Your Best Just Got Better Book Summary in Hindi – क्या आप खुद में बदलाव चाहता हैं ?

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Your Best Just Got Better Book Summary in Hindi – क्या आप खुद में बदलाव चाहते हैं?

 
 2012 में लांच हुई किताब योर बेस्ट जस्ट गॉट बेटर में उन सभी बातों को रेखांकित किया गया है जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्य को निर्धारित कर समय का सही इस्तेमाल कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सके। यह किताब आप को अपनी जिंदगी के हर पहलू से रुबरु करवाएगी जो आपकी प्रेरणा को खत्म कर रहे हैं और साथ ही यह किताब कुछ रास्ते भी बताएगी जिसकी मदद से आप उन इच्छाओं को अगले स्तर पर पहुंचा सकते हो।
 
 

यह बुक समरी किसके लिए है?

  • यह किताब हर उस शख्स के लिए है जो खुद में बदलाव चाहता है।
  • गुरु एवं टीम को मैनेज करने वाला अधिकारी
  • जो व्यक्ति अपने समय से अधिक पाने की ख्वाहिश रखता है।
 
 

लेखक के बारे में

 
 Jason W. Womack एक बेहद चर्चित स्पीकर हैं। नए उद्योगपतियों, कर्मचारियों एवं सीईओ के गुरु हैं। दुनिया भर में 1200 से अधिक इन्होंने कार्यक्रम आयोजित किए हैं जिसमे वे कार्यस्थल पर समझदारी से काम एवं कैसे अपने प्रदर्शन में निखार ला सकते हैं इसका ज्ञान साझा किया है।
 
 

यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए

 
क्या कभी आपने रुककर यह सोचा है कि क्या आप अपने जीवन को सही से व्यतीत कर पा रहे हैं? या वह सब कार्य कर पा रहे हैं जो आप कर सकते हैं या करना चाहते है?
 
शायद जवाब होगा ‘न’।
 
 सच्चाई तो यह है कि हर व्यक्ति अपने हर दिन ध्यान की कमी से जूझता है। एक बार यह जरूर सोचे कि आप अपने हर दिन कितना वक़्त बर्बाद करते हैं अपने दोस्तों के साथ बातों में। हालांकि एक बार ऐसा करने पर आप सोच रहे होंगे सही है, परन्तु अगर आप हर दिन के लिए थोड़ी थोड़ी बातें करेंगे तो पाएंगे कि आपने अपने जीवन के महत्वपूर्ण एक घण्टा खो दिया है।
 
 हम अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने में विफल हैं। लेकिन इससे बाहर निकलने के लिए अर्थात इस पर जीत हासिल करने के लिए हम क्या कर सकते हैं? हम खुशकिस्मत है कि हमारे पास इस किताब की ये समरी मौजूद है। इसमें आपको अपने हर सवालों के जवाब मिलेंगे। इसे पढ़िएगा और खोजिए की कैसे पूरी क्षमता के साथ कार्य किया जा सकता है।
 
 

इस बुक समरी को पढ़कर आप सीखेंगे

 
जीवन एक मैराथन दौड है जो लंबी होती है, स्प्रिंट की तरह नहीं जो कुछ देर में खत्म हो जाए।
 
* आप जिनके साथ कार्य कर रहे हैं उनका मूल्यांकन करना।
 
* जीवन के हर पढाव पर खुद को प्रोत्साहित कैसे रखें।
 
 

लक्ष्य को स्थापित करें, लक्ष्य को मैसेज करें तथा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करने की शुरुआत करें

 
 Just Do it इस कंपनी की टैगलाइन से आप जरूर अवगत होंगे। लेकिन कभी आपने सोचा है कि यह शब्द मात्र एक विज्ञापन के लिए नहीं बल्कि व्यक्ति के जीवन में भी कितने आरी है? Just Do It कहने को तो बहुत ही मामूली शब्द है लेकिन यह शब्द उन लोगों के लिए बेहद कीमती सलाह के रूप में कार्य करते है जिन्हें अपने जीवन में किसी लक्ष्य को प्रा्ना है। इस स्लोगन को फिर से पड़े, लेकिन इसे थोड़ा समय लेकर इसे अलग नजरिए से समझे. यह शब्द आपके लिए क्या मायने रखते हैं?
 
आप जो भी हासिल करना चाहते है जीवन में उसका आपको ज्ञान होना चाहिए अर्थात आपको मालूम हो कि आपका स्वरूप से क्या लक्ष्य है। क्योंकि यही आपको
 
 आपके लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए स्मार्ट वक करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। स् लक्ष्य निर्धारित करने से आप स्वयं से ईमानदार होते हैं। अपने आप से ईमानदार होने के लिए व्यक्ति को शीश के सामने खड़े होकर राजद से सवाल करने होंगे जैसे कि “अगर में अपनी किसी चीज को बेहतर बनाना चाहेंगे तो वह क्या होगी –
 
जब दिन के अंत में अपना सब कार्य रस्म कर घर पर पहुंचेगे तो शीशे के सामने खुद से एक सवाल फिर पूछे:
 
*आज मैंने क्या किया जिससे मैं अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच स” उदहारण के रूप में कहा जाए तो मान ले आप एक मैरायन में हिस्सा ले रहे है परन्तु आपको पहले यह सोचना होगा कि क्या आप जॉगिंग करते है या आपकी डाइट हेल्थ है?
 
 यह उदहारण हमें अपने सपने को प्राप्त करने का अलग नजरिया प्रदान करता है। मैराथन दौड़ का सपना किसी भी व्यक्ति को शुरू में बहुत कठिन लग सकता है। इसके लिए व्यक्ति को अपना लक्ष्य को थोड़े हिस्सों में बांट देना चाहिए। इससे लक्ष्य प्राप्त करने में कुछ आसानी हो जाएगी। मैराथन दौड़ के लक्ष्य को प्राप्त करने ले लिए व्यक्ति सबसे पहले 5 या 10 किलोमीटर लंबी जॉगिंग करें अर्थात अपने शरीर को मेरायन के काबिल बनाए। जब छोटे छोटे लक्ष्य को प्राप्त करने लग जाए तो बड़े लक्ष्य (मैराथन) का हासिल करना आसान लगेगा।
 
 यह बात ध्यान देने योग्य है कि आप एक बार में एक ही लक्ष्य पर केंद्रित रहे। हालांकि यह बेहद अच्छी बात है कि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काफी उत्साहित है परन्तु इस चक्र में अपनी सीमाओं को पार न करें। अगर आप अपनी क्षमता से बाहर जाकर ज्यादा करते है तो आपका हौसला जल्द पस्त हो सकता है। आप खुद को कमजोर बना लेंगे।
 
 यह सब आते मात्र लक्ष्य प्राप्ति के लिए नहीं बल्कि अनेक व्यवस्था में काम आती है। आगे पढिए और सीखिए कैसे आप इनसे सामना कर सकते हैं एवं कसे समय का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।
 
 

कार्य करने में अच्छी गति रखें, समय के महत्व को समझों

 
 व्यक्ति हर दिन कुछ कार्य पूरे करने के लिए टू डू लिस्ट तैयार करते हैं। परन्तु हर दिन वे कुछ न कुछ कार्य को स्थगित कर देते हैं और खुद से वादा करते हैं कि जब हमारे पास अधिक समय होगा तब हम वह कार्य करेंगे। लेकिन यह सब व्यक्ति को उनके लक्ष्य से दूर कर देता है। हालांकि आप इससे मुकाबला कर सकते हैं अगर आप लक्ष्य की और सही गति से बचें।
 
 तो कैसे पाएंगे जीवन में यह गति? इसका जवाब है हर व्यक्ति को जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए धीरज रखना होगा अर्थात व्यक्ति लक्ष्य प्राप्ति के लिए इतना तेज नहीं होना चाहिए कि रात आते आते आपके अंदर उस कार्य को करने का मनोबल टूट जाए और न ही आपकी रफ्तार धीमी होनी चाहिए यह भी आपको लक्ष्य हासिल करने से रोकती है। आपको अपना मनचाहा लक्ष्य हासिल करने के लिए वह मार्ग अपनाना होगा जो आपको लक्ष्य हासिल करने में खुशी दे। जैसे ही आप अपनी खुशी के मार्ग को खोज लेंगे आपको उसी पर टिके रहता है।
 
 एक लेखक को अपनी गति बनाए रखना सीखना होगा। एक दौड़ लगाने वाला धावक जो दौड़ में तेज शुरुआत करता है और मात्र 6 मिनटों में एक मौल पूरा करता है लेकिन वह जब दौड़ की शुरुआत करता है तो वह अपना लक्ष्य 8 मिनट सोचता है। तेज गति के कारण उसकी गति धीमी हो चुकी होती है इसीलिए 5 मील के बाद उसे दीवार पर मारना होता है लेकिन गति धीमी होने के कारण उसे मनचाहा नतीजा नहीं मिल पाता। अगर वह अपनी गति धीमी नहीं करता तो नतीजा कुछ अलग होता।
 
 गति बनी रहने से आपका दिन बेहद खूबसूरती से बीतेगा। लेकिन समय को बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल करने के अलग भी उपाय हैं वह है समय का महत्व समझें।
 
 इस से विचार करें:- 15 मिनट एक दिन का तकरीबन मात्र एक प्रतिशत ही होता है। परन्तु जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और वक्त के महत्व को समझता है उसके लिए यह 15 मिनट बहुत कुछ कार्य करने का अवसर लाते हैं। एक लेखक को अगर 15 मिनट किसी मीटिंग से पहले मिलते हैं तो वह इन 15 मिनट में थैंक्यू का कोड लिख सकता है, अपने आने वाले इवेंट्स के कैलेंडर की समीक्षा कर सकता है। होटल में कमरा या एक रेट पर कार बुक कर सकता है। वॉइसमेल को चेक कर सकता है।
 
 भविष्य में जब भी आपको किसी भी वक्त 15 मिनट का फ्री टाइम मिलता है उसका पूर्ण रूप से इस्तेमाल करें। उस वक्त वह छोटे कार्य को पूरा कर लें जो आपको अपने लक्ष्य के करीब लेकर जाएगा। इससे यह होगा कि आप अपने बेहद जरूरी काम को ज्यादा समय दे पाएंगे। इसके बारे में हम आगे सीखेंगे।
 
 

ध्यान भंग करने वाले लोगों एवं कार्यो से बचें, अपने लक्ष्य के करीब पहुंचे

 
 मान लें कि आप अपनी पसंदीदा किताब को पढ़ रहे हैं और अचानक से आपका ध्यान कहीं भटक गया और आप किताब का आखिरी पन्ना पढ़ रहे हों लेकिन आपको कहानी का मतलब न पता चले तो कैसा लगेगा। काम से ध्यान हटाने वाले जीवन में हर जगह उपलब्ध हैं उनसे पार पाने के लिए उनसे लड़ना ही होगा ताकि हम अपने लक्ष्य को हासिल करना है।
 
 ध्यान भंग करने वाले तत्व हमें अपने लक्ष्य से भटकाते हैं जिस कारण हम अपना ध्यान आज के समय पर नहीं दे पाते। ध्यान भटकाने वाले तत्व की क्षमता इतनी ज्यादा होती है कि हम सोच भी नहीं सकते।
 
 एक बार एक कर्मचारी ने लेखक से कहा “हम कहाँ से शुरु करें?” तो लेखक ने उस कर्मचारी के आगे कागज का एक पैकेट रखा। उसपर लेखक ने उस कर्मचारी को वह चीज लिखने को कहा जिसके बारे में वह सोच रही है। फिर पहले कागज को अलग से रखने के बाद दूसरे कागज पर यह दूसरी चीज लिखने को कहा जिसके बारे में वह सोव रही है। ऐसे ही उन्होंने जारी रखने को कहा।
 
 जो भी चीज उस कर्मचारी ने उस कागज लर लिखे थे वह और कुछ नहीं बल्कि कार्य थे जो उसे करने थे। नए कर्मचारी को काम पर लगाने से अपनी बेटी के लिए समर कैंप का आयोजन करने तका तकरीबन चार घंटे के बाद ऐसी 500 चीजें सामने आई जिस पर उसका ध्यान जाना आवश्यक था।
 
 यह देखना बेहद आसान है कि कई दरकिनार किए गए कार्य बाद में आपकी ताकत और लक्ष्य पाने की क्षमता से आपको दूर कर देते हैं। ध्यान भंग करने वाली वस्तुओं से सामना करना ही आपको स्मार्ट तरीके से लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
 
 लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपका ध्यान भंग कोई वस्तु ही करे बल्कि कई बार ध्यान भंग करने वाले और कोई नहीं बल्कि इसान ही होते हैं। आप अपने पूरे दिन में उन लोगों को कितना समय देते हैं जो आपकी सोच को काबू कर लें।
 
 कोशिश करें कि हर दिन आप उन किसानों का नाम लिखें जिनके साथ आपने उस दिन सबसे अधिक समय बिताया। वह आपसे कैसे मिलते हैं क्या बात करते हैं इत्यादि लिखें। कुछ ही दिनों में आप पहचान पाएंगे कि कोन सा व्यक्ति आपको जीवन मे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। यह वही व्यक्ति है जिनके साथ आप को सबसे अधिक समय बिताना चाहिए। इससे आप जीवन प्रोत्साहित तो रहेंगे ही साथ ही आप खुले विचार के बनेंगे।
 
 

अपने कार्य क्षमता को ट्रैक करें और याद रखें की आप जो करते हैं वह क्यों करते हैं

 
 हम अपने जीवन में बेहद कोशिश करते हैं कि हम अपनी टू-डू लिस्ट में लिखे गए हर काम को पूर्ण करें। लेकिन फिर भी कई तरीके इंसान खोज ही लेता है जिससे उसका अधिकतर समय खराब हो जाता है। इंसान इसे महसूस भी नहीं कर पाता। उदाहरण में कहा जाए तो हम दिन में अपने सहकर्मियों से बातचीत में कितना समय खराब करते हैं जिसके कारण हमें अपने कार्यों को भी बाधित करना पड़ता है। जैसे जैसे यह समय आगे बढ़ता है समस्याओं में भी इजाफा होता रहता है।
 
 तो हम कैसे इस स्थिति से निपटें? जवाब है उन्हें ट्रैक करके, मापकर एवं खुद में बदलाव कर।
 
 लेखक के एक ग्राहक ने अपने जीवन मे दो दिन के उन सहकर्मियों को मापा कि कितनी बार उन्होंने उस ग्राहक के कार्य मे अड़चन पैदा की। उसने पाया कि उसका दो दिनों में 27 बार ध्यान भटका। आप इससे यह सोच सकते हैं कि उस ग्राहक की गुणवत्ता को कितनी हानि पहुंची होगी। ग्राहक ने सभी को मापा और पहचाना की उसका कितना अधिक समय बर्बाद हो गया। वह ग्राहक जानता था कि इससे निपटने के लिए उसे कुछ करना ही होगा।
 
 आप खुद से अपने खराब हुए समय को मापें। उदहारण के रूप में आप माँ की आप अपने डेस्क जहाँ आप अपना कार्य करते हैं उससे दूर रहें। अंत मे इसका जवाब जब आप पाएंगे तो खुद चकित हो जाएंगे।
 
 अपने कार्य को हर दिन ट्रैक करना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है, लेकिन यह अकेला नही काम आएगा। इसके साथ आपको यह पता होना चाहिए कि आप जो कार्य करते हैं वह क्यों करते हैं। आपको लगातार खुद से यह प्रश्न करना होगा कि आप असल मे जीवन में क्या हासिल करना चाहते हैं। यही आपको आपके जीवन के सही मार्ग पर रखेगा।
 
 अपने उद्देश्य को पहचानने के लिए आप यह कर सकते हैं कुछ वाक्य तैयार कर लें। जैसे कि “मैं जीवन में एक एक्टर बनना चाहता हूँ ताकि मेरे भी लोग फैन हो”| आप ऐसे ही कथनों को लिखकर अपने उन जगह पर रखें जहाँ पर आपकी नजर हर वक्त पड़ती हो ताकि यह कथन आपको प्रेरित करते रहें।
 
 

खुद के लिए प्रतिक्रिया मांगे, सबकी सुनें और खुद में सुधार करना न छोड़े

 
 हम सब जो सोचते हैं हम अकेले पूरी दुनिया को नहीं बदल सकते। शुक्र है हमारे समाज में हर व्यक्ति अलग है जिनकी हर स्थिति को देखने का नजरिया भित्र है। आप अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति की दृष्टिकोण से कुछ सीख सकते हैं। आपको केवल सभी से बात करनी है ताकि आप उनका नजरिया समझ सके।
 
 लेकिन सबसे पहले आपको यह याद करना होगा कि आखिरी बार आपकी आलोचना कब हुई थी। क्या वो आलोचना आपके बॉस ने की थी या आपके जीवनसाथी ने। आखिर उन्होंने आपको क्या कहा था।
 
 अगर आपको याद नहीं कि आपकी आलोचना क्यों हुई थी। तो यह एक संकेत है कि आपको दूसरे शख्स की बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए। इसमें सुधार लाने के लिए आप दूसरे शख्स से लगातार प्रतिक्रिया प्राप्त करें, इसका इंतजार न करें।
 
 अधिक प्रतिक्रिया पाने के लिए आप मेंटर प्रोग्राम का आयोजन कर सकते हैं। इसमें आपको ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी होगी जो छोटे छोटे सत्र में आप से तकरीबन कुछ महीने मिल सके। इन बैठकों में आप उनसे अपने वर्तमान प्रोग्राम की जानकारी साझा करें जिसपर वह आपको खुद की प्रतिक्रिया देगा। बदले में आप भी उनके प्रोग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया देना।
 
 प्रतिक्रिया मिलने से यह फायदा होगा कि आप लगातार खुद में सुधार कर सकते हैं। लेकिन अगर आप अपने भीतर सुधार लाने में वाकई गंभीर है तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि खुद की प्रतिक्रिया के रूप में मिली तारीफ से आराम नहीं करेंगे। चाहे वह तारीफ कितनी भी आकर्षित क्यों न करें।
 
 जब कोई व्यक्ति एक कार्य को काफी लंबे समय से करता आ रहा हो तो उसे लगता है कि उसे उस कार्य को बेस्ट तरीके से खत्म करने का तरीका पता है, इसकी वजह है कि वह व्यक्ति उस कार्य मे खुद को सहज कर लेता है। लेकिन अगर व्यक्ति का लक्ष्य जीवन में अधिक पाने का है तो उसे किसी भी कार्य में खुद को सहज नहीं होने देना चाहिए।
 
 इसके लिए व्यक्ति को कार्य शुरुआत करने वाले दिमाग जैसा सोचना होगा। उदहारण के तौर पर लेखक का मेंटर लें जिनका नाम है जिम पोलका जिम यूँ तो काफी अनुभवी पायलट है। लेकिन आज भी वे अपने बुनियादी पाठों का अभ्यास करते हैं।
 
 

Conclusion –

 
 स्पष्ट लक्ष्य को निर्धारित करना, उन वस्तु एवं लोगों से दूर रहना जो लक्ष्य से दूर करें, समय को महत्व देने से आप लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्मार्ट वर्क कर पाएंगे। आप अपनी इच्छा हमेशा पूर्ण कर पाएंगे अगर आप अपने आसपास सिर्फ उन्हीं लोगों को पाते हैं जो आपको प्रेरित करें।
 

क्या करें ?

 

अपने इंतजार वाले समय का लाभ उठाएं

 
अगर आपको अपने दिन में कुछ खाली समय मिले तो उसका इस्तेमाल करने के लिए अपने सहकर्मियों को या उन लोगों को धन्यवाद कार्ड लिखें जिन्होंने आपको जीवन के किसी भी पल में मदद की हो। यह आपकी गुणवत्ता तो बनाए रखेगा ही बल्कि साथ में आपको वर्तमान और उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करेगा जो आप के लिए आभारी हैं -एक कप कॉफी की तुलना में यह आपके अंदर एक बेहतर ऊर्जा बूस्ट करेगा! इसलिए सुनिश्चित करें कि हमेशा आपके साथ कुछ पोस्टकार्ड और स्टैम्प हों, बस।
 
 
 
 तो दोस्तो आपको आज का हमारा यह बुक समारी कैसा लगा नीचे comment करके जरूर बताए और इस बुक समारी को अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें।
 
 
आपका बहुमुल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद,
 
Wish You All The Very Best.

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