फ्रेंड थे. ब्राउन के कई कलीग्स की डीसी प्रोजेक्ट्स में काम करते हुए करंट लगने से डेथ हुई थी. इसलिए ब्राउन अपने एक्सपेरिमेंट्स में एनिमल्स यूज़ करना चाहते थे.

 

एडिसन ने अपने मेंलो पार्क में ब्राउन का वेलकम किया. ब्राउन ने इलेक्ट्रिक चेयर्स बनाई और उसे $1,600 पर पीस के हिसाब से बेच दिया. उन्होंने डॉग्स के एक्सपेरिमेंट करते हुए उन्हें खूब टॉर्चर किया था.

 

300 वोल्ट में डॉग डर के मारे भौंकने लगता था, 700 में डॉग खुद को छुड़ाने के लिए स्ट्रगल करता और 1000 वोल्टस में डॉग की बॉडी दर्द से तडफ उठती. ब्राउन फिर एसी में शिफ्ट करते थे और सिर्फ 300 वोल्टस में ही बेचारे कुत्ते की डेथ हो जाती थी.

 

विलियम केम्म्लेर नाम के एक गैंगस्टर का कैपिटल पनिशमेंट ब्राउन के इलेक्ट्रिक चेयर के लिए एक टेस्ट केस बन गया था जिसने कुल्हाड़ी से अपनी गर्लफ्रेंड का मर्डर किया था.

 

एक्जीक्यूशन वाले दिन जब उसे चेयर पर बैठाया गया तो केम्म्लेर के मुंह से झाग निकला और उसकी बॉडी बहुत जोर-जोर से हिलने लगी. देखने वाले हैरान रह गए. ब्राउन ने इलेक्ट्रिक चेयर पर एसी यूज़ किया था. एडिसन ने केम्म्लेर का केस यूज़ करते हुए एसी कंडेम के लिए 24 डॉग्स को टॉर्चर किया और बाद में ये स्टेटमेंट दिया कि ये वेस्टिंगहाउस की टेक्नोलोजी है जिससे दर्दनाक मौत होती है.

 

उनके इस स्टेटमेंट की वजह से वेस्टिंगहॉउस की रेपुटेशन के साथ-साथ उनके स्टॉक और सेल्स भी डाउन हो गए. वेस्टिंगहाउस का बिजनेस ठप पड़ गया था. उन्होंने टेस्ला से एग्रीमेंट में से $2.50 रोयेलिटी हटाने के लिए पुछा. टेस्ला इस शर्त पर मान गए कि उनके एसी इंडक्शन मोटर्स का डेवलपमेंट कंटीन्यू रहेगा.

 

लेकिन वेस्टिंगहाउस की हालत काफी खराब चल रही थी. उनके इन्वेस्टर्स उन्हें कंपनी के प्रेजिडेंट पोस्ट से हटाने की धमकी दे रहे थे. उन्होंने टेस्ला से कहा कि वो उनके ऑपरेशन को अब और सपोर्ट नही कर पाएंगे. आखिरकार एसी इंडक्शन मोटर्स का काम रोक दिया गया. टेस्ला वापस न्यू यॉर्क चले गये.

 

खुद उनकी वेस्टिंगहॉउस के इंजीनियर्स के साथ प्रोब्लम चल रही थी क्योंकि वो एसी को ज्यादा कॉम्पेटीबल बनाने के लिए लो फ्रीक्वेंसी सजेस्ट कर रहे थे. पिट्सबर्ग में उनके असिस्टेंट चार्ल्स स्कॉट को छोडकर उनका कोई फ्रेंड नहीं था.

 

दो साल तक खाली बैठने के बाद वेस्टिंगहाउस के इंजीनियर्स ने फिर से एक बार टेस्ला का एसी ऑपरेशंस का काम हाथ में लिया. उनमे से एक बेंजामिन लम्मे थे जो क्लेम करते थे कि लो फ्रीक्वेंसी उनका आईडिया था. कुछ रीडर्स समझते है कि लेम्मे एक जीनियस है जिन्होंने वेस्टिंगहाउस की एफिशिएंट मशीन्स बनाई थी.

 

लेकिन ये सच नहीं है. उस टाइम पर बहुत से इंजीनियर्स एफिशिएंट एसी इंडक्शन मोटर्स बनाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन सिर्फ टेस्ला को सक्सेस मिली. पूरे योरोप और अमेरिका के इंजीनियर्स ने उनका ही मैकेनिज्म कॉपी किया था.

 

 

साउथ फिफ्थ एवेन्यू (South Fifth Avenue)

 

टेस्ला की लाइफ में कई और एक्साईटिंग चीज़े होने जा रही थी. 1899 में उन्होंने न्यू यॉर्क में अपनी नई लेबोरेट्री खोली. ये जगह साऊथ फिफ्थ एवेन्यू में थी जिसे वेस्ट ब्रॉडवे के नाम से जाना जाता था. उन्होंने 6 स्टोरी बिल्डिंग का पूरा 4थ फ्लोर ले रखा था.

 

और वो खुद एस्टर होटल में शिफ्ट हो गए थे जो उनका नया रेजिडेंस था. अब वो एक जीनियस इंवेटर माने जाते थे, न्यू एलीट सोसाइटी के मेंबर, वो सर्बिया और क्रोटीया में भी पोपुलर हो चुके थे.

 

उनके कंट्रीमेन उन पर बड़ा प्राउड फील करते थे. वो अक्सर योरोप में अपनी सिस्टर्स और अंकल्स को लैटर्स लिखते और पैसे भेजते थे. पिट्सबर्ग से वापस आकर उन्होंने कई और प्रोजेक्ट्स पर काम किया था.

 

उन्होंने इलेक्ट्रोमेग्नेटिज्म और लाइट के बारे में भी स्टडी की. उन्होंने ऐसी मशीन्स बनाई जो डीसी को एसी में ट्रांसफॉर्म करती थी और एसी को डीसी में. उन्होंने हाई फ्रीक्वेंसी और हाई वोल्टेज जेनरेट करने के लिए टूल्स भी बनाये.

 

सबसे इम्पोर्टेट बात ये कि उन्होंने वायरलेस कम्यूनिकेशन का आईडिया एक्सप्लोर किया था. जैसा कि उनकी आदत थी, टेस्ला 24/7 काम करते रहते थे. वो होटल सिर्फ शावर लेने के लिए और ज़रूरी मीटिंग्स अटेंड करने जाते थे. उनके पार्टनर्स पेक और ब्राउन लिबर्टी स्ट्रीट की लैब में ही रहते थे.

 

ज्यादातर टेस्ला अकेले ही काम करना पसंद करते थे या फिर कभी-कभी अपने दो असिस्टेंट्स की हेल्प ले लेते. उन्हें लेट नाईट काम करना पसंद था क्योंकि उस टाइम उन्हें कोई डिस्टर्ब नहीं करता था. 1890 में टेस्ला अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिक इंजीनियर्स के वाईस प्रेसिडेंट बने. इलेक्ट्रिक वर्ल्ड मैग्जीज़ के फुल पेज पर उनकी पिक्चर छपी थी. अपने जैसे कई और इन्टलेक्चुअल्स से भी उनकी फ्रेंडशिप थी..

 

 

द रोयेल सोसाईटी (The Royal Society)

 

1891, में टेस्ला ने मैकेनिकल ओस्सिल्लाटर (mechanical oscillator) को पेटेंट किया. ये एक मल्टीपर्पज मशीन थी. ये करंट को एक स्मूथ और लगातार तरीके से जेनरेट करती थी. टेस्ला की ओस्सिल्लाटर (oscillator)में कई मिलियन वोल्टस जेनेरेट करने की कैपेसिटी थी और इसकी फ्रीक्वेंसी में मनमुताबिक चेंज लाया जा सकता था. उसी साल, टेस्ला की इलेक्ट्रोन्स की डिस्कवरी करने वाले ब्रिटिश साइंटिस्ट जेजे थोम्प्सन से भी फ्रेंडशिप हुई.

 

टेस्ला ने एक कंडेंसर, एक इलेक्ट्रिक मीटर और इनकंडेशेंट लाइटिंग के टूल्स भी पेटेंट किये. इंस्टीट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स में स्पीच देने के लिए वो लंदन भी गए., टेस्ला के लेक्चर का टाईटल था “एक्सपेरिमेंट्स विथ आल्टरनेट करंटस ऑफ़ हाई पोटेंशियल एंड हाई फ्रीक्वेंसी”. इस स्पीच को कई जाने माने लोगो ने सुना जिनमे जेजे थोम्प्सन भी थे, सब लोग टेस्ला के अमेजिंग आईडियाज से इम्प्रेस्ड थे.

 

“स्टडी के लिए आल्टरनेटिंग करंट से भी ज्यादा कोई इंट्रेस्टिंग चीज़ है क्या ? ये एनर्जी मैकेनिकल, लाईट, हीट और यहाँ तक कि केमिकल एनर्जी किसी का भी फॉर्म ले सकती है. टेस्ला अपने ऑडिएंस को बता कर रहे थे. फिर वो अपने टेस्ला कोएल पर आ गए. इसमें से इलेक्ट्रिसिटी किसी थंडरबोल्ट्स की तरह निकल रही थी.

 

वो कई देर तक लोगो को अपने मैजिक ट्रिक्स दिखाते रहे. टेस्ला एनर्जी के वायरलेस ट्रांसमिशन में परफेक्ट थे. उनके कोएल से स्टेज पर बिना किसी वायरिंग के ही लैंप उठे थे. और उन्होंने डिफरेंट कलर के फोस्फोरेसेंट लाइट भी डिस्पले की.

 

उसके बाद टेस्ला ने कोएल से कनेक्टेड एक वायर उठाई. अपने दुसरे हाथ से उन्होंने एक ग्लास ट्यूब पकड़ा था. टेस्ला के टच करते है ग्लास ट्यूब जलने लगा. वायर की इलेक्ट्रीसिटी ने उनकी बॉडी से होते हुए उनके हाथ के ग्लास ट्यूब को जला दिया था.

 

उन्होंने ऐसे कई और अमेजिंग एक्सपेरिमेंट्स दिखाकर लोगो को इम्प्रेस्ड कर दिया था. टेस्ला ने ये कहते हुए अपना लेक्चर खत्म किया कि वायरलेस कम्यूनिकेशन में उनका काम जल्दी ही पूरा होने वाला है जिसके बाद लोग अटलांटिक के पार भी कम्यूनिकेशंन कर पायेंगे.

 

उनके इन्वेंशन मैसेजेस को मोर्स कोड या ब्लिंक्स ऑफ़ लाइट में ट्रांसमिट करके अमेरिका से योरोप पहुंचा सकेंगे. टेस्ला ने ब्रिटेन की रोयेल सोसाइटी में जितने भी एक्सपेरीमेंट्स किये थे वो सबके लिए एकदम नए थे जो उन्होंने कभी अमेरिका में शो नहीं किये थे. उनके ऑडियंस उनके साथ कुछ और वक्त बिताना चाहते थे इसलिए टेस्ला ने एक सप्लीमेंट्री लेक्चर एड कर दिया.

 

ऑडियंस में से कुछ लोगो ने पुछा कि वो अपनी बॉडी में इतना करंट कैसे झेल गए. टेस्ला ने एक्सप्लेन किया कि उन्होंने करंट की सिर्फ फ्रीक्वेंसी इनक्रीज की है नाकि पॉवर या एम्पलीट्यूड. अपनी बात प्रूव करने के लिए उन्होंने मशीन को कुछ टेन थाऊजेंड वोल्टस पर सेट किया, एक हाथ से वायर को टच किया और दुसरे में दो फ्लुरोसेंट ट्यूब्स पकड़ी. ट्यूब्स में लाईट जलने लगी…

 

“जैसा कि आप देख सकते हो, मै जिंदा हूँ” टेस्ला ने कहा. किसी ने पुछा क्या आपको पेन हो रहा है तो टेस्ला ने कहा उन्हें अपने हाथ में स्पार्क फील हो रहा है. कभी इससे थोड़ी स्किन जल या छिल जाती है लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं और अगर वो अपने हाथ में कोई छोटा कंडक्टर पकड ले तो ये भी नहीं होगा. लंदन में अपने उस लेक्चर के बाद, टेस्ला पेरिस गए और वहां भी अपने एक्सपेरीमेंट्स दिखाए.

 

फ्रेंच पेपर्स ने उनकी स्किल्स की खूब तारीफ़ की थी. वहां वो कुछ इम्पोर्टेंट लोगो से भी मिले जैसे कि प्रिंस अल्बर्ट ऑफ़ बेल्जियम. टेस्ला को अपने घर क्रोटीया भी जाना पड़ा क्योंकि उनकी मदर की डेथ हो गयी थी. वो अपनी सिस्टर और अंकल से भी मिलने गए. उन्होंने ज़ाग्रेब यूनिवरसिटी में एक लेक्चर भी दिया.

 

फिर वो बुडापेस्ट, बेलग्रेड, बर्लिन और बॉन गए. बेलग्रेड, सर्बिया में वो यंग किंग अलेक्जेंडर से मिले. टेस्ला को ग्रांड ऑफिसर ऑफ़ द आर्डर ऑफ़ सेंट. सावा के स्पेशल टाईटल से भी नवाज़ा गया.

 

 

फादर ऑफ़ द वायरलेस ( Father of the Wireless)

 

मेडीसन स्कवेयर गार्डन जोकि उन्ही दिनों बना था, उसके पास ही एक होटल गेल्लाच टेस्ला का नया ठिकाना था. गेलाच में एक एलीवेटर लगा था. इसमें इलेक्ट्रिक लाईटनिंग लगी थी और ग्रांड डाइनिंग रूम्स थे.

 

हर रोज़ टेस्ला होटल से साउथ फिफ्थ एवेन्यू की अपनी लेबोरेट्री तक पैदल जाया करते थे. उन्हें रोयेल सोसाइटी ऑफ़ ग्रेट ब्रिटेन का एक ऑफिशियल मेंबर बनाया गया था और अब तो वो एक सेलेब्रिटी भी बन चुके थे.

 

वो जहाँ भी जाते लोग उन्हें पहचानते थे. एक दिन ग्रेट ज्योर्ज वेस्टिंगहॉउस उनसे मिलने आये. वो टेस्ला से एसी सिस्टम के बारे में बात करने आये थे और उन्होंने टेस्ला को कोलम्बियन एक्सपोजीशन के बारे में भी बताया. वेस्टिंगहॉउस को इस पूरे इवेंट की लाइटिंग करने की अपोरच्यूनिटी मिली थी.

 

उन्होंने टेस्ला से रिक्वेस्ट की कि वो इस अरेंजमेंट को सेट करने में उनके कंपनी इंजीनियर्स की हेल्प करे. वेस्टिंगहाउस अभी भी एसी सिस्टम को लेकर डाउट में थे. लेकिन टेस्ला ने उन्हें अश्योर किया कि एसी परफेक्टली और ज्यादा एफिशिएंटली काम करता है चाहे इसमें ब्रुशेस या कम्यूटेटर्स ना लगे हो तब भी.

 

टेस्ला ने एक बार फिर वेस्टिंगहाउस के इंजीनियर्स स्कॉट, स्च्मिड और लेम्मे के साथ मिलकर टीम बनाई. उन्होंने वेस्टिंगहॉउस के लिए न्यू मशीन्स क्रियेट करने में हेल्प की जिसमे एक लार्ज डाइनेमो भी शामिल था.

 

बदले में इंजीनियर्स ने उनके साथ मिलकर टेस्ला का एक्ज़िबिट बिल्ड किया जिसमे वेस्टिंगहाउस का बैनर लगा था. टेस्ला को कंपनी के साथ फिर से काम करके अच्छा लग रहा था. कॉम्पटीटर्स कंपनी को रोयेलिटी दिए बिना कहीं टेस्ला की टेक्नोलोजी यूज़ ना कर ले इसलिए ज्योर्ज वेस्टिंगहाउस ने टेस्ला को एसी पोलीफेज़ सिस्टम का सोल इन्वेंटर डिक्लेयर कर दिया.

 

उसने अनाउंस किया कि उसकी कंपनी के पास टेस्ला के एसी इन्वेंशंस को रीप्रोड्यूस और सेल करने का एक्सक्ल्यूसिव राईट है. उसने अपना इंटेंशन भी एक्सप्रेस किया कि वो टेस्ला की टेक्नोलोजी को वाटरफाल्स की हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर को हार्नेस करने के लिए यूज़ करना चाहते है.

 

वेस्टिंगहाउस ने सारे इलेक्ट्रिक मैगजींस में ये बात छपवा दी थी. इनफेक्ट आने वाले टाइम में नियाग्रा फाल्स हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर का सेंटर बना और ये सब टेस्ला के इन्वेंशन की वजह से ही पॉसिबल हो पाया था.. थोमस एडिसन ने भी नियाग्रा फाल्स प्रोजेक्ट के लिए बिड लगाईं थी.

 

लेकिन उनकी डीसी से चलने वाली वाटरव्हील्स बिना किसी नजदीकी पॉवर सोर्स के नहीं चल सकती थी. नियाग्रा फाल्स पर आज भी टेस्ला का स्टेच्यू लगा है.

 

 

लूज़ एंड्स (Loose Ends)

 

एक यंग इंजीनियर ने टेस्ला को एटलान्टिक के पार वायरलेस कम्यूनिकेशन ट्रांसमिट कराने में हरा दिया था. 1899 में इटेलियन इन्वेंटर गुग्लिएल्मो मार्कोनी (Guglielmo Marconi) ने लैटर एस को मोर्स कोड में डॉट टू डॉट के रूप में ट्रांसमिट कर दिखाया था. जो लाईट मार्कोनी ने अपने डिवाइस से शो की थी उसने पूरे अमेरिका और योरोप को रोशन कर दिया था. टेस्ला वायरलेस कम्यूनिकेशन से बुरी तरह ओब्सेस्ड थे.

 

उन्होंने अपना गोल बना लिया था कि वो ना सिर्फ एटलान्टिक बल्कि पूरी दुनिया में वायरलेस कम्यूनिकेशन ला कर रहेंगे. जाने माने बैंकर जेपी मोर्गन की हेल्प से उन्होंने लॉन्ग आईलैंड में वार्डनक्लिफ टावर खड़ा कर दिया था. ये आज के सेलफोन टावर से मिलता जुलता था.

 

टेस्ला ने वार्डनक्लिफ टावर पर अपना सारा पैसा इन्वेस्ट कर दिया था. इस चक्कर में उनकी सारी प्रॉपर्टी और पैसे का लोस हुआ. मार्कोनी की सक्सेस के साथ टेस्ला ने जेपी मॉर्गन का सपोर्ट भी खो दिया था. टेस्ला अपनी पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन अभी तक उन्हें सक्सेस नहीं मिल पाई थी. ऐसा कहा जाता है कि टेस्ला को इस वजह से नर्वस ब्रेक डाउन भी हुआ था.

 

अपने बुढापे में टेस्ला रोज़ पार्क में जाकर कबूतरो को दाना खिलाया करते थे. कई बार तो ये बर्ड्स उनके होटल रूम की विंडो तक आ जाती थी. ख़ासकर वो एक सफेद कबूतर के बड़े दीवाने थे जिसके पंखो की किनारे ब्लैक कलर के थे. टेस्ला ने लिखा था कि उन्हें वो कबूतर इतना प्यारा लगता था जैसे किसी आदमी को कोई औरत. लेकिन उनकी रियल लाइफ में कभी कोई रोमांटिक स्टोरी नहीं रही. उनके कोई बच्चे भी नहीं थे.

 

टेस्ला कहते थे कि सेक्सुअल डिजायर ना होने की वजह से ही शायद वो अपने काम में फोकस कर पाए. “जब वो कबूतर मरा तो मुझे लगा कि मेरी लाइफ से कोई चला गया है. और मुझे पता चल गया कि मेरी लाइफ का मकसद अब पूरा हो चूका है”. और वाकई में कुछ मंथ्स बाद ही निकोला टेस्ला की डेथ हो गयी. वो 86 साल के थे. एक आदमी को उनकी बॉडी होटल के रूम में मिली.

 

एक्जामिनर ने बताया कि उनकी मौत कोरोनरी थ्रोमबोसिस की वजह से हुई थी जोकि हार्ट में ब्लड क्लॉट होता है. इनकी डेथ की खबर सुनकर फर्स्ट लेडी एलॅनोर रूज़वेल्ट ने लिखा था” प्रेजिडेंट और मै मिस्टर निकोला टेस्ला की मौत से बड़े दुखी है. उन्होंने साइंस, इंडस्ट्री और इस कंट्री के लिए जो कंट्रीब्यूशन दिया है उसे हम कभी भुला नहीं सकते”. करीब 2000 लोगो ने टेस्ला की फ्यूनरल सर्विस अटेंड की थी.

 

 

द विज़ार्ड’स लेगेसी (The Wizard’s Legacy)

 

1956 में टेस्ला की 100थ डेथ एनिवरसरी मनाने के लिए एक सेलिब्रेशन रखा गया था. नोबेल लौरेट निएल्स बोह्र की स्पीच इस इवेंट का हाईलाइट थी. बोह्र एक डेनिश फिजिसिस्ट थे जिन्होंने क्वांटम मैकेनिक्स डिस्कवर किया था.

 

यूगोस्लाविया में पोस्टल ऑफिस ने एक कॉम्मेमोरेटिव टेस्ला स्टाम्प (commemorative Tesla stamp.) रिलीज़ किया. इसके अलावा वहां की गवर्नमेंट में टेस्ला की फोटो अपने 100 दीनार के बिल पर भी रखी. वियेना और ज़ाग्रेब में टेस्ला का स्टेच्यू लगाया गया.

 

इलेइनोएस (Illinois, ) में भी टेस्ला के नाम पर एक स्कूल है. म्यूनिख में मेग्नेटिक इन्फ्लुक्स इंटेंसिसिटी यूनिट का नाम टेस्ला है जोकि इंस्टीट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिकल कमिटी ने अप्रूव किया था. 1976 में नियाग्रा फाल्स पर टेस्ला स्टेच्यू लगाया गया जिसे यूगोस्लाविया ने गिफ्ट किया था.

 

सेम इसी तरह का एक स्टेच्यू क्रोटीया में गोस्पिक के विलेज स्कवेयर पर भी लगाया गया जहाँ टेस्ला पैदा हुए थे और उनका बचपना गुज़रा था. बोस्टन के म्यूज़ियम ऑफ़ साइंस में एक बड़ा टेस्ला कोएल डिसप्ले में रखा हुआ है.

 

न्यू यॉर्क में टेस्ला मेमोरियल सोसाइटी और इंटरनेशल टेस्ला सोसाईटी बनाई गयी है. टेस्ला की राख एक गोल्ड प्लेटेड राउंड शेप के अर्न में रखी गयी है. और इसे बेलग्रेड, सर्बिया में निकोला टेस्ला म्यूज़ियम में डिसप्ले में रखा गया है.

 

 

Conclusion –

 

आपने इस बुक समरी में निकोला टेस्ला के बारे में जाना. आल्टरनेटिंग करंट और मेग्नेटिक फिल्ड रोटेशन के बारे में भी जाना. आपने उसमे थोमस एडिसन, ज्योर्ज वेटिंगहॉउस, डायरेक्ट करंट और मैकेनिकल ओस्सिल्टर्स के बारे में जाना. हमने इस बुक में आपको एग ऑफ़ कोलम्बस और वायरलेस कम्यूनिकेशन की भी इन्फोर्मेशन दी. ऐसा क्या था जो टेस्ला एक के बाद एक इलेक्ट्रिकल टूल्स बनाने में रात दिन लगे रहते ?

 

वो कहते थे कि उनका अल्टीमेट गोल है कि वो ह्यूमंस के लिए फिजिकल लेबर कम करना चाहते है ताकि वो ज्यादा फोकस बाकि क्रिएटिव चीजों में लगा सके. वो हम सबको बेसिक टास्क के बोझ से बचना चाहते थे ताकि हम लोग इन्टेलेक्चुअल एक्टिविटीज़ पाए. आप अपनी इलक्ट्रोनिक मशीन से क्या करते है? या आप अपने खाली टाइम में क्या करना पसंद करते है?

 

अगली बार जब आप वाशिंग मशीन या एलिवेटर यूज़ करे तो अपने आप से पूछे. क्या आप टेस्ला का विजन पूरा कर रहे है? क्या आप अपना स्पेयर टाइम और एनर्जी का यूज़ कुछ क्रिएटिव, कुछ इन्टेलेक्चुअल या कुछ मीनिंगफुल बनाने के लिए करते है? निकोला टेस्ला शायद यही उम्मीद करते हुए इस दुनिया से गए होंगे.

 

तो चलो हम इस ब्रिलिएंट इन्वेंटर को शर्मिंदा ना करे जिन्होंने हमे एफिशिएंट इलेक्ट्रिसिटी प्रोवाइड कराने के लिए अपनी बेसिक नीड्स की भी परवाह नहीं की. उस टेलेंटेड इलेक्ट्रिक इंजीनियर को हम सलाम करते है जिनकी वजह से आज हमारी लाइफ ज्यादा कन्विनियेंट और कम्फर्टेबल है.

 

चलो हम खुद से आज ये प्रोमिस करते है कि हम कुछ ऐसा करेंगे जो डिस्ट्रकटिव नहीं बल्कि क्रिएटिव हो. जो हमे लाइफ में पीछे नहीं बल्कि आगे ले जाए. हम टेस्ला जैसे ग्रेट लोगो के शुकगुज़ार है जिनकी वजह से हम अपनी लाइफ में बैटर और हायर पर्पज अचीव कर सकते है.

 

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